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Sunday, September 13, 2026
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सिसई के संत जेवियर स्कूल में लगी ‘सड़क सुरक्षा की क्लास’, 450 विद्यार्थियों-अभिभावकों ने ली सुरक्षित यातायात की शपथ

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

पिलखी मोड़ और रेडवा चौक को बताया गया दुर्घटना संभावित क्षेत्र, अभिभावकों से घर से ही शुरू करने की अपील

गुमला: सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए शनिवार को सिसई स्थित संत जेवियर स्कूल में विशेष सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) के दौरान आयोजित इस अभियान में करीब 450 विद्यार्थी और अभिभावक शामिल हुए। सभी ने यातायात नियमों का पालन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।

यह अभियान गुमला उपायुक्त दिलीश्वर महतो और जिला परिवहन पदाधिकारी सतेन्द्र महतो के निर्देश पर आयोजित किया गया। सड़क सुरक्षा टीम ने विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों को भी सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी।

‘सड़क सुरक्षा की शुरुआत घर से करें’

अभियान में इस बार अभिभावकों की भूमिका पर खास जोर दिया गया। सड़क सुरक्षा टीम ने कहा कि सड़क हादसों को रोकने की जिम्मेदारी सिर्फ ट्रैफिक पुलिस या प्रशासन की नहीं है, बल्कि परिवार से इसकी शुरुआत होनी चाहिए।

अभिभावकों से अपील की गई कि वे बच्चों के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित करें। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, तेज रफ्तार से बचना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना जैसी आदतों को परिवार की दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।

अभियान का संदेश रहा— “दुर्घटना से पहले अपने अपनों को रोकें-टोकें।”

पिलखी मोड़ और रेडवा चौक पर विशेष सावधानी की अपील

कार्यक्रम के दौरान सिसई क्षेत्र के रेडवा चौक और पिलखी मोड़ को दुर्घटना संभावित क्षेत्र बताते हुए इन मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई। टीम ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को बताया कि इन स्थानों पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखना और यातायात नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

दोपहिया वाहन चालकों को आईएसआई मानक वाले हेलमेट का इस्तेमाल करने और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की जानकारी दी गई। इसके अलावा ओवरस्पीडिंग, शराब के नशे में ड्राइविंग, ट्रिपल राइडिंग और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले खतरे के बारे में भी जागरूक किया गया।

दुर्घटना में घायल को अस्पताल पहुंचाने की अपील

जागरूकता अभियान के दौरान गुड सैमेरिटन (नेक मददगार) और हिट एंड रन से जुड़े कानूनी प्रावधानों की भी जानकारी दी गई। सड़क सुरक्षा टीम ने लोगों से अपील की कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करने से पीछे न हटें और उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने का प्रयास करें।

टीम ने लोगों को संदेश दिया कि “जल्दी पहुंचने से ज्यादा जरूरी है सुरक्षित पहुंचना।” साथ ही बताया गया कि दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले लोगों को नियमों के तहत सुरक्षा और सम्मान का प्रावधान है।

450 लोगों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ

कार्यक्रम के अंत में करीब 450 विद्यार्थियों और अभिभावकों ने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने की शपथ ली।

अभियान को सफल बनाने में संत जेवियर स्कूल के प्रधानाचार्य फादर बिजय सुरीन, सड़क सुरक्षा प्रबंधक प्रभाष कुमार, आईटी सहायक मंटू रवानी, रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट प्रणय कांशी सहित विद्यालय के शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही।

अभियान के जरिए प्रशासन ने लोगों को यही संदेश देने की कोशिश की कि हादसा होने के बाद पछताने से बेहतर है कि उससे पहले ही अपने और अपनों को सुरक्षित यातायात के लिए रोकें और टोकें।

 


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