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Wednesday, November 4, 2026
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WhatsApp Call Forwarding Scam: Courier Calls Used to Hijack Accounts, Victims Lose Money

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New WhatsApp Scam you need to know

Ranchi: A new cyber fraud involving fake courier delivery calls and WhatsApp account takeovers has raised concerns after several people reportedly fell victim to the scam. In some cases, fraudsters allegedly took control of victims’ WhatsApp accounts and sent messages requesting money from their contact lists.

According to accounts shared by victims, the scam often begins after placing an online order. The victim receives a call from someone claiming to be a courier delivery agent, who says the delivery person is unable to reach them and asks them to call another number.

After calling the number, victims reportedly find their mobile phones suddenly disconnected or unable to receive calls. Subsequently, messages seeking money, often accompanied by QR codes, are sent to their WhatsApp contacts. Some recipients, believing the requests came from people they knew, reportedly transferred money.

The suspected modus operandi involves tricking victims into activating call forwarding, potentially allowing fraudsters to intercept verification calls and gain access to WhatsApp accounts.

How to Stay Safe

Cybersecurity experts advise users to remain cautious of unexpected courier calls and avoid calling unfamiliar numbers provided by unknown callers.

Users should also:

  • Never share WhatsApp OTPs or verification codes.
  • Enable WhatsApp two-step verification through Settings → Account.
  • Add a recovery email and regularly check linked devices.
  • Check call-forwarding settings and disable any forwarding they did not activate.
  • Verify money requests directly with the person concerned.

If an account is compromised, users should attempt to register their number again on WhatsApp using the SMS verification code.

Anyone who loses money to cyber fraud should immediately call 1930 or report the incident at cybercrime.gov.in.

People are urged to stay alert and share this warning to help prevent further financial losses.

JharkhandWeekly.com | Cyber Safety Awareness

राम भक्तों के लिए

Ranchi Seeks 20,000 Sq. Ft. Commercial Space for Pharma Fulfilment Centre

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Ranchi, Jharkhand: A requirement has been announced for approximately 20,000 square feet of commercial or industrial space in Ranchi to establish a Pharma Fulfilment Centre.

The proposed facility will support pharmaceutical fulfilment and logistics operations, with a focus on efficient distribution and connectivity across Jharkhand and other parts of the country.

The property should preferably be located on the ground floor and have RCC (Reinforced Cement Concrete) construction. The key infrastructure requirements include a minimum power load of 100 KVA, a valid Fire NOC, and convenient road access for commercial vehicles and logistics operations.

Suitable properties available for rent or lease are being considered.

Property owners, real estate consultants, developers, and individuals having suitable commercial or industrial spaces in Ranchi are invited to share relevant details. Those who know of properties matching the requirements are also encouraged to connect.

Property Requirement at a Glance:

  • Location: Ranchi, Jharkhand
  • Required Area: Approximately 20,000 sq. ft.
  • Construction: RCC
  • Preferred Floor: Ground Floor
  • Power Load: Minimum 100 KVA
  • Fire Safety: Valid Fire NOC
  • Availability: Rent or Lease

For Property Offers and Enquiries:
Contact: +91-9431392370 (WhatsApp only)

Interested property owners and agents can share property details, location, photographs, and lease terms through WhatsApp.

Published by JharkhandWeekly.com

राम भक्तों के लिए

बोकारो में टीबी मरीजों को पोषण सहायता देकर सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत कर रहा डालमिया भारत फाउंडेशन

