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Saturday, July 4, 2026
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साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस में उपायुक्त ने सुनी आमजन की समस्याएँ, त्वरित कार्रवाई के निर्देश

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों ने अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया।

कार्यक्रम के दौरान रायडीह प्रखंड अंतर्गत कोब्जा पंचायत के ग्राम रमजा-भींजपुर के ग्रामीणों द्वारा स्वास्थ्य उपकेन्द्र रमजा से भींजपुर गांव तक लगभग 4 किलोमीटर जर्जर सड़क की मरम्मत कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उक्त सड़क की खराब स्थिति के कारण वृद्ध, गर्भवती महिलाओं एवं मरीजों को आवागमन में भारी कठिनाई होती है। साथ ही साप्ताहिक हाट बाजार से जुड़े व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इसी क्रम में रायडीह प्रखंड, कोब्जा पंचायत के ग्रामीणों द्वारा गांव की विभिन्न कच्ची गलियों में पीसीसी पथ निर्माण कराने हेतु सामूहिक आवेदन दिया गया। प्रस्तावित मार्गों में भींजपुर बाजार डांड से अम्बा टोली, सरस्वती देवी के घर से भुनेश्वरी देवी के घर तक, दृगपाल सिंह से बिसु खड़िया, विमला देवी से जेन्डर केरकेट्टा, जितवाहन सिंह से सरना स्थल सहित कुल 10 प्रमुख गलियों का चयन किया गया है, जिससे गांव में आवागमन सुगम हो सके।
साथ ही ग्राम रमजा-भींजपुर (रायडीह प्रखंड) के ग्रामीणों द्वारा गांव में रात्रि के समय सुरक्षा एवं आवागमन की सुविधा हेतु कम से कम 10 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की गई। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र जंगल-पहाड़ से घिरा होने के कारण रात्रि में जंगली जानवरों एवं अन्य खतरों का भय बना रहता है।
पालकोट प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पालकोट दक्षिणी के पंचायतवासियों द्वारा मनरेगा के रोजगार सेवक कैलाश साहु को यथावत रखने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया। ग्रामीणों ने उनकी कार्यशैली की सराहना करते हुए कार्यों के सुचारू संचालन के लिए स्थानांतरण निरस्त करने का अनुरोध किया।
गुमला प्रखंड के मौजा-चंदाली से संबंधित खाता संख्या-47, प्लॉट संख्या-1259 के भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद में चंपा उरांव के उत्तराधिकारियों द्वारा वंशावली के आधार पर मुआवजा राशि के समुचित वितरण की मांग की गई। आवेदकों ने पूर्व में कुछ व्यक्तियों को आंशिक भुगतान किए जाने पर आपत्ति जताते हुए शेष लाभार्थियों को न्यायोचित भुगतान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
पालकोट प्रखंड से प्राप्त एक आवेदन में सिविल कोर्ट गुमला में लंबित वाद के संदर्भ में दिगम्बर साहू द्वारा कथित गलत मापी कर जेसीबी से खुदाई कार्य कराए जाने पर रोक लगाने हेतु प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई।
नगर परिषद गुमला क्षेत्र के वार्ड संख्या-19, गोकुल नगर (जशपुर रोड) के निवासियों द्वारा मोहल्ले में नाली निर्माण कार्य लंबित रहने की शिकायत दर्ज कराते हुए शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का अनुरोध किया गया। उन्होंने पूर्व में कई बार आवेदन एवं एनओसी प्रस्तुत करने के बावजूद कार्य आरंभ नहीं होने की बात रखी।
विशुनपुर प्रखंड के ग्राम बनारी निवासी कलावती देवी द्वारा रायडीह प्रखंड के सेवानिवृत्त पंचायत सचिव निरंजन बड़ाईक की नियुक्ति प्रक्रिया पर प्रश्न उठाते हुए, माननीय उच्च न्यायालय, झारखंड में लंबित वाद (WP(C) No-752/2026) के आलोक में किसी भी प्रकार के भुगतान पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया।
इसके अतिरिक्त, गुमला शहर के स्थानीय व्यवसायियों द्वारा भारी वाहनों के प्रवेश समय में संशोधन हेतु सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिसमें व्यवसायिक गतिविधियों को सुगम बनाने के उद्देश्य से समय-सीमा में व्यावहारिक परिवर्तन का आग्रह किया गया।

