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Saturday, March 7, 2026
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HomeLocal NewsGumlaडायन कुप्रथा के उन्मूलन हेतु गुमला जिला में कार्यशाला का आयोजन

डायन कुप्रथा के उन्मूलन हेतु गुमला जिला में कार्यशाला का आयोजन

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में आज मंगलवार को जिला समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी एवं पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह की अध्यक्षता में तथा पद्मश्री सम्मानित विशिष्ट अतिथि छूटनी देवी की उपस्थिति में डायन कुप्रथा पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त डायन बिसाही जैसी कुप्रथा को समाप्त करना, अधिकारियों एवं पुलिस प्रशासन को उनके कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना तथा महिलाओं को न्यायिक सुरक्षा प्रदान करना था।
कार्यक्रम में उपस्थित DALSA सचिव  ने डायन प्रथा से जुड़े आने वाले नए अधिनियमों की जानकारी देते हुए बताया कि अब ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। नए प्रावधानों के तहत डायन कहकर किसी महिला को प्रताड़ित करने वालों या उनकी हत्या में शामिल लोगों को बेल नहीं दी जाएगी और उन्हें सख्त सजा दी जाएगी।

छूटनी देवी की प्रेरक कहानी

कार्यशाला में पद्मश्री से सम्मानित विशिष्ट अतिथि छूटनी देवी ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि उन पर भी डायन का झूठा आरोप लगाकर प्रताड़ित किया गया था, लेकिन उन्होंने निडर होकर इन समस्याओं का सामना किया। आज वे डायन प्रथा के खिलाफ खड़ी होकर अन्य पीड़ित महिलाओं की मदद कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डायन प्रथा के कारण कई महिलाओं और बच्चों ने अपनी जान गंवाई है, क्योंकि लोग बीमारी के सही इलाज की जगह अंधविश्वास और झाड़-फूंक में विश्वास करते हैं। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि सामूहिक प्रयास से इस कुप्रथा को समाप्त किया जा सकता है।

उपायुक्त का आह्वान

उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने छूटनी देवी की बातों का समर्थन करते हुए डायन प्रथा को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि गुमला जिले में डायन बिसाही के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिन्हें रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पंचायत, प्रखंड, विद्यालय और अन्य सामुदायिक स्तरों पर इस मुद्दे को उठाएं। उपायुक्त ने कहा कि जागरूकता अभियान चलाकर, सामाजिक ऑडिट कर, और इस कुप्रथा को बढ़ावा देने वाले लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित महिलाओं को आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन उनकी हरसंभव मदद के लिए तैयार है।

पुलिस अधीक्षक का योगदान

पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने कहा कि डायन प्रथा से संबंधित छोटी से छोटी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे महिलाओं से नियमित रूप से संपर्क में रहें और उन्हें यह विश्वास दिलाएं कि पुलिस प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।

अनुभव साझा और समाधान की दिशा में चर्चा

बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने डायन बिसाही से संबंधित अपने अनुभव साझा किए और इसे समाप्त करने के लिए सुझाव दिए। छूटनी देवी और अन्य वक्ताओं ने जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने और शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर जोर दिया।
कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, परियोजना निदेशक ITDA, DSP गुमला, सहित अन्य जिला स्तरीय एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के अंत में यह संकल्प लिया गया कि सामूहिक प्रयासों से इस कुप्रथा को समाप्त किया जाएगा और महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 

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