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Thursday, July 2, 2026
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विश्व हिन्दी दिवस पर डोरंडा कॉलेज में कई प्रतियोगिताएं आयोजित

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रांची :  डोरंडा महाविद्यालय के बीएड विभाग में नये सत्र-2022-24 के प्रशिक्षुओं ने विश्व हिन्दी दिवस का आयोजन प्राचार्य डॉ. वी पी वर्मा के निर्देशन में किया।  इस मौके पर विभाग के सभी शिक्षक एवं शिक्षिका सहित प्रथम सत्र के प्रशिक्षु शिक्षकों ने भाग लिया। हमारी शान हिन्दी, माथे की बिंदी हिन्दी जैसी कविताओं एवं स्वरचित रचनाओं का पाठ किया गया. इस अवसर पर चिराग, अंजु, सूरज, विख्यात, रजनी ने भी अपनी प्रस्तुति दी। झारखंड सरकार युवा कार्य विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन तीन स्तर पर किया जा रहा है। डोरण्डा कॉलेज में एनएसएस सेल द्वारा कॉलेज स्तर पर यह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई।

नौ प्रतिभागियों का चयन हुआ

इस मौके पर डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि विश्व पटल पर हिन्दी भाषा एवं साहित्य के माध्यम से भारत, भारतीयता और हम का परिचय दे रही है। राष्ट्रीय युवा दिवस सप्ताह के अवसर पर महाविद्यालय स्तरीय भाषण, पेंटिंग, निबंध लेखन प्रतियोगिता में नौ प्रतिभागियों का चयन हुआ। भाषण में तान्या राज, श्वेता कुमारी, आकाश कुमार झा, पेंटिंग में नम्रता बारजो, नीलू कुमारी, अभिषेक नायक, निबंध में आकाश कुमार, कुमार सत्यम, आरती कुमारी का चयन हुआ। महाविदयालय स्तर पर चयनित विद्यार्थी विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय देंगे उसके बाद राज्य स्तर पर भाग ले सकेंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ बीपी वर्मा ने सभी चयनित प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। धन्यवाद ज्ञापन एवं मंच संचालन कुश एवं कल्पना ने किया।

राम भक्तों के लिए

मधुबन में झारखंड बचाओ मोर्चा की रोषपूर्ण महारैली, सरकार हमारी भावनाओं को समझे, वरना उग्र आंदोलन होगा, बाजार बंद रहे, पुलिस मुस्तैद रही

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गिरिडीह: पारसनाथ पर्वत-सम्मेद शिखर को आदिवासियों का धार्मिक क्षेत्र घोषित करने और मारंग बुरू को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए पारसनाथ बचाओ आंदोलन के बैनर तले पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मधुबन में मंगलवार को कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच आदिवासी-मूलवासियों की रोषपूर्ण महारैली हुई। रैली को झारखंड बचाओ मोर्चा के मुख्य संयोजक लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि आदिवासियों का यह क्षेत्र पवित्रस्थल भी है, जहां फागुन माह की पहली तिथि को विशेष पूजा-अर्चना होती है. इसमें भारत, बांग्लादेश, भुटान समेत अन्य देशों के समाज के लोग भाग लेते हैं. कहा कि जो बाहरी लोग शिखरजी को अपना बताने पर आमादा हैं, वह सही नहीं है. आदिवासी समाज अपना हक और अधिकार लेना जानता है. जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन होगा।

केन्द्र-राज्य सरकारों का पुतला दहन किया गया

रैली में पूर्व सांसद सालखन मुर्मू, पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव, जयराम महतो, सिकन्दर हेम्बम समेत समेत देश के कई भागों से आए लोगों ने आदिवासियों को संबोधित किया। आदिवासी समाज के नेताओं ने कहा कि सदियों से पारसनाथ क्षेत्र उनके आराध्य धर्मगुरू मरांग बुरू जाहेर स्थल है, जिसका उल्लेख 1956 के बिहार -हजारीबाग गजट में अंकित है. कहा कि इस दौरान रैली मघुबन फुटबॉल मैदान से निकल कर बाजार का भ्रमण करते हुए पर्वत मार्ग तक गई, जहां  केन्द्र सरकार व झारखंड सरकार का पुतला दहन किया गया. सरकारों पर आरोप लगाया गया कि दोनों सरकारें आदिवासियों की भावनाओं उपेक्षा कर रही है.