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने सभी प्राप्त आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध एवं संवेदनशीलता के साथ निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायत निवारण दिवस आमजन की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी मंच है, जहां प्रत्येक आवेदन पर त्वरित कार्रवाई प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

राम भक्तों के लिए

पोषण पखवाड़ा 2026 का शुभारंभ, जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला में – महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार पोषण अभियान के अंतर्गत दिनांक 09 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक जिले में पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में आज गुमला स्थित समाहरणालय भवन परिसर से उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जिसके माध्यम से जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलायी जाएगी।
इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य थीम “बचपन के पहले 6 साल पोषण, पढ़ाई के लिए बेमिसाल” रखा गया है। इसके अंतर्गत मातृत्व एवं शिशु पोषण, 0-3 वर्ष के बच्चों के मस्तिष्क विकास हेतु प्रारंभिक प्रोत्साहन, 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा, स्क्रीन टाइम को कम करने में अभिभावकों एवं समुदाय की भूमिका तथा सशक्त आंगनबाड़ी के लिए सामुदायिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष फोकस किया जाएगा।
पोषण पखवाड़ा के दौरान जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। साथ ही 15 अप्रैल से 21 अप्रैल 2026 तक वृद्धि निगरानी सप्ताह का आयोजन करते हुए बच्चों की वृद्धि की नियमित निगरानी एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।
अभियान के तहत एफ. आर.एस. वेरिफिकेशन, लाभार्थियों का पंजीकरण, आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचना से संबंधित जानकारी का अद्यतन एवं पोषण ट्रैकर पर डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही जन आंदोलन डैशबोर्ड पर भी नियमित रूप से गतिविधियों का डेटा अपलोड किया जाएगा।
प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में प्रतिदिन 4 से 5 गतिविधियों के आयोजन एवं उससे संबंधित डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक गतिविधि से संबंधित अधिकतम दो गुणवत्तापूर्ण छायाचित्र अपलोड किए जाएंगे। सभी डेटा प्रविष्टि की अंतिम तिथि 28 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है।
कार्यक्रम के दौरान सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु शपथ भी ग्रहण किया।
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि कुपोषण एक गंभीर सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है, जिससे निपटने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाते हुए गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
उन्होंने आमजनों, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों एवं बच्चों के अभिभावकों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होकर कुपोषण मुक्त गुमला के निर्माण में योगदान दें।
इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

स्कूल रुआर 2026: बच्चों को वापस लाएं स्कूल योजना

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में गुमला जिला प्रशासन द्वारा “हर बच्चा स्कूल में” के संकल्प के साथ स्कूल रुआर 2026 अभियान को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे का शत-प्रतिशत नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा विद्यालय से बाहर न रहे।

अभियान के तहत विशेष रूप से ड्रॉपआउट एवं अनामांकित बच्चों पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए डोर-टू-डोर सर्वे कर छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
यह अभियान केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आंगनबाड़ी सेवाएं, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं एवं समाज के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता से इसे जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। सामूहिक प्रयास से ही 100% नामांकन के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।
विद्यालयों को इस अभियान का केंद्र बनाते हुए 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक व्यापक स्तर पर नामांकन अभियान, प्रभात फेरी, अभिभावक संपर्क एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, डेटा आधारित कार्ययोजना के तहत अभियान की सतत निगरानी सुनिश्चित करने हेतु जिला एवं प्रखंड स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी तथा e-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अद्यतन डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त प्रवासी, दिव्यांग एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के नामांकन एवं नियमित उपस्थिति को प्राथमिकता दी जाएगी। अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित कर उन्हें बच्चों को विद्यालय भेजने हेतु प्रेरित किया जाएगा तथा शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाएगा।
अभियान की प्रभावी शुरुआत हेतु 11 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय कार्यशाला एवं 13 अप्रैल 2026 को प्रखंड स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसके उपरांत 15 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक विद्यालय स्तर पर अभियान का व्यापक संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस संबंध में उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने सभी संबंधित पदाधिकारियों, शिक्षकों, समाज के प्रबुद्धजनों एवं अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें, ताकि गुमला जिले में “हर बच्चा स्कूल में” का सपना साकार हो सके।