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News – Muskan

बोकारो, नवंबर, 2026: टीबी के इलाज के दौरान दवाओं के साथ सही पोषण भी मरीजों के स्वस्थ होने में अहम् भूमिका निभाता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए, डालमिया भारत लिमिटेड की सीएसआर इकाई डालमिया भारत फाउंडेशन (डीबीएफ) ने अपनी बोकारो यूनिट के माध्यम से 75 ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) मरीजों को पोषण सहायता दी है। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की नि-क्षय मित्र पहल के तहत यह कार्यक्रम बोकारो के गोरावाली नॉर्थ पंचायत भवन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य मरीजों को नियमित रूप से पोषण संबंधी सहायता देना और उनके ठीक होने की प्रक्रिया में मदद करना है।
बोकारो जिला टीबी कार्यालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम के तहत चुने गए सभी 75 मरीजों को छह महीने तक हर महीने पोषण किट दी जाएगी। हर किट में 3 किलो दाल, 1.5 किलो चना, 1 किलो मूँगफली, 1 किलो गुड़ और 1 लीटर सरसों का तेल शामिल है। इन खाद्य सामग्रियों के माध्यम से मरीजों को इलाज के दौरान जरूरी पोषण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. श्रीमती फ्लोरेंस होरो, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (पीएमटीएमबीए), बोकारो के जिला समन्वयक श्री हेमंत झा, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान (पीएमटीबीएमए) के श्री नितिन कुमार सिंह, डालमिया भारत सीमेंट लिमिटेड (डीसीबीएल), बोकारो के यूनिट हेड श्री सुनील कुमार के. भुसारी और प्लांट ओएचसी के डॉ. श्री संतोष कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस पहल पर डीसीबीएल, बोकारो के यूनिट हेड श्री सुनील कुमार के. भुसारी ने कहा, “टीबी के मरीजों के इलाज और स्वस्थ होने की प्रक्रिया में उचित पोषण की अहम् भूमिका होती है। इस पहल के माध्यम से हम जरूरतमंद मरीजों को लगातार सहायता देना चाहते हैं और टीबी को खत्म करने के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देना चाहते हैं। स्थानीय समुदायों और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर हमारा लगातार काम करना जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने और लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर डालने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
इस अवसर पर बोकारो की जिला टीबी अधिकारी डॉ. (श्रीमती) फ्लोरेंस होरो ने कहा, “टीबी के इलाज में उचित पोषण जरूरी है। इससे मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, शरीर में ताकत वापस लाने और ठीक होने में मदद मिलती है। हम डालमिया भारत फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हैं, जिसके तहत 75 टीबी मरीजों को छह महीने तक पोषण सहायता दी जाएगी। सरकार और कॉर्पोरेट संस्थानों के बीच इस तरह के सहयोग से इलाज के बेहतर नतीजे मिलते हैं। साथ ही, मरीजों को अपना इलाज पूरा करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है और टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलती है।”
डालमिया भारत फाउंडेशन अपने कार्यक्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच का विस्तार करने, लोगों की सेहत और जीवन स्तर को बेहतर बनाने और सामाजिक विकास से जुड़ी जरूरी चुनौतियों पर काम कर रहा है। इसके लिए फाउंडेशन सरकारी विभागों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर ऐसी पहल कर रहा है, जिनका लंबे समय तक सकारात्मक असर हो।

राम भक्तों के लिए

स्कोडा ऑटो इंडिया ने 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आँकड़ा पार किया, 193 शहरों तक हुआ पहुँच का विस्तार

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News – Muskan 

193 शहरों में 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों के माध्यम से ब्रांड देशभर में ग्राहकों के और करीब पहुँचा

नेटवर्क का विस्तार 2021 में 191 संपर्क केंद्रों से बढ़कर 2026 में 350 से अधिक हो गया, यानि पाँच वर्षों में लगभग 85% की वृद्धि
जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान नए आउटलेट्स का ब्रांड की कुल बिक्री में 25% से अधिक योगदान रहा
16 शहरों, 18 ब्रांड्स और ग्राहकों की 88,000 समीक्षाओं को शामिल करने वाले कारपीएचडी सर्वेक्षण में डीलर नेटवर्क को डीलरशिप ग्राहक अनुभव के मामले में नंबर 1 स्थान मिला

जमशेदपुर/बिलासपुर, नवंबर, 2026: स्कोडा ऑटो इंडिया ने देशभर में अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए, 193 शहरों में 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्र स्थापित किए हैं, जिससे ग्राहकों के लिए इसके उत्पादों और वाहन स्वामित्व संबंधी सेवाओं तक पहुँच और आसान हुई है। 30 अक्टूबर, 2026 को इम्फाल में अपने 350वें ग्राहक संपर्क केंद्र का उद्घाटन करके ब्रांड ने यह उपलब्धि हासिल की और इसके साथ ही मणिपुर में भी प्रवेश किया। यह विस्तार स्थापित बाजारों के साथ-साथ उभरते क्षेत्रों में भी बिक्री और बिक्री-पश्चात सेवाओं को ग्राहकों के और करीब पहुँचाने की स्कोडा ऑटो इंडिया की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड निदेशक आशीष गुप्ता ने कहा, “193 शहरों में 350 से अधिक ग्राहक संपर्क केंद्रों का आँकड़ा पार करना पूरे भारत में ग्राहकों के लिए स्कोडा को और करीब लाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारे मौजूदा और नए डीलर साझेदार इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा हैं। भारत में स्कोडा ब्रांड को और मजबूत बनाने के हमारे दृष्टिकोण को साझा करने के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूँ। नए बाजारों में प्रवेश करते समय हमारी प्राथमिकता स्पष्ट है, बिक्री और बिक्री-पश्चात सेवाओं के दौरान ग्राहकों को एक समान और समृद्ध अनुभव प्रदान करना। हमारे बढ़ते उत्पाद पोर्टफोलियो और ग्राहक-केंद्रित पहलों के साथ, यह विस्तृत होता नेटवर्क ग्राहकों का विश्वास मजबूत करने और देशभर में उनकी पसंद का ब्रांड बने रहने में हमारी मदद करेगा।”
पहुँच का विस्तार, उपस्थिति को मजबूती
स्कोडा ऑटो इंडिया का नेटवर्क 2021 में 191 ग्राहक संपर्क केंद्रों से बढ़कर 2025 में 325 और अक्टूबर 2026 तक 350 से अधिक हो गया है। इसका भौगोलिक विस्तार 2024 में 25 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 156 शहरों से बढ़कर आज 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 193 शहरों तक पहुँच गया है। 79 डीलर साझेदारों के सहयोग से संचालित इस नेटवर्क में 270 बिक्री संपर्क केंद्र और 203 बिक्री-पश्चात सेवा केंद्र शामिल हैं, जिनमें कई 2एस/3एस सुविधाएँ भी हैं। जनवरी 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच, ब्रांड ने 38 नए शहरों में 58 शोरूम और 34 नए शहरों में 45 कार्यशालाएँ शुरू कीं, जिससे बिक्री और बिक्री-पश्चात सेवाओं तक ग्राहकों की पहुँच का विस्तार हुआ।
नए बाजारों तक पहुँच, नए अवसरों का सृजन
स्कोडा ऑटो इंडिया की विस्तार रणनीति स्थापित महानगरीय बाजारों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों के ग्राहकों तक पहुँचने पर केंद्रित है। वर्ष 2026 में ब्रांड ने 11 नए शहरों में प्रवेश किया: बालासोर, बारामती, बठिंडा, बीकानेर, गुना, इम्फाल, जोरहाट, कैथल, खम्मम, श्रीगंगानगर और वसई। इम्फाल में उद्घाटन के साथ ही मणिपुर में एसएवीडब्ल्यूआईपीएल समूह के किसी ब्रांड की पहली उपस्थिति दर्ज हुई। पूर्वोत्तर क्षेत्र में समूह के ब्रांड्स के बीच स्कोडा की भौगोलिक पहुँच सबसे व्यापक है। इस विस्तार का व्यावसायिक प्रभाव भी दिखाई दे रहा है। जनवरी से अक्टूबर 2026 के दौरान नए आउटलेट्स का ब्रांड की कुल बिक्री में 25% से अधिक योगदान रहा।
ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना
नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ, स्कोडा ऑटो इंडिया बिक्री और बिक्री-पश्चात सेवाओं के दौरान ग्राहकों को एक समान अनुभव प्रदान करने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। बेंगलुरु स्थित इसके डीलर साझेदार ने 16 शहरों, 18 ऑटोमोटिव ब्रांड्स और ग्राहकों की 88,000 समीक्षाओं को शामिल करने वाले कारपीएचडी सर्वेक्षण में डीलरशिप ग्राहक अनुभव के मामले में नंबर 1 स्थान प्राप्त किया। इस प्रतिबद्धता को स्कोडा सुपर केयर का भी सहयोग मिलता है, जिसके तहत चार वर्षों की मानक वारंटी, सड़क किनारे सहायता और निःशुल्क सर्विस श्रम की सुविधा दी जाती है। इसके अतिरिक्त, चुनिंदा स्थानों पर उपलब्ध स्कोडा एक्सप्रेस केयर के माध्यम से ग्राहकों को अधिक सुविधा और कम समय में सर्विस उपलब्ध कराई जाती है। ये सभी पहलें नेटवर्क के विस्तार के साथ वाहन स्वामित्व को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने पर ब्रांड के फोकस को मजबूत करती हैं।