रैली में गैर आदिवासी संगठनों के लोग भी शामिल हुए

रैली में काफी संख्या में राज्य के विभिन्न इलाकों से समाज के लोगों का जुटान हुआ था। रैली में कई गैर आदिवासी संगठनों के लोग भी शामिल हुए। रैली के मद्देनजर जिला एंव पुलिस प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किये थे। सीसीटीवी एंव ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही थी। जिसकी मॉनिटरिंग जिला मुख्यालय में की जा रही थी। आज की रैली को देखते हुए मघुबन बाजार बंद था। एक दर्जन से अधिक मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किये गये थे। चारों तरफ पुलिस बल की तैनाती की गयी थी। पुलिस-प्रशासन सुुुबह से ही सड़कों पर गश्त लगाते हुए नजर आए. शाम तक कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

जैन समाज अपना एकाधिकार जताना बंद करना

रैली में कई लोगों ने एक स्वर से कहा कि आदिवासी समाज यह आरोप लगाता है कि पारसनाथ पर्वत पर जैन समाज अपना एकाघिकार जता ऱहा है। अफसोस इस बात का है कि इस मामले में सरकार के नुमाइंदे भी मौन धारण किए हुए है। हालांकि झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग ने आदिवासी समाज के आरोपों भ्रामक बताते हुए खंडन किया है. विभाग ने स्पष्ट किया कि पारसनाथ को लेकर आठ सदस्यीय कमेटी का गठन होगा जिसमें दोनों जैन समाज (दिगबंर-श्वेताबंर) से एक-एक और आदिवासी समाज से एक सदस्य को शामिल करने का नीतिगत निर्णय लिया गया है.

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया, एससी-एसटी अपनी शिकायतें दर्ज करें

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गिरिडीह: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर हो रहे अत्याचार के पीड़ितों द्वारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए गिरिडीह जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नं- (Toll Free No- 18002021989) अधिष्ठापित किया है. इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए हेल्पलाइन नंबर संचालित करने के लिए जिला स्तर पर व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है. उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा द्वारा जानकारी दी गई कि है भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा नागरिक सुरक्षा अधिनियम 1955 एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 के सफल कार्यान्वयन के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर अत्याचार के विरुद्ध नेशनल हेल्पलाइन नंबर संचालित किया गया है।

एससी-एसटी से इस योजना का लाभ उठाने की अपील

इस कॉल सेंटर में संचालित हेल्पलाइन नं. [Toll free No 18002021989) पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों पर हो रहे अत्याचार के पीड़ितों द्वारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। इस योजना का सफल कार्यान्वयन हेतु हेल्पलाइन नंबर संचालित करने के लिए जिला स्तर पर व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार करने का निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है, ताकि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के सदस्यों/पीड़ितों को जागरूक करते हुए इस योजना से लाभान्वित किया जा सके।

राम भक्तों के लिए

मरांग बुरू पर हमारा जन्मसिद्ध अधिकार, केंद्र-राज्य सरकारें मामले की गंभीरता को समझें: वीएस नायक

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रांची : गिरिडीह: मरांग बुरू (पारसनाथ) पर झारखंड के आदिवासी मूलवासी समाज  का सदियों से जन्मसिद्ध अधिकार है, इसे दुनिया की कोई ताकत चाहे कोई भी सरकार रहे, उन्हें अधिकार से वंचित नहीं कर सकती. अगर ऐसा हुआ तो केंद्र व  राज्य सरकारों को इसके गंभीर परिणाम भुगतनी पड़ सकती है. उपरोक्त बातें झारखंड बचाओ मोर्चा के केंद्रीय संयोजक सह आदिवासी मूलवासी जनाधिकार मंच के केंद्रीय उपाध्यक्ष विजय शंकर नायक ने कही. गिरिडीह में मंगलवार को मरांग  बुरू बचाओ अभियान के तहत हुए महाजुटान कार्यक्रम में देश के विभिन्न एवं राज्य के विभिन्न जिलों से लाखों की संख्या में उपस्थित आदिवासी-मूलवासी के महाजुटान कार्यक्रम की सफलता पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे थे।