राम भक्तों के लिए

युवाओं के लिए नए ऑप्शन लाया मेडुसा; अब झारखंड में भी मिलेगा प्रीमियम टेस्ट

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न्यूज – रानू 

झारखंड, अप्रैल 2026: आज के समय में युवा सिर्फ ड्रिंक नहीं, बल्कि बेहतर टेस्ट और नया अनुभव चाहते हैं। ऐसे में, अच्छे ब्रांड्स की पहुँच हर शहर तक होना जरूरी हो जाता है। इसी जरूरत को समझते हुए मेडुसा बेवरेजेस अब झारखंड में कदम रख रहा है, जिससे यहाँ के ग्राहकों को भी प्रीमियम क्वालिटी का फायदा मिल सकेगा।

झारखंड में कंपनी का विस्तार देशभर में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। अब मेडुसा अपने प्रोडक्ट्स, यानि मेडुसा प्रीमियम बियर, मेडुसा एयर और मेडुसा एक्स हाउस ऑफ द ड्रैगन को रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो जैसे शहरों में उपलब्ध कराएगा। रिटेल दुकानों के जरिए ग्राहकों तक इसकी पहुँच बनाई जाएगी।

झारखंड को कंपनी एक तेजी से बढ़ते बाजार के रूप में देख रही है, जहाँ युवाओं की संख्या ज्यादा है और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की माँग भी बढ़ रही है। बढ़ती आय और शहरी लाइफस्टाइल इसे और मजबूत बनाते हैं।

कंपनी के एमडी और सीईओ अवनीत सिंह ने कहा, “झारखंड में हमारी एंट्री पूर्वी भारत में एक अहम् शुरुआत है। हम लगातार अपने नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक बेहतर अनुभव पहुँचा सकें। यहाँ युवाओं के बीच प्रीमियम सेगमेंट में काफी सम्भावनाएँ हैं।”

मेडुसा प्रीमियम बियर जहाँ स्मूद और बैलेंस्ड स्वाद के लिए जानी जाती है, वहीं मेडुसा एयर हल्की और ज्यादा रिफ्रेशिंग है, जो लंबे समय तक आराम से एंजॉय की जा सकती है। इस तरह कंपनी अलग-अलग पसंद के हिसाब से विकल्प दे रही है।

फिलहाल दिल्ली में करीब 10% मार्केट शेयर के साथ मेडुसा तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में कंपनी अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को और मजबूत करेगी और देश के दूसरे राज्यों में भी विस्तार करेगी। झारखंड में एंट्री के साथ मेडुसा ने अपनी ग्रोथ की दिशा में एक और मजबूत कदम बढ़ा दिया है।

राम भक्तों के लिए

पेयजल समस्या से निबटने के लिए सांसद प्रतिनिधि पीएचडी के कार्यपालक अभियंता से मिले, जल्द जलापूर्ति का मिला आश्वासन

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धनबाद: धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने जबसे भूली निवासी राज आर्यन शर्मा को अपना सांसद प्रतिनिधि बनाया है, तबसे उनकी सक्रियता बढ़ गई है. श्री शर्मा की सक्रियता से सांसद भी खुश हैं. इसलिए दुगने उत्साह से सांसद प्रतिनिधि ने अपने क्षेत्र की जलापूर्ति और नल जल योजना के लिए लगातार संबंधित अधिकारियों से मिल कर विचार-विमर्श कर रहे हैं. इस बीच सांसद प्रतिनिधि (जल संसाधन विभाग) राज आर्यन शर्मा ने दो दिन पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या–1 (PHED) के कार्यपालक अभियंता के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की.

भुलीवासियों को पेेेेजजल समस्या से जल्द मुक्ति मिलेगी : राज आर्यन

बैठक के दौरान भुली क्षेत्र में व्याप्त जल संकट पर विशेष रूप से चर्चा की गई। श्री शर्मा ने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को प्रमुखता से रखते हुए बताया कि भुली में पानी की आपूर्ति नियमित नहीं होने के कारण आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने भुली बी-ब्लॉक स्थित जल मीनार से विभिन्न इलाकों में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई, जिसमें पंचवटी नगर और इसके आसपास के इलाके को विशेष रूप से शामिल किया गया।

इलाके में अनियमित जलापूर्ति की शिकायत मिले, तो फौरन हमें सूचना दें…!  

