27 C
Ranchi
Thursday, July 2, 2026
Advertisement
Home Blog Page 41

जिला स्थापना समिति की बैठक आयोजित, अनुकंपा नियुक्ति, सेवा संपुष्टि एवं प्रोन्नति से जुड़े प्रस्तावों पर हुई विस्तृत चर्चा

0

गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के अध्यक्षता में जिला स्थापना समिति की बैठक का आयोजन आज गुरुवार को समाहरणालय परिसर के सभागार में किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित सेवा मामलों, अनुकंपा नियुक्ति, सेवा संपुष्टि, प्रोन्नति एवं अन्य प्रशासनिक विषयों पर विस्तृत समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में मुख्य रूप से अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन गुमला डॉ. शंभूनाथ चौधरी,डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार, एसडीओ सदर राजीव नीरज, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक रंजन सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान अनुकंपा के आधार पर प्राप्त 2 आवेदनों पर विचार करते हुए उन्हें अनुमोदित किया गया। वहीं उग्रवादी हिंसा से संबंधित 2 मामलों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई एवं आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

चौकीदार नियुक्ति के तहत अनुकंपा से जुड़े 6 मामलों की पुष्टि की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागीय कार्यालयों से प्राप्त सेवा संपुष्टि एवं प्रोन्नति से संबंधित कुल 8 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उपायुक्त द्वारा सभी लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर बल दिया गया। विशेष रूप से चौकीदारों की सेवा संपुष्टि को प्राथमिकता देते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही,एमएसीपी के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा की गई तथा इस दिशा में आवश्यक प्रगति सुनिश्चित करने को कहा गया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी अंचलों से कार्यरत चौकीदारों की अद्यतन रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके सेवा से संबंधित मामलों का समयबद्ध निष्पादन किया जा सके।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि स्थापना समिति की बैठक प्रशासनिक दक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सभी सम्बंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करें।

राम भक्तों के लिए

शुभेन्दू अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ रथ की मौत ने बंगाल के माहौल को गरमा दिया, आखिर किसने और क्यों की हत्या…? क्या पुलिस कभी राज खोल पाएगी?

0

बंगाल चुनाव फतह के बाद भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में अराजकता की स्थिति उत्पन्न कर दी हैै इस बीच शुभेन्दू अधिकारी के पीए चन्द्रनाथ रथ की हत्या के मामले ने माहौल को और भी गरम कर दिया है. इस हत्याकांड को बहुत तरह की बातें हो रही हैं. लेकिन गोदी मीडिया पर यक़ीन करना नामुमकिन है. कहा जाता है कि चन्द्रनाथ रथ वो शख़्स था, जिसने नन्दीग्राम में ममता बनर्जी को “लोडशेडिंग” करवा कर चुनाव हराने में अहम किरदार अदा किया था.राज़दार था. चन्द्रनाथ रथ को एयरफोर्स से शुभेन्दू के पास भेजा गया था.

अबतक शुभेन्दू से जुड़े तीन लोगों की मौतें हो चुकी हैं

चन्द्रनाथ रथ को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया गया है. मगर यह पहली बार नहीं है जब शुभेन्दू से जुड़े लोगों की मौत को शक की नजरों से देखा गया है. ऐसी 3 मौतें बताता हूं.

प्रदीप झा : 2013 में शुभेन्दू का PA था. अगस्त 2013, प्रदीप झा की डेड बॉडी कोलकाता की सड़क पर मिली थी. बीजेपी ने काफ़ी हंगामा किया था. 2013 में शुभेन्दू TMC का सांसद था. बात दब गई थी. प्रदीप झा को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था. शुभब्रोतो चक्रबोर्ति : 2018 में शुभेन्दू का बॉडी गार्ड था. 2018 में शुभेन्दू TMC में था. 13 अक्टूबर 2018 को शुभब्रोतो को पुलिस बैरक में ही गोली लग गई. 14 अक्टूबर 2018 को शुभब्रोतो की मौत हो गई थी.

बीजेपी ने शुभेन्दू के ख़िलाफ़ काफ़ी हंगामा किया था. शुभेन्दू के ख़िलाफ़ कुछ गंदी बातें भी की गई थी. ममता बनर्जी ने जांच बैठाई थी. मगर कुछ नहीं हुआ.

