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Sunday, March 8, 2026
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मादक पदार्थों के विरुद्ध राज्यव्यापी जागरूकता अभियान 2025 के समापन पर नगर भवन,गुमला में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

नशा – नशेबाज और नशें के सौदागरों द्वारा ही अपराध का जन्मदाता हैं, अतः इनपर नकेल कसना और उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुयें इन्हें सलाखों के पीछे भेजना हमरा मुख्य उद्देश्य हैं – गुमला पुलिस कप्तान हारिश बिन जामां

गुमला : – राज्य सरकार द्वारा दिनांक 10 जून 2025 से 26 जून 2025 तक राज्यव्यापी निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता अभियान के सफल संचालन के उपरान्त आज नगर भवन गुमला में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में जिले के सभी महाविद्यालयों एवं विद्यालयों तथा पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकगण तथा स्कूली बच्चों उपस्थित थे। वहां उपस्थित लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें स्वयं तथा अपने आसपास के लोगों को नशे से बचाने हेतु प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक हरीश बिन ज़मां के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक ने बताया की नशा – नशेड़ी ( नशेबाज ) और अवैध प्रतिबंधित नशीली दवाइयों , नशीले पदार्थो के व्यापारियों के द्वारा ही अपराध का जन्म होता हैं , अतः उन्होंने स्कूली बच्चों से अपील करते हुए कहा कि स्कूल के आसपास किसी भी तरह के मादक पदार्थ की बिक्री होने पर इसकी सूचना त्वरित अपने शिक्षक,माता पिता तथा पुलिस प्रशासन को दें यह आपकी जिम्मेवारी बनती हैं, ना नशा करें ना किसी को करने दें। साथ ही साथ अच्छी संगति में रहें। बुरी संगति आपको गलत आदतों का शिकार बना देगी। इसलिए नशे को ना – जीवन को हां जैसे स्लोगन को अपने जीवन में आत्मसात कर स्वयं से इसकी शुरुआत करें। मादक पदार्थों के बढ़ते मामलों को रोकने हेतु पुलिस प्रशासन सतत प्रयासरत है।

अपर समाहर्ता शशिंद्र बड़ाईक ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि मादक पदार्थों के विरुद्ध राज्यव्यापी जनजागरुकता अभियान के समापन के अवसर पर हम सभी यहां एकत्रित हुए हैं। इस अभियान को और आगे बढ़ाना है। केवल तय समयावधि में ही इसका प्रचार प्रसार नहीं करना अपितु हमेशा इसके विरुद्ध आमजनों, युवाओं और बच्चों को जागरूक करना है। नशा आज के युवाओं को शारीरिक,मानसिक,आर्थिक एवं सामाजिक रूप से बर्बाद कर रहा है। इसलिए समय रहते नशे की लत को ना कहिए। आनेवाली भावी पीढ़ी को सक्षम और सशक्त बनाना है तो नशे को ना कहिए। असली हीरो वो है जो ड्रग्स को ना कहता है आइए हम सब संकल्प करें कि अपने राज्य व जिले को नशामुक्त बनाएंगे। नशे को ना कहना सीखे और अपने जीवन के असली हीरो बनें

डॉ शारिब अहमद ने बताया कि मादक पदार्थों के विरुद्ध जागरूकता अभियान का इस वर्ष वर्ष का थीम है ब्रेक द साइकिल इसके आधार पर इस वर्ष यह अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि बच्चे एक बार नशा करते हैं, फिर उसके बाद नशा उनका इस्तेमाल करने लगता। आजकल स्कूली बच्चों में यह प्रवृति बढ़ते जा रही है। नशे की शुरुआत छोटे स्तर पर होती है लेकिन यह बढ़ते बढ़ते ड्रग्स तक जा पहुंचता है। नशे की बढ़ती प्रवृति को रोकने के लिए ब्रेक द चेन तरीका कारगर है। स्वयं में यह दृढनिश्चय करें कि नशा जीवन के लिए घातक है और नशे से दूरी बना कर रखें। उन्होंने बच्चों से अपील किया कि नशा से नाता तोड़िए तभी जिंदगी से नाता जुड़ेगा
वंदना स्मिता, जिला परामर्शदात्री, तंबाकू नियंत्रण* ने बताया कि स्कूली बच्चों में छोटे स्तर पर यह प्रवृति बढ़ते जा रही है। इस लत को छुड़ाना अति आवश्यक है। नशा केवल आपका नाश नहीं करता यह आपके पूरे परिवार का नाश करता है। इसलिए इन मादक पदार्थों से दूरी बनाना आज के युवाओं के लिए बहुत जरूरी है। आज के युवाओं को काउंसलिंग की जरूरत है। उन्होंने कहा खुद में बदलाव लाइए और साथ ही साथ अपने आसपास भी बदलाव करिए। जिससे समाज को नशामुक्त बनाया जा सके। उन्होंने बच्चों से अपील किया कि जिंदगी चुने,नशा नहीं

जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि भागदौड़ वाली जिंदगी में सभी मानसिक दवाब में रहते हैं। और धीरे धीरे नशे के आदि होने लगते हैं। नशा किसी भी रूप में घातक है । इसलिए इन लतों से दूर रहने का प्रयास करें। उन्होंने सभी बच्चों से कहा कि नशा मादक पदार्थों के प्रति नहीं खेल के प्रति, पढ़ाई के प्रति हो।

महिला बाल विकास पदाधिकारी नीलम केरकेट्टा ने बताया कि जिला बाल संरक्षण इकाई,गुमला द्वारा नशे में लिप्त बच्चों की काउंसलिंग की जाती है उन्हें संरक्षण दिया जाता है तथा निषिद्ध मादक पदार्थों से बच्चों को दूर रहने हेतु प्रेरित प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे शारीरिक एवं मानसिक क्षति होती है। बच्चों की निगरानी करना जरूरी है। अपने आसपास के बच्चों तथा युवाओं की गतिविधि एवं लक्षणों को चिह्नित कर उन्हें नशा से दूर किया जा सकता है।

इस कार्यशाला का मंच संचालन सामान्य शाखा पदाधिकारी सुशील खाका एवं जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार द्वारा सामूहिक रूप से किया गया ।

कार्यक्रम में अपर समाहर्ता गुमला,जिला शिक्षा अधीक्षक,गुमला ,डीएसपी गुमला, जिला नजारत उपसमाहर्ता, जिला खेल पदाधिकारी मनोज कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक डुमरी थाना मनोज कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा उपस्थित सभी प्रतिभागियों को सामूहिक रूप से ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के तहत शपथ भी दिलाई गई।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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