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Thursday, July 2, 2026
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समर कैंप में बच्चों ने खेल, कला, संस्कृति, संगीत, भाषा एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला जिले के विद्यालयों में तीन दिवसीय समर कैंप का सफल समापन

गुमला : – गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में 19 मई से 21 मई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का गुरुवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में सफल समापन हुआ। समर कैंप के दौरान जिले भर के विद्यालयों में बच्चों ने खेल, कला, संस्कृति, संगीत, भाषा एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यालय परिसर तीन दिनों तक बच्चों की हंसी, उमंग और रचनात्मकता से सराबोर रहे।

आज समर कैंप के अंतिम दिन विभिन्न विद्यालयों में गीत-संगीत, नृत्य, कविता पाठ, लोकगीत, लोकनृत्य, चित्रकला, हस्तकला, कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी, पारंपरिक खेल, योग एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने मिट्टी, कागज एवं स्थानीय संसाधनों से आकर्षक कलाकृतियाँ तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कई विद्यालयों में विद्यार्थियों ने स्थानीय एवं जनजातीय भाषाओं में संवाद, रोल प्ले और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर सभी को प्रभावित किया।

कैंप के दौरान बच्चों ने कबड्डी, खो-खो, दौड़, रस्सीकूद, गिल्ली-डंडा, कैरम, शतरंज एवं अन्य मनोरंजक खेलों में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यालयों में बच्चों के लिए आनंदमय एवं तनावमुक्त वातावरण तैयार किया गया, जिससे बच्चों ने सीखने के साथ-साथ भरपूर मस्ती भी की।

अनेक विद्यालयों में बच्चों के लिए विशेष भोजन एवं अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। कहीं बच्चों को खीर, पुलाव, फल एवं स्थानीय व्यंजन परोसे गए तो कहीं सामूहिक भोज के माध्यम से बच्चों में उत्साह और अपनापन का वातावरण देखने को मिला।

समर कैंप के समापन अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को ग्रीष्मावकाश के दौरान नियमित अध्ययन से जुड़े रहने के लिए गृहकार्य एवं गतिविधि आधारित कार्य दिए गए । साथ ही उपायुक्त के आदेशानुसार विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 के बच्चों को विषयवार गृहकार्य कार्य भी दिए गए ताकि अवकाश के दौरान भी पढ़ाई एवं आगामी वर्ष के बोर्ड परीक्षा तैयारी निरंतर जारी रहे।

इस अवसर पर उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि ग्रीष्मावकाश केवल आराम का समय नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी प्रतिभा को निखारने और परिवार एवं समाज से जुड़ने का अवसर भी है। उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन कुछ समय पढ़ाई, पुस्तक पठन, खेलकूद एवं रचनात्मक कार्यों के लिए निकालने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि बच्चे मोबाइल पर समय व्यर्थ करने के बजाय अपने आसपास के वातावरण, प्रकृति एवं स्थानीय संस्कृति को समझने का प्रयास करें तथा अवकाश का सदुपयोग करें। उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से भी बच्चों को सकारात्मक वातावरण देने तथा उनकी जिज्ञासा एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की अपील की।

राम भक्तों के लिए

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना ( पीएमएमवीवाई ) अंतर्गत जिला गुमला के कलेक्ट्रेट भवन सभागार में दिनांक 20.05.2026 को महिला पर्यवेक्षिकाओं हेतु उक्त ऐप से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला समाज कल्याण पदाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट सपोर्ट मैनेजर, आई पी ई ग्लोबल अनूप समीर केरकेट्टा एवं मास्टर ट्रेनर्स रुपेश कुमार एवं नीलम मिंज दवारा महिला पर्यवेक्षिकाओं को उक्त ऐप के माध्यम से लाभुकों के पंजीकरण, आधार सत्यापन, ऑनलाइन प्रविष्टि, भुगतान स्थिति जांच एवं तकनीकी समस्याओं के समाधान से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बताया कि उक्त योजना गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण एवं स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण योजना है तथा ऐप आधारित कार्य प्रणाली से योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं गति आएगी