शुभब्रोतो को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था. पुलक लाहिड़ी : 2021 में नन्दीग्राम में शुभेन्दू का काउंटिंग एजेंट था. ममता बनर्जी इस चुनाव में शुभेन्दू से हार गई थी. पुलक लाहिड़ी की मौत पर हंगामा होने के बा’द यकायक मीडिया ने ख़ामोशी अख़्तियार कर ली थी. मीडिया में ज़्यादा कुछ पढ़ने को भी नहीं मिलेगा. सब साफ़ किया जा चुका है. पुलक लाहिड़ी को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था.

अभिषेक बनर्जी पर हत्या का आरोप मढ़ा गया

ये बताना मुश्किल है कि शुभेन्दू के PA होने पर एबनॉर्मल मौत कैसे हो जाती है. ख़ैर बड़े लोगों के साथ ऐसे इत्तिफ़ाक़ होते रहते हैं. शुभेन्दू से जुड़े ये चारों शख़्स जिनकी मौत हुई है वो जवान, हैंडसम, फिट और क़ाबिल लोग थे. इनकी मौत का राज़ कभी नहीं खुलेगा. शायद ममता बनर्जी के पास राज़ हैं. हालांकि शुभेन्दू अधिकारी व अन्य भाजपा नेता पीए की हत्या का आरोप अभिषेक बनर्जी लगा रहे हैं. अब देखना है कि इस हत्याकांड में टीएमसी पर आरोप लगा कर पुलिसिया कार्रवाई क्या असर दिखा पाती है?

राम भक्तों के लिए

कांग्रेस में निशाने पर आए मंत्री, लटकी कार्रवाई की तलवार, क्या है नाराजगी की वजह?

0

रांची : झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के कामकाज, संगठन और सरकार पर सीधा प्रहार कर पार्टी के निशाने पर आ गए हैं. वित्त मंत्री ने लगातार दो दिन पत्र के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर की है. इस नाराजगी के मायने क्या हैं, आगे क्या कार्रवाई हो सकती है. यह जानना जरूरी है.

वित्त मंत्री की बातें अपनी जगह पर सही हो सकती हैं, पर सार्वजनिक रूप से पार्टी और सरकार की आलोचना कर वह निशाने पर आ गए हैं. पार्टी के अंदर विरोध शुरू हो गया है. कई लोग प्रदेश अध्यक्ष के पक्ष में आ चुके हैं और मंत्री के बयान को अनुचित और दबाव की राजनीति बता रहे हैं.

पूरे प्रकरण पर कांग्रेस प्रभारी के राजू भी नाराज बताए जा रहे हैं. उन्होंने पूरी रिपोर्ट मांगी है. बात ऊपर तक पहुंच चुकी है. कुछ लोग तो इसी बहाने उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग भी कर रहे हैं. संभव है देर-सबेर उनकी छुट्टी भी हो जाए.

इधर वित्त मंत्री भी राजनीति के माहिर खिलाड़ी हैं. यदि उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष पर निशाना साधा है तो इसके पीछे भी राजनीति और रणनीति होगी. यूं ही वह कुछ नहीं बोलते हैं. गंभीर राजनीतिज्ञ हैं. इसके भी अपने मायने हैं.

मंत्री अपनी राजनीतिक विरासत पुत्र को सौंपने की फिराक में

कांग्रेस सूत्रों की माने तो वित्त मंत्री की नाराजगी दो बातों को लेकर अधिक है. वित्त मंत्री अपने बेटे प्रशांत किशोर को राजनीति में लाना चाहते हैं. यह इसलिए कि अब वह विराम लेने वाले हैं, इसलिए बेटे को आगे कर रहे हैं. अगला चुनाव बेटा ही लड़ेगा. वह चाहते थे कि प्रदेश कमेटी में उनके बेटे प्रशांत किशोर को महासचिव बनाया जाए लेकिन उनके बेटे को प्रदेश सचिव बनाया गया. इससे वह नाराज हो गए. उन्होंने बेटे से इस्तीफा दिलवा दिया.

अपने विधानसभा क्षेत्र के चार प्रखंड अध्यक्षों को हटाना चाहते थे. इनमें दो को हटा दिया गया, लेकिन दो बरकरार रह गए. इससे भी वह नाराज चल रहे थे. कई अन्य कारण भी है.