जैन धर्मावलंबी आदिवासी संस्कृति पर हमला करना बंद करें

श्री नायक ने कहा कि मरांग बुरु बचाओ अभियान आंदोलन के अब दूसरे चरण में 30 जनवरी को भगवान बिरसा मुंडा का जन्म स्थल खूंटी के उलीहातू में एक दिवसीय उपवास का कार्यक्रम किया जाएगा. इसके बाद भी सरकार ने अगर ध्यान नहीं दिया तो फिर भोगनाडीह में 2 फरवरी को सिद्धू कानू के जन्म स्थल पर विशाल उपवास कार्यक्रम केंद्रीय संयोजक विधायक लोबिन हेंब्रम के नेतृत्व में किया जाएगा. इसके बाद भी अगर सरकार की नींद नहीं टूटी तो फिर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा. श्री नायक ने कहा कि जैन धर्मावलंबी झारखंड के आदिवासी मूलवासी के रीति-रिवाज उनकी संस्कृति पर हमला करना बंद करें और भगवान महावीर के संदेश (जियो और जीने दो) की नीति पर काम करने का काम करें. उन्होंने कहा कि यह बहुत अजीब बात है कि संविधान की 5वीं और 6वीं अनुसूची के अनुसार आदिवासी-मूलवासी के स्वामित्व वाली जमीन को गैर-आदिवासी नहीं खरीद सकते। लेकिन यहां धड़ल्ले से जैन संप्रदाय के लोग जमीन खरीद रहे हैं तथा ऊंचे-ऊंचे आश्रम बना रहे हैं।

राम भक्तों के लिए

खलारी – जीवन वही श्रेष्ठ है, जो प्रभु के नाम समर्पित हो जाये : बीके राजू भाई

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खलारी, 09 जनवरी : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गुमला झारखंड स्थित शिव दर्शन भवन में रविवार को गुमला की 11 बीके बहनों का समर्पण समारोह मनाया गया। साथ ही गुमला शहर स्थित ब्रह्माकुमारीज द्वारा 51 वर्षों के अथक सेवा के बाद 51 नारियल फोड़कर नवनिर्मित शिव दर्शन भवन का उद्घाटन हुआ। मौके पर उपस्थित डकरा सुभाष नगर के बीके बहन-भाइयों ने बताया कि इस समारोह में ब्रह्मकुमारी से जुड़े हजारों ब्रह्मा वत्सों के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जहां मुख्य अतिथि के रूप में माउंट आबू, राजस्थान से पहुंचे अमूल्य रत्न राजयोगी बीके राजु भाई ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि जीवन वही श्रेष्ठ है, जो प्रभु के नाम समर्पित हो जाये। विश्व कल्याण के लिए इन कन्याओं ने जो अपना सर्वस्व आज समर्पित किया है, इससे महान कार्य और कुछ भी नहीं हो सकता। समर्पित होने वाली बहनों के प्रति विशेष शुभ राय देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन भर ट्रस्टी होकर रहना है। बुद्धि में यही रहे कि हमारा कुछ भी नहीं, सब उस परमात्मा पिता का है। मैं पन या मेरा पन यह दोनों शब्द अभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये देखकर खुशी होती है कि आज के आधुनिक युग में भी ये बहनें दुनिया की चकाचौंध को छोड़ आध्यात्मिकता में अपनी रुचि रखे हुए हैं। गुमला सेवा केंद्र की मुख्य बीके शांति दीदी ने कहा कि अगर हम अपने समय व शक्ति को मानव की भलाई के कार्य में लगाएं तो हमारा जीवन आनन्द से भरपूर हो सकता है। वही इस कार्यक्रम नृत्य प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान समर्पित होने वाली सभी बीके बहनों ने सुनहरे पीले रंग की चुन्नी ओढ़ रखी थी। बहनों ने पूरी सभा के बीच मे ही ब्रह्माकुमारी की धारणाओं को जीवन में अपनाने का प्रतिज्ञा लिया । साथ में उनके मात-पिता ने खुद अपनी कन्या का हाथ शिव बाबा को सौंप दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से माउंट आबू, राजस्थान से राजयोगिनी बीके रूकमणी दीदी, कटक, उ
ड़ीसा से राजयोगिनी बीके कुलदीप दीदी, ।कोलकत्ता पश्चिम बंगाल से राजयोगिनी बीके मुन्नी बहन, गुमला की मुख्य शांति दीदी और समर्पित होने वाली कन्याओं के साथ उनके माता-पिता के साथ डकरा सुभाष नगर के अनेकों बीके भाई-बहन उपस्थित रहें।

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खलारी – आपसी भाईचारा और प्रेम का प्रतीक है प्रभावित प्रतिरोध मंच – सुनील

