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Wednesday, July 1, 2026
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जेपी जयंती पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि सम्मेलन, सरयू राय ने कहा-भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत

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रांची : चारा घोटाला, मधु कोड़ा लूट कांड, अवैध खनन घोटालों समेत कई बड़े मामलों को उजागर करनेवाले पूर्वी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय ने भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर 11 अक्टूबर को लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के मौके पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रतिनिधि सम्मेलन का आयोजन किया. इसमें राज्य एक दर्जन से अधिक जिलों से करीब एक हजार प्रतिनिधि शामिल हुए. भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरयू राय की नीति और नीयत पर विश्वास जताते हुए अधिकतर प्रतिनिधियों ने कई सुझाव दिए और उसके समाधान के तरीके पर अमल करने करने की गुहार लगाई. सरयू राय ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सबके सुझावों का संकलन करने के बाद उनसे सलाह-मशविरा कर प्रमंडलीय स्तर पर आगे का कार्यक्रम तय किया जाएगा.

भ्रष्टाचार ने शासन व्यवस्था को पंगु बना दिया

इस मौके पर सरयू राय ने भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए कहा कि झारखंड में व्यवस्था को ऊपर से नीचे तक संचालित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी संभालने वाले लोकसेवकों के भ्रष्ट आचरण को बढ़ावा देनेवाली कार्य संस्कृति संसदीय लोकतंत्र के मूल्यों को नष्ट करने पर उतारू है. भ्रष्टाचार ने झारखंड की शासन व्यवस्था को बुरी तरह जकड़ लिया है. कहीं कोई सुनवाई नहीं है. भष्टाचार के बारे में जहां जाइएगा हमें पाइयेगा की उक्ति चरितार्थ हो रही है. श्री राय ने कहा कि ईडी जैसी संस्था जांच के बाद न्यायालय में दोषियों को चिन्हित कर आरोप पत्र जमा कर देता है. सत्ता शीर्ष से जुड़े प्रशासनिक एवं गैर प्रशासनिक अधिकारी और बिचौलिए गिरफ्तार हो जाते हैं पर ऊपर बैठे आकाओं को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के साथ-साथ पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल पर भी प्रमाण सहित ठोस आरोप सिद्ध कर ईडी ने न्यायालय में आरोप पत्र सुपुर्द किया है. इसी तरह मैनहर्ट, टॉफी, टीशर्ट एवं अन्य घोटालों में एंटी करप्शन ब्यूरो की जांच में दोष सिद्ध हो जाने के बाद भी सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है. इसी तरह दर्जनों मुकदमे एसीबी की संचिकाएं धूल फांक रही है. लेकिन सरकार का इसपर कोई ध्यान नहीं है.

जेपी ने आखिर व्यवस्था परिवर्तन पर जोर क्यों दिया?

श्री राय ने 1974 के जेपी आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन को पड़ाव माना था. जेपी ने व्यवस्था परिवर्तन पर जोर दिया. इसीलिए जेपी ने सपूर्ण क्रांति का उदघोष किया था. उन्होंने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में जेपी के विचार और भी प्रासंगिक हैं. आज जब राजनीतिक भ्रष्टाचार चरम पर है. समस्त जनजीवन और शासकीय व्यवस्था हर स्तर पर बुरी तरह से आक्रांत है, तो ऐसे समय में समाज में हो रही गिरावट को रोकने के लिए भष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इसके युवापीढ़ी को सजग प्रहरी की भूमिका में आना होगा. इसलिए यह प्रतिनिधि सम्मेलन भ्रष्ट व्यवस्था में परिवर्तन करने के लिए राज्य की जनता, खासकर नौजवानों का आह्वान करता है.

कई प्रस्ताव के प्रारूप पेश किये गए

प्रतिनिधि सम्मेलन के अंत में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कई प्रस्ताव विचारार्थ प्रारूप पेश किये गए. इनमें मुख्य रूप से सरकारी विभागों में ई-फाइल की कार्य संस्कृति लागू करने पर जोर दिया गया, ताकि संचिकाओं में हेराफेरी नहीं की जा सके. लोक निर्माण कार्य विभागों में शत-प्रतिशत ई-टेंडरिंग लागू करने, भूमि रिकार्ड को पूर्णत: डिजिटाइज किया जाए और ई-रजिस्ट्री के साथ ही ई-म्यूटेशन भी जाए. यदि भू-रिकार्ड का विवाद है तो वह भी इसमें परिलक्षित हो जाए. इसके अलावा 100 के बड़े नोट बंद करने, संपत्ति को आधार से लिंक करने, बेनामी संपत्ति शत-प्रतिशत जब्त करने, 50,000 से ऊपर की लेन-देन बंद करने और बैंक निकासी में पैन कार्ड अनिवार्य करने के प्रस्ताव शामिल हैं.