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स, सड़क सुरक्षा एवं कारा सुरक्षा समीक्षा बैठक सम्पन्न

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

अवैध खनन, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा एवं जेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए कड़े निर्देश

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला टास्क फोर्स (खनन), (नारकोटिक्स नियंत्रण), सड़क सुरक्षा एवं कारा सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में अवैध खनन, मादक पदार्थों की रोकथाम, सड़क सुरक्षा व्यवस्था एवं मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में मादक पदार्थों एवं अवैध शराब के खिलाफ सख्त अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से चैनपुर सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अफीम की अवैध खेती पर रोक लगाने हेतु थाना प्रभारियों को नियमित छापेमारी अभियान चलाने को कहा। साथ ही बाहरी जिलों से जिले में हो रही ड्रग्स सप्लाई पर निगरानी रखने एवं बाजार-हाटों में सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने सड़क किनारे अवैध शराब बिक्री पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर मादक पदार्थ विरोधी जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।

सड़क सुरक्षा समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने मानसून पूर्व सभी सड़कों के गड्ढों की मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश संबंधित विभागों को दिया। उन्होंने परिवहन विभाग एवं पुलिस प्रशासन को संयुक्त रूप से हेलमेट जांच, वाहन फिटनेस, ओवरलोडिंग, पुराने एवं असुरक्षित वाहनों तथा स्कूली वाहनों की नियमित जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

जिला टास्क फोर्स (खनन) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार 10 जून 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक नदियों से बालू उठाव पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध बालू उठाव पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बालू, पत्थर एवं बॉक्साइट के अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला टास्क फोर्स द्वारा नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही खनिज परिवहन में लगे वाहनों को तिरपाल से ढंककर चलाने, चालान एवं ओवरलोडिंग की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में बताया गया कि विगत एक वर्ष में अवैध खनन के मामलों में 59 प्राथमिकी दर्ज की गई तथा 72 वाहनों को जप्त किया गया है। अप्रैल 2026 में भी 6 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

उपायुक्त ने बॉक्साइट खदान संचालकों को खनन उपरांत गड्ढों की भराई कर भूमि को पुनः खेती योग्य बनाने के निर्देश दिए, ताकि पर्यावरणीय संतुलन एवं भूमि संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

मंडल कारा सुरक्षा समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कारा परिसर के नए विस्तारित खंड में कैदियों को स्थानांतरित करने से पूर्व सीसीटीवी कैमरा एवं इलेक्ट्रिक फेंसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं नवनिर्मित प्रशासनिक भवन के वॉच टावर में दरार एवं उत्तर दिशा की ओर झुकाव की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल तकनीकी जांच कराने एवं आवश्यक मरम्मत कार्य कराने का निर्देश संबंधित विभाग को दिया गया। साथ ही कारा परिसर में नाली, शौचालय एवं भवनों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत 10 दिनों के भीतर पूर्ण करने को कहा गया।

बैठक में अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अनुमंडल पदाधिकारी सदर राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी चैनपुर पूर्णिमा कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी बसिया जयवंती देवगम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चैनपुर श्रुति कुमारी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, उत्पाद अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, सभी प्रखंडों के अंचल अधिकारी, सभी थाना प्रभारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

गुमला में परिवहन विभाग का बड़ा एक्शन: सिसई-भरनो मार्ग पर सघन चेकिंग, नियम तोड़ने वालों से वसूला ₹1.23 लाख का जुर्माना

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर जिला प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो के निर्देश पर जिला परिवहन विभाग ने सिसई-भरनो मुख्य मार्ग पर एक बड़ा औचक जांच अभियान चलाया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों और माफियाओं में हड़कंप मच गया।

डीटीओ ने खुद संभाली कमान, मौके पर काटा चालान

इस विशेष अभियान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल की मौजूदगी में टीम ने सिसई-भरनो मार्ग पर नाकेबंदी कर वाहनों की कड़ाई से जांच की। इस कार्रवाई के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के तहत विभिन्न उल्लंघनों के लिए कुल ₹1,23,000 (एक लाख तेईस हजार रुपये) का जुर्माना मौके पर ही वसूला गया। कार्रवाई के रडार पर रहे ये मुख्य उल्लंघन

परिवहन विभाग की इस मुहिम में मुख्य रूप से भारी वाहनों और सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वालों पर फोकस किया गया और

ओवरलोडिंग पर कड़ा प्रहार, क्षमता से अधिक माल लादकर चल रहे ट्रकों और हाइवा पर भारी जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, निर्धारित आकार (लंबाई,चौड़ाई) से बाहर सामान निकालकर चलने वाले वाहनों को भी जब्त कर दंडित किया गया।

कागजातों की गहन स्क्रूटनी – बिना वैध परमिट, फिटनेस सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस और ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों की कड़ाई से जांच की गई।

अवैध मॉडिफिकेशन पर एक्शन – रात्रि के समय दुर्घटनाओं का कारण बनने वाली अवैध एक्स्ट्रा एलईडी – लाइटों और नंबर प्लेट छिपाकर चलने वाले वाहनों पर भी कानूनी गाज गिरी।

बाइक चालकों को नसीहत – बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वालों के चालान काटने के साथ-साथ उन्हें जीवन की कीमत समझाते हुए सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।

मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं बल्कि जिंदगियां बचाना है, डीटीओ ने – अभियान के बाद कड़ा संदेश देते हुए डीटीओ ने कहा

> “हमारा मुख्य उद्देश्य केवल राजस्व इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि गुमला की सड़कों पर सफर करने वाले हर नागरिक की जिंदगी को सुरक्षित करना है। ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी से न केवल बड़ी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, बल्कि यह खुद वाहन मालिकों के लिए भी भारी नुकसानदेह है। हम चाहते हैं कि लोग डर से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से नियमों का पालन करें।

आने वाले दिनों में और तेज होगा उक्त अभियान –

प्रशासन की इस औचक कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि गुमला में यातायात नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में जिले के अन्य संवेदनशील और मुख्य मार्गों पर भी इसी तरह के ताबड़तोड़ चेकिंग अभियान चलाए जाएंगे।

 

 

राम भक्तों के लिए

रमजा गांव में जमीन पर सोए बच्चे को सांप ने डंसा, मौत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित रायडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत रमजा गांव निवासी 11 वर्षीय जय मंगल सिंह की जहरीले सांप के डंसने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक जय मंगल सिंह, कविराज सिंह का पुत्र था। घटना बुधवार की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार बालक अपने दादाजी माघु सिंह के साथ घर के अंदर जमीन पर सोया हुआ था। इसी क्रम में अचानक एक जहरीला सांप ने उसे डंस लिया। सांप के डंसते ही बच्चे ने खुद अपने परिजनों को दी। जिससे परिजन घबरा गए और आनन फानन में अपने गांव में एक बैध को बुलाकर घरेलू स्तर पर प्राथमिक इलाज शुरू कराया। हालांकि कुछ समय बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख ग्रामीणों की मदद से 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद एंबुलेंस गांव पहुंची और घायल बालक को इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला लाया गया। जहाँ अस्पताल ड्यूटी में मौजूद डॉक्टर सचना प्रसाद ने जांच के उपरांत उक्त बालक को मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोलाहल मच गया और परिजनों में चीख-पुकार मच गई और लोगों का रो रो कर बुरा हाल हो गया, बाद में पुलिस ने उक्त बच्चे के शव को पोस्टमार्टम हेतु गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया किया, और पोस्टमार्टम के बाद उक्त शव को उसके परिजनों को सौंप दिया गया l

राम भक्तों के लिए

जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन, कृषि आधारित स्वरोजगार एवं समेकित खेती को बढ़ावा देने पर जोर

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

550 किसानों की सहभागिता, विभिन्न विभागों ने प्रस्तुत की वार्षिक कार्ययोजना एवं आकस्मिक योजना

गुमला : – गुमला नगर भवन, में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो एवं विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष जिला परिषद, गुमला किरण माला बाडा़ सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से आए लगभग 550 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। साथ ही कृषि विभाग के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कृषि सेवा विस्तार कर्मी एवं विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
कर्मशाला के दौरान कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, बागवानी विभाग, भूमि संरक्षण विभाग, मत्स्य विभाग, डेयरी विभाग एवं जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा आगामी वर्षों के लिए किसानों के हित में तैयार की गई विभागीय वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों द्वारा जिले के लिए आकस्मिक योजना भी तैयार कर प्रस्तुत किया गया, ताकि मौसमीय परिवर्तन एवं प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप किसानों को समय पर सहयोग उपलब्ध कराया जा सके।
मौसम में हो रहे बदलाव एवं बढ़ती गर्मी को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, गुमला के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को गर्म हवा एवं गर्म तरंग से फसलों एवं पौधों को सुरक्षित रखने के संबंध में महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी दी गई। तकनीकी सत्र में खरीफ फसलों में लगने वाले कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान तथा उसके रोकथाम एवं बचाव के उपायों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।


जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा किसानों को आश्वस्त किया गया कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनवाने में किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होने दी जाएगी तथा किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
अध्यक्ष जिला परिषद, गुमला किरण माला बाड़ा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की मेहनत एवं तपस्या समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि किसानों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए जिला परिषद सदैव उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने किसानों से सरकारी योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ एवं जीवन को समृद्ध बनाने का आह्वान किया।
उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो ने अपने संबोधन में किसानों को कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं आय सृजन की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सतत आय सुनिश्चित करने के लिए फसल उत्पादन के साथ-साथ मुर्गी पालन, गोपालन, बकरी पालन, मत्स्य पालन, बागवानी एवं सब्जी उत्पादन जैसे समेकित कृषि मॉडल को अपनाना आवश्यक है।
उन्होंने जल संरक्षण एवं सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर बल देते हुए कहा कि ग्राम सभा के माध्यम से जल स्रोतों के प्रबंधन हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें, ताकि योजनाबद्ध तरीके से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा सके।
उपायुक्त ने कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसानों की सतत सेवा एवं सहायता के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने तथा सौंपे गए दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राम भक्तों के लिए

स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री सुनिश्चित करने गुमला में चला निरीक्षण अभियान

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला उपायुक्त के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई ने आज खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के साथ, गुमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स चूल्हनी रेस्टोरेंट, मेसर्स फन एंड फूड, मेसर्स ब्लूम, मेसर्स होटल श्रवण, मेसर्स होटल स्वाद, होटल सबेकर सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, रसोईघर की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण, कर्मचारियों की स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया गया। सभी प्रतिष्ठानों को साफ-सफाई बनाए रखने तथा कार्यरत कर्मियों को एप्रन, ग्लव्स एवं हेडगियर का अनिवार्य रूप से उपयोग करने का निर्देश दिया गया।

अभियान के दौरान पनीर, रसगुल्ला एवं बुंदिया का सैंपल – टेस्ट भी किया गया, जो जाँच में सही पाया गया।

इसके अतिरिक्त प्रतिष्ठानों से पानी की गुणवत्ता, कीट प्रबंधन, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस रिपोर्ट एवं खाद्य लाइसेंस से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की गई। जिन प्रतिष्ठानों में दस्तावेज अधूरे पाए गए, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता एवं गुणवत्ता मानकों का पालन करना अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय गुणवत्ता एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें। अभियान के दौरान संबंधित विभाग के कर्मी एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

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“सबसे दूर – सबसे पहले” अभियान के तहत तेतरडीपा पहुंचे उपायुक्त, जनजातीय गरिमा उत्सव में हुए शामिल

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

सुदूरवर्ती गांव तेतरडीपा में जनसंवाद कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

पेयजल, बिजली, आवास, आयुष्मान एवं रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को प्राथमिकता से सुनिश्चित करने पर जोर

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो अपने क्षेत्र भ्रमण कार्यक्रम के क्रम में गुमला प्रखंड अंतर्गत पंचायत घटगांव के सुदूरवर्ती ग्राम तेतरडीपा पहुंचे, जहां जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान “सबसे दूर – सबसे पहले” के तहत आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। इस दौरान उपायुक्त ने ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित करते हुए गांव में संचालित विकास योजनाओं एवं आधारभूत सुविधाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।

25 मई 2026 तक आयोजित इस विशेष अभियान के तहत उपायुक्त ने गांव में चल रहे विकासात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा कोरबा जनजातीय परिवारों से जुड़कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। तेतरडीपा गांव में कुल 17 घर, 21 परिवार एवं लगभग 72 की आबादी निवास करती है।

जनसंवाद के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल एवं बिजली की समस्या प्रमुख रूप से रखी। जिस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पेयजल समस्या का समाधान सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया। जिन घरों तक अब तक नल-जल कनेक्शन नहीं पहुंचा है, वहां शीघ्र टैप वाटर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

बिरसा आवास योजना की समीक्षा करते हुए लाभुकों से आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने का अनुरोध किया गया। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि निर्माण कार्य पूर्ण होने के पश्चात नियमानुसार भुगतान उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही छूटे हुए पात्र परिवारों को भी योजना से जोड़ने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने ग्रामीणों से डाकिया योजना एवं पेंशन योजना की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश परिवारों को योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है। इस पर उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शेष छूटे हुए पात्र लाभुकों का सर्वे कर उन्हें भी योजनाओं से आच्छादित किया जाए।

ग्रामीण युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष बल देते हुए उपायुक्त ने पंचायत सचिव को गांव के शिक्षित युवाओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि उनकी रुचि एवं योग्यता के अनुसार उन्हें कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे रोजगार आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, जिन्हें ग्रामीण निरंतर रूप से संचालित कर सकें।

आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड अब तक नहीं बना है, उनकी समस्याओं का समाधान कर शीघ्र कार्ड निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही गांव में विशेष आयुष्मान कैंप एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।

गांव में खराब पड़े सोलर लाइट एवं सोलर ग्रिड की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि खराब सोलर लाइटों की मरम्मत शीघ्र कराई जाएगी तथा पुराने एवं खराब सोलर ग्रिड को बदलते हुए नए सोलर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में जिला योजना पदाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

इसके अतिरिक्त इच्छुक ग्रामीणों को बकरी पालन योजना से जोड़ने, आंगनबाड़ी केंद्र में वायरिंग कार्य कराने तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने सारू डैम का भी निरीक्षण किया तथा जलस्रोत से खेतों तक सिंचाई व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने कृषि कार्यों के लिए जल संसाधनों के बेहतर उपयोग एवं सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया।

मौके पर अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी आशीष प्रताप, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी अनुज कुमार मिश्रा, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला अशोक कुमार चोपड़ा , प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

खाद्य सुरक्षा विभाग का निकोटीन एवं तंबाकू युक्त पान मसाला के खिलाफ सघन छापेमारी अभियान, पान मसाला दुकानों से लिए गए नमूने जाँच हेतु भेजे गए

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – अपर मुख्य सचिव -सह- खाद्य सुरक्षा आयुक्त,स्वास्थ्य,चिकित्सा- शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार, रांची एवं उप खाद्य सुरक्षा आयुक्त, स्वास्थ्य,चिकित्सा- शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार, रांची के संयुक्त आदेश एवं अभिहित अधिकारी -सह- अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई ने गुमला जिला में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष सघन निरीक्षण एवं छापेमारी अभियान चलाया गया। जिले में प्रतिबंधित (निकोटीन एवं तंबाकू युक्त) पान मसाला उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने तथा आम उपभोक्ताओं, विशेषकर स्कूली बच्चों एवं युवाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह अभियान संचालित किया गया।

यह अभियान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी ने विभागीय टीम के साथ शहर के विभिन्न पान मसाला, किराना एवं खाद्य पदार्थ विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स आरसी एंड सन,एसएस हाई स्कूल परिसर के समीप तथा मेसर्स आयुष इंडिया सोपी (एसके मार्ट) पालकोट रोड सहित अन्य दुकानों में गहन जांच की गई।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज की दूरी के भीतर स्थित दुकानों की विशेष रूप से जाँच की। अधिकारियों ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में नाबालिग बच्चों को तंबाकू, गुटखा एवं निकोटीनयुक्त पान मसाला उत्पादों की बिक्री नहीं की जाए।

जाँच अभियान के दौरान विभिन्न ब्रांड जैसे कमला पसंद, रजनीगंधा पान मसाला उत्पादों के नमूने संग्रहित किए गए। खाद्य सुरक्षा आयुक्त, कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार विभिन्न पान मसाला उत्पादों में निकोटीन एवं तंबाकू की उपस्थिति की जाँच हेतु विशेष सेंपलिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि संग्रहित नमूनों को जाँच हेतु नेशनल फूड लैबोरेट्री, कोलकाता भेजा जाएगा, जहाँ निकोटीन एवं की वैज्ञानिक जांच की जाएगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट, पैकेजिंग एवं लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की भी जाँच की गई। कई दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया। बिना वैध लाइसेंस अथवा मानक के किसी भी खाद्य सामग्री का भंडारण एवं बिक्री करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने कहा कि जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच रिपोर्ट में किसी प्रतिबंधित पदार्थ अथवा निकोटीन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए जुर्माना एवं लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

अभियान के दौरान विभागीय टीम द्वारा दुकानदारों एवं आम नागरिकों को भी जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू एवं निकोटीनयुक्त उत्पाद युवाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालते हैं। इसी कारण सरकार द्वारा लगातार जागरूकता एवं विशेष जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।

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उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन, दूर-दराज क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने रखी समस्याएं

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश

गुमला : – गुमला समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। जन शिकायत निवारण दिवस में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामलों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जन शिकायत निवारण दिवस में राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय, अरमई, गुमला से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें विद्यालय की चारदीवारी एवं मुख्य गेट निर्माण कार्य वर्ष 2023 से लंबित रहने की समस्या रखी गई। आवेदन में बताया गया कि मुख्य गेट नहीं रहने से ट्रैक्टर एवं अन्य छोटे-बड़े वाहन विद्यालय परिसर से होकर गुजरते हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। साथ ही विद्यालय परिसर से गुजर रहे कच्चे रास्ते एवं अतिक्रमण की समस्या से भी अवगत कराया गया। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
वहीं घाघरा प्रखंड स्थित नेताजी मेमोरियल ऑर्फन्स आवासीय विद्यालय, घाघरा की ओर से विद्यालय की मान्यता से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन में बताया गया कि विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की जांच पूर्ण होने के बावजूद अब तक मान्यता संबंधी कार्रवाई लंबित है। विद्यालय में वर्तमान में 182 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें कई आर्थिक रूप से कमजोर एवं दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले बच्चे शामिल हैं। इस संबंध में उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधीक्षक को मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।


जन शिकायत निवारण दिवस में जिला कल्याण कार्यालय, गुमला में लंबे समय से एक ही कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों के स्थानांतरण से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुआ। आवेदन में कर्मियों के लंबे समय से पदस्थापन का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जनहित के दृष्टिकोण से स्थानांतरण की मांग की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभाग को नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री जन शिकायत कोषांग से प्राप्त एक परिवाद के संबंध में भी आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिसमें संबंधित मामले पर समुचित कार्रवाई कर मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जन शिकायत निवारण दिवस में आजाद बस्ती, गुमला निवासी सबनम खातुन ने भी आवेदन प्रस्तुत कर आर्थिक सहायता एवं अपने बच्चों को बाल कल्याण योजना का लाभ प्रदान करने की मांग की। आवेदन में उन्होंने बताया कि उनके पति स्व० मो० कौशर आलम के निधन के उपरांत जन वितरण प्रणाली की दुकान का लाइसेंस उनके नाम आवंटित किया गया है, किन्तु गंभीर लिवर बीमारी के कारण वे आर्थिक एवं शारीरिक कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया।
उपायुक्त ने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता एवं प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि आमजनों को समय पर राहत मिल सके।

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