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खलारी, 09 जनवरी : प्रभावित प्रतिरोध मंच चूरी का वनभोज सह मिलन समारोह चूरी जंगल परिसर में हुई। मिलन समारोह में क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि समेत मंच के सभी सदस्य शामिल हुए। इस दौरान सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मंच के संरक्षक सुनील सिंह ने कहा की प्रभावित प्रतिरोध मंच आपसी भाईचारा और प्रेम का प्रतीक है। क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर रोजगार का सृजन करना और लोगों को रोजगार से जोड़ना पहली प्राथमिकता है। वहीं मंच के अध्यक्ष नागेश्वर महतो ने कहा की नववर्ष में भाई चारे के साथ क्षेत्र के विकास के लिए काम करना है। इस कार्य में क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों का सहयोग जरूरी है। बैठक के बाद सभी लोगों ने एक साथ भोजन का आनंद लिया। इस अवसर पर अब्दुल्ला अंसारी,बिगन सिंह भोगता, सोनू पांडे,तनवीर आलम, इस्लाम अंसारी, राजा खान, मनोज महतो, विनय खलखो, अशोक महतो, राजेश महतो, अर्जुन महतो, इंटेक्स मद्रासी, दिलीप सिंह, सुरेश महतो, राजेश महतो, नरेश गंझू, जालिम सिंह, अरविंद सिंह, संटू सिंह, बालेश्वर महतो, भुनेश्वर महतो, अशोक कुमार महतो, नरेश महतो, मोहन महतो, हिमांशु मंडल, अजय विश्वकर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे।

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मैकलुस्कीगंज अगरवा जंगल से पुलिस ने अवैध कोयला लदा ट्रक किया जप्त, चालक-उपचालक फरार

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खलारी, 09 जनवरी : तीस टन अवैध कोयला लदा एक ट्रक नंबर जेएच 01-7121 मैकलुस्कीगंज पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर लपरा पंचायत के अगरवा जंगल में पकड़ा है। इस पूरे मामले पर खलारी पुलिस उपाधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि रविवार की रात्रि में गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक पर अवैध कोयला ले जाया जा रहा है । जिसके बाद तुरंत ही मैकलुस्कीगंज थाना को इसकी सूचना देकर एक टीम गठित कर अगरवा जंगल भेजा गया। जहां पुलिस पर ट्रक चालक और उपचालक की नजर पड़ते ही अंधेरे का फायदा उठाते हुए दोनों भाग निकले। वही पुलिस द्वारा कोयला लदे ट्रक को कानूनी कार्यवाही हेतु बघमरी पिकेट के पास लाकर खड़ा कर दिया गया है। इधर सूत्रों की माने तो पीछले कुछ दिनों से अगरवा जंगल से ट्रक द्वारा अवैध कोयला का गोरखाधंधा कोयला माफियाओं के द्वारा लगातार किया जा रहा था।

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झारखंड में खेलकूद की तरह मजदूरी में भी पुरुषों से आगे निकल गई महिलाएं, मनरेगा में पिछले तीन साल में महिला श्रमिकों की संख्या में हुई बढ़ोतरी

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रांची : झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में अबतक नौ करोड़ मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। 2019-20 में यह संख्या सात करोड़ थी। वहीं कोरोना कालखंड में राज्य सरकार ने गांव के लोगों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2020-21 में 1150 और वर्ष 2021-22 में 1105 लाख मानव दिवस सृजन किया ताकि, लोगों का जीवन और जीविका दोनों सुरक्षित रह सके। झारखंड में मनरेगा में पिछले तीन साल में महिला श्रमिकों की संख्या के बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सबसे अधिक लाभ उन महिलाओं को मिल रहा है जो सिंगल, तलाकशुदा या जो बिल्कुल बेसहारा है। 2019-2020 में महिला श्रमिकों का प्रतिशत 41.31 था, जबकि वर्ष 2020-21 में 42.56, 2021-22 में 45.58 एवं 2022-23 में अबतक 47.1 महिलाओं को हर दिन काम मिल रहा है। झारखंड में खेलकूद की तरह मजदूरी में भी पुरुषों से आगे निकल गई है.

पलायन पर थोड़ा अंकुश लगा है
झारखंड के ग्रामीण परिवेश में रहनेवाली अधिकतर महिलाओं ने मनरेगा को अपनी जीविका को सर्वोत्तम माना है. महिलाओं का कहना है कि मनरेगा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अपने घर-गांव के आसपास ही काम मिल जाता है. इससे कुछ पैसे मिल जाते हैं और अकेलापन भी दूर होता है. लेकिन मनरेगा की राशि बढ़नी चाहिए. एक मनरेगाकर्मी महिला ने बताया कि मनरेगा में मजदूरी मिलने से हमारे गांव की बेटियां अब पलायन करने से थोड़ा परहेज करती हैं. गांवों में विचरण करनेवाले कई दलालों को यहां से बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है. यह अच्छा संकेत है.

