गुमला: राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गुमला जिला मुख्यालय स्थित नगर भवन में जिला स्तरीय साथिया सम्मेलन एवं स्वास्थ्य आरोग्य दूत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज के तकनीकी सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें जिलेभर से आए किशोर स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
दीप प्रज्वलन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ गुमला के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, डीपीसी और सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा विभाग) समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
युवा शक्ति को सशक्त बनाने का आह्वान
इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “आप सभी युवा पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं। आपका कार्य समाज के किशोर-किशोरियों को एक जिम्मेदार और स्वस्थ नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाता है। अपने प्रयासों को जारी रखें और समाज में सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें।”
वहीं, सिविल सर्जन डॉ. नवल कुमार ने मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “मानसिक रूप से स्वस्थ रहना हमें सही निर्णय लेने में सक्षम बनाता है, जिससे एक समृद्ध समाज की स्थापना संभव होती है।”
55 साथिया और 120 स्वास्थ्य आरोग्य दूत हुए सम्मानित
कार्यक्रम में जिले के 55 साथिया (पियर एजुकेटर) और 120 स्वास्थ्य आरोग्य दूतों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान, सम्मानित प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम में अपनी भूमिकाओं को विस्तार से बताया।
कार्यक्रम में उमड़ी भारी भीड़
मंच संचालन की जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम प्रबंधक जया रेशमा खाखा ने संभाली। इस अवसर पर 400 से अधिक साथिया, किशोर-किशोरी, स्वास्थ्य कर्मी और स्वास्थ्य आरोग्य दूत मौजूद रहे। आयोजन में नवाचार, जागरूकता अभियानों और स्वास्थ्य कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी को लेकर चर्चा की गई, जिससे भविष्य में इस पहल को और प्रभावी बनाने के उपायों पर भी विचार किया गया।
न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया