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Thursday, July 2, 2026
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बंधु तिर्की ने कहा-जेलों में लंबे समय से बंद विचाराधीन कैदियों की रिहाई के मामले में हाईकोर्ट व सीएम सकारात्मक पहल करे

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रांची : पूर्व मंत्री, झारखण्ड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य एवं झारखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने लंबे समय से विचाराधीन या लंबित केसों को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा कुछ दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाए गए सवालों को ताजा कर दिया है. श्री तिर्की ने उसी मामले को आगे बढ़ाते हुए कहा कि रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होटवार सहित पूरे प्रदेश के सभी जेलों में आदिवासियों, अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्गों के अनेक वैसे कैदी न्याय की आस में बंद है, जिनका मामला लंबे समय से न्यायालय में सुनवाई के लिए विचाराधीन या लंबित है.

मानवता के आधार निर्णय लेने की जरूरत

श्री तिर्की ने कहा कि इसके साथ ही वैसे मामलों की संख्या भी अच्छी-खासी है, जहां मामूली अपराधों के लिए भी उन्हें जेल में रहते हुए लंबा समय बीत गया पर वैसे कैदी केवल आर्थिक या अन्य कारणों से सम्बंधित अदालतों की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पूरा नहीं कर पाये और अबतक जेल में बंद हैं. उन्होंने कहा कि  पूरे प्रदेश से उन्हें वैसी जानकारी और सूचनाएं मिलती हैं जो दिल को झकझोर देती है. कांग्रेस नेता ने कहा कि संवेदना एवं मानवता के आधार पर वैसे मामलों को गंभीरता से देखने की जरूरत है. उन्होंने झारखण्ड हाईकोर्ट, झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा), मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और राज्य सरकार के विधि विभाग के सक्षम अधिकारियों से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की अपील करते हुए कहा कि यदि इस दिशा में सार्थक और सकारात्मक कदम बढ़ते हैं तो न केवल सभी को बिना पक्षपात के शीघ्र न्याय देने का भारतीय संविधान का उद्देश्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी और अनेक लोगों की आँखों के सामने छाया अंधेरा छंटेगा बल्कि अनेक दृष्टि से कमजोर उन साधनहीन कैदियों की दुआ-प्रार्थना भी मिलेगी.

खर्चीली अदालती प्रक्रिया भी जिम्मेवार

उन्होंने कहा कि वर्षों एवं महीनों से विचाराधीन उन कैदियों के मामले भी बेचैन करनेवाले हैं, जहां छोटे-छोटे लड़ाई-झगड़े, मारपीट जैसे मामलों में गिरफ्तार अनेक विचाराधीन कैदी जेल में हैं और वे केवल अदालत की प्रक्रिया को पूरा न करने जैसे तकनीकी कारणों से ही जेल में बन्द हैं. इसके अलावा कई मामले वैसे भी हैं, जहां केवल कुछ पैसे के अभाव में उनके परिवार के सदस्य अदालती प्रक्रिया से बचते हैं क्योंकि उन्हें इस बात की चिंता है कि यदि अदालती कारवाई में उनके पास की थोड़ी-बहुत धन-संपत्ति भी यदि चली जायेगी तो वे अपना जीवन कैसे गुजारेंगे? उन्होंने कहा कि न्याय की आस में जेल में बन्द कई विचाराधीन कैदियों के मामले इस मामले में दिलचस्प एवं संवेदना से भरे हैं कि यदि उन मामलों में उन्हें आरोपित कर सजा भी सुनाई जाती है तो वह छोटी अवधि की होगी और उससे कई गुणा अधिक सजा वह पहले ही काट चुके हैं. उन्होंने कहा कि जेल में बन्द वैसे कैदियों और उनके परिवार की परेशानी को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. श्री तिर्की ने कहा कि वे न्यायालय का पूरा सम्मान करते हैं और इस संदर्भ में वे झारखण्ड उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों से सकारात्मक दिशा में प्रयास की अपेक्षा के साथ ही राज्य सरकार और विशेष रूप से सरकार के विधि विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में विधि-सम्मत कार्रवाई की अपील के साथ एक विस्तृत प्रतिवेदन बनाकर राज्य सरकार के साथ ही न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की अपेक्षा रखते हैं जिससे अनेक कैदियों की आंख के सामने कायम अंधेरा कोहरा छंटे.

