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Sunday, July 5, 2026
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जिले स्तर पर बीपीसी हेतु कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, उत्कृष्ट वीएलई हुए सम्मानित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिले में जिले स्तर पर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (डीएलओ) की अध्यक्षता में सभी बीपीसी के लिए एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं डिजिटल सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान करना था।

कार्यशाला में भारत नेट, टेली-लॉ, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन तथा सरकारी परीक्षाओं से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रशिक्षण के दौरान योजनाओं के प्रभावी संचालन, आमजनों तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने तथा सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले वीएलई को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें आगे भी इसी प्रकार समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्टेट जिला प्रबंधक अंजर अहमद, ईडीएम अमर हुदमारे, सीएससी मैनेजर रंजन नंदा, सीएससी डीपीएम मनोज कुमार सतपति, डीएचसी राजू सिंह सहित सभी प्रखंड प्रबंधक उपस्थित थे।
कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न योजनाओं की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई गई तथा सेवा वितरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया।

राम भक्तों के लिए

साल एवं करंज बीज के संग्रहण एवं विपणन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला में जिला सहकारिता पदाधिकारी सह सचिव, सिद्धकोफेड, गुमला माधुरी बेक की अध्यक्षता में जिला अंतर्गत साल एवं करंज बीज के संग्रहण एवं विपणन विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन झारखण्ड राज्य सहकारी बैंक लि., गुमला शाखा में किया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर साल एवं करंज बीज के संग्रहण, क्रय प्रक्रिया तथा इससे जुड़े लाभों के संबंध में जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर साल बीज एवं करंज बीज के क्रय, संग्रहण, गुणवत्ता संरक्षण तथा विपणन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि साल एवं करंज बीज का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं व्यवस्थित विपणन किए जाने पर जिले के ग्रामीणों एवं किसानों की आय में वृद्धि की व्यापक संभावना है। साथ ही किसानों, समितियों एवं संबंधित संगठनों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला में जिला सहकारिता पदाधिकारी सह सचिव गुमला, सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज राज्य सहकारी संघ लि., राँची के प्रबंधक कुमार सौरव सहित बेल हार्वेस्ट एवं टेरावैना इंडिया कम्पनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जिले के सभी लैम्प्स के अध्यक्ष/सचिव, पैक्स के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर सक्रिय भागीदारी निभाई।
अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को साल एवं करंज बीज के वैज्ञानिक संग्रहण, गुणवत्ता बनाए रखने तथा बाजार से सीधे जुड़ने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी, गुमला द्वारा सहकारिता के माध्यम से किसानों को मिलने वाले लाभों तथा उनकी आय में वृद्धि की संभावनाओं पर महत्त्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
साथ ही, उन्होंने लैम्प्स के अध्यक्ष/सचिव, पैक्स एवं अन्य प्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्र के अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने, विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने तथा उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस प्रकार के कार्यक्रमों की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

राम भक्तों के लिए

डेयरी सहकारी समिति के सदस्यों को छोड़कर सभी दूध विक्रेताओं के लिए लाइसेंस/पंजीकरण अनिवार्य

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में खाद्य सुरक्षा मानकों के कड़ाई से अनुपालन एवं आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। उपायुक्त गुमला के निर्देशानुसार अभिहित पदाधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, गुमला के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में दूध एवं दुग्ध उत्पादों का सघन निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया गया।
इस विशेष अभियान के तहत दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच पर विशेष जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स श्री राम डेयरी, नागफनी एवं मेसर्स रोहित डेयरी फार्म, करमडीपा से दूध के नमूने लेकर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। साथ ही दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक पंजीकरण एवं लाइसेंस रखने के सख्त निर्देश दिए गए।
अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को छोड़कर सभी दूध उत्पादकों एवं दूध विक्रेताओं के लिए पंजीकरण या लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस या पंजीकरण के खाद्य व्यवसाय संचालित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के क्रम में दुकानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण एवं गुणवत्ता मानकों के पालन की भी गहन जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों को जागरूक करते हुए बताया कि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है।
प्रशासन ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की मिलावट या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित व्यवसायियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि वे किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त के क्षेत्र भ्रमण के बाद जिला प्रशासन ने निभाया वादा

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

उरुगुट्टू गांव के 31 लाभुकों के बीच मशरूम किट का वितरण*

एैप एग्रीगेट के सहयोग से लाभुकों को मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया

आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के क्षेत्र भ्रमण के उपरांत जिला प्रशासन ने उरुगुट्टू गांव के ग्रामीणों से किए गए आश्वासन को पूरा करते हुए कामडारा प्रखंड अंतर्गत उरुगुट्टू गांव में कुल 31 लाभुकों के बीच मशरूम किट का वितरण किया। साथ ही एग्रीगेट के सहयोग से लाभुकों को मशरूम उत्पादन संबंधी प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया, ताकि वे इसे आजीविका के एक सशक्त माध्यम के रूप में अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
ज्ञात हो कि उपायुक्त द्वारा 11 मार्च 2026 को प्रोजेक्ट द्वार के तहत कामडारा प्रखंड के रामतोलिया पंचायत अंतर्गत उरुगुट्टू गांव का दौरा किया गया था। इस दौरान उन्होंने गांव में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं, कृषि गतिविधियों एवं महिला समूहों की भागीदारी का अवलोकन किया था। भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने महिला समूहों एवं ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें मशरूम उत्पादन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया था।
उपायुक्त के निर्देश के आलोक में त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा उरुगुट्टू गांव के 31 लाभुकों के बीच मशरूम किट का वितरण सुनिश्चित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ऐप एग्रीगेट के सहयोग से लाभुकों को मशरूम उत्पादन की तकनीक, रखरखाव, उपयुक्त वातावरण, उत्पादन प्रक्रिया तथा इससे होने वाले आर्थिक लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस पहल से ग्रामीणों, विशेषकर महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं में उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि उपायुक्त के क्षेत्र भ्रमण के दौरान जो भरोसा दिलाया गया था, उसे प्रशासन ने समयबद्ध तरीके से पूरा कर विश्वास को और मजबूत किया है।

उरुगुट्टू गांव, जो सुदूरवर्ती क्षेत्र में स्थित है, वहां पहले से ही कृषि एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों एवं सहयोगी संस्थाओं के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। मशरूम उत्पादन की यह पहल ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं, के लिए आय संवर्धन का एक नया अवसर प्रदान करेगी।

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाकर ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों को आगे भी तकनीकी मार्गदर्शन, आवश्यक सहयोग एवं बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाए, ताकि मशरूम उत्पादन स्थायी आजीविका का रूप ले सके।

राम भक्तों के लिए

गुमला में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत शिक्षकों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशानुसार आज गुमला जिले में बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को बाल विवाह की रोकथाम हेतु तकनीकी एवं व्यवहारिक समझ प्रदान करना था, ताकि वे विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सकें।

उक्त कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग 400 शिक्षक-शिक्षिकाओं की सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, गुमला द्वारा की गई, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में जिला शिक्षा पदाधिकारी, गुमला उपस्थित रहे। कार्यशाला में ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर ओम प्रकाश दास, फेलो एभीए – नीति आयोग, मंटू रजक और एबीएफ, अंजलि तिवारी भी उपस्थिति भी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित पदाधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्वलन एवं स्वागत के साथ किया गया।

मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुप्रथा है, जो बच्चों के भविष्य, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। उन्होंने बताया कि यह प्रथा बच्चों के अवसरों को छीन लेती है और उनके समग्र विकास में बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक शनिवार को विद्यालयों में बाल विवाह के विरुद्ध नियमित रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए जाने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों को समय-समय पर इस विषय में आवश्यक जानकारी मिलती रहे।

उन्होंने शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के सबसे महत्वपूर्ण मार्गदर्शक एवं संपर्क बिंदु होते हैं। अतः उनकी जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें तथा समाज में कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं की उपस्थिति एवं ड्रॉपआउट की नियमित निगरानी करने पर बल दिया तथा सभी शिक्षकों से जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी ने अपने संबोधन में जमीनी स्तर की वास्तविकताओं को साझा करते हुए बताया कि जिला प्रशासन ने विभिन्न हस्तक्षेपों के माध्यम से कई बाल विवाहों को सफलतापूर्वक रोका जा सका है। उन्होंने कहा कि इन उदाहरणों को साझा करने का उद्देश्य शिक्षकों को यह समझाना है कि वर्तमान स्थिति क्या है और इससे प्रभावी तरीके से कैसे निपटा जा सकता है।

उन्होंने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन समय-समय पर जागरूकता अभियान एवं कार्यक्रमों के माध्यम से बाल विवाह उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने शिक्षकों को समाज के प्रेरक के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि उनकी भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड, गुमला के सदस्य त्रिभुवन शर्मा द्वारा लगभग 1 घंटा 30 मिनट का विस्तृत एवं तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में बाल विवाह से संबंधित कानून (बाल विवाह निषेध अधिनियम), बच्चों के अधिकार, रिपोर्टिंग की प्रक्रिया, केस हैंडलिंग, एवं रोकथाम के व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही शिक्षकों को यह भी बताया गया कि किसी संभावित बाल विवाह की स्थिति में वे किस प्रकार प्रशासन, चाइल्डलाइन, पुलिस एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर सकते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान केस स्टडी, उदाहरण एवं इंटरैक्टिव चर्चा के माध्यम से शिक्षकों को व्यवहारिक ज्ञान प्रदान किया गया, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्र में अधिक प्रभावी तरीके से हस्तक्षेप कर सकें।

कार्यक्रम के अंत में ओपन मंच सत्र आयोजित किया गया, जिसमें चार शिक्षकों ने अपने क्षेत्र के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार उन्होंने अपने प्रयासों से बाल विवाह को रोका तथा किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सभी शिक्षकों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार का गहन एवं तकनीकी प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत उपयोगी रहा और इससे उन्हें नई सीख प्राप्त हुई।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला समाज कल्याण विभाग, गुमला एवं एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया गया। जिला प्रशासन गुमला द्वारा बाल विवाह मुक्त जिला बनाने हेतु इस प्रकार के प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।

 

राम भक्तों के लिए

विश्व जल दिवस के आयोजन के साथ जल महोत्सव पखवाड़ा का हुआ समापन

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित सूचनाभवन सभागार में जिला स्तरीय “विश्व जल दिवस सह जल महोत्सव पखवाड़ा” का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल गुमला के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, मुखिया, नल जल मित्र एवं जल सहिया की गरिमामय उपस्थिति रही। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए जलसहियाओं द्वारा जल महोत्सव पखवाड़ा (08 मार्च से 22 मार्च 2026) के अंतर्गत संचालित गतिविधियों—जैसे जल गुणवत्ता परीक्षण ( एफटीके ), जल स्रोतों की सफाई, जन-जागरूकता अभियान एवं जल संरक्षण प्रयास—की जानकारी प्रखंडवार साझा की गई। जिला समन्वयक सूर्यकांत सुमन द्वारा विश्व जल दिवस का परिचय,जल महोत्सव पखवाड़ा का उद्देश्य,जल जीवन मिशन में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की भूमिका, गुमला जिले में किए गए कार्य, जल संरक्षण का महत्व, समुदाय की भूमिका एवं सामुदायिक सहभागिता पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जलसहिया, मुखिया एवं नल जल मित्रों को शाल एवं प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में कार्यपालक अभियंता के संबोधन के साथ जल संरक्षण के प्रति सामूहिक शपथ लेते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया गया।

राम भक्तों के लिए

देवघर डीसी ने बच्चों को आदर्श विद्यार्थी बनने का मंत्र दिया…कम्युनिकेशन स्किल, एक्स्ट्रा एक्टिविटी को अपने जीवन मे चरितार्थ करने का सुझाव भी दिया

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देवघर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने सोमवार को आर. मित्रा परिसर में आयोजित जिला स्तरीय पीएम श्री FLN मेला सह TLM प्रदर्शनी, 2026 में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर उपायुक्त व उपस्थित अतिथियों ने सयुंक्त रूप से किया।

कार्यक्रम के दौरान डीसी ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में रचनात्मकता, तार्किक सोच, आत्मविश्वास और कम्युनिकेशन स्किल को मजबूत करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल अकादमिक सफलता तक सीमित न रहें, बल्कि आदर्श विद्यार्थी बनकर जीवन में एक अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने का लक्ष्य तय करें।

डीसी ने बच्चों की सृजन क्षमता के विकास पर विशेष जोर दिया

डीसी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य बच्चों को समाज के प्रति संवेदनशील बनाना है। जब विद्यार्थी अपने कर्तव्यों को समझते हुए आगे बढ़ते हैं, तभी वे देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बन पाते हैं। उन्होंने बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और सृजन क्षमता के विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए यही गुण सबसे अधिक सहायक होंगे।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले बच्चों व शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया

उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि उनकी ‘कम्युनिकेशन स्किल’ और सोचने की शक्ति भी मजबूत होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल किताबी ज्ञान और परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने तक ही सीमित न रहें, बल्कि जीवन में एक आदर्श विद्यार्थी और जिम्मेदार नागरिक बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों में वैज्ञानिक सोच नवाचार और सृजन क्षमता के विकास पर बल दिया, जिसे उन्होंने भविष्य की चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी हथियार बताया।

कार्यक्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने बच्चों की रचनात्मकता और तार्किक क्षमता को निखारने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। डीसी व अनुमंडल पदाधिकारी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभिन्न प्रखंडो के बच्चों व शिक्षकों को पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

देवघर डीसी ने कुमैठा में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम के कार्यों की समीक्षा में एजेंसी से कहा-तय समय पर कार्य पूूूरा करें

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देवघर : उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने कुमैठा स्टेडियम में बन रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिनथेटिक एथलेटिक ट्रैक (8 लेन), फुटबॉल ग्राउंड, इलेक्ट्रॉनिक स्कोर बोर्ड एवं 6 हजार लोगों के बैठने हेतु स्टेडियम में कवर्ड गैलरी के चल रहे निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की. डीसी ने तय समय के अनुसार गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश एजेंसी और कार्यपालक अभियंता को दिया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने कुमैठा स्टेडियम में स्वीमिंग पूल, बैडमिंटन हॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और फिटनेस सेंटर को दुरुस्त करने के उद्देश्य से किए जा रहे कार्यों को लेकर संबंधित कार्यपालक अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण और मरम्मत कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि खिलाड़ियों को लंबे समय तक बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला खेल पदाधिकारी, भवन निर्माण निगम कार्यपालक अभियंता, कार्यपालक अभियंता भवन प्रमंडल सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी, अभियंता व एजेंसी आदि उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

क्या असम में झामुमो का खाता खुलेगा…? आदिवासी वोटों पर है हेमंत सोरेन की नजर

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सुनील सिंह

आखिरकार अंतिम समय में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम में 21 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। पार्टी ने कांग्रेस से गठबंधन की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। कांग्रेस-झामुमो को 5 से 7 सीट से अधिक देने को तैयार नहीं हुई। कांग्रेस को पता है कि असम में झामुमो की कोई खास पकड़ नहीं है। इसलिए उसने 5-7 सीटों से अधिक देना उचित नहीं समझा। दोनों तरफ से बारगेनिंग हुई। लेकिन बात नहीं बनी। यह स्वाभाविक राजनीतिक स्थिति है कि जिस राज्य में जिस पार्टी का दबदबा रहता है, वह अपने हिसाब से गठबंधन करती है और सहयोगी दलों को सीट देती है।

अब सवाल उठता है कि असम में झामुमो के चुनाव लड़ने से कांग्रेस के साथ उसके रिश्ते पर क्या असर पड़ेगा? असम में चुनाव लड़ने से किसको फायदा होने वाला है? वोटों के बिखराव का लाभ किसको मिलेगा ? भाजपा, कांग्रेस या खुद झामुमो कोई असर डाल पाएगा। आखिर झामुमो की रणनीति क्या है। किस भूमिका में वहां नजर आएगी। सिर्फ चाय बागान में काम करने वाले झारखंड के आदिवासियों के भरोसे झामुमो को कितना वोट मिलने वाला है। आदिवासी वोटों पर झामुमो की नजर है। चाय बागान में काम करने वाले आदिवासियों को अपनी ओर करने के लिए भाजपा ने कई घोषणाएं की हैं।

आदिवासियों का समर्थन इसके पहले के चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को मिलता रहा है। अब झामुमो ने वहां एंट्री की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आदिवासियों के नेता के रूप में दूसरे प्रदेशों में भी स्थापित होना चाहते हैं। जहां-जहां आदिवासी हैं वहां उनकी नजर है। इसी उद्देश्य से उन्होंने असम में चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। हालांकि झामुमो ने फैसले में बहुत देर कर दी है। गठबंधन की आस में नामांकन के अंतिम दिन चुनाव मैदान में जाने का फैसला लिया है।

इधर, एक सवाल यह भी उठ रहा है कि झामुमो के चुनाव लड़ने से भाजपा को फायदा हो सकता है। वोटों का बिखराव होगा और इसका सीधा लाभ बीजेपी को मिलेगा। यदि इसका लाभ भाजपा को मिला तो कांग्रेस के साथ झामुमो के रिश्ते में दरार पड़ सकती है।

कांग्रेस का एक खेमा यह मान रहा है कि हेमंत सोरेन अंदर से भाजपा को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ही असम में चुनाव लड़ रहे हैं, क्योंकि वहां उनका कोई आधार नहीं है। सिर्फ चाय बागान में काम करनेवाले आदिवासियों के नाम पर चुनाव लड़ने से कोई लाभ होनेवाला नहीं है। झामुमो को कोई सीट मिलने वाली नहीं है।

हेमंत सोरेन असम तो चले गए लेकिन पड़ोसी प्रदेश प. बंगाल जहां आदिवासियों की अच्छी-खासी संख्या है। झारखंड से सटे कई इलाकों में झामुमो का प्रभाव भी है. फिर भी वहां चुनाव लड़ने पर चुप क्यों है। इसके पीछे का रहस्य क्या है? असम में ओवैसी की भूमिका क्यों निभाना चाहते हैं।

मई में होनेवाला राज्यसभा का चुनाव झामुुुुुुुुुुुमो-कांग्रेस-कांग्रेस के लिए अहम 

झारखंड की राजनीति में मई में होने वाला राज्यसभा का चुनाव अहम है। दो सीटों पर चुनाव होना है। फिलहाल दोनों सीटों पर झामुमो-कांग्रेस गठबंधन की स्थिति मजबूत है। एक सीट पर कांग्रेस का दावा है। यह स्वाभाविक भी है। लेकिन अंतिम दोनों में भाजपा क्या खेल करती है और झामुमो क्या रुख रहता है इस पर बहुत कुछ निर्भर करेगा। इसलिए राज्यसभा का चुनाव झारखंड की राजनीति में टर्निंग पॉइंट हो सकता है।

राम भक्तों के लिए

श्री राम भक्त हनुमान के जन्मस्थली अंजन धाम में, महारामनवमी त्योहार पर लगेगी विशाल मेला और होगी सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ, पूजा – अर्चना, भंडारा प्रसाद वितरण

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला जिला मुख्यालय की एक अलग पहचान है, अद्भुत विशाल महा रामनवमी जुलूस, झांकी, लेजर लाइट, लाठी डंडे,और अस्त्र-शास्त्र का प्रदर्शन

आकर्षण का केंद्र होगा डंका – तासा ( बाजा ) और रामायण पर आधारित झांकियां का अद्भुत प्रदर्शन