बैठक में कार्यपालक अभियंता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई कर जनहित में जल आपूर्ति बहाल करने का आश्वासन दिया। श्री शर्मा ने आसपास के लोगों से कहा कि क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और इस दिशा में वे लगातार प्रयास कर रहे हैं. जल्द ही उन्हें अनियमित जलापूर्ति से मुक्ति मिल जाएगी। उन्होंने से लोगों से अपील की है कि जहां कहीं भी अनियमित जलापूर्ति की शिकायतें मिल रही हैं तो उन्हें फौरन सूचना दी जाए ताकि वे आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों से मिलकर उसका समाधान कराने की कोशिश कर सकेंगे.

राम भक्तों के लिए

डोमचांच अंचल क्षेत्र में क्रेशर से उड़ते धूल से लोग परेशान,रायडीह मोड पचगांव पहाड़पुर मे आए दिन होती है दुर्घटनाएं

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न्यूज – प्रवीण 

क्रेशर के द्वारा खुले आम बिना पानी छिड़काव किये क्रसर का संचालन किया जाता है डोमचांच आंचल क्षेत्र के रायडीह मोड, पचगांव, पहाड़पुर, चमारो,सिंघपुर,रयडीह मोड,’पचगांव मोड, क्रेशर संचालकों के द्वारा बाउंड्री वालों के नाम पर अल्बेस्टर के सहारे महज 4 से 5 फीट की ऊंचाई में क्रेशर के एक की ओर घेराबंदी कर क्रेशर का संचालन कर रहे हैं जोकि क्रेशर

यूनिट लगने के पर्व में ग्राम सभा के दौरान पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान नहीं होना तथा
क्रेशर से किसी प्रकार के धूलकण नहीं निकलने की बात कहीं जाती है कि और क्रेशर के चारों और बाउंड्री वालों तथा हरे भरे वृक्ष व निमित्त पानी छिड़काव की बात कही जाती है और ग्रामीण का सिग्नेचर तथा ग्राम सभा की कॉपी खनन विभाग को सुपुदॅ किया जाता है ऐसे ग्राम सभा में शामिल मुखिया पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो पैसा लेकर ग्राम सभा की चिट्ठी में साइन कर देता है इसके बाद खनन विभाग के द्वारा क्रेशर संचालन की अनुमति दे दी जाती है इसके लिए खनन विभाग को भी क्रेशर संचालकों के द्वारा हर महीना मोटी रकम पहुंचाई जाती है जिससे ग्रामीण हृदय,शुगर,कैंसर जैसे रोग का शिकार हो रहे हैं जाने-माने चिकित्सकों का कहना है कि अगर इस तरह क्रेशर का संचालन किया जाएगा तो आने वाले दिनों में हर घर मे शुगर, हृदय रोग कैंसर रोग का शिकार होंगे और लोगों का मृत्यु होगा क्रेशर मंडी कोडरमा गिरिडीह मुख्य मार्ग पर स्थित दोनों ओर मुख्य मार्ग के पहाड़पुर,पचगांव मोड़ के समीप अकसर दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है जिससे लोगों को जान गंवानी पड़ती है समय रहते अगर विभाग के द्वारा ऐसे क्रशर संचालकों पर कार्रवाई नहीं की जाएगी तो ग्रामीण उपायुक्त को हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर सड़क जाम करने को बाध्य होंगे

राम भक्तों के लिए

गुमला पुलिस ने 29 लख रुपए का अफीम गांजा बरामद किया, तीन अवैध नशीले कारोबारियों को एक ब्रेजा कार के साथ किया गिरफ्तार

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला पुलिस कप्तान हरिश बिन जामां एवं गुमला पुलिस को मिली बड़ी सफलता लगभग 29 लख रुपए का अफीम – गांजा बरामद, होटल की आड में फल फूल रहा था,नशे का अवैध कारोबार, तीन कारोबारी गिरफ्तार,एक ब्रेजा कार जब्त, गुमला जिला मुख्यालय में होटल व्यवसाय की आड़ में चल रहे नशे के अवैध धंधों का भंडाफोड़ किया गया, गुमला, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुरेश प्रसाद यादव एंव गुमला सदर थाना प्रभारी महेंद्र कुमार करमाली ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि होटल व्यवसायों द्वारा होटल व्यवसाय की आड़ में अफीम – गंजे के व्यापार करते तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर, न्यायिक हिरासत में लेते हुए, गुमला जेल भेज दिया गया है l

