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Sunday, October 4, 2026
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 झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार कमलनयन को कोलकाता में लाईफटाइम एचिवमेंट एवार्ड से नवाजा गया

कोलकाता में इ-न्यूज कॉन्क्लेव में ‘गांधी आज होते तो पत्रकारिता के बारे में क्या सोचते’ विषयक पर सेमिनार

कोलकाता/गिरिडीह: टेलीविजन पर होनेवाली बहस, सोशल मीडिया पर सुनी-सुनायी  सूचनाएं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मौजूदा युग में प्रखर पत्रकार रहे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी होते तो “आज की पत्रकारिता के बारे में क्या सोचते” विषयक पर शनिवार को स्वतंत्र जनहित मीडिया मंच एंव डिजीप्रिज्म मीडिया फाउन्डेशन की पहल पर नेशनल लाईब्रेरी के भव्य ओडिटोरियम हॉल में ई-न्यूजरूम द्वारा कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसमें गांधी जी की पत्रकारिता पर आयोजित कार्यक्रम में देश के कई जाने माने मूर्धन्य पत्रकारों ने मौजूदा पत्रकारिता पर अपने बेबाक विचार व्यक्त किये।

कॉन्क्लेव में सोशल मीडिया के व्यापक स्वरूप को लेकर चर्चा हुई

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार अरफा खानम शेरवानी ने (ऑनलाईन) एवं उपस्थित प्रसार भारती के पूर्व सीईओ जवाहर सरकार, वरिष्ठ पत्रकार-लेखक रशीद किदवई, फैक्ट चैकर ऑल्ट न्यूज के सह संपादक प्रतीक सिन्हा ने गांधी जी की पत्रकरिता के प्रति सोच- उनके विचारों और आम जनमानस के प्रति मीडिया की जिम्मेवारी सहित प्रेस को सत्ता से निबटने जैसे अहम सवालों पर मीडिया की आम जनमानस के प्रति जिम्मेवारी और सोशल मीडिया के व्यापक स्वरूप को लेकर चर्चा की। कहा कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव मौजूदा समय में आम जनमानस के चेहरा बनता जा रहा है।
ई-न्यूजरूम कॉन्क्लेव के दूसरे सत्र में डिजीप्रिज्म मीडिया फाउन्डेशन द्वारा  पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए झारखंड-गिरिडीह के वरिष्ठ पत्रकार कमलनयन छापरिया और (पश्चिम बंगाल) अब्दुल अजीम को पत्रकार एनडी शर्मा मेमोंरियल लाइफ टाईम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किये गये।
दरअसल पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक समर्पित रहे पत्रकार कमल नयन ने 1992 में पहले प्रभात खबर, रांची और फिर रांची एक्सप्रेस से पत्रकारिता की लंबे समय तक गिरिडीह-पारसनाथ के इलाके में जमीनी पत्रकारिता और जन सरोकार के मुद्दों पर अपनी रिपोर्टिंग का हिस्सा बनाया।
यह सम्मान उन्हें पत्रकारिता में दीर्घकालीन योगदान एवं प्रतिबद्धता तथा जन पक्षधर की पत्रकारिता को समर्पित है। इसके अलावा (असम) पत्रकार रोकीबुज जमान को विश्वजीत रॉय मेमोरियल स्मृति जर्नलिस्ट अर्वाड प्रदान किया गया. कॉन्वक्लेव के तीसरे सत्र में दिवंगत विश्वजीत रॉय द्वारा गुरुदेव रवीन्द्र नाथ टैगोर के यहुदी-अरब संबंधों पर लिखित पुस्तक तथा वरिष्ठ पत्रकार एनडी शर्मा द्वारा लिखित “चोर का शास्त्रज्ञान” पुस्तक का विमोचन किया गया.
इस संवंध में ई-न्यूजरूम के प्रबंध संपादक शहनवाज अख्तर और सविना अख्तर ने बताया कि कोन्क्लेव महज गांधी जयंती का प्रोगाम नहीं था बल्कि गांधी जी की पत्रकारिता के प्रति मीडिया का समाज के प्रति दात्यिव तथा सोशल मीडिया के इस युग में आज की पत्रकारिता गांधी के विचारों से कितना कुछ सीख सकती है।

आज की पत्रकारिता की अंधी दौड़ में शामिल नहीं हैं कमल नयन: एन. विश्वकर्मा

वरिष्ठ पत्रकार नारायण विश्वकर्मा ने कमल नयन को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए जाने पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कमल नयन इसके हकदार थे. उन्होंने कहा कि मैं यह मानता हूं कि रांची एक्सप्रेस अखबार से तीन दशक से जुड़े रहे कमल जी आज के जमाने की पत्रकारिता के खांचे में कमल फिट नहीं बैठते हैं. फिर भी विपरीत परिस्थितियों में झारखंड की पत्रकारिता में उन्होंने जो अपना स्थान बनाया है, उन चंद पत्रकारों में कमल का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है. मधुर स्वभाव के धनी कमल ने पत्रकारिता में कभी समझौता नहीं किया. अपने पेशे के प्रति वे सदा ईमानदार रहे और यही उनकी विशेषता है. गिरिडीह में आज भी कई नामचीन हस्तियों और राजनेताओं ने कमल नयन के बारे में कहते हैं कि आज की पत्रकारिता की अंधी दौड़ से वे बिल्कुल अलग हैं. यही उनकी खासियत है.  

 


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