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय की एक अलग पहचान हैं , महारामनवमी त्योहार पर निकाली गई, अद्भुत और विशाल महारामनवमी जुलूस, महारामनवमी त्योहार को लेकर गुमला जिला मुख्यालय सहित समस्त गुमला जिला में महारामनवमी त्योहार धूमधाम से बनाने के उद्देश्य को लेकर विभिन्न मुख्य चौक चौराहों को महावीरी झंडा, भगवा झंडा,और केसरिया पताके से पट्ट चुका है, पूरा गुमला जिला, जगह-जगह विद्युत सज्जा लेजर लाइट, डीजे साउंड, रामायण और रामायण काल से संबंधित श्री राम दरबार सहित समस्त पत्रों से संबंधित अपने आराध्यों के प्रति समर्पित सनातन हिंदू धर्मलंबियों के आराध्या भगवान पुरुषोत्तम श्री राम, माता सीता, भरथ, लक्ष्मण, शत्रुघ्न, श्री राम भगवान के पिताश्री अयोध्या नगरी के राजा दशरथ, माता कौशल्या, माता केकई, माता सुमित्रा और श्री राम भक्त भगवान वीर हनुमान के पिता केसरी नंदन, माता अंजनी और भगवान वीर हनुमान जी से संबंधित विभिन्न आकार प्रकार के विशाल चित्र और कट्टाउट आदि से पूरे क्षेत्र को पाट्ट दिया गया हैं और पूजा अर्चना को लेकर, सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है, गुमला जिला मुख्यालय से मात्र 21 किलोमीटर दूर स्थित पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त भगवान वीर हनुमान जी की जन्मस्थली अंजन धाम गुमला में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अंजन धाम गुमला में विशाल भव्य मेला, सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ. सहित माता अंजनी के गोद में बैठे नन्हा वीर हनुमान की अद्भुत मूर्तियों की पूजा अर्चना,और भंडारा , प्रसाद वितरण, आदि की सभी तैयारी पुरी कर ली गई है, उक्त महा रामनवमी के अद्भुत विशाल मेले और भगवान श्री राम और वीर हनुमान के दर्शन अभिलाषी भक्तगण अपनी अपनी उपस्थिति दर्ज करने के उद्देश्य से पुरुषोत्तम भगवान श्री राम भक्त वीर हनुमान की जन्मस्थली अंजन धाम पहुंच रहे हैं, क्योंकि पूरे भारतवर्ष में एक मात्र अद्भुत अंजन धाम मंदिर है जहाँ अंजना माता की गोद में बाल रूप में भगवान वीर हनुमान का अद्भुत आकर्षक मूर्ति स्थापित है, बताते चलें की भगवान श्री राम के भक्ति वीर हनुमान की जन्मस्थली अंजन धाम अपने आप में विभिन्न आकार प्रकार के रहस्यों को समेटे हुए हैं, अंजन धाम के उक्त रहस्यमय गुफा में देवों के देव महादेव के नौवे रुद्र अवतार के रूप में भगवान वीर हनुमान जी को अंजनी माता ने अपने कोख से वीर हनुमान को जन्म दी है, फलस्वरूप सनातन हिन्दु धर्म लंबियों ने अपने आराध्य के दर्शन हेतु अंजन धाम में श्रीराम भक्त वीर हनुमान के दर्शनार्थ पहूँचना प्रारंभ हो चुका है, उक्त मेले में भारत देश सहित, श्री राम, भक्त वीर हनुमान के अनन्यभक्त उडीसा प्रदेश , मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ यूपी,बिहार और झारखंड राज्य के भक्तों सहित विदेशी पर्यटक अपने आराध्य श्री राम भक्त हनुमान की जन्मस्थली की पावन धरती अंजन धाम के दरबार में माथा टेककर अपने आप को धन्य होने की अनुभूति प्राप्त करते हुए और अपनी मनीता पूर्ण होने पर माता अंजनी और भगवान वीर हनुमान के पूजा अर्चना करने के उद्देश्य से महा रामनवमी के दिन भारी संख्या में भक्तों का जनसैलाब उमड पड़ता है , झारखंड की राजधानी के बॉर्डर क्षेत्र में स्थित गुमला जिला मुख्यालय में अद्भुत विशाल महारामनवमी जुलूस अपना एक अलग पहचान बना चुका है, महा रामनवमी के दिन गुमला जिला मुख्यालय स्थित टावर चौक ( शहीद चौक ) गुमला से प्रारंभ होती है, उक्त महारामनवमी के दिन उक्त अद्भुत विशाल जुलूस, पालकोट रोड, घाटो बगीचा, सिसई रोड , पुन: टावर चौक (शहीद चौक ) , मेन रोड, काली मंदिर रोड, लोहरदगा रोड , थाना रोड होता हुआ, पुनः टावर चौक ( शहीद चौक ) में पहुंचकर देर रात जुलूस समाप्त हो जाती है l इस जुलूस में गुमला जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के दर्जनों अखाड़ों के खिलाड़ी अपने परंपरागत वेशभूषा में बड़े बूढ़े बुजुर्ग, नर नारी, युवाओं, युवक युवतियाँ और बालक बालिकाएं अपने-अपने लाठी डंडे – तलवार विभिन्न आकार प्रकार के अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन कर लोगों को अचंभित कर देते हैं, उक्त महा रामनवमी त्योहार के विशाल जुलूस को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न करने के उद्देश्य से गुमला जिला प्रशासन के गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित, गुमला जिला पुलिस कप्तान हरिश बिन जामां ने गुमला जिला के गुमला अनुमंडल, बसिया अनुमंडल और चैनपुर अनुमंडल के अनुमंडल पदाधिकारियों, सहित समस्त अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों और सम समस्त प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचलाधिकारियों, जिला के समस्त अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, संबंधित मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारियों एंव महिला एंव पुरुष पुलिस सशस्त्र बल के जवानों, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस को अपने-अपने ड्यूटी पर तैनात रहते हुए, अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुए , सड़क में तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाना, अपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने शादी के कड़े निर्देश दिए गए हैं, वही सोशल मीडिया पर रिल बनाने, और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की हिदा दी गई है, और शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न करने के लिए, जुलूस एवं अखाड़ो से संबंधित पदाधिकारियों और सदस्यों को भी न्यायालय से संबंधित नियमों को पालन करने का निर्देश दिया गया हैl

राम भक्तों के लिए
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