राम भक्तों के लिए

समनुर मंसुरी बने 15 सूत्री कार्यान्वयन समिति के राज्य स्तरीय सदस्य

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रांची : भारत सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण हेतु जारी प्रधानमंत्री के 15 सूत्री कार्यक्रम के अन्तर्गत संशोधित मार्गदर्शिका के आलोक में झारखण्ड सरकार द्वारा राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया, जिसमें रांची जिले से सुकुरहुटु, कांके निवासी झारखण्ड आन्दोलनकारी समनुर मंसूरी को राज्य स्तरीय सदस्य बनाया गया है। श्री मंसुरी गैर सरकारी एवं गैर निर्वाचित प्रतिनिधि बनाए गए हैं,  जो अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए पूरे राज्य में काम करेंगे.

झामुमो के सदस्यों ने बधाई दी

सदस्य बनने पर राज्य समन्वय समिति के सदस्य सह झामुमो केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद कुमार पांडेय, केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य, राज्यसभा सांसद डॉ महुआ माजी,  झामुमो जिलाध्यक्ष मुशताक आलम,  जिला सचिव डॉ हेमलाल कुमार मेहता हेमू,  जिला उपाध्यक्ष अश्विनी शर्मा, जनक नायक,  कांके प्रखण्ड अध्यक्ष जावेद अख्तर अन्सारी,  सचिव नवीन तिर्की एवं क्रीड़ा मोर्चा के पूर्व केन्द्रीय सचिव प्रदीप मिर्धा के अलावा रांची जिले के सभी कार्यकर्ताओं ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

राम भक्तों के लिए

खलारी में दिन के दस बजे तक छाया रहा घना कोहरा, बढ़ी कनकनी

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डकरा, 02 जनवरी : खलारी कोयलांचल में दिन के दस बजे तक घना कोहरा छाया रहा, कोहरे के वजह से थोड़ी दूर भी देखना सम्भव नहीं हो पा रहा था। सुबह में वाहन चालकों को हेडलाईट जला कर चलना पढ़ रहा था। कोहरे और कोहरे के साथ बढ़ी कनकनी के कारण दिनचर्या शुरू करने वालों को काफी असुविधा हुई। जिसकारण जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। लोगबाग घर के अंदर रजाइयों में दुबके रहे तो कोई अलाव जलाकर तापते नजर आए। यही हाल मैकलुस्कीगंज, डकरा, मानकी, चुरी सहित अन्य जगहों पर देखा गया। धुन्ध की वजह से राहगीरों, वाहन चालकों एवं रेलगाड़ियों की रफ्तार धीमी रही। कोहरे के कारण 10 फिट दूरी तक देखना मुश्किल हो रहा था। वहीँ खदानों में उत्पादन, प्रेषण व ढुलाई भी प्रभावित होता बताया गया। इधर रोज मजदूरी करने वाले लोगों पर भी कोहरे एवं कनकनी का प्रभाव देखा गया।

राम भक्तों के लिए

खलारी – खरसावां में हुए शहीद आदिवासियों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन

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पिपरवार, 1 जनवरी खरसावां में शहीद हुए आदिवासियों के लिए एक श्रद्धांजलि सभा लुकइया एवं कुसुम टोला हेंजदा में बालेश्वर उरांव की अध्यक्षता में किया गया सर्वप्रथम शहीद बेदी पर पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी। महेंद्र उरांव ने कहा कि जब भारत देश अंग्रेजी हुकूमत से 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ तब हमारे देश विभिन्न रियासतों में बंटा हुआ था और सभी को मिलाकर तीन रियासतों में बनाई जा रही थी और झारखंड के कुछ हिस्सों को उड़ीसा में विलय करने की भी प्रक्रिया हो रही थी तभी आदिवासियों द्वारा अलग राज्य की भी मांग चल रही थी और उस समय के आदिवासियों के नेतृत्वकर्ता जयपाल सिंह मुंडा ने एक जनवरी 1948 को खरसावां हाट मैं एक सभा करने की सारी तैयारी हो चुकी थी लोग दो-तीन दिन की पैदल यात्रा कर साथ में ‘भोजन की व्यवस्था कर एक जनवरी को खरसावां हॉट पहुंचे लेकिन कुछ लोगों को

आदिवासियों की यह आंदोलन मंजूर नहीं थी और एक जनवरी को जयपाल सिंह मुंडा को नजर बंद कर दिया गया और वह खरसावां हॉट नहीं पहुंच सके और पुलिस के जवानों द्वारा पचास हजार की संख्या में जुटे आदिवासियों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर मार डाला गया। बहुत से शवों को वही एक कुएं में डाल दिया गया और बहुत लाशों को ट्रक

द्वारा जंगलों में फेंक दिया गया। आज के दिन एक जनवरी को वहां मातम मनाया जाता है। कहा की कितने आदिवासी शहीद हुए आज भी एक रहस्य है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से महेंद्र उरांव, बहुरा मुंडा, बालेश्वर उरांव, विजय उरांव, सुरेश उरांव, रामकुमार उरांव, सहदेव उरांव, बाजे उरांव, प्रदीप उरांव, संतोष उरांव, उपेंद्र उरांव, अर्जुन उरांव, समुदाय के लोग शामिल हुए।

सुखानंद उरांव, तेतरा उरांव, वीरेंद्र उरांव, लालदेव उरांव, रामजीतू उरांव, सर्वजीत उरांव, मनोज उरांव, जयंती देवी, सोमरी देवी, सोनिया देवी, हिमानी उराईन, मंगरी उराइन, बांधनी देवी, सोमा उरांव, चंपा उरांव, शिवा उरांव, टटुवा उरांव, जगदीश उरांव, विनोद उरांव सहित काफी संख्या में आदिवासी

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अंग्रेज़ो के जेलर को जन्मदिन मुबारकबाद – आसरणी

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Asrani is a veteran Indian film actor known for his work in Hindi, Gujarati, Rajasthani, and Marathi films. He was born in 1 Jan 1941 and made his acting debut in 1971 with the Hindi film “Superhit”.

Throughout his career, Asrani has proved to be a versatile actor, tackling a wide range of roles with ease. He has appeared in over 350 films in various languages, and his performances have been widely praised by audiences and critics alike.

In addition to his work in films, Asrani has also appeared in numerous television shows and stage productions. He is known for his powerful screen presence and ability to bring a wide range of emotions to life on screen.

Despite his success, Asrani has faced his fair share of challenges in the film industry. He has spoken out about the difficulties he faced as a newcomer trying to establish himself in the industry, and the struggles he faced in trying to balance his personal and professional lives.

Despite these challenges, Asrani has remained dedicated to his craft and has continued to work consistently throughout his career. He has received numerous awards and accolades for his performances, including the Filmfare Award for Best Supporting Actor for his role in the film “Sholay”.

In addition to his acting career, Asrani is also actively involved in philanthropic efforts. He has worked with various charitable organizations and has donated generously to causes such as education and healthcare.

In conclusion, Asrani is a talented and dedicated actor who has made a significant contribution to the Indian film industry. His performances have entertained and inspired audiences for decades, and he continues to be a respected and beloved figure in the entertainment world.

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राम भक्तों के लिए

खलारी – मृतक सीसीएल कर्मी के पुत्र को मिला नियुक्ति पत्र, श्रमिक प्रतिनिधियों का रहा अहम योगदान

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डकरा, 01 जनवरी : सीसीएल कर्मी डोमन चौहान के आकस्मिक निधन के पश्चात सीसीएल प्रबंधन ने मृतक के पुत्र अनुज चौहान को नियुक्ति पत्र दिया। मृतक डोमन के निधन के बाद एनके एरिया के श्रमिक प्रतिनिधियों के पहल पर प्रबंधन द्वारा देर रात तक कागजी कार्रवाई की गई। सारी प्रक्रिया पूर्ण होने पर महज दस घंटे के अंतराल पर पुरनाडीह परियोजना पदाधिकारी नरेश सिंह के हाँथों मृतक के पुत्र को नियुक्ति पत्र दिया गया। विदित हो कि एनके एरिया के पुरनाडीह परियोजना में डम्पर ऑपरेटर पद पर कार्यरत डोमन चौहान का शनिवार दोपहर को आकस्मिक निधन हो गया था। इस प्रक्रिया में श्रमिक प्रतिनिधियों का अहम योगदान रहा जहाँ इतने कम समय में नियुक्ति होना सम्भव हो पाया। पूरे प्रक्रिया में डीपी सिंह, सूनील कुमार सिंह, शैलेश कुमार, कृष्णा चौहान, प्रमोद पाठक, सुरेंद्र चौहान, हरेंद्र सिंह, शैलेन्द्र कुमार, ध्वजा राम धोबी, नंदलाल चौहान, राघो चौबे, रामप्रवेश नायक, सहित अन्य लोगों का अहम योगदान रहा।

राम भक्तों के लिए

खलारी – नववर्ष के जश्न में डूबा रहा खलारी, लोगों ने लिया वनभोज का आनंद

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डकरा, 01 जनवरी : नए वर्ष को लेकर खलारी-डकरा के सभी मंदिरों में रविवार सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ी रही। खलारी के पहाड़ी मंदिर, जानकी रमन मन्दिर, सांई मन्दिर, डकरा के बूढ़ी माता मन्दिर, शिव मंदिर, काली माता मन्दिर के अलावे सुभाष नगर, चुरी, मानकी, राय, बचरा एवं मैकलुस्कीगंज के मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही लोग पहुंचकर पूजा अर्चना करते हुए दिखे। नए वर्ष पर लोगों ने परिवार के साथ शुरुआत भगवान के दर्शन के साथ की। लोगों ने इस दौरान बेहतर स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख शांति की कामना की। वहीं पिकनिक मनाने वालों की टोली सुबह ही पिकनिक स्पॉटों के लिए निकल पड़ी। पिकनिक स्पॉटों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
लोग अपने परिवार के साथ वनभोज का आनंद उठाने पहुंचे थे। बच्चों ने पिकनिक का पूरा मजा लिया। सुभाषनगर, धमधमिया में दामोदर, चूरी, मानकी में सपही नदी, लपरा-मैकलुस्कीगंज में डेगाडेगी नदी के किनारे एवं आसपास स्थित झरना स्थल पर गाजे बाजे के साथ लोग पिकनिक मनाए। कई मुहल्लों में युवा डीजे बजाकर थिरकते रहे नववर्ष पर शौकीन लोग लाखों रूपए का शराब और मुर्गा-मांस गटक गए। इधर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के साथ पुलिस के जवान मुस्तैदी से जुटे हुए थे। खलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर पिकनिक स्पॉटों पर भी पुलिस की चौकसी थी। खलारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर फरीद आलम, थाना के एसआइ, एएसआई सशस्त्र बलों के साथ गश्त लगाते रहे।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह में मवेशी चोर समझ कर पीट-पीट कर दी हत्या, पुलिस जांच में जुटी

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गिरिडीह: चोरी करने गये अपराधी विनोद चोधरी की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। घटना गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सादीगवारों की है. घटना की सूचना पर एसडीपीओ अनिल कुमार सिंह व मुफस्सिल थाना प्रभारी विनय कुमार राम सदलबल के साथ पहुंचे और शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.

मवेशी खोल कर ले जाने का आरोप

घटना की बाबत बताया गया कि 31 दिसंबर की देर रात को आदिवासी बाहुल्य सादीगंवारों गांव के बीरालाल टुडू नामक व्यक्ति के घर के उस कमरे में विनोद घुस गया, जिसमें बकरियां और अन्य मवेशी थे। विनोद बकरियों को खोल रहा था, तभी मवेशी चिल्लाने लगे. मवेशियों की आवाज सुनकर घरवाले जग गए और शोर मचाने लगे। गृह स्वामी बीरालाल जिस कमरे में सोया था, उससे बाहर निकलने का प्रयास किया,  लेकिन बाहर से कमरा बंद था, तभी अंदर से कमरे के दरवाजे को उखाड़ कर हाथ में तीर-धनुष लेकर बाहर निकला। घरवाले इस दौरान विनोद पर हमला कर दिया.

विनोद को घेर कर मारा-पीटा गया

इस हमले में बीरालाल चोटिल हो गया है. इस बीच गांववाले जुट गए और भाग रहे विनोद को घेर लिया। घेरने के बाद ग्रामीणों ने विनोद की जमकर पिटाई की. इस पिटाई से विनोद बुरी तरह घायल हो गया और थोड़ी देर में ही उसने दम तोड़ दिया। रविवार को सुबह में घटना की सूचना पूरे इलाके में फैल गई।

चोरी की घटना से गुस्से में थे लोग

घटना की सूचना पर जिला परिषद सदस्य प्रवीण मुर्मू, मुखिया फूलचंद बास्के, उप मुखिया संजय यादव व अन्य पहुंचे. लोगों ने कहा कि यह घटना आत्मरक्षा में घटी है। क्योंकि विनोद पहले से दागी था और इस इलाके में चोरी की घटना लगातार घट रही थी। और गुस्से में आकर ग्रामीणों ने विनोद की पिटाई की। जिसके फलस्वरूप उसकी मौत हो गई। कई लोगों ने इसे मॉब लिंचिंग की घटना भी मान रहे हैं.

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खलारी – पुरनाडीह परियोजना के डम्फर ऑपरेटर का आकस्मिक निधन

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डकरा, 31 दिसम्बर : एनके एरिया के पुरनाडीह परियोजना में डम्फर ऑपरेटर पद पर कार्यरत डोमन चौहान का शनिवार को आकस्मिक निधन हो गया। बताया गया कि डोमन ड्यूटी के दौरान खाना खाने मोहननगर अपने आवास आये थे। इस दौरान उन्होंने कॉपरेटिव के चुनाव में मतदान भी किया। इसके बाद अपने आवास पर खाना खाकर आराम करने लगे, इसी बीच वे अचेत हो गए। परिजन उन्हें अचेतावस्था में आनन-फानन डकरा अस्पताल लेकर आये जहां डॉक्टर जांच के बाद डोमन चौहान को मृत घोषित कर दिया। इधर डोमन के आकस्मिक निधन से परिवार वालों का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक मूलरूप से औरंगाबाद बिहार जिले के रिसीयाप गांव के रहने वाले थे। वह अपने पीछे तीन पुत्र एवं एक पुत्री छोड़ गए। उनके निधन के बाद श्रमिक संगठनों के पहल पर प्रबंधन के द्वारा पुत्र अनुज चौहान को अनुकंपा के आधार पर नौकरी पर नियुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है। वहीं परियोजना अधिकारी एवं सहकर्मी कामगारों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। समाचार लिखे जाने तक एरिया के एसओपी ज्योति कुमार, पुरनाडीह पीओ नरेश सिंह एवं एरिया के श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि नौकरी की कागजी करवाई में लगे हुए थे।

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खलारी – शिशु विद्या मंदिर में शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया

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डकरा, 31 दिसम्बर : सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डकरा के छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस शैक्षणिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं का दो समूह बनाये गए जिसमें प्रथम समूह में बाईस दिसम्बर से लेकर तीस दिसम्बर तक दिल्ली, जयपुर, मथुरा, वृंदावन, आगरा जैसे ऐतिहासिक, भौगोलिक, प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक-सांस्कृतिक, औद्योगिक एवं अन्य प्राचीन धरोहरों का भ्रमण कराया गया। दूसरे समूह में एक दिवसीय भ्रमण में बिरसा मुंडा जैविक उद्यान ओरमांझी, मछली घर, म्यूजियम, साइंस सिटी का परिभ्रमण कराया गया। बताया गया कि इस विषय का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और भाईचारे की भावना का विकास करना है। विद्यालय के प्रधानाचार्य महोदय ने कहा कि बच्चों को देशाटन, पर्यटन करने की बहुत जरूरत है इससे उनके शारीरिक, मानसिक व बौधिक रूप से स्वास्थ्य का संतुलन होने के साथ सर्वांगिंग विकास होता है। उन्होंने कहा कि भारत पूरे देश में अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता है। बच्चों को अपने देश और उसकी संस्कृति के बारे में जानकारी होनी चाहिए। परिभ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं में काफी खुशी देखी गई तथा उनमें सभी का सहयोग व सामंजस्य देखा गया। इस भ्रमण में स्कूल के अनेकों शिक्षक-शिक्षिकाओं में बीरेंद्र झा, वीरेंद्र पाठक, रामनिवास पांडेय, मनोरंजन ओझा, रीता दास, दीक्षु शर्मा, विजय प्रजापति, सिकंदर झा, जितेंद्र पांडेय, आनंद जयसवाल, लक्ष्मण महतो, निकु वर्मन, ऋषिकेश सिंह, अजय मिश्रा, राजेश वर्मा, अर्चना सिंह, शशि रंजन, संदीप कुमार कर्ण, विजय उपाध्याय, अनुराग कुमार, अर्चना कुमारी, अनिता सिंह, सरिता कुमारी, अमन साव आदि मौजूद रहें।

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