अब कांग्रेस में राधाकृष्ण किशोर के सार्वजनिक बयान और नाराजगी को लेकर पार्टी में घमासान है. कांग्रेस में मंत्री के कामकाज को लेकर ही सवाल उठाए जा रहे हैँ. कहा जा रहा है कि मंत्री संगठन के कामकाज में रुचि नहीं लेते हैं, जो जिम्मेदारी दी गई उसको उन्होंने नहीं निभाया. उन्हें पलामू और कोल्हान प्रमंडल का प्रभारी बनाया गया था. इन जिलों में संगठन की मजबूती की जिम्मेदारी दी गई थी. लेकिन पलामू में तो वह जाते हैं लेकिन कोल्हान प्रमंडल में कभी दौरा नहीं किया.

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई दो महीने पहले हुई और अब इस पर वह सवाल उठा रहे हैं. पहले ही दिन सवाल क्यों नहीं उठाया. संगठन में उनका कोई योगदान नहीं है. विधानसभा चुनाव में नॉमिनेशन के समय विभिन्न पार्टियों से होते हुए फिर से कांग्रेस में शामिल हुए.

कांग्रेस में विरोध के बावजूद किशोर को मंत्री बनाया गया

कांग्रेस ने उन्हें छतरपुर से टिकट दिया. फिर मंत्री बनाया तब तो सब कुछ ठीक था और अब सब गड़बड़ हो गया. प्रदेश अध्यक्ष नकारा लगने लगे. मंत्री बनाए जाने को लेकर पार्टी के विधायकों में आक्रोश भी था. फिर भी मंत्री बनाया गया.

राधाकृष्ण किशोर ने सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाया. मगही, भोजपुरी और अंगिका को क्षेत्रीय भाषा में शामिल नहीं किए जाने का मामला उठाया है.

अब कांग्रेस में मंत्री के खिलाफ माहौल तैयार किया जा रहा है. संभव है देर-सवेर उन पर कार्रवाई हो. आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा.

प्रशांत किशोर के मामले में RU कटघरे में

हालांकि अपने बेेेटे प्रशांत किशोर के मामले् में रांची यूनिवर्सिटी विवादों के घेरे में आ गया है. पिछले दिन उनके बेेेटे को नियम-परिनियम को बदल कर एग्जाम बोर्ड में बदलाव किया गया.जब हो-हल्ला हुआ तो यूनिवर्सिटी ने डिपाटमेंट लिविंग सर्टिफिकेट (DLC) पर रोक लगा दी है। यह पूछा गया कि रजिस्ट्रेशन समाप्त होने के बाद परीक्षा की अनुमति किस आधार पर मिली? क्या एग्जाम बोर्ड नियमों से ऊपर है? कोर्स बंद होने के आठ साल बाद दूसरे संस्थान से परीक्षा किस आधार पर कराई गई? अभी इन सब बातों का जवाब आना बाकी है. मंत्री ने अभी तक इसपर अपनी साफगोई पेश नहीं की है. 

-सुनील सिंह (वरिष्ठ पत्रकार)

 

राम भक्तों के लिए

इंटरमीडिएट परीक्षा, 2026 में पीएमश्री एस एस +2 उच्च विद्यालय, रायडीह के तीनों संकायों का परीक्षाफल शत- प्रतिशत रहा है।

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

इस वर्ष कला संकाय में कुल 128 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिसमें प्रथम श्रेणी में 122 एवं द्वितीय श्रेणी में 06 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। वहीं वाणिज्य संकाय में कुल 10 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए जिसमें सभी विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी प्राप्त की है।।विज्ञान संकाय में कुल 05 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे ,जिसमें सभी विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। विज्ञान संकाय में देवा कुमार साहू ने 88.6%, वाणिज्य संकाय में करीना खड़िया ने 84.2 प्रतिशत एवं कला संकाय में नुमेश्वरी कुमारी ने 80.4% अंक प्राप्त कर विद्यालय में संकाय टॉपर होने का गौरव प्राप्त किया है।विद्यालय का उत्कृष्ट परीक्षाफल सभी समर्पित विषय शिक्षकों/शिक्षिकाओं, विद्यालय प्रशासन एवं प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का प्रतिफल है। विद्यालय से संबद्ध पदाधिकारी निदेशक,डी.आर.डी.ए.,विद्या भूषण कुमार एवं प्राचार्य डॉक्टर कृष्ण कुमार ने सभी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है एवं सभी शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं को उत्कृष्ट परीक्षाफल हेतु बधाई दी है।

राम भक्तों के लिए

ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026 में इंदौर के टॉप 50 इमर्जिंग स्टार्टअप्स हुए सम्मानित

स्टार्टअप में भी इंदौर बनेगा नंबर 1, ‘ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026’ में 50 विजनरी फाउंडर्स का सम्मान

  • शहर के 50 इमर्जिंग स्टार्टअप्स को मंच पर सम्मान मिला
  • परसेप्शन बिल्डिंग पर खास टॉक शो ने फाउंडर्स को नई दिशा दी
  • क्वालिटी और स्मार्ट पीआर से ब्रांड पहचान बनाने पर गहन चर्चा हुई मुंबई मई, 2026 : हर स्टार्टअप के पीछे सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि हजारों प्रयोग, रिस्क लेने की हिम्मत और कुछ अलग कर दिखाने की जिद छिपी होती है। लेकिन इन सबसे परे, जब उन्हें सही पहचान और मंच मिल जाता है, तभी ये कोशिशें असली मायने में उड़ान भरती हैं और नए मुकाम तय करती हैं। इसी सोच को साकार करता नजर आया इंदौर में आयोजित ‘ऑर्बोसिस स्टार्टअप अवॉर्ड्स 2026’, जहाँ शहर के उभरते स्टार्टअप्स और उनके पीछे खड़े विजनरी फाउंडर्स को सम्मानित किया गया। साथ ही, 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स की मेहनत और जुनून को ‘रैंप वॉक रनवे’ जैसे अनोखे कॉन्सेप्ट के जरिए पेश किया गया।
    इस पहल का नेतृत्व ऑर्बोसिस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर प्रभात अग्रवाल ने किया। उनके साथ डायरेक्टर्स पूजा मोगल, ऋतु अग्रवाल, प्रकाश अग्रवाल और शुभम पाटीदार ने भी आयोजन को सफल बनाने में अहम् भूमिका निभाई। वहीं, एआईएस सिग्नेचर ने ऑफिशियल पॉवर पार्टनर के रूप में इस पहल को मजबूती दी, जिससे स्थानीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को और गति मिली।
    कार्यक्रम का सबसे चर्चित हिस्सा रहा पीआर 24×7 के साथ आयोजित टॉक शो, जिसमें परसेप्शन बिल्डिंग और ब्रांड प्रेजेंस पर गहन चर्चा हुई। इस सेशन ने नए फाउंडर्स को यह समझने का मौका दिया कि सिर्फ अच्छा प्रोडक्ट ही नहीं, बल्कि सही कहानी और सही प्रस्तुति भी उतनी ही जरूरी होती है। इस चर्चा में पीआर 24×7 की सीईओ नेहा गौर के साथ नीवक्लाउड और रैकबैंक के फाउंडर नरेंद्र सेन, वियासॉकेट और वॉकओवर के फाउंडर पुष्पेंद्र अग्रवाल और मोशनजिलिटी के फाउंडर हिमांशु चतुर्वेदी जैसे अनुभवी उद्यमी शामिल हुए।
    नेहा गौर ने अपने विचार साझा करते हुए कहा,”स्टार्टअप की शुरुआत में उसकी कहानी ही उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। पब्लिक रिलेशंस सिर्फ दिखने का माध्यम नहीं, बल्कि भरोसा बनाने की नींव है, जो किसी भी ब्रांड को मुश्किल समय में भी मजबूत बनाए रखती है। सभी विजेताओं को बहुत-बहुत बधाई।”
    इस पहल के विज़न पर बात करते हुए प्रभात अग्रवाल ने कहा, “हमारा उद्देश्य सिर्फ सम्मान देना नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच बनाना है जहाँ स्थानीय स्टार्टअप्स को वही पहचान और सम्मान मिले, जिसके वे हकदार हैं। ‘रनवे’ कॉन्सेप्ट के जरिए हम यह प्रदर्शित करना चाहते हैं कि अब इनोवेशन ही मध्य भारत की नई पहचान बन रहा है।”
    इस इवेंट में 50 ऐसे स्टार्टअप फाउंडर्स को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने अपने क्षेत्र में शानदार काम करते हुए एक अलग पहचान बनाई है। समारोह में जिन विजेताओं को सम्मान मिला, उनमें रोशन कुशवाहा (इंश्योर मार्केटिंग सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड), शुभम पाटीदार (ऑर्बोटॉक्स), आशीष गुप्ता (ऑर्बोसिस रियलिटी), वैभव मेहरोत्रा (वैभव परफ्यूमरी), पूजा विश्वकर्मा (गीता की रसोई), दीपक पंचाल (एट्जियन टेक्नोलॉजीस एलएलपी), भरत राठौड़ (गेटजी), निहित सबलोक (भोजनकार्ट), हेमंत पवार (एमपी सेलेब्रिटीज), प्रकाश अग्रवाल (घरतकसेवा), अमित चावला (अल्फाग्रोथविलेज प्राइवेट लिमिटेड), सोहम शर्मा (बॉटमार्ट्ज आईटी सॉल्यूशन), अभिषेक उपाध्याय (एयू प्रोडक्शन), रोशन भारद्वाज (गुरु प्रगति), पुष्पेंद्र और करुणा सिंह राजपूत (स्वर्णिक स्टूडियो), गौरव फांसे (जिटा टेक्नोलॉजी), यशराज गायकवाड़ (राइट ईट), प्रतीक पंडित (एआईएस सिग्नेचर), डॉ. रितेश अग्रवाल (मेडीलैब्स), अक्षय शेलट (डोमिगो), तुषार मोहबे और राहुल साहू (जस्टर्फ स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड), प्रबल जैन (इंदौरी आर्टिस्ट), पंकज सूर्य (काम मिलेगा), रुचि वर्मा (आध्या ऑर्बोटेक), विपुल जैन (विपुलांचल वेल्थ मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड), अनुज भटनागर (डीज़लॉग डिलीवरी), मोहित शर्मा (फिक्सपॉइंट), प्रशांत पटेल (आस्मो डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड), मनीष यादव (दबंग दुनिया), जयेश कुमार गुलाटी (मिस्टिक मंत्रा पिक्चर्स एंड मोशन प्राइवेट लिमिटेड), शुभम परमार (कोराज), अमित अग्रवाल (ऑर्गेनिक स्किन), फर्स्ट पार्टनर कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, रितेश जायसवाल (स्टेवरस), पूजा पडियार (पीनॉक्स सॉल्यूशंस), काशिश जायसवाल और पुलकित जायसवाल (ब्लूओशन बिल्डिंग सॉल्यूशन), श्रेयांश जैन (व्हाइट कॉलर), नरेंद्र पिपलीवाल और आलोक जांगिड़ (त्रिनेत्रम नेक्स्टजेन), कृष्णा धाकड़ और उमंग अग्रवाल (ब्रांड्स ऑन ट्रेंड), उत्कर्ष चौरसिया (ब्लैक लियो वेंचर्स), आनंद शर्मा (ऑर्बोएविएशन), अंशुमन उपाध्याय (टिकट बुक करो), साशी ससपुटे (एनजीओ महासंग), अमन जगताप (रेयर फ्लोरिंग्स), अविधा चतुर्वेदी (पेपरटू प्लांट), अमित केवलरामानी (शॉपहोल इंडिया गिफ्ट्स), ईशान मिश्रा (मेधावी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड) और श्री शर्मा (शाइनविदश्री) शामिल रहे।
    ऑर्बोसिस ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड एक मल्टीडिसिप्लिनरी कंपनी है, जो टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन और ह्यूमन कैपिटल जैसे क्षेत्रों में इनोवेशन को बढ़ावा दे रही है। यह एक डायनामिक आईटी कंपनी है, जो हाई क्वालिटी वेबसाइट्स, मोबाइल एप्लिकेशन और ब्रांडिंग सॉल्यूशंस देने के लिए प्रतिबद्ध है।
राम भक्तों के लिए

गुमला दौरे पर दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडलीय आयुक्त, विकासात्मक पहलों का किया अवलोकन

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिले में , दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त मनोज कुमार के गुमला आगमन के अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो, पुलिस अधीक्षक हरिश बिन ज़मां एवं अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक सहित जिला प्रशासन के वरीय पदाधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। सर्किट हाउस परिसर में आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मानित किया गया।

दौरे के क्रम में आयुक्त ने न्यायालयीन कार्यों का निष्पादन करते हुए विभिन्न मामलों की सुनवाई की। इसके पश्चात उन्होंने जिले में संचालित प्रमुख विकासात्मक पहलों एवं संस्थानों का अवलोकन किया।

गुमला साइंस सेंटर के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने वहां उपलब्ध हाइटेक वैज्ञानिक सुविधाओं को देखा एवं इस व्यवस्था पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की आधुनिक वैज्ञानिक संरचना से विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि एवं जिज्ञासा का विकास होगा।

इसके उपरांत आयुक्त ने रागी प्रोसेसिंग यूनिट का भ्रमण किया, जहां उन्होंने स्वयं सहायता समूह की दीदियों से संवाद स्थापित किया तथा रागी से निर्मित उत्पादों का स्वाद लेकर उनकी गुणवत्ता की सराहना की।

चन्दाली स्थित समाहरणालय परिसर गुमला में संचालित पलाश मार्ट के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने महिला समूहों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया तथा जिला प्रशासन द्वारा महिला समूहों को प्रदान किए जा रहे सहयोग की प्रशंसा की।

दौरे के दौरान उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो, अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक सहित अन्य सम्बंधित पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें।।

राम भक्तों के लिए

स्कूटी लेकर घर से निकलीं दो बहनें हुई लापता, परिजन ने पुलिस से लगाई गुहार

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला सदर थाना क्षेत्र से दो नाबालिग बच्चियों के अचानक रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला सामने आया है, जिससे उक्त क्षेत्र के अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है , बताया जाता है कि तीन मई 2026 की संध्या दोनों बहनें अपने घर में बिना बताए घर से स्कूटी लेकर निकल गईं, तब से अब तक उक्त दोनों बहने घर वापस नहीं नहीं आई है, परिजनों ने अपने स्तर से अपने संबंधित लोगों छानबीन कर चुके हैं फिर भी उनका कोई अतापता नहीं चल सका है, फिर भी उक्त घटना के बाद परिजन लगातार उनकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन जब कहीं से कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई तो अतत: उक्त बच्चियों की मां अन्ना कुजूर व पिता विनोद तिर्की गुमला सदर थाना में पहुंचे और गुमला सदर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। माता अन्ना कुजूर ने बताया कि उनका मूल निवास गुमला जिला अंतर्गत स्थित डुमरी प्रखंड के मझगांव में है, लेकिन फिलहाल वे गुमला जिला मुख्यालय स्थित शांति नगर में रहकर अपनी दोनों बेटियों की पढ़ाई करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन शाम को दोनों बच्चियां अचानक स्कूटी लेकर निकल गईं, जिसकी जानकारी परिवार को कुछ देर बाद हुई। परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी खोजबीन की, लेकिन बच्चियों का कोई सुराग नहीं मिल पाया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और बच्चियों की तलाश शुरू कर दी है।

राम भक्तों के लिए

कृषि विभाग का अधिकारी बताकर, एक किसान से 1 लाख रुपए ठगी ली

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिले में ठगी का एक और मामला प्रकाश में आया है, एक जालसाज ने खुद ( स्वंय ) को कृषि विभाग का अधिकारी बताकर एक किसान को अपना शिकार बना लिया। सदर थाना क्षेत्र के तिरा डुमरटोली गांव निवासी किसान रूपेश उरांव से लगभग एक लाख रुपए की ठगी कर ली गई, पीड़ित किसान ने गुमला सदर थाना में पहुंचकर उक्त मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, रूपेश उरांव ने अपने आवेदन में बताया है कि रविवार को वह बिहार में था,इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को कृषि विभाग का अधिकारी बताया और योजना का लाभ दिलाने के नाम पर झांसा देकर आरोपी ठग लगभग एक लाख रुपया ठगने में सफल रहा, गुमला सदर थाना पुलिस उक्त मामले की जांच में जुट गई है और उक्त ठग की पहचान करने का प्रयास कर रही है।

राम भक्तों के लिए

पेंशन योजनाओं के भौतिक सत्यापन को लेकर जागरूकता रथ रवाना, उक्त अभियान 25 मई तक चलेगा

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिले में,वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत केंद्र एवं राज्य प्रायोजित पेंशन योजनाओं तथा मुख्यमंत्री मंईया सम्मान पेंशन योजना के लाभुकों के लिए चलाया जा रहा विशेष भौतिक सत्यापन अभियान जिले के सभी पंचायतों में निरंतर जारी है। जिला प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र लाभुक का समयबद्ध एवं पारदर्शी सत्यापन हो, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचे।
इसी क्रम में आज जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रखंड विकास पदाधिकारियों के नेतृत्व में जागरूकता रथों को रवाना किया गया, जिसके माध्यम से आमजन को सत्यापन प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा अधिक से अधिक लाभुकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
अभियान के तहत पंचायत स्तर पर नामित नोडल पदाधिकारियों के नेतृत्व में टीमें ग्रामवार एवं पंचायतवार घर-घर जाकर लाभुकों का भौतिक सत्यापन कर रही हैं। सत्यापन के दौरान लाभुकों के आधार एवं मोबाइल नंबर का मिलान कर संबंधित पोर्टल पर अद्यतन किया जा रहा है। साथ ही निर्धारित मानकों के अनुसार अयोग्य लाभुकों की पहचान कर विलोपन की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है, जिससे योजनाओं की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सके।
जिला प्रशासन द्वारा बताया गया है कि भौतिक सत्यापन की यह प्रक्रिया 25 मई 2026 तक संचालित की जाएगी, अतः सभी लाभुक निर्धारित अवधि के भीतर अपना सत्यापन अवश्य करा लें।
जिला प्रशासन ने सभी लाभुकों से अपील की है कि वे सत्यापन कार्य में सहयोग करें तथा संबंधित टीम को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं। लाभुक अपने नजदीकी पंचायत अथवा प्रखंड कार्यालय में जाकर भी अपना सत्यापन सुनिश्चित करा सकते हैं।

राम भक्तों के लिए

सीआईएसएफ की बड़ी कार्रवाई: ऑटो समेत 2.5 टन अवैध कोयला जब्त, तस्करों में हड़कंप

0

न्यूज – कहकशां फारूकी 

Gomia_मंगलवार को कोयला तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईएसएफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑटो समेत करीब 2.5 टन अवैध कोयला जब्त किया। यह कार्रवाई सीआईएसएफ यूनिट सीसीएल करगली के कमांडेंट राज प्रताप सिंह के दिशा-निर्देशन में की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नियमित गश्ती और छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान गोपनीय सूत्रों से सूचना मिली कि कोयला तस्कर अब साइकिल और मोटरसाइकिल के बजाय अन्य साधनों का उपयोग कर चोरी को अंजाम दे रहे हैं।

सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सीआईएसएफ टीम ने ढोरी एरिया के एनसीपी चेक पोस्ट और दीनदयाल चौक के बीच एक कोयला लदा ऑटो (पंजीयन संख्या JH 09AD 9349) को जब्त किया। इसके बाद वाहन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बेरमो पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

इसके अलावा बोकारो और करगली क्षेत्र में करगली रेलवे साइडिंग पर चलाए गए विशेष छापेमारी अभियान के दौरान करीब 2.100 टन अवैध कोयला भी बरामद किया गया, जिसे सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया।

सीआईएसएफ ने स्पष्ट किया है कि कोयला चोरी और तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। इन अभियानों से कोयला तस्करों में हड़कंप मच गया है।

विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि अवैध खनन या तस्करी से संबंधित किसी भी जानकारी को तुरंत प्रशासन या पुलिस तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इस सफल अभियान में निरीक्षक एस.आर. नायक, सब-इंस्पेक्टर संतोष कुमार तिवारी, अमित कुमार, आरक्षक बासुदेव पेगु, महिला आरक्षक पूजा कुमारी सहित अन्य बल सदस्यों की अहम भूमिका रही।

राम भक्तों के लिए
IIT - Polo Tshirt - Premium