राम भक्तों के लिए

गुमला पादा पडहा का सर्वसमिति से गठन

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला अतख़ा पड़हा के देवान फिरू भगत की अध्यक्षता में पत्रा बगीचा में एक बैठक का आयोजन किया गया,इस बैठक में सर्वसम्ती से निर्णय लिया गया कि बागी लकड़ी के द्वारा दिनांक 11 अप्रैल 2026 को डुमरडीह में पादा पड़हा गठन करने की घोषणा किया गया है
क्योंकि पादा पड़हा झारखंड का चुनाव नवंबर 2025 में हो
चुका है और इसका शपथ ग्रहण अमर सेनानी जतरा टाना भगत
के जन्मदिन के अवसर पर पादा पड़हा का शपथ ग्रहण हो गया
है , बागी लकड़ा समाज के बीच में राजनीति कर समाज को
अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं बागी लकड़ा,राजी पड़हा के
बेल पद पर थे, पर उनके द्वारा समाज विरोधी कार्य को देखते हुए उन्हें राजी पड़हा से बर्खास्त किया गया है, अतः हम लोग बागी
लकड़ा और उनके टीम का विरोध करते हैं और वह राजी पड़हा से
बर्खास्त हो चुके हैं, इसलिए हम लोग बागी लकड़ा का कडा
विरोध करते हैं और इस बैठक में मुख्य रूप से मूली पड़ा के काहतो
महेंद्र उरांव मूली पड़हा के परामर्शदात्रि सदस्य राजबेल
सुदर्शन भगत, मंगरा उरांव, वीरेंद्र उरांव, सुमंती देवी, गौरी देवी, अनीता देवी, सरिता देवी, विमल उरांव,ज्योति लकड़ा, सुरेंद्र लकड़ा, बहुरन उरांव, संजय टोप्पो,फिर देना बैक, सुमित टाना भगत,नारायण उरांव, यात्रा उरांव, मंगलदेव भगत, बुद्धेश्वर उरांव,सोमेश्वर भगत, सहित
सैकड़ो लोग उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान के तहत मंडल कारा गुमला में विशेष आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में 100 दिवसीय टीबी मुक्त अभियान 2026 के अंतर्गत आज गुरुवार को मंडल कारा, गुमला में विशेष आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कारा में निरुद्ध बंदियों का टीबी स्क्रीनिंग किया गया तथा ऑन-द-स्पॉट पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच सुनिश्चित की गई।

शिविर के दौरान मंडल कारा गुमला को उच्च जोखिम क्षेत्र मानते हुए सभी बंदियों का क्रमवार एक्स-रे परीक्षण किया गया, ताकि संभावित टीबी मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें शीघ्र उपचार उपलब्ध कराया जा सके। इसके साथ ही बंदियों एवं कारा में कार्यरत कर्मियों का ब्लड प्रेशर, शुगर, हीमोग्लोबिन, एचआईवी एवं बलगम जांच भी की गई।

आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारंभ जेल अधीक्षक गोपाल चंद्र महतो द्वारा एक्स-रे जांच के साथ किया गया।
इस अवसर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, जेल अधीक्षक मंडल कारा गुमला, डॉ. क्रिस्टो मंगल बोदरा (प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, गुमला), विनय कुमार गुप्ता (डीपीसी), सुधांशु भूषण मिश्रा (वरीय उपचार पर्यवेक्षक), राजेश उरांव (वरीय यक्ष्मा प्रयोगशाला पर्यवेक्षक), यूपीएचसी गुमला के सुब्रतो शाहा एवं पोर्टेबल एक्स-रे तकनीशियन उपेंद्र साहू उपस्थित रहे। साथ ही सपोर्ट संस्था ‘रीच’ की राखी कुमारी का भी सहयोग रहा।

शिविर के दौरान कारा परिसर में यक्ष्मा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी द्वारा बंदियों को यक्ष्मा के लक्षण, संक्रमण के कारण, जांच की प्रक्रिया, उपचार एवं दवा सेवन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य रोग है, यदि समय पर पहचान एवं नियमित दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम में जेल अधीक्षक द्वारा सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का स्वागत करते हुए इस पहल को सराहनीय बताया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविरों से बंदियों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ती है, जिससे वे स्वस्थ रहकर समाज के सकारात्मक निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस प्रकार के सतत प्रयासों के माध्यम से गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

राम भक्तों के लिए

राघव चड्ढा और सोनिया गांधी की गुप्त मुलाकात: सियासी गलियारों में हलचल तेज

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भारतीय राजनीति में जब भी “गुप्त मुलाकात” जैसी खबर सामने आती है, तो उसके मायने सिर्फ एक मुलाकात तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उसके पीछे छिपे संकेत, समीकरण और संभावित बदलावों की चर्चा तेज हो जाती है। हाल ही में ऐसी ही एक बड़ी खबर सामने आई है कि राघव चड्ढा ने कथित तौर पर सोनिया गांधी से एक गोपनीय मुलाकात की है। यह खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। क्योंकि आप से विदाई के बाद यह चर्चा जोरों पर थी कि वे भाजपा में जा सकते हैं.

सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इस मुलाकात का मकसद क्या था? क्या यह सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट थी, या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश छिपा है?

क्या है मुलाकात के मायने?

राघव जो आम आदमी पार्टी (AAP) के युवा और तेजतर्रार चेहरों में से एक माने जाते हैं, पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वहीं सोनिया गाधी, कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्वकर्ता हैं और आज भी पार्टी के बड़े फैसलों में उनकी अहम भूमिका रहती है।

ऐसे में दोनों नेताओं की “गुप्त मुलाकात” कई संकेत देती है। सबसे पहला संकेत विपक्षी एकता की ओर इशारा करता है। आने वाले चुनावों को देखते हुए विपक्षी दलों के बीच तालमेल और रणनीति बनाना बेहद जरूरी हो गया है।

क्या है विपक्षी गठबंधन की तैयारी?

यह मुलाकात ऐसे समय में हुई बताई जा रही है जब देश में राजनीतिक माहौल लगातार गरमा रहा है। 2024 के बाद भी भारतीय राजनीति में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। ऐसे में AAP और कांग्रेस के बीच बढ़ती नजदीकियां कोई नई बात नहीं है।

दिल्ली और पंजाब की राजनीति में AAP की मजबूत स्थिति है, जबकि कांग्रेस देशभर में अपनी जमीनी पकड़ को दोबारा मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में दोनों दलों का साथ आना भाजपा के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा बन सकता है।

इस मुलाकात को इसी नजरिए से देखा जा रहा है कि क्या AAP और कांग्रेस के बीच कोई नई रणनीति तैयार हो रही है? क्या सीट शेयरिंग, संयुक्त अभियान या किसी बड़े आंदोलन की रूपरेखा बन रही है?

अंदरखाने की राजनीति

राजनीति में अक्सर जो दिखता है, वह पूरा सच नहीं होता। “गुप्त मुलाकात” शब्द ही अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। अगर यह मुलाकात सामान्य होती, तो इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?

कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात आने वाले समय की रणनीति तय करने के लिए हो सकती है, जिसे फिलहाल सार्वजनिक करना उचित नहीं समझा गया। इससे यह भी संकेत मिलता है कि विपक्ष अपने कदम बेहद सोच-समझकर और गोपनीय तरीके से बढ़ा रहा है।

भाजपा के लिए चुनौती साबित हो सकती है?

अगर इस मुलाकात के पीछे विपक्षी एकता का कोई बड़ा प्लान है, तो यह निश्चित रूप से भाजपा के लिए चुनौती बन सकता है। अब तक विपक्ष की सबसे बड़ी कमजोरी उसकी बिखरी हुई स्थिति रही है। लेकिन अगर कांग्रेस और AAP जैसे दल एक साथ आते हैं, तो राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।

हालांकि, यह भी सच है कि दोनों दलों के बीच कई राज्यों में सीधी टक्कर भी रही है। ऐसे में पूर्ण गठबंधन आसान नहीं होगा, लेकिन रणनीतिक सहयोग संभव है।

मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि नहीं

सामान्य जनता के लिए इस तरह की मुलाकातें सिर्फ राजनीतिक खबर नहीं होतीं, बल्कि इससे उनके भविष्य की राजनीति तय होती है। अगर विपक्ष मजबूत होता है, तो लोकतंत्र में संतुलन बेहतर होता है। वहीं, अगर यह सिर्फ सियासी दिखावा है, तो जनता के भरोसे को चोट भी पहुंच सकती है।

राघव चड्ढा  और सोनिया गाधी की कथित गुप्त मुलाकात ने राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। हालांकि, अभी तक इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसके संकेत दूरगामी हो सकते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मुलाकात सिर्फ एक चर्चा थी या भारतीय राजनीति में किसी बड़े बदलाव की शुरुआत। फिलहाल, सियासी गलियारों में यही चर्चा है—“क्या कुछ बड़ा होने वाला है?”

 

 

राम भक्तों के लिए
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