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Thursday, July 2, 2026
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जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत एकदिवसीय उन्मूखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा मनाये जा रहे ” जनजातीय गरिमा उत्सव 2026″ के तहत ट्राईफेड, क्षेत्रीय कार्यालय, बिहार – झारखण्ड और झारखण्ड स्टेट लाईवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी गुमला के संयुक्त तत्वावधान में ” एक दिवसीय उन्मूखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन अंतर्गत गठित 2 वन धन विकास केंद्र के तहत वन धन विकास केन्द्र के सदस्य और प्रतिभागी के रूप सम्मिलित हुए.

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को वन धन विकास केंद्रों के द्वारा उत्पादित सामग्रीयों के विक्रय में आर्टिफिशल इंटेलीजेन्स की उपयोगिता, डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांडिंग, उत्पादों के प्रचार प्रसार और विक्रय के डिजिटल तरीकों के बारे में जानकारी दी गयी.

कार्यक्रम में राज कुमार क्षेत्रीय प्रबंधक ट्राईफेड रांची, शैलेन्द्र राजू, उप प्रबंधक ट्राईफेड रांची, दिनेश रंजन तथा इंद्रजीत सिंह ट्राईफेड रांची थे.

इनके अतिरिक्त कार्यक्रम के दौरान जिला क़ृषि विभाग, के पवन कुमार गुमला के द्वारा विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गयी.

साथ ही साथ सभी प्रतिभागियों का समहरणालय परिसर अवस्थित गुमला हाट जो ग्रामीण क्षेत्र के उत्पादों का विक्रय केंद्र है का एक्सपोजर विजिट भी कराया गया.

शैलेन्द्र जारिका के धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ

राम भक्तों के लिए

जनगणना 2027 के प्रथम चरण हेतु किट वितरण, गुमला में मकान सूचीकरण कार्य का हुआ शुभारंभ

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में आज दिनांक 15 मई 2026 को भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत गुमला जिले में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के सफल संचालन हेतु पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों के बीच आवश्यक किट का वितरण किया गया।

किट का सांकेतिक वितरण उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी, गुमला द्वारा किया गया। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को जनगणना कार्य की महत्ता एवं इसकी सुव्यवस्थित क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से नीतियों के निर्माण, संसाधनों के समुचित वितरण एवं विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलती है। उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों एवं प्रगणकों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ करें।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि मकान सूचीकरण कार्य के दौरान प्रत्येक घर का सही एवं अद्यतन विवरण संकलित किया जाए, ताकि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सटीक एवं विश्वसनीय हों।

ज्ञात हो कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानों की पहचान, सूचीकरण एवं आधारभूत जानकारी का संकलन किया जाएगा, जो आगामी जनसंख्या गणना की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनेगा।

कार्यक्रम के दौरान संबंधित पदाधिकारी, पर्यवेक्षक एवं प्रगणक उपस्थित रहे।

 

उपायुक्त गुमला द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनगणना कार्य में लगे कर्मियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें, ताकि यह राष्ट्रीय कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

राम भक्तों के लिए

गुमला पुस्तक मेला 2026 का भव्य शुभारंभ, ज्ञान एवं साहित्य के महोत्सव में उमड़े पुस्तक प्रेमी

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला – गुमला की सांस्कृतिक धरती आज ज्ञान, साहित्य और रचनात्मकता के रंगों से सराबोर हो उठी, जब टाउन हॉल, गुमला में चार दिवसीय “गुमला पुस्तक मेला 2026” का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने दीप प्रज्वलित कर मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

यह पुस्तक मेला 15 मई से 18 मई 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। मेले का आयोजन समय इंडिया (ट्रस्ट), नई दिल्ली द्वारा प्रज्ञा रिसर्च एसोसिएशन (प्राण), रांची एवं जिला प्रशासन, गुमला के सहयोग से किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह के अवसर पर उपायुक्त गुमला ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान इंटरनेट युग में जहां बच्चे मोबाइल एवं अन्य डिजिटल माध्यमों पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, वहीं पुस्तकों का महत्व आज भी सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि पुस्तकें न केवल ज्ञान का स्रोत हैं, बल्कि यह व्यक्ति के चिंतन, विश्लेषण एवं समझ को व्यापक बनाती हैं।

उन्होंने कहा कि “पुस्तकों के अध्ययन से ही वर्षों से महान साहित्यकारों, विद्वानों एवं विशेषज्ञों ने ज्ञान अर्जित किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी पुस्तकों का कोई विकल्प नहीं है। अन्य माध्यम सहायक हो सकते हैं, लेकिन गहन एवं विस्तृत ज्ञान केवल पुस्तकों से ही प्राप्त किया जा सकता है।”

उपायुक्त ने आगे कहा कि इस प्रकार के पुस्तक मेलों का मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं एवं विद्यार्थियों में पुस्तक पढ़ने की रुचि को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें, विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अवलोकन करें तथा अपनी आवश्यकता के अनुसार पुस्तकों का क्रय कर अध्ययन की आदत को सुदृढ़ करें।

कार्यक्रम के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि गत वर्ष जिला प्रशासन द्वारा आयोजित लिट-फेस्ट को व्यापक सराहना मिली थी, जिसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं विद्वानों ने भाग लिया था। उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए यह पुस्तक मेला भी जिलेवासियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

 

मेले के अंतर्गत विभिन्न तिथियों पर विविध सांस्कृतिक एवं साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा—

16 मई: चित्रकला, कविता – कहानी वाचन एवं गायन – नृत्य प्रतियोगिता

17 मई: कवि-कवयित्री सम्मेलन

18 मई: समापन समारोह

 

उद्घाटन समारोह में नगर के गणमान्य अतिथि, लेखक, पत्रकार, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं पुस्तक प्रेमी उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस ज्ञानोत्सव में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया है, ताकि गुमला में अध्ययन एवं साहित्यिक संस्कृति को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

 

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, कमल किशोर मिश्रा (सीनियर प्रोग्राम लीड, पिरामल फाउंडेशन), सोनालिका कुमारी (अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, गुमला), प्रमोद कुमार जायसवाल (प्रोग्राम लीड, पिरामल फाउंडेशन, गुमला), एकांश सोमानी (पीपीआईए फेलो, गुमला), शिवानी चौहान (प्रोग्राम लीड, पिरामल फाउंडेशन, गुमला), अवधेश कुमार (प्रैक्सिस पीपीआईए फेलो, गुमला) एवं मंटू रजक (एसोसिएट – फेलो, एवीए, गुमला) सहित अन्य सम्बंधित उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

राज्यसभा चुनाव: नथवानी के चुनाव लड़ने से भाजपा के कई दिग्गजों के मंसूबों पर फिर सकता है पानी, झामुमो-कांग्रेस में भी कई दावेदार

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एनडीए के पास 24 विधायक हैं. भाजपा अगर उम्मीदवार देती है तो उसे अतिरिक्त चार वोट की जरूरत होगी. ऐसे में क्रॉस वोटिंग की संभावना बढ़ जाएगी. अर्थतंत्र भी हावी हो सकता है. क्योंंकि नथवानी के चुनावी मैदान में उतरने से भाजपा के अंदर खदबदाहट है. केंद्रीय नेतृत्व का अगर उन्हें साथ मिला (जैैैसा कि पूर्व में हो चुका है) तो अन्य उम्मीदवारों के मंसूबों पर पानी फिर सकता है.

रांची : झारखंड में दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा किसी दिन हो सकती है. राज्यसभा चुनाव झारखंड की राजनीति के लिए अहम है. चुनाव से राजनीति की दशा और दिशा तय होगी. सत्ता का समीकरण बदलेगा या यथावत रहेगा. यह भी इसी चुनाव पर निर्भर है. राज्य की राजनीति के लिए राज्यसभा चुनाव टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है. महत्वपूर्ण सूचना यह है कि भाजपा भी उम्मीदवार देगी. इसकी तैयारी और रणनीति बन रही है. बंगाल चुनाव में शानदार जीत के बाद भाजपा का मनोबल हाई है.

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 28 वोट चाहिए. आंकड़ों के खेल में तो इंडिया गठबंधन मजबूत है. यदि गठबंधन एकजुट रहा तो दोनों सीटों पर उसकी जीत पक्की है. क्योंकि गठबंधन के पास 56 वोट हैं. लेकिन ऐसा होगा यह देखना होगा. दो में से एक सीट पर कांग्रेस का दावा है. कांग्रेस का हक भी है. लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन क्या फैसला लेते हैं यह महत्वपूर्ण होगा. सब कुछ हेमंत सोरेन के फैसले पर टिका है.

दीपक प्रकाश सहित कई भाजपाइयों ने दावेदारी पेश की 

इधर, भाजपा भी उम्मीदवार देने को तैयार है, रणनीति बन चुकी है. भाजपा से वर्तमान राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश सहित आधा दर्जन से अधिक नेता टिकट के लिए प्रयासरत हैं. कुछ प्रभावशाली नेताओं ने प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष अपनी दावेदारी पेश करते हुए कहा है कि उन्हें टिकट दिया जाए. वह चार से पांच वोट मैनेज कर लेंगे.

झारखंड में राज्यसभा का चुनाव देश भर में चर्चित रहा है. चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका जेकेएलएम के एकमात्र विधायक जयराम महतो की होगी. जयराम पर टिकी है सबकी नजर.

दो बार सांसद रह चुके नथवानी भी मैदान में

खबर यह भी है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के परिमल नथवानी भी इस बार झारखंड से राज्यसभा जाना चाहते हैं. उन्होंने भाजपा सहित अन्य दलों से समर्थन मांगा है. यदि नथवानी मैदान में आते हैं तो चुनाव दिलचस्प हो जाएगा. नथवानी झारखंड से दो बार राज्यसभा पहुंच चुके हैं.

सभी दलों से उनके अच्छे संबंध हैं. यदि वह मैदान में आते हैं तो बहुत संभव है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भाजपा उन्हें समर्थन दे दे. टिकट के मामले में नथवानी सब पर भारी पड़ेंगे. सांसद दीपक प्रकाश का भी केंद्रीय नेतृत्व से बेहतर संबंध है. इसलिए दीपक प्रकाश भी मजबूत दावेदार हैं.  

राज्यसभा का चुनाव दिलचस्प और झारखंड की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण होनेवाला है. इसलिए अगले कुछ दिन बेहद खास होंगे. वैसे कांग्रेस-झामुमो के बीच अभी राजनीतिक नुराकुश्ती जारी है. कांग्रेस और झामुमो अपने उम्मीदवारों को लेकर बहुत जल्द रणनीति बनाएगी. खासकर झामुमो से कौन प्रत्याशी होगा, यह कहना अभी मुश्किल है.

-सुनील सिंह

राम भक्तों के लिए

सियासत के रंगमंच पर जबरन धकेले गए निशांत आखिर पिता की बैसाखी के सहारे कबतक टिक पाएंगे…?

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 बिहार जैसे राज्य में निशांत कुमार के सामने खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती है। क्योंकि विरासत दरवाजे जरूर खोलती है। मगर लंबे वक्त तक टिके रहने के लिए अपना कद खुद बनाना पड़ता है। सबसे बड़ा सवाल…क्या आज की निर्मम सियासत में एक सीधा, संकोची और सत्ता के दावपेंच से अंजान चेहरा राजनीति में लंबी दूरी तय कर पाएगा…? 

– शंभु नाथ चौधरी –

बिहार की रुखड़ी-रपटीली राजनीति की राह पर एकबारगी एक ऐसा चेहरा आकर खड़ा हो गया है या यूं कहें कि धकेलकर खड़ा कर दिया गया है, जिसके पास न गरजती हुई आवाज है, न भीड़ को उकसाने वाले जुमले, न मंचीय अभिनय का कौशल, और न ही सत्ता के गलियारों में बरसों रगड़ खाकर पैदा होने वाली वह चमक, जिसे लोग ‘पॉलिटिकल पर्सनालिटी’ कहते हैं।

ढीला-ढाला कुर्ता-पाजामा। साधारण चप्पल। हल्की झिझक और बेहद सीधे-सपाट जवाब। लेकिन यही शख्स अब बिहार का स्वास्थ्य मंत्री है निशांत कुमार।

सियासत में अक्सर वही लोग लंबे समय तक टिकते हैं, जो वक्त के मुताबिक चेहरे बदलना जानते हों। कभी आक्रामक। कभी नरम। कभी वैचारिक। कभी समझौतावादी। कुछ-कुछ वैसे ही जैसे उनके पिता नीतीश कुमार। जिन्होंने दशकों तक हालात के मुताबिक अपनी राजनीति की धुरी बदलते हुए सत्ता और संतुलन दोनों साधे रखे।

हमारे यहां कहावत है –‘बापे पूत परापत घोड़ा, नहीं कुछ तो थोड़ा-थोड़ा।’ लेकिन निशांत कुमार को देखकर लगता है मानो पिता की सियासत वाले गुणसूत्र उनमें उतर ही नहीं पाए।

उनके भीतर एक अजीब-सी संकोच भरी साफगोई नजर आती है। कोई ओढ़ा हुआ किरदार नहीं। कोई बनावटी आक्रामकता नहीं।

‘राजनीतिक विपदा’ की उपज है निशांत…!

सच यही है कि आध्यात्मिक झुकाव वाले किसी एकांतप्रिय, संकोची इंसान को अचानक सत्ता के रंगमंच पर अभिनय के लिए खड़ा कर दिया गया है। न कोई रिहर्सल। न पर्दा उठने से पहले संवादों की तैयारी। और न ही टेक-रिटेक की कोई प्रैक्टिस।

लेकिन निशांत कुमार की एंट्री को अगर सिर्फ एक पिता का पुत्र-मोह समझ लिया जाए, तो शायद हम तस्वीर का सबसे अहम हिस्सा देखने से चूक जाएंगे। दरअसल, निशांत कुमार जेडीयू के वजूद पर अचानक आ पड़ी ‘राजनीतिक विपदा’ से निपटने के लिए हड़बड़ी में तैयार की गई एक ‘सर्वाइवल स्ट्रेटेजी’ के तहत मैदान में उतारे गए ऐसे योद्धा हैं, जिसके पास युद्ध तो छोड़िए, छोटी-मोटी लड़ाई का भी तजुर्बा नहीं है।

जेडीयू एक ऐसी पार्टी रही है, जिसकी पूरी संरचना, जिसका सामाजिक समीकरण, जिसका वोट बैंक और जिसकी राजनीतिक विश्वसनीयता, सब कुछ एक चेहरे – नीतीश कुमार- के इर्द-गिर्द सिमटा रहा।

नीतीश ने पार्टी को अपनी राजनीतिक इच्छाओं और महत्वाकांक्षाओं के मुताबिक गढ़ा, लेकिन शायद यह कभी गंभीरता से नहीं सोचा कि एक रोज ‘पोस्ट-नीतीश एरा’ भी आएगा और तब पार्टी का क्या होगा।

जेडीयू को सीमित भूमिका में धकेलना चाहती है भाजपा

बेचैनी दरअसल उन चेहरों के भीतर थी, जिनकी पूरी राजनीति नीतीश कुमार के चेहरे के भरोसे खड़ी थी। और जब यह आभास होने लगा कि भाजपा अब बिहार में जेडीयू को सीमित भूमिका में धकेलना चाहती है, तब नीतीश के इर्द-गिर्द मौजूद लोगों ने मजबूरी में ही सही, निशांत के चेहरे में एक सहारा तलाश लिया।

उन्हें लगता है कि नीतीश के नाम के सहारे निशांत कार्यकर्ताओं को भावनात्मक रूप से जोड़े रखने में कामयाब हो सकते हैं। वह उस राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं, जिसे तीन दशकों की सामाजिक इंजीनियरिंग, गठबंधन कौशल और संतुलित राजनीति से गढ़ा गया।

यानी जेडीयू के समान खड़े हुए ‘नेतृत्व शून्यता’ के संकट का सामना करने के लिए निशांत कुमार को एक ‘कंटिन्यूटी सिंबल’ की तरह आगे लाया गया है।

खुद सेहतमंद नहीं होने के बावजूूद उन्हें स्वास्थ्य विभाग क्यों सौंपा गया ?

बहरहाल, बिहार की राजनीति इस वक्त निशांत कुमार को सिर्फ देख नहीं रही बल्कि गौर से पढ़ने की कोशिश कर रही है। क्योंकि बिहार जैसे रूथलेस स्टेट में राजनीति सिर्फ सादगी से नहीं चलती। यह चलती है एग्रेसन, कमांड और परसेप्शन से। जनता नेता की भाषा सुनती है, लेकिन ब्यूरोक्रेसी उसकी देहभाषा पढ़ती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय कोई मामूली जिम्मेदारी नहीं है। यह वह महकमा है, जहां जनता रोज सरकार का चेहरा देखती है। अस्पतालों की बदहाली। डॉक्टरों की कमी। दवाइयों का संकट। हर शिकायत सीधे मंत्री की साख पर असर डालती है। बिहार का स्वास्थ्य महकमा खुद लंबे समय से रुग्णावस्था में है. फिर सवाल उठता है कि आखिर खुद सेहतमंद नहीं होने के बाबजूूद निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग क्यों सौंपा गया? बेटे के साथ-साथ नीतीश की भी खिल्ली उड़ायी जा रही है. यह सब नीतीश आखिर कैसे बर्दाश्त कर रहे हैं? ये समझ से परे है.

 

राम भक्तों के लिए

आईईएल गोमिया में भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ की क्षेत्र शाखा कमेटी का गठन

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News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया_इंडियन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड (आईईएल) गोमिया में भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ के बैनर तले क्षेत्र शाखा कमेटी का गठन किया गया। संगठन का उद्देश्य मजदूरों को संगठित कर उनके अधिकारों एवं हितों की रक्षा करना बताया गया।

इस अवसर पर संगठन के महामंत्री सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो, केंद्रीय अध्यक्ष अजय कुमार महतो सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।

गठित क्षेत्र शाखा कमेटी में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अनिल कुमार साहू को सौंपी गई। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में रवि कुमार महतो को मनोनीत किया गया। वहीं उपाध्यक्ष पद पर बसंत प्रसाद, संतोष पांडे एवं एमडी आजाद अनिल साहु को जिम्मेदारी दी गई। सचिव पद पर रवि कुमार सिंह को मनोनीत किया गया। सह सचिव के रूप में कुंवर पासवान, दिलीप कुमार, माधव चौधरी, शहजान हुसैन एवं जुल्फिकार अंसारी को चुना गया। कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुरेश यादव को दी गई, जबकि संगठन मंत्री के रूप में सतीश मुर्मू को मनोनीत किया गया।

कार्यकारिणी सदस्य के रूप में दिनेश कुमार, मिथलेश कुमार, अनुप कुमार ओझा, गणेश शंकर विद्यार्थी, मिनस्टेंट चंपिया, संतोष कुमार, राम कुमार हेंब्रम, मुकेश कुमार अयवाल, कृष्ण कुमार हेंब्रम, प्रकाश कुमार महतो, दुलारचंद प्रसाद, राजकिशोर महतो, रूपेश पासवान, मुनेश्वर कुमार कंदु एवं गुलाब चंद्र प्रजापति को शामिल किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष अजय कुमार महतो ने कहा कि भारतीय क्रांतिकारी मजदूर संघ मजदूरों के हक और अधिकार की लड़ाई मजबूती से लड़ेगा। उन्होंने कहा कि संगठन प्रबंधन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराने का कार्य करेगा। साथ ही सभी मजदूरों से संगठन से जुड़कर इसे और मजबूत बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर एवं संगठन के सदस्य उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की पढ़ाई के बाद शुरू हुआ मैया सम्मान योजना व पेंशन सत्यापन कार्य

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News – Kahkashan Farooqi

गोमिया। प्रखंड क्षेत्र के मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र पश्चिम सस्बेडा कोड संख्या-401 में गुरुवार को सेविका दीबा यासमीन एवं सहायिका द्वारा मंईया सम्मान योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन कार्य किया गया।
सत्यापन कार्य शुरू करने से पहले आंगनवाड़ी केंद्र में छोटे-छोटे नन्हे-मुन्ने बच्चों की नियमित कक्षा संचालित की गई। बच्चों को पढ़ाई कराने के बाद उन्हें सुरक्षित घर भेजा गया, जिसके पश्चात केंद्र में लाभुकों के दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन प्रारंभ किया गया।
इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं एवं बुजुर्ग अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ केंद्र पहुंचे। सेविका एवं सहायिका ने लाभुकों के आधार कार्ड, बैंक खाता एवं अन्य जरूरी कागजातों का जांच कर भौतिक सत्यापन किया।
सेविका दीबा यासमीन ने कहा कि, “सरकार की योजनाओं का लाभ सही और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे, इसके लिए सत्यापन कार्य पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ किया जा रहा है। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की शिक्षा और देखभाल भी हमारी पहली प्राथमिकता है।”
स्थानीय लोगों ने आंगनवाड़ी केंद्र में शिक्षा और जनसेवा दोनों कार्यों को एक साथ बेहतर तरीके से संचालित करने की सराहना की।

राम भक्तों के लिए

एकाएक मौसम के मिजाज बदलने से , एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत पहुंच पाई है, वही अंधड, पानी, के कारण घरों के करकट और पेड़ पौधे उखाड़ कर सड़क में गिरने से सड़के और अवरुद्ध हो चुके हैं और लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचे हैँ

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला में देर रात्रि में एकाएक अंधड पानी और बवंडर उठने से गुमला के विभिन्न क्षेत्रों में काफी नुकसान हुआ है, विभिन्न क्षेत्रों में घरों के करकटआदि सहित पेड़ पौधे उखड़ कर सडक गिरे पड़े हैं, गुमला समाहरणालय चांदली के समक्ष एक विशाल पेड़ सड़क के बीचो-बीच गिर जाने के कारण आवा गमन अवरुद्ध हो गए, देर रात्रि होने के कारण और सडक में आवा गमन बंद होने के कारण किसी प्रकार की जान माल की नुकसान नहीं हुई, फिर भी आर्थिक रूप से नुकसान जरूर पहुंचा है, घरों के करकट, बोर्ड, आदि उड़ जाने से काफी नुकसान होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है, वैसे एकाएक मौसम के मिजाज बदलने से आम लोगों को गर्मी से राहत पहुंची हैं, विशेष कर छात्र-छात्राओं और बच्चों को घर से बाहर निकने की आजादी मिल गई हैं, जिससे लोगों में काफी उत्साह का माहौल बना हुआ है और बादल की छाव में लोग अपने-अपने कार्यों में व्यस्त है, वैसे भी मौसम विभाग द्वारा चेतावनी दी गई है की जिले में तेज अंधड पानी और आकाशीय बिजली कड़कने और गिरने की संभावना बने हुए l

राम भक्तों के लिए

जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न, विभागीय समन्वय एवं जनहित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं आंगनवाड़ी सेवाओं को प्राथमिकता, लंबित कार्यों को एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार चंदाली में आज जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। उपायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने प्रतिवेदन में उन बिंदुओं को स्पष्ट रूप से उल्लेखित करें, जहां अन्य विभागों के साथ समन्वय की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तेज एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन समीक्षा की गई। वैक्सीनेशन अभियान के तहत स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालय स्तर पर टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को बच्चों एवं अभिभावकों को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही टीकाकरण को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने हेतु प्रभावी वीडियो एवं जागरूकता सामग्री तैयार कर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु एएनसी जांच में तेजी लाने तथा एमटीसी केंद्रों में अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को भर्ती करने एवं वहां गुणवत्तापूर्ण खान-पान व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जारी प्रखंड स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रयास करने को कहा गया।

उपायुक्त ने जिले में लंबित स्वास्थ्य अवसंरचना कार्यों की समीक्षा करते हुए पीएचसी एवं एचएससी भवनों के लंबित कार्यों को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ करने का सख्त निर्देश दिया। भूमि विवाद से संबंधित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। सकतार क्षेत्र में ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप एवं आयुष्मान भारत कैंप आयोजित करने तथा थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं सीएचसी में सीसीटीवी कैमरा को सक्रिय रखने पर बल दिया गया।

आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन केंद्रों को शीघ्र पूर्ण करने तथा किराये के भवनों में संचालित केंद्रों को निकटवर्ती विद्यालयों में स्थानांतरित कर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालय भवनों के मरम्मत कार्य के साथ समेकित रूप से आंगनवाड़ी संचालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हुई हैं, अतः इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर कार्य सुनिश्चित करें।

पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नगर परिषद को निर्देशित किया गया कि शहरी क्षेत्रों में सभी जल स्रोतों को दुरुस्त करते हुए निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। आगामी गर्मी एवं ड्राई जोन की स्थिति को देखते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा खराब जलमीनारों एवं ट्रांसफार्मरों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान चिन्हित विभिन्न विभागों के अधूरे कार्यों की सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराते हुए शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। कृषि एवं उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन एवं बागवानी योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 की ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।

भूमि संरक्षण विभाग को सभी जल स्रोतों – वाटर बॉडी के विकास हेतु समेकित योजना तैयार करने तथा मत्स्य पालन (फिश ब्रिडिंग) को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। स्वयं सहायता समूहों ( सीएचजी ) के गठन एवं उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया।

मौके पर भूमि संरक्षण पदाधिकारी आशीष प्रताप के द्वारा कृषि से जुड़े कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाने हेतु समन्वयक प्रयास हेतु एक योजना के बारे में प्रेजेंटेशन दिया गया ,जिसमें यह उल्लेखित था कि सभी विकास आपसी समन्वय से किस प्रकार सही लाभुकों तक योजनाओं को आसानी से पहुंचा सकते हैं। जिसकी उपायुक्त द्वारा सराहना की गई।एवं सम्बन्धित को इंप्लीमेंट करने के भी निर्देश दिए।

प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में योजनाओं की पूरी जानकारी रखते हुए किसानों को मत्स्य पालन, पशुपालन एवं अन्य आजीविका योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया। कन्वर्जेंस प्लान 2026-27 के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने हेतु एकीकृत योजना बनाने को कहा गया।

इसके अतिरिक्त आइटीडीए , समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, कृषि, भूमि संरक्षण, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य, एवं शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा की गई। पंचायत भवनों के सौंदर्यीकरण, प्रखंड कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई तथा कार्य संस्कृति में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आपसी सहयोग से जिले की समग्र रैंकिंग में सुधार लाया जा सकता है। साथ ही आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए सभी को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने एवं स्वयं भी इसमें भाग लेने की अपील की।

बैठक में अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी (गुमला, बसिया, चैनपुर), भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी,जिला योजना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी,, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

परिवहन विभाग का चला ‘हंटर’: सड़क सुरक्षा अभियान में वसूला गया ₹1.42 लाख जुर्माना, चालकों में हड़कंप

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाया। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ ) ज्ञान शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार, कामडारा क्षेत्र में एक विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई।

मौके पर मौजूद अधिकारी ने की कार्रवाई

इस अभियान का नेतृत्व मोटरयान निरीक्षक (एमवीआइ) रॉबिन अजय सिंह एवं प्रदीप कुमार तिर्की ने किया, जांच दल ने कामडारा थाना के समक्ष चेकनाका लगाकर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली, इस औचक निरीक्षण से नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप मच गया। विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में कुल 1,42,000 (एक लाख बयालीस हजार) रुपये का जुर्माना वसूला गया।

इन उल्लंघनों पर रहा विशेष फोकस

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि अभियान का प्राथमिक लक्ष्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि उन गलतियों को सुधारना था जो अक्सर जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। जाँच के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष सख्ती बरती गई:

दोपहिया वाहन: बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले और ‘ट्रिपल राइडिंग’ (एक बाइक पर तीन सवारी) करने वाले युवाओं पर कार्रवाई की गई।

दस्तावेजों की जाँच: ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और रोड टैक्स जैसे अनिवार्य कागजात नहीं होने पर चालान काटे गए।

ओवरलोडिंग, टेम्पो, ट्रक, और पिकअप वैन में निर्धारित क्षमता से अधिक सामान या सवारी लादकर जान जोखिम में डालने वाले चालकों को पकड़ा गया।

ध्वनि प्रदूषण: प्रेशर हॉर्न और मल्टी-टोन हॉर्न का उपयोग कर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई हुई।

मोटरयान निरीक्षकों , ने मौके पर पकड़े गए चालकों को व्यक्तिगत रूप से समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही न केवल उनकी, बल्कि दूसरों की जान भी ले सकती है। चालकों को भविष्य में सभी यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत देकर छोड़ा गया।

विभाग का संदेश

जिला परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे घर से निकलते समय हेलमेट – सीटबेल्ट का प्रयोग करें और अपने वाहन के सभी कागजात दुरुस्त रखें।

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