राम भक्तों के लिए

12 अक्तूबर से सीएम गिरिडीह से आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे, डीसी ने तैयारियों का जायजा लिया

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गिरिडीह (कमलनयन) : झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के शानदार तीन साल पूरे होने के अवसर पर आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम पूरे राज्य में आगामी 12 अक्टूबर से आरंभ हो रहा है. दो चरणों में होनेवाले राज्यव्यापी कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गिरिडीह से करेंगे। आपके द्वार कार्यक्रम का पहला चरण 12 से 22 अक्टूबर तक और दूसरा चरण एक से 14 नवम्बर तक चलेगा। सरकार बनने के बाद पहली बार गिरिडीह आ रहे सीएम हेमंत सोरेन के कार्यक्रम को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में है.

सीएम दो हजार करोड़ से अधिक की परिसंपत्तियों का वितरण करेंगे

गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में भव्य एंव प्राथमिक सुविधाओं से लैस बड़े पंडाल का निर्माण कराया जा रहा  रहा है। जिसमें करीब पांच हजार से अधिक लाभुकों के बैठने की क्षमता होगी। सोमवार को गिरिडीह के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अमित रेनू, एएसपी हरीश बिन जमा, प्रोबेश्नल आईएएस उत्कर्ष कुमार, सदर एसडीएम विशालदीप खलको, उप नगर आयुक्त स्मृति कुमारी, सदर एसडीपीओ अनिल सिंह, डीएसपी संजय राणा और नगर थाना प्रभारी राम नारायण चौधरी ने कार्यक्रम स्थल झंडा मैदान में तैयारियों का जायजा लिया.कार्यक्रम स्थल में अलग-अलग विभागों के लिए कई स्टॉल भी बनाए जा रहे हैं।

980 लाभुकों को अंबेडकर आवास की चाबी सौंपी जाएगी

इस बाबत डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने बताया कि तैयारी लगभग पूरी हो गई है. बताया गया कि सीएम हेमंत सोरेन बुधवार को दो हजार करोड़ से अधिक की परिसंपत्तियों का वितरण करेंगे। जिसमें अकेले 980 लाभुकों को अंबेडकर आवास की चाबी सौंपी जानी है। कृषि विभाग के साथ अन्य विभागों के लाभुकों को कई योजनाओं के लिए चेक भी वितरण किये जाएंगे। पूरे जिले में एक हजार करोड़ के अघिक की लागत से विकास एजेंसी स्पेशल डिविजन से बनने वाले कई पुल कई ग्रामीण सड़कें, और पेयजल आपूर्ति योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया जाएगा। इसके अलावा राज्य के लोगों के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत होगी।

राम भक्तों के लिए

ED ने छह माह के अंदर अबतक 6 को भेजा जेल, सातवां शिकार कहीं पिंटू तो नहीं…?, ED से झारखंड की ब्यूरोक्रेट्स बिरादरी भी हल्कान

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नारायण विश्वकर्मा

रांची : झारखंड में छह माह से प्रवर्तन निदेशालय (ED) खनन घोटाले की जांच में लगा हुआ है. छह माह में अबतक 6 राजनीतिक रसूखवाले जेल जा चुके हैं. अब सातवें की बारी है. अमित अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब सीएम के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू पर ईडी का शिकंजा कस सकता है. कोलकाता के चर्चित कारोबारी अमित अग्रवाल पर ईडी की गाज गिरने के बाद सीएमओ के अंदर खलबली है. ईडी के अनुसार अमित अग्रवाल का झारखंड के करीब एक दर्जन ब्यूरोक्रेट्स से संपर्क था, तो फिर पिंटू इससे अछूता कैसे हो सकता है? पिंटू को लेकर सत्ता के गलियारे में यह सवाल गूंज रहा है. जुलाई माह में पिंटू का ईडी से सामना हो चुका है. तीन दिन की पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. झामुमो और सीएमओ के अंदर भी इसकी चर्चा है कि अमित अग्रवाल से पूछताछ शुरू होगी तो, ईडी के सामने पिंटू के कारनामों की कलई भी खुलेगी.

