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Monday, March 9, 2026
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‘सांसद तीर्थ दर्शन–2025’: हजारीबाग से 180 बुजुर्ग तीर्थ यात्रा पर होंगे रवाना, 29 जून से होगी ऐतिहासिक पहल की शुरुआत

हजारीबाग, झारखंड — हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने सामाजिक समर्पण और आध्यात्मिकता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ‘सांसद तीर्थ दर्शन–2025’ योजना की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क तीर्थयात्रा का अवसर देना है जो आर्थिक या शारीरिक कारणों से अब तक यह सुख प्राप्त नहीं कर सके थे। कार्यक्रम का शुभारंभ 29 जून 2025 को हजारीबाग के नृसिंह मंदिर परिसर से होगा, जहां से 180 बुजुर्ग तीर्थयात्री आध्यात्मिक यात्रा पर रवाना होंगे।

तैयारियों में जुटा पूरा संगठन, भव्य आयोजन की उम्मीद

इस ऐतिहासिक योजना को सफल बनाने के लिए सांसद मनीष जायसवाल खुद पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने राज्य और केंद्र के वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित करते हुए एक लाख से अधिक निमंत्रण पत्र जनता तक पहुँचाए हैं। भाजपा कार्यकर्ता, सांसद प्रतिनिधि और स्वयंसेवी कार्यकर्ता आयोजन की हर बारीकी पर काम कर रहे हैं ताकि यह यात्रा बुजुर्गों के लिए यादगार बन सके।

आयोजन स्थल पर निरीक्षण, तैयारी जोरों पर

बुधवार को सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी और इवेंट प्रबंधक सोनू कुमार ने नृसिंह मंदिर परिसर में बन रहे मंच और पंडाल की तैयारियों का जायजा लिया। सिंह ने कहा, “यह योजना न केवल सांसद जी के सपनों को साकार करेगी, बल्कि उन बुजुर्गों की आस्था और अरमानों को भी नई उड़ान देगी जो वर्षों से तीर्थ के दर्शन की कामना लिए बैठे थे।”

मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि, “मनीष जायसवाल सिर्फ विकास नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के सम्मान के प्रतीक बनकर उभरे हैं। सामूहिक विवाह, नि:शुल्क वस्त्र वितरण और अब तीर्थयात्रा योजना— ये सब उनकी संवेदनशील नेतृत्व शैली को दर्शाता है।”

आमजन से अपील: इस आध्यात्मिक यात्रा का बनें सहभागी

पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष ब्रजकिशोर जायसवाल ने जनता से आग्रह किया कि वे इस ऐतिहासिक और पुण्य आयोजन का हिस्सा बनें और अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर तीर्थयात्रियों का मनोबल बढ़ाएं। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक तीर्थयात्रा नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों के प्रति आदर और सम्मान का भाव है जिन्हें जीवन में यह अवसर नहीं मिल पाया था।”

‘सांसद तीर्थ दर्शन–2025’ योजना हजारीबाग के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन सकती है, जो सेवा और श्रद्धा के अद्वितीय संगम के रूप में याद की जाएगी।

न्यूज़ – गनपत लाल चौरसिया 


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