गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया
भूमि विवाद, सड़क-पुल निर्माण, दिव्यांगजनों को सहायता, ऋण संबंधी समस्याओं एवं जनसुविधाओं से जुड़े मामले प्रमुखता से आए सामने
गुमला : – गुमला समाहरणालय परिसर में आयोजित साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महतो के समक्ष जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें रखीं। उपायुक्त ने एक-एक कर फरियादियों की बात सुनी तथा उनके आवेदनों पर गंभीरता से विचार करते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
जन शिकायत निवारण दिवस में मुख्य रूप से भूमि विवाद, जमीन पर अवैध कब्जा, सड़क एवं पुल निर्माण, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, स्वरोजगार हेतु ऋण, कृषि ऋण में राहत तथा सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित मामले सामने आए।
भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों में सानारोली निवासी अर्जुन महतो ने आम रास्ते पर अतिक्रमण, सार्वजनिक नाली बंद करने एवं पेयजल स्रोत के समीप गड्ढा खोदकर पानी दूषित किए जाने की शिकायत की। वहीं कदमटोली के अनुसूचित जनजाति समुदाय के रैयतों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने का मामला उठाया। इसके अतिरिक्त सिसई रोड निवासी तसमिया परवीन ने अपनी माता की जमीन पर जबरन कब्जा किए जाने तथा घाघरा के कुराग निवासी महादेव महतो ने धोखाधड़ी कर जमीन की रजिस्ट्री कराने एवं बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की। चन्दाली निवासी सरस्वती बखला ने अपनी जमीन से अवैध कब्जा हटाने तथा कुलाबीरा निवासी तेतरू साहु ने खेत में तैयार धान की फसल चोरी किए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की।
सड़क एवं आधारभूत संरचना से जुड़े मामलों में डुमराडीह पंचायत के पड़कीटोली ग्रामीणों ने नवाडीह-पड़कीटोली-गम्हरिया मार्ग एवं खतवा नदी पर पुल निर्माण की मांग रखी। वहीं चुगलू पंचायत के ग्रामीणों ने चुगलू से सकरपुर गम्हरिया तक लगभग पांच किलोमीटर पक्की सड़क निर्माण कराने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण विद्यार्थियों, मरीजों एवं किसानों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर मांझारोली से रायडीह तक सड़क की जर्जर स्थिति एवं उड़ती धूल से उत्पन्न परेशानियों को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई गई।
दिव्यांगजनों की सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मामलों में पालकोट के नावाटोली निवासी दिव्यांग ईश्वर उराँव ने दुर्घटना में पैर गंवाने के बाद कृत्रिम पैर उपलब्ध कराने हेतु सरकारी सहायता की मांग की। वहीं पतिया निवासी दिव्यांग रोहित साहु ने आवागमन में सुविधा के लिए विद्युत चालित व्हीलचेयर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अतिरिक्त बसन्ती कुमारी ने अपनी वृद्ध माता के भरण-पोषण के लिए रोजगार उपलब्ध कराने संबंधी आवेदन समर्पित किया।
स्वरोजगार एवं आर्थिक समस्याओं से जुड़े मामलों में सिसई निवासी संजय कुमार सिंह ने मुद्रा ऋण के लिए दिए गए आवेदन पर बैंक स्तर से अब तक कार्रवाई नहीं होने की शिकायत की। वहीं खरतंगा निवासी किसान जयराम उराँव ने गंभीर बीमारी एवं आर्थिक कठिनाइयों के कारण कृषि ऋण के बकाया एवं ब्याज में राहत प्रदान करने का अनुरोध किया। सुरसा (पूसो) निवासी संतोष कुमार सिंह ने अपनी निजी जमीन पर लगे हरे-भरे पेड़ों की कटाई के मामले में संबंधित स्तर पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत भी रखी।
इसके अतिरिक्त ग्राम पुगू घांसी टोली के ग्रामीणों ने वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए चामू उराँव की प्रतिमा की सुरक्षा एवं स्थल के सौंदर्यीकरण हेतु चहारदीवारी निर्माण कराने की मांग की। वहीं सरना अवतार एड़पा एवं पारंपरिक पंचायतों से जुड़े प्रतिनिधियों ने पारंपरिक संस्कृति एवं लोककला के संरक्षण के उद्देश्य से स्थानीय कलाकारों के लिए 170 पारंपरिक वाद्ययंत्र, मांदर एवं नगाड़ा उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
उपायुक्त ने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को अग्रसारित करते हुए मामलों की गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि आमजनों की समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी निष्पादन जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जनता दरबार के माध्यम से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है, जिससे लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की दिशा में आवश्यक पहल की जा सके। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आमजनों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।