साहेबगंज के दो ही साहेब-पिंटू और पंकज

बता दें कि साहेबगंज में वैसे तो पत्थर माफियाओं का अखंड बिहार के जमाने से ही कब्जा रहा है. लेकिन 2015 से लेकर जून 2022 तक साहेबगंज, पाकुड़ और दुमका जिले में खनन घोटाले पर झारखंड की किसी भी सरकार ने इसपर अंकुश लगाने की कभी मुहिम नहीं चलाई. इस बीच 2020 से लेकर अबतक अवैध पत्थर उत्खनन और स्टोन चिप्स के धंधे में बेशुमार इजाफा हुआ है. कहीं कोई रोकटोक नहीं थी. दरअसल, साहिबगंज में टेंडर विवाद, अवैध खनन-परिवहन में मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान के दौरान ईडी ने पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई की है। बताया जाता है कि हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार पिंटू सलाहकार की भूमिका में कम और घपले-घोटाले में अधिक रमा गया है. ट्रांसफर-पोस्टिंग भी बगैर उसकी मर्जी के नहीं होती है. साहेबगंज में मुख्य रूप से दो ही साहेब का हुकूम चलता है- पंकज मिश्रा और पिंटू. इन दोनों की रांची से लेकर साहेबगंज तक में चर्चा है. जेल में बंद हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को फंसाने में अमित अग्रवाल तो सिर्फ एक मोहरा है. चाल तो ऊपर से चली गई है. कहते हैं राजीव कुमार को गहरी साजिश के तहत फंसाया गया है. शायद पैसे के लालच में वे आसानी से फंस भी गए. अमित अग्रवाल ईडी के सामने सबकुछ उगल सकता है. ईडी को सूचना मिली है कि पिंटू के इशारे पर ही पंकज मिश्रा संताल में अवैध खनन करवाते थे. कहा जाता है कि अवैध खनन और परिवहन पर पिंटू का ही नियंत्रण था.

पिंटू की मनमानी के कारण सीएम से मिलना आसान नहीं

ईडी के 5 हजार पन्ने की चार्जशीट में 2015 से लेकर रसूखदारों के अबतक के कारनामों का एक-एक कर खुलासा होता जा रहा है और सत्ता के दलालों पर शिकंजा कसता जा रहा है. ईडी की रिपोर्ट में पंकज-पिंटू की बातचीत की विवरणी भी ईडी के हाथ लग गई है. हेमंत सरकार में शामिल कांग्रेस के और झामुमो कोटे से बने मंत्री-अधिकारी, तमाम विधायक लेकर झामुमो के कार्यकर्ताओं तक को पिंटू के कारनामों के बारे में पता है. बताया जाता है कि संतालपरगना के एक जिले में शिबू सोरेन के साथ कभी बूलेट पर चलनेवाले उनके एक पुराने और अभिन्न मित्र, जो जेएमएम की केंद्रीय समिति के सदस्य भी हैं, ने साल भर पूर्व पिंटू से कहा था कि तुम्हारे कारनामों से हेमंत सोरेन पर आंच आ सकती है. तुम्हारी कारस्तानियों की चर्चा रांची भाया गुजरात और दिल्ली तक में है. तुम्हारे कारण ही हेमंत सरकार मुसीबत फंसने जा रही है. इसपर पिंटू ने गुरुजी के मित्र को झिड़कते हुए कहा था कि जिसको जो करना है करे, हमें इन सबसे कोई फर्क नहीं पड़नेवाला है. कहते हैं कि झामुमो के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता हेमंत सोरेन से पिंटू की शिकायत करने का मन बनाया था, पर पिंटू उन्हें हेमंत सोरेन से मिलने ही नहीं देता है. इसकी चर्चा सीएमओ से लेकर जेएमएम परिवार तक में है.

ED की गाज पिंटू पर गिरी तो लपेटे में आएंगे कई दिग्गज

साहेबगंज में अवैध खनन मामले में ईडी का घेरा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबियों पर कसता जा रहा है। पंकज मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद हेमंत सोरेन के दूसरे सहयोगी पिंटू की घेराबंदी भी शुरू हो चुकी है। ईडी साहिबगंज के मिर्जा चौकी थाना क्षेत्र के पकड़िया मौजा में अभिषेक प्रसाद की कंपनी मेसर्स शिवशक्ति इंटरप्राइजेज का खनन पट्टे का मुआयना हो चुका है. उनके खनन लीज का पूरा क्षेत्र 1170 डिसमिल है। ईडी ने अपने विशेषज्ञ की मदद से पिंटू के खदान का एक-एक इंच मापा है। जाहिर है कि सत्ता शीर्ष की जानकारी में सबकुछ है, पर ये किसे अनुमान था कि साहेबगंज जैसे छोटे से शहर में ईडी अवैध पत्थरों के खनन और स्टोन चिप्स के कारोबार पर कभी अंकुश भी लगाएगा. लेकिन ईडी ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन, जिला खनन पदाधिकारी और सत्ता के दलालों की तिकड़ी को नेस्तनाबूद कर दिया है. ईडी की अंतहीन कार्रवाई से तो हेमंत सरकार का सिंहासन भी अब डोलने लगा है.

क्या अमित अग्रवाल पर भारी पड़ेंगे रवि केजरीवाल…?

