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Tuesday, March 10, 2026
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गिरिडीह जिले में 6 में से 3 एनडीए, दो इंडिया और एक जेएलकेएम के खाते में गई सीट: बाबूलाल और कल्पना सोरेन ने लगातार दूसरी बार चखा जीत का स्वाद

बाबूलाल और डॉ.मंजू देवी ने भारी अंतर से जीत दर्ज की, जयराम व मंजू देवी ने पहली बार विधानसभा की चौखट पर देंगे दस्तक 

गिरिडीह (कमलनयन) : झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए बीते 20 नवम्बर को हुए मतदान के बाद जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती शुरू हुई। दोपहर बाद आए चुनाव नतीजों के मुताबिक जिले की तीन सीटें क्रमशः धनवार, जमुआ और बगोदर भाजपा के खाते में गई. दो सीटें गिरिडीह-गाण्डेय पर झामुमो ने अपना कब्जा बरकरार रखा. डुमरी सीट पर जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो पहली बार विधानसभा की चौखट पर पहुंचने में कामयाब रहे.

बाबूलाल ने दूसरी बार जीत दर्ज की

प्राप्त जानकारी के मुताबिक धनवार विस सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। दिलचस्प बात ये हुई कि इस बार श्री मरांडी के निकटतम प्रतिद्वंंद्वी माले के राजकुुुुमार यादव नहीं बल्कि झामुमो के प्रत्याशी निजामुद्दीन अंसारी थे. बाबूलाल को धनवार से 105623 और निजामुद्दीन अंसारी को 70555 जबकि राजकुमार यादव को 31849 मत ही प्राप्त हुए. इस तरह बाबूलाल मरांडी ने 35.068 के भारी अंतर से निजामुद्दीन अंसारी को पराजित किया.

कल्पना की ऊंची उड़ान नहीं रूकी

गाण्डेय विस सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की शीर्षं नेत्री सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन लगातार दूसरी भाजपा को लगभग 17 हजार वोटों से पराजित किया। विजयी कल्पना मुर्मू सोरेन को 11,8521 और अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी भाजपा की मुनिया देवी को 101501 मत हासिल हुए। कल्पना सोरेन अपनी सीट को लेकर आशान्वित थी. सच कहा जाए तो कल्पना की ऊंची उड़ान कायम रही.

सुदिव्य जीते, पर 2019 से कम वोट मिले

गिरिडीह विस सीट पर भी दूसरी बार झामुमो ने अपना कब्जा बरकरार रखा. विजयी सुदिव्य कुमार को 90896 और भाजपा के निर्भय शाहाबादी को 88901 वोट हासिल हुए। लगभग दो हजार 800 वोटों के अंतर से भाजपा की हार हुई। काउंटिंग के समय कई बार सुदिव्य निर्भय से पीछे चल रहे थे. लेकिन अंतिम राउंड में सुदिव्य ने लीड लिया और अपनी हार में जीत में बदल दिया.

तिकाने संघर्ष में फंसे जयराम की आखिरकार जय हो गई

डुमरी विस सीट पर जेएलकेएम प्रमुख जयराम महतो ने पहली बार जीत दर्ज करते हुए हेमंत सोरेन सरकार की मंत्री बेबी देवी को 10 हजार 945 मतों के अंतर से पराजित किया। विजयश्री जयराम को 94496 एवं प्रतिद्वन्दी बेबी देवी को 83551 वोट मिले. तिकाने संघर्ष में फंसे जयराम की आखिरकार जय हो गई.

जयराम महतो के लिए डुमरी प्रतिष्ठा की सीट बन चुकी थी. क्योंकि वे तिकोने संघर्ष में फंसे हुए थे. आजसू की यशोदा देवी तीसरे स्थान पर रही. लेकिन बेबी देवी ने जयराम का कड़ा मुकाबला था. कई लोगों को लग रहा था कि जयराम के लिए डुमरी सीट निकालना मुश्किल होगा, लेकिन अंतत: उनकी जीत हुई. इस जीत से जेएलकेएम की प्रतिष्ठा बच गई.

मंजू देवी ने जमुआ में दिखाया जलवा

जमुआ विस सीट पर भाजपा की डा. मंजू ने तीन बार के विधायक रहे जेएमएम के केदार हाजरा को 32502 वोटों के अंतर से पराजित किया। विजयी डा. मंजू कुमारी को 116820 मत मिले, जबकि पराजित केदार हाजरा 84288 ही वोट हासिल कर सके. केदार हाजरा चुनाव से पूर्व ही भाजपा से टिकट कटने पर झामुमो का दामन थामा था. लेकिन मंजू देवी ने अच्छे मार्जिन से जीत दर्ज कर भाजपा की झोली सीट डालने में कामयाब रही. जमुआ में मंंजू देवी इस बार अपना जलवा दिखा दिया.

विनोद सिंह की हार से उनके समर्थकों में मायूसी

बगोदर विस सीट पर भाजपा के नागेन्द्र महतो ने एक बार फिर भाकपा माले के विनोद कुमार सिंह को लगभग 31 हजार 213 मतों के अंतर से पराजित कर चौथी बार विस जाने से रोक दिया। विजयी नगेन्द्र महतो को 109318 एवं प्रतिद्वन्दी  विनोद सिंह को 78105 वोट प्राप्त हुए. विनोद सिंह के बड़े अंतर से हारने पर लोग चकित हैं. लोकसभा चुनाव में कोडरमा से वह चुनाव लड़कर हार गए थे. उन्हें उम्मीद थी उनके विधानसभा क्षेत्र में लोगों का प्यार मिलेगा. लेकिन ऐसा नहीं होने से उनके हजारों समर्थकों घोर निराशा है.


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