निर्माण कार्य में भी बढ़त दर्ज की गई

झारखंड में विगत तीन वर्ष में निर्माण कार्य को पूर्ण करने में भी बढ़त दर्ज की गई है। 2019-20 में 3,53,275 कार्य पूर्ण हुए थे, जबकि, 2020-21 में 4,96,723, 2021-22 में 5,38,759 एवं 2022-23 में अबतक 5,27,368 निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ग्रामीणों के अनुरूप कार्य का सृजन होना भी मजदूरों के लिए राहत की बात है। इससे महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। मनरेगाकर्मी महिलाओं ने मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी के कामकाज के तरीके को काफी पसंद कर रही हैं. शायद यही कारण है कि महिला श्रमिकों की संख्या काफी बढ़ोतरी हुई है.   

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ढुल्लू महतो ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गए जेल, रविवार की रात पड़े थे बीमार, अब कल हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

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धनबाद : बाघमारा विधायक ढुलू महतो ने सोमवार की सुबह धनबाद न्यायालय में सरेंडर कर दिया. भारी समर्थकों के साथ अपने निजी वाहन से धनबाद कोर्ट पहुचे थे. 2013 में वारंटी राजेश गुप्ता को छुड़ाने व पुलिस की वर्दी फाड़ने के मामले में हाईकोर्ट ने सरेंडर करने का आदेश दिया था. उसी मामले में आज धनबाद न्यायालय में विधायक ने सरेंडर किया. रविवार की रात 9.30 बजे निचितपुर अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती हुए थे. डॉक्टरों ने उसकी पुरानी बीमारी कोलाइटिस बताते हुए हाइर अस्पताल रेफर किया था. वे दुर्गापुर मिशन के लिए निकले थे और आज सुबह करीब साढ़े दस बजे उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया.

हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की है

बता दें कि ढूल्लू महतो को झारखंड हाईकोर्ट ने बीते 12 दिसंबर को चार हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था. उन्होंने इस केस में झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की है. इसपर हाईकोर्ट ने उन्हें पहले निचली अदालत में सरेंडर करने को कहा था. हाईकोर्ट ने इसके लिए जो वक्त दिया था, उसकी मियाद आज पूरी हो रही थी. हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होनी है. विधायक ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. उन्होंने खुद को इस मामले में निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है. 

जमानत पर चल रहे थे ढूल्लू
उल्लेखनीय है कि ढुल्लू महतो पर 2013 में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस इंस्पेक्टर आरएन चौधरी की वर्दी फाड़ने और वारंटी राजेश गुप्ता को जबरन छुड़ाने का केस धनबाद के कतरास थाने में दर्ज हुआ था. इस मामले में ट्रायल के बाद धनबाद की अनुमंडल दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल की अदालत ने अक्टूबर 2019 को उन्हें 18 महीने की सजा सुनाई थी. विधायक ने 18 माह की सजा में से करीब एक साल की सजा काट ली है. इसके बाद वे जमानत पर चल रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें पुन: जेल जाना पड़ा है.

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गिरिडीह में 18 जनवरी को सीएम का आगमन, डीसी ने अधिकारियों संग बैठक कर दिए कई निर्देश

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गिरिडीह: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संभावित 18 जनवरी को गिरिडीह आगमन की तैयारियों को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त  नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों और बीडीओ-सीओ शामिल हुए। बैठक में उपायुक्त ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन, पशुधन विकास योजना, सर्वजन पेंशन, केसीसी, सुखाड़ राहत, छात्रवृत्ति, मनरेगा, राजस्व कोर्ट द्वारा वाद का निष्पादन एवं नामांतरण वाद निष्पादन, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस/मॉडल विद्यालय/जिला स्कूल/छात्रवृत्ति, जेएसएलपीएस की स्वयं सहायता समूह/सखी मंडल, फूलों झानो आशीर्वाद योजना, पेयजलापूर्ति, पर्यटन व खेलकूद, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई, सड़क/पुल, जन वितरण प्रणाली समेत विभिन्न योजनाओं समीक्षा की तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।

डीसी का आवेदनों का तेज़ गति से निष्पादन करने का निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग को आपस में बेहतर समन्वय बनाते हुए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के आवेदनों को तेज़ गति से निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कल्याण पदाधिकारी को सभी प्रकार की छात्रवृत्ति का भुगतान शिक्षा विभाग से समन्वय बनाते हुए करने पर बल दिया। साथ ही मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत अधिकाधिक आवेदन जेनरेट करने, प्राथमिकता के आधार पर सभी आवेदनों का निष्पादन करने पर बल दिया। सर्वजन पेंशन योजना के तहत लाभुकों की भी जानकारी ली। इसके अलावा उपायुक्त ने मनरेगा, सुखाड़ राहत योजना, पर्यटन संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियों को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें।

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