कहा जाता है कि जेएमएम में ट्रेजर रहे रवि केजरीवाल ने ही अमित अग्रवाल की इंट्री करवायी थी. कुछ दिन बाद अमित अग्रवाल ने चाटुकारिता के बल पर बहुत जल्द ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली. कहा जाता है कि करीब चार-पांच साल बाद अमित अग्रवाल ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि रवि केजरीवाल को भारी अपमानित कर पार्टी से चलता कर दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रवि केजरीवाल को लात-जूते से बुरी तरह पिटाई कर सीएम आवास से भगाया गया था. उनकी पिटाई के समय वहां मौजूद तकरीबन 7-8 लोग शामिल थे. इनमें पार्टी कुछ पदाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे. केजरीवाल से ईडी ने जब पूछताछ की तो उसने खुलासा करते हुए कहा कि हमारे सामने ही पंकज मिश्रा को काम से संबंधित मामले में डायरेक्शन देते थे. रवि केजरीवाल अब सरकारी गवाह बन चुके हैं. संभावना जतायी गई कि कोर्ट में बहस के दौरान रवि केजरीवाल ने अगर अपनी जुबान खोली तो, अमित अग्रवाल के अलावा पंकज मिश्रा, अभिषेक पिंटू, बच्चू यादव, प्रेम प्रकाश जैसे लोगों की गर्दन फंसेगी और इसकी आंच हर हाल में सीएमओ तक भी पहुंचेगी.  

राम भक्तों के लिए

एलोरा गुफाएं

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एलोरा गुफा भारत के महाराष्ट्र राज्य में औरंगाबाद जिले में स्थित यूनेस्को की एक विश्व विरासत स्थल है। एलोरा केव्स औरंगाबाद के उत्तर-पश्चिम में लगभग 29 किलोमीटर और मुबई से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यह गुफा दुनिया के सबसे बड़े रॉक-कट मठ-मंदिर गुफा परिसरों में से एक है। जिसमें बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म और जैन धर्म से सम्बंधित स्मारकों की विशेषता और कलाकृति देखने को मिलती है। जोकि 600-1000 Ce अवधि से सम्बंधित हैं।एलोरा की गुफाओं का निर्माण राष्ट्रकूट वंश के शासकों द्वारा निर्मित कराई गई थी | ये गुफाएँ विषय और स्थापत्य शैली के रूप में प्राकृतिक विविधता को दर्शाती हैं।यहां की गुफा 16 की अलग विशेषता हैं और यह दुनिया भर में सबसे बड़ी एकल अखंड रॉक खुदाई, कैलाश मंदिर, शिव को समर्पित एक रथ के आकार के स्मारक के लिए जानी जाती है। एलोरा गुफा में कैलाश मंदिर की खुदाई में वैष्णववाद, शक्तिवाद के अलावा दो प्रमुख हिंदू महाकाव्यों का सारांश देने वाले राहत पैनल के साथ-साथ देवी, देवताओं और पौराणिक कथाओं को प्रदर्शित करने वाली मूर्तिया स्थित हैं।एलोरा में तीन प्रकार की गुफाएं हैं।महायानी बौद्ध गुफाएंपौराणिक हिंदू गुफाएंदिगंबर जैन गुफाएंइन गुफाओं में केवल एक गुफा 12 मंजिल का है जिसे कैलाश मंदिर कहा जाता है।इन गुफाओं के 1 किलोमीटर पर बसा एक एलोरा गांव है इसी गांव के कारण इसका नाम एलोरा गुफा पड़ा।कैलाश मंदिर अपनी जंगलों की दुनिया के सबसे शानदार और खूबसूरत स्मारकों में से एक है।और सबसे बड़ा राॅक – कट संरचना है।कैलाश दक्षिणी द्रविड़ मंदिर शैली के सबसे उत्तरी उदाहरण है ,नाम से स्पष्ट यह मंदिर ऐसा प्रतीत होता है कि यह भगवान शिव को समर्पित था।कैलाश मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूट वंश के कृष्ण द्वारा पल्लव पर अपनी जीत हासिल करने के बाद जश्न मनाने के लिए निर्माण किया गया था |

राम भक्तों के लिए

क्लास रूम टीचिंग के बिना प्रैक्टिकल अप्रोच बेस्ड नालेज मिलना संभव नहीं: डॉ ओम प्रकाश

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रांची : वाईबीएन कॉलेज फार टीचर एजुकेशन में सत्र 2021-23 के ट्रेनी टीचर्स के लिये आयोजित इंटरेक्टिव व काउंसेलिंग सेशन को संबोधित करते हुये रांची विमेंस कॉलेज बीएड डिपार्टमेंट के सहायक प्राध्यापक डॉ ओम प्रकाश ने बताया कि टीचर्स प्रतिदिन लेशन प्लान करके ही पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि क्लास रूम टीचिंग के बिना प्रैक्टिकल अप्रोच बेस्ड नालेज मिलना संभव नहीं है। टीचर्स को डिजिटल इंडिया को ध्यान में रखते हुए अपने आपको बहुत तेजी के साथ अपग्रेड करना होगा। स्ट्रांग कमिटमेंट के साथ ही ट्रीचर्स को काम करने की आवश्यकता है। टीचर्स  वर्ड ही अपने आप में आनेस्ट व वर्किंग है।