राम भक्तों के लिए

विकास के नाम पर सामुदायिक भवन की बलि! पुराने भवन को तोड़कर उसी जगह बना दिया आंगनबाड़ी केंद्र

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और सार्वजनिक संपत्तियों के संरक्षण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। गोमिया प्रखंड के पलिहारी गुरूडीह पंचायत स्थित नेहरू हाई स्कूल मैदान में पहले से मौजूद मजबूत सामुदायिक भवन को ध्वस्त कर उसी जगह नया आंगनबाड़ी केंद्र भवन बना दिया गया। इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने संवेदक पर मनमानी और निर्माण कार्य में नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों का कहना है कि नेहरू हाई स्कूल मैदान में बना पुराना सामुदायिक भवन पूरी तरह उपयोगी और मजबूत स्थिति में था। इसका इस्तेमाल क्षेत्र के लोग सामाजिक कार्यक्रमों, सार्वजनिक आयोजनों और खेलकूद प्रतियोगिताओं के दौरान करते थे। यह भवन स्थानीय लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुविधा था। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र भवन के निर्माण के दौरान इस सामुदायिक भवन को ही ध्वस्त कर दिया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, आंगनबाड़ी केंद्र के लिए दूसरी जगह उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर पुराने सामुदायिक भवन को तोड़कर उसी स्थान पर नया भवन खड़ा कर दिया गया। अब ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एक सार्वजनिक उपयोग के मजबूत भवन को समाप्त करने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए पंचायत में दूसरी जमीन उपलब्ध नहीं थी? पुराने भवन को ध्वस्त करने की अनुमति किस अधिकारी ने दी और क्या इसके लिए विभागीय प्रक्रिया का पालन किया गया?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि पुराने भवन की उपयोगिता बरकरार थी, तो उसे बचाने के बजाय ध्वस्त करना सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसा है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, भवन तोड़ने की अनुमति और निर्माण से संबंधित अभिलेखों की पड़ताल करने तथा दोषी पाए जाने पर संवेदक के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि विकास कार्यों के नाम पर एक सार्वजनिक सुविधा को समाप्त कर दूसरी सुविधा का निर्माण करना कहां तक उचित है? अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और ग्रामीणों के उठाए सवालों पर क्या कार्रवाई करता है।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में चलंत लोक अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर, ग्रामीणों को दी गई मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंगलवार को गोमिया प्रखंड कार्यालय के सभागार में चलंत लोक अदालत सह विधिक सेवा सशक्तिकरण जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), बोकारो के मार्गदर्शन में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता और लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित समाधान की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो ने की। उन्होंने बुके देकर न्यायिक टीम के सदस्यों का स्वागत किया। अपने संबोधन में बीडीओ ने कहा कि जानकारी के अभाव में आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के कई गरीब और जरूरतमंद लोग न्याय पाने से वंचित रह जाते हैं। ऐसे जागरूकता शिविर लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से अवगत कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि शिविर में मिली जानकारी को गांव के प्रत्येक टोले तक पहुंचाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों और न्याय से वंचित न रहे।

राम भक्तों के लिए

टांगी से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने दबोचा, भेजा जेल

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

चैया टाड़ गांव में खूनी विवाद, 55 वर्षीय लालमन महतो के सिर पर टांगी से किया था वार, गंभीर हालत में लगे थे 12 टांके

गोमिया__ बेरमो अनुमंडल के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत चैया टाड़ गांव में आपसी विवाद के दौरान टांगी से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले के नामजद आरोपी द्वारका महतो को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में मारपीट और हिंसक घटनाओं को लेकर पुलिस की सक्रियता सामने आई है।

घटना 2 नवंबर की सुबह करीब छह बजे की है। बताया जाता है कि गांव निवासी 55 वर्षीय लालमन महतो अपने मवेशियों को बांधने के बाद शौच के लिए तालाब की ओर जा रहे थे। इसी दौरान द्वारका महतो और उनकी पत्नी रुकवा देवी के साथ उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि गाली-गलौज का विरोध करने पर विवाद बढ़ गया। इसी बीच द्वारका महतो के पुत्र टेकलाल महतो ने लालमन महतो का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद द्वारका महतो ने टांगी से उनके सिर पर वार कर दिया। हमले में लालमन महतो गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर पर 12 टांके लगाए गए।

घटना के बाद घायल लालमन महतो ने चतरोचट्टी थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। आवेदन के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 51/2026, दिनांक 2 नवंबर 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और नामजद आरोपी द्वारका महतो को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

राम भक्तों के लिए

गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एचआईवी-एड्स जागरूकता कार्यक्रम, संक्रमण से बचाव और भेदभाव समाप्त करने का दिया संदेश

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__ स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशानुसार मंगलवार को गोमिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा जितेंद्र कुमार ने जिला एड्स नियंत्रण समिति, बोकारो की ओर से एचआईवी/एड्स जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को एचआईवी संक्रमण के कारणों, इसके फैलने के माध्यमों, बचाव के उपायों तथा समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय परामर्श के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को एड्स जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और संक्रमण की रोकथाम के लिए आवश्यक सावधानियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में आईसीटीसी गोमिया के टीसी परमानंद एवं आईसीटीसी स्टाफ गोमिया के मदन मोहन महथा के साथ डॉ. निशांत कुमार, मिथिलेश कुमार, अनिल कुमार, टाइगर, सरयू रविदास, गौतम कुमार, नरेंद्र प्रजापति, विनोद कुमार, सोमनाथ भारती एवं हीरालाल रवानी सहित पूरी टीम और सहायिका कर्मी मौजूद रहे।
इस अवसर पर आईसीटीसी के परमानंद ने एचआईवी संक्रमण के कारणों, इसके फैलने के माध्यमों और बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स को लेकर समाज में आज भी कई तरह की भ्रांतियां और गलत धारणाएं प्रचलित हैं। इन्हें दूर करने के लिए लोगों के बीच सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि समय पर जांच, उचित चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से संक्रमण की रोकथाम की जा सकती है। साथ ही एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी उचित उपचार और देखभाल के साथ बेहतर जीवन जी सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बीमारी को लेकर किसी प्रकार का डर या भ्रम पालने के बजाय जागरूक बनें और आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में एचआईवी की जांच एवं परामर्श अवश्य लें।
कार्यक्रम के दौरान टीम ने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों के प्रति समाज में व्याप्त भेदभाव को समाप्त करने पर भी विशेष जोर दिया। टीम ने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उनके साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें सम्मान, सहयोग और समान अधिकार मिलना चाहिए।
जिला एड्स नियंत्रण समिति की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को एचआईवी/एड्स से बचाव, जांच, उपचार और सामाजिक भेदभाव के प्रति जागरूक करते हुए स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित नियंत्रण एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

राम भक्तों के लिए

गुमला व पालकोट में खाद्य सुरक्षा विभाग की ताबड़तोड़ छापेमारी अखाद्य रंग व औद्योगिक हाइड्रो का इस्तेमाल पकड़ाया, लड्डू नष्ट – ठेला-खोमचा से लेकर बड़े दुकानों को FSSAI लाइसेंस बनवाने का सख्त अल्टीमेटम

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में आगामी दीपावली, लक्ष्मी पूजा, काली पूजा और छठ महापर्व के मद्देनजर मिलावटखोरी और अमानक खाद्य सामग्री पर रोक लगाने के उद्देश्य गुमला जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने पूरे जिले में सघन जाँच अभियान छेड़ दिया है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी आशा राज, कुमार प्रभाकर और रिज़्ज्वल पाण्डेय के द्वारा पालकोट और गुमला के विभिन्न होटलों, ढाबों, कैटरिंग संचालकों, मिठाई दुकानों और किराना प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया गया। अचानक हुई इस सघन कार्रवाई से पूरे इलाके के व्यवसायियों में दिनभर हड़कंप मचा रहा।

जांच टीम ने सबसे पहले पालकोट स्थित मेसर्स यशराज ढाबा का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई का अभाव पाया गया और कर्मचारियों द्वारा एप्रन, हेडगियर व ग्लव्स का उपयोग नहीं किया जा रहा था। साथ ही ढाबा संचालक के पास वैध फूड लाइसेंस भी नहीं मिला। इसके बाद मेसर्स बंशीधर होटल के निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। वहां एक्सपायरी सामग्री, प्रतिबंधित औद्योगिक हाइड्रो और अखाद्य रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने संचालक पर तत्काल अर्थदंड (जुर्माना) लगाते हुए सख्त चेतावनी दी और मौके पर ही लगभग 7 किलो दूषित लड्डू को जब्त कर नष्ट करवा दिया। साथ ही गुणवत्ता की जांच के लिए गाजा का सैंपल सील कर प्रयोगशाला भेजा गया।

वहीं, मेसर्स प्रजापति होटल में बिना लाइसेंस के कारोबार संचालित होता पाया गया, जिस पर संचालक को जल्द लाइसेंस लेने और कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से एप्रन, ग्लव्स, हेडगियर पहनने व स्वच्छता बरतने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा मेसर्स सोनाली स्वीट्स एंड चाइनीज फूड तथा मेसर्स गुप्ता होटल की भी जांच कर साफ-सफाई और किचन प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी गई। कार्रवाई के क्रम में टीम ने सिवान चाट भंडार का निरीक्षण किया, जहां छोले में प्रतिबंधित अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम ने तैयार छोले को तुरंत नष्ट कराया और खाद्य सामग्री परोसने में पुराने अखबार का उपयोग बंद करने का सख्त आदेश दिया। किराना दुकानों की जांच के तहत मेसर्स नित्या स्टोर और मेसर्स आकाश भंडार का निरीक्षण किया गया, जहां से घी का नमूना जांच हेतु लिया गया। इसके उपरांत मेसर्स मीरा श्याम स्वीट्स एंड डेयरी की जांच की गई, जहां नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाएगा और जलेबी का सैंपल लेकर लैब भेजा गया।
अभियान के तहत गुमला शहर में स्थित मेसर्स सुरेश कैटरिंग का भी सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में संचालक को पूरे परिसर और बर्तनों की समुचित साफ-सफाई रखने तथा खाना बनाने व परोसने वाले कर्मचारियों के लिए एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का कड़ा निर्देश दिया गया। साथ ही वहां तैयार लड्डू की शुद्धता और गुणवत्ता जांचने के लिए उसका सैंपल विधिवत सील कर जांच हेतु राज्य खाद्य जाँच प्रयोगशाला भेजा गया।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया है कि गुमला जिले के प्रत्येक छोटे-बड़े दुकानदार, होटल संचालक, रेस्टोरेंट, ढाबा और ठेला-खोमचा लगाने वाले सभी व्यवसायी अविलंब अपना FSSAI रजिस्ट्रेशन या फूड लाइसेंस बनवा लें। बिना वैध लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य सामग्री बेचते पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS ACT) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, भारी जुर्माना लगाया जाएगा और दुकानों को सीधे सील कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया कि यह जांच अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी पूरे जिले में लगातार जारी रहेगा।

राम भक्तों के लिए

जनता दरबार में उपायुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं, प्राप्त आवेदनों पर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई के दिए निर्देश

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गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

भूमि विवाद, सड़क-पुल निर्माण, दिव्यांगजनों को सहायता, ऋण संबंधी समस्याओं एवं जनसुविधाओं से जुड़े मामले प्रमुखता से आए सामने

गुमला : – गुमला समाहरणालय परिसर में आयोजित साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महतो के समक्ष जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने एक-एक कर फरियादियों की बात सुनी तथा उनके आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

जन शिकायत निवारण दिवस में मुख्य रूप से भूमि विवाद, जमीन पर अवैध कब्जा, सड़क एवं पुल निर्माण, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, स्वरोजगार हेतु ऋण, कृषि ऋण में राहत तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित मामले सामने आए।

भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों में सानारोली निवासी अर्जुन महतो ने आम रास्ते पर अतिक्रमण, सार्वजनिक नाली बंद करने एवं पेयजल स्रोत के समीप गड्ढा खोदकर पानी दूषित किए जाने की शिकायत की। वहीं कदमटोली के अनुसूचित जनजाति समुदाय के रैयतों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला उठाया। इसके अतिरिक्त सिसई रोड निवासी तसमिया परवीन ने अपनी माता की जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने तथा घाघरा के कुराग निवासी महादेव महतो ने धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने एवं बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की। चन्दाली निवासी सरस्वती बखला ने अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटाने तथा कुलाबीरा निवासी तेतरू साहु ने खेत में तैयार धान की फसल चोरी किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की।

सड़क एवं आधारभूत संरचना से जुड़े मामलों में डुमराडीह पंचायत के पड़कीटोली ग्रामीणों ने नवाडीह-पड़कीटोली-गम्हरिया मार्ग एवं खतवा नदी पर पुल निर्माण की मांग रखी। वहीं चुगलू पंचायत के ग्रामीणों ने चुगलू से सकरपुर गम्हरिया तक लगभग पांच किलोमीटर पक्की सड़क निर्माण कराने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण विद्यार्थियों, मरीजों एवं किसानों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर मांझारोली से रायडीह तक सड़क की जर्जर स्थिति एवं उड़ती धूल से उत्पन्न परेशानियों को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई।

दिव्यांगजनों की सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मामलों में पालकोट के नावाटोली निवासी दिव्यांग ईश्वर उराँव ने दुर्घटना में पैर गंवाने के बाद कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने हेतु सरकारी सहायता की मांग की। वहीं पतिया निवासी दिव्यांग रोहित साहु ने आवागमन में सुविधा के लिए विद्युत चालित व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त बसन्ती कुमारी ने अपनी वृद्ध माता के भरण-पोषण के लिए रोजगार उपलब्ध कराने संबंधी आवेदन समर्पित किया।

स्वरोजगार एवं आर्थिक समस्याओं से जुड़े मामलों में सिसई निवासी संजय कुमार सिंह ने मुद्रा ऋण के लिए दिए गए आवेदन पर बैंक स्तर से अब तक कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। वहीं खरतंगा निवासी किसान जयराम उराँव ने गंभीर बीमारी एवं आर्थिक कठिनाइयों के कारण कृषि ऋण के बकाया एवं ब्याज में राहत प्रदान करने का अनुरोध किया। सुरसा (पूसो) निवासी संतोष कुमार सिंह ने अपनी निजी जमीन पर लगे हरे-भरे पेड़ों की कटाई के मामले में संबंधित स्तर पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत भी रखी।

इसके अतिरिक्त ग्राम पुगू घांसी टोली के ग्रामीणों ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए चामू उराँव की प्रतिमा की सुरक्षा एवं स्थल के सौंदर्यीकरण हेतु चहारदीवारी निर्माण कराने की मांग की। वहीं सरना अवतार एड़पा एवं पारंपरिक पंचायतों से जुड़े प्रतिनिधियों ने पारंपरिक संस्कृति एवं लोककला के संरक्षण के उद्देश्य से स्थानीय कलाकारों के लिए 170 पारंपरिक वाद्ययंत्र, मांदर एवं नगाड़ा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।

उपायुक्त ने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को अग्रसारित करते हुए मामलों की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि आमजनों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जा सके। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आमजनों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

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