YBN चेयरमैन रामजी यादव भी थे शामिल

श्री ओमप्रकाश ने कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थी के लिये एडमिशन, एजुकेशन, रजिस्ट्रेशन, इंग्जामिनेशन, रिज्लट, कंपिटीशन और प्लेसमेंट या जॉब है. ठीक उसी प्रकार टीचर्स पढ़ाने के लिये सेलेक्शन, ग्रेडेशन, प्रेजेंटेशन, रिपिटिशन और केपेटेलाइजेशन के थ्योरी पर काम करते हैं, जिसका रिजल्ट हमें शत-प्रतिशत मिलता है, और इसके चलते ही ओवर ऑल डेवलपमेंट होता है, जिसे एजुकेशन कहते हैं। मौके पर विश्वविद्यालय के चेयरमैन रामजी यादव, कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ तबस्सुम खान, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, शिक्षाविद् सेवानिवृत प्राचार्य डॉ वासुदेव प्रसाद,  व डिपार्टमेंट के सभी प्राध्यापक उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

रांची डीसी ने रावण दहन कार्यक्रम की तैयारी का लिया जायज़ा, पूजा समितियों से 6 अक्टूबर को विसर्जन का अनुरोध

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रांची :  रांची के उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा और वरीय पुलिस अधीक्षक, किशोर कौशल ने मंगलवार को रांची में विभिन्न स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। डीसी सिन्हा ने सभी दुर्गा पूजा समितियों से 06 अक्टूबर को विसर्जन करने का अनुरोध किया है, ताकि 07 और 08 अक्टूबर से रांची में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल क्रिकेट मैच की तैयारियों को सुचारु रुप से संपादित किया जा सके। इस दौरान आला अधिकारियों ने मोरहाबादी, अरगोड़ा, एचईसी शालीमार, तुपुदाना में होनेवाले रावण दहन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेते हुए सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से बेहतर व्यवस्था हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विशेषज्ञों की निगरानी में आतिशबाजी होगी : डीसी

रांची डीसी ने बताया कि इस वर्ष रांची में पांच स्थानों पर रावण दहन कार्यक्रम प्रायोजित है। मोरहाबादी, अरगोड़ा, एचईसी शालीमार, हुंडरू और तुपुदाना में कई वर्षों से रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर रावण दहन कार्यक्रम की तैयारी की गई है। उन्होंने बताया कि रावण दहन के कार्यक्रम को लेकर पुलिस फोर्स और मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। साथ ही वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर ट्रैफिक लाइनिंग भी पूरी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि जहां-जहां रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, वहां फायर ब्रिगेड की गाड़ियां उपस्थित रहेंगी। उपायुक्त ने बताया कि रावण दहन कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों की निगरानी में आतिशबाजी होगी।

ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव किया जाएगा: एसएसपी

रांची के एसएसपी किशोर कौशल ने कहा कि रांची में जहां भी रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं, वहां बेसिक सिक्योरिटी और सेफ्टी के इंतजाम किए जा रहे हैं। बैरिकेडिंग के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस फ़ोर्स और मजिस्ट्रेट प्रतिनियुक्त किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल और वॉलिंटियर्स के माध्यम से आवश्यक दूरी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न ना हो। एसएसपी श्री किशोर कौशल ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग रावण दहन कार्यक्रम में आते हैं इसे लेकर ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव किया जाएगा जिसे मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

राम भक्तों के लिए

ईडी के जाल में बुरी तरह से फंसे पंकज मिश्रा के घर से मिले सीएम के नाम से बैंक खाते, पासबुक व चेकबुक मिलने के बाद मचा हड़कंप

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नारायण विश्वकर्मा

रांची : आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद पूजा सिंघल के पल्स अस्पताल के निर्माण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपए कैश लगाने का जिक्र अपनी चार्जशीट में कर दिया है. इसकी पुष्टि होने के बाद उन्हें जमानत मिलने की संभावना कम है. वहीं ईडी के जाल में बुरी तरह से फंसे सीएम के प्रतिनिधि पंकज मिश्रा की बजह से झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी फंसते नजर आ रहे हैं. पंकज मिश्रा के घर से सीएम की पासबुक और चेकबुक को जब्त कर लिया गया ये एजेंसी को पंकज मिश्रा के घर से मिली हैं। अवैध खनन के मामले में सीएम की एक बैंक पासबुक, हस्ताक्षरित और अहस्ताक्षरित चेक बुक पंकज मिश्रा के आवास से छापे के दौरान बरामद की गई थी।

सीएम से संबंधित है सभी बैंक खाते

चार्जशीट में कहा गया है कि एक सीलबंद लिफाफा, जिसमें एक पासबुक और दो चेक बुक हैं. इसमें दो हस्ताक्षरित चेक-004718 और 004719 हैं। इसके अलावा 31 ब्लैंक चेक, जिनके नं. 005720 से 004750 हैं, जो बैंक ऑफ इंडिया, गंगाप्रसाद शाखा, साहिबगंज के हैं, ये सभी हेमंत सोरेन के नाम पर खाता संख्या 5932xxxxxxxxxxx से संबंधित हैं। ईडी ने केजरीवाल सहित 43 गवाहों की सूची और उनके रिकॉर्ड किए बयानों की एक सूची भी उपरोक्त तीन आरोपियों के खिलाफ अपने आरोपों को साबित करने के लिए प्रदान की है। सीएम के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे ने इसपर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं उनके मीडिया सलाहकार अभिषेक प्रसाद ने ईडी की चार्जशीट को लेकर किए कॉल और मैसेज का जवाब नहीं दिया। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा कि पार्टी विचाराधीन मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी। चार्जशीट के मुताबिक, आठ जुलाई को साहिबगंज जिले में मिश्रा के आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों में सोरेन की बैंक पासबुक भी है।

एके-47 बरामदगी पर अबतक एफआईआर क्यों नहीं?

ईडी ने मिश्रा और अन्य के खिलाफ साहिबगंज जिले में एफआईआर के आधार पर 8 मार्च को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच शुरू की थी। 16 सितंबर को विशेष पीएमएलए अदालत के समक्ष दायर आरोपपत्र के बराबर अभियोजन की शिकायत में संघीय एजेंसी ने झामुमो के पूर्व कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल का बयान दर्ज किया था। जिसने कथित तौर पर कहा था कि यह उनकी उपस्थिति में था कि मुख्यमंत्री ने मिश्रा को ‘पत्थर और रेत खनन व्यवसाय से संथाल परगना से आनेवाले धन को सीधे प्रेम प्रकाश को सौंपने’ का निर्देश दिया था। सीएमओ के फंसने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है 24 अगस्त को रांची में छापेमारी के दौरान प्रकाश के आवास से झारखंड पुलिस की दो एके-47 बरामद होना. आखिर क्या कारण है कि पुलिस मुख्यालय ने अभी तक उन जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की है. ईडी की ओर से कहा गया है कि अगर अरगोड़ा पुलिस उन जवानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं करती है तो, ईडी खुद कार्रवाई करेगी.

अवैध खनने मामले में सत्ताधीश एक ही नाव पर सवार

दरअसल, 2015 से लेकर 2022 तक के अवैध खनन के मामले में वैसे तो रघुवर दास और हेमंत सोरेन एक ही नाव पर सवार हैं. फिलहाल पंकज मिश्रा ने सीएम की नैया डूबाने का पूरा इंतजाम कर दिया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा को इसपर आपत्ति है कि रघुवर सरकार में हुए भ्रष्टाचार को हेमंत सरकार से जोड़ना उचित नहीं है. वहीं सरयू राय का कहना है कि भ्रष्टाचार के संस्थागत स्वरूप का एक्सटेंशन रघुवर सरकार से हेमंत सरकार में हुआ है. उधर, झामुमो का यह कहना कि 18 साल इस राज्य में भाजपा ने शासन किया है। 2019 तक अवैध माइनिंग के संबंध में कितने एफआइआर और केस दर्ज हुए और इसके बाद अबतक कितने मुकदमे हुए? अहम सवाल ये कि हेमंत सरकार ढाई साल से क्या कर रही थी? हकीकत तो ये है कि जब ईडी ने जांच-पड़ताल शुरू की तो सत्ताधीशों की कारस्तानियां जनता के सामने आ पाई हैं. वरना झारखंड की सभी जांच एजेंसियां कभी अवैध खनन के मामले में हाथ नहीं डालती. वैसे भी झारखंड में सत्ता की राजनीति खान-खनिज के ईर्द-गिर्द ही घूमती रही है. अगर ईडी ने साहेबगंज के साहबों पर शिकंजा नहीं कसा होता तो, सब कुछ यथावत चलता रहता. इसलिए शासकीय भ्रष्टाचार वर्तमान राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा है.

राम भक्तों के लिए

कांके में तम्बाकू मुक्त हमारा स्कूल के शपथ ग्रहण में शामिल हुए छात्र-शिक्षक

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रांची : राजकीय +2 उच्च विद्यालय कांके, रांची के छात्रों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने तम्बाकू मुक्त हमारा विद्यालय का सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण किया। इस अवसर पर बुधवार को अंतर विद्यालय फुटबाल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें राजकीय +2 उच्च विद्यालय, कांके ने एक शून्य से राजकीयकृत उच्च विद्यालय, बोरियो को हरा कर विजेता बना।

एक अक्तूबर को कई खेलों की प्रतियोगिता होगी

इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मो. कुरबान ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। विद्यालय के अंग्रेजी शिक्षक सफ़दर इमाम ने बताया कि एक अक्तूबर को विद्यालय में कबड्डी, खो-खो, व अन्य खेल की प्रतियोगिता होगी और विजेता टीम को पुरस्कृत किया जायेगा. इसके अलावा ओवरऑल चैंपियन टीम को शील्ड दिया जायेगा। आज के खेल में बोरियो विद्यालय के शिक्षक आनंद मिंज, खेल शिक्षक प्रवीण, रांची विमेंस कॉलेज बी एड विभाग के शिक्षक डॉ ओम प्रकाश व विमेंस कालेज की विद्यालय में अभ्यास पाठ कर रही प्रशिक्षु शिक्षका रेशमा एक्का, दीपिका, मनीषा, पूजा व यशोदा ने अपनी अहम भूमिका निभाई।

राम भक्तों के लिए

Chhattisgarh: Land of Surprises

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Chhattisgarh, located in the heart of India, is rich in biodiversity and has a distinct culture. It is the ninth largest state, with many mythological tales, epics, and archeological and heritage sites dating back to the Kalchuris era. Many indigenous tribes of India live in the state, contributing to its vibrant culture. The unique tribal relevance has always created a special place for Chhattisgarh as a religious, cultural, and incredible tourism destination of historical value. Chhattisgarh also has scenic natural sites such as the Buddhist stupa in Sirpur, Chitrakot Fall in Bastar, Tirathgarh Fall, Ganeshji’s statute in Barsur, and Ramgarh’s oldest theatre.

Chitrakote Waterfalls

The Chitrakote waterfalls, also known as the “Mini Niagara Falls of India”, is a natural waterfall located west of Jagdalpur, in the Bastar district. It is an incredible natural beauty surrounded by the majestic grandeur of the Vindhya ranges. The falls are approximately 30m high. It has the widest fall in India, measuring approximately 300m.

Bastar Dussehra

Bastar Dussehra, also known as Jagdalpur Dussehra, is one of the most vibrant celebrations in Chattisgarh. Unlike other Dussehra celebrations, this one honors Goddess Danteshwari Devi, a local deity. The carnival sees people from different tribes of the state, step out in bright traditional attires. Several people pull a massive and beautifully decorated chariot through the streets. The last ten days of the festival are the most spectacular, ending on the day of Dussehra. 

Bhoramdeo Temple

The Bhoramdeo Temple or the ‘Khajuraho of Chhattisgarh’, carved on the rocky stones in the Nagar style is an ancient Hindu temple dedicated to Lord Shiva. The temple is said to be built by King Ramchandra of the Nag Dynasty. The Shiva Linga in the temple is wonderfully carved and the artistic appeal attracts visitors. The Bhoramdeo Temple has a resemblance to the Sun temple of Konark and The Khajuraho temple. 

राम भक्तों के लिए

ईडी ने इस्टर्न रेलवे से मांगे ब्योरे, रेलवे के अधिकारियों ने पंकज मिश्रा एंड कंपनी का भरपूर साथ दिया, करोड़ों के लेन-देन का हुआ खुलासा

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नारायण विश्वकर्मा
रांची: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साहेबगंज में पंकज मिश्रा की हुकूमत को नेस्तनाबूद करने के लिए पिछले तीन माह के अंदर काफी सबूत जुटा लिए हैं. ईडी ने अवैध पत्थर खदानों और स्टोन चिप्स के कई कारोबारियों का कनेक्शन रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों से रहे हैं. इनकी शह पर करोड़ों का कारोबार हुआ है, जिसका रेलवे के पास कोई हिसाब-किताब नहीं है. ईडी की रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि साहिबगंज से स्टोन चिप्स के अवैध परिवहन के लिए रेलवे अधिकारियों ने भी पत्थर माफियाओं का भरपूर साथ दिया है. भारतीय रेलवे भी संतालपरगना के कई जिलों से पत्थर के चिप्स और शिलाखंडों के अवैध परिवहन से रेलवे को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. इस्टर्न रेलवे से मांगे गये ब्योरे के अनुसार करोड़ों के लेन-देन का खुलासा ईडी ने किया है.
पीपी व अमित के बीच हुआ करोड़ों का लेन-देन
ईडी ने अवैध खनन मामले की जांच में पाया कि साहेबगंज में अवैध खनन कर निकाले गये स्टोन चिप्स को 3782 रेल रैक के सहारे दूसरे राज्यों में भेजा गया। इसमें से 3,531 रैक साहेबगंज के लोडिंग प्वाइंट से और 251 रैक बिहार के पीरपैंती रेलवे साइडिंग से भेजे गये। रेलवे को माइनिंग चालान और अन्य वैध दस्तावेज नहीं दिये गये। इस्टर्न रेलवे के पीरपैंती रेलवे साइडिंग से सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने 251 रैक पत्थर भेजा। इस कंपनी ने प्रेमप्रकाश की कंपनी के खाते में करोड़ों रुपये ट्रांसफर किये। प्रेम प्रकाश ने अमित अग्रवाल की कंपनी अरोड़ा स्टूडियो के खाते में भी रकम ट्रांसफर की थी।
वैध दस्तावेज का इस्तेमाल क्यों नहीं हुआ?
दरअसल, रेलवे की ओर से ढुलाई में वैध दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं किया गया. साहेबगंज के आठ लोडिंग प्वाइंट से 6,492 रेल रैक के सहारे स्टोन चिप्स और बोल्डर दूसरे राज्यों में भेजे गये थे। इसमें से 3,531 रेल रैक से भेजे गये स्टोन चिप्स के लिए वैध दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं किया गया था। जिले में सक्रिय पत्थर माफिया ने अप्रैल 2020 से मार्च 2022 तक की अवधि में ही 3,531 रैक बुक किया। सबसे ज्यादा 1,337 रेलवे रैक बाकुडी लोडिंग प्वाइंट से बुक किया गया। बरहड़वा के लोडिंग प्वाइंट से भी 718 रेल रैक बुक किये गये। दो साल के अंदर हजार करोड़ रुपये से अधिक के अवैध खनन किये गये। जांच के दौरान प्रेमप्रकाश की कंपनियों में भी करोड़ों के लेन-देन का मामला पकड़ में आया। उसके कर्मचारी अनिल झा ने जांच में स्वीकारा था कि वह प्रेम प्रकाश के निर्देश पर 10 लाख से पांच करोड़ रुपये तक नकद लाकर उन्हें देता था।
2015-16 से 2022-23 की अवधि में कुल 268 रैक बुक हुआ
प्रेम प्रकाश यानी पीपी की कंपनी के खाते से मेसर्स अरोड़ा स्टूडियो प्राइवेट लिमिटेड के खाते में पांच करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर हुए थे। यह कंपनी कोलकाता के व्यापारी अमित अग्रवाल की है। प्रेम प्रकाश की कंपनी और लक्ष्मी ग्लोबल्स कंपनी के बीच करोड़ों का लेन-देन हुआ है। लक्ष्मी ग्लोबल्स से मिले पांच करोड़ रुपये को प्रेम प्रकाश ने अपने मित्र संजीव चौधरी के लिए लिया गया कर्ज बताया। हालांकि वह कर्ज से संबंधित कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। जांच में पाया गया कि संजीव चौधरी सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड नामक कंपनी का निदेशक है। इस्टर्न रेलवे से मांगे गये ब्योरे से इसकी जानकारी मिली है कि सीटीएस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने स्टोन चिप्स की ढुलाई के लिए पीरपैंती रेलवे साइडिंग से वित्तीय वर्ष 2015-16 से 2022-23 की अवधि में कुल 268 रैक बुक किया था। इसमें से सिर्फ 17 रैक के मामले में वैध दस्तावेज दिया गया था। शेष 251 रैक से स्टोन चिप्स ढुलाई के लिए कंपनी ने माइनिंग चालान सहित किसी भी तरह का वैध दस्तावेज नहीं दिया था.
कुल 8 लोडिंग प्वाइंट रैक शामिल थे
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी ने पीरपैंती रेलवे साइडिंग से सबसे ज्यादा 117 रैक वित्तीय वर्ष 2018-19 में बुक किया था। कुल 8 लोडिंग प्वाइंट रैक शामिल थे. इनमें मिर्जाचौकी 177, साहिबगंज 395, सकरीगली 789, महाराजपुर 52, तीनपहाड़ 11, राजमहल 52, बाकुडी 1337 और बरहड़वा 718 लोडिंग प्वाइंट रैक शामिल हैं. लेन-देन को लेकर प्रेम प्रकाश और संबंधित लोगों के बीच आइफोन के ‘फेस टाइम’ एप्लिकेशन पर बातचीत होती थी. पीपी की कंपनियों में करोड़ रुपये नकद जमा करने का मामला पकड़ में आया है. उसने अपनी हर्बल ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खाते में जमा पांच करोड़ रुपये से अधिक नकद राशि को शराब के व्यापार के मुनाफे में मिला हिस्सा बताया. हालांकि इसे कागजी तौर पर साबित करने में वह असमर्थ रहा।
लीज क्षेत्र से चार गुना अधिक पत्थर निकाले गए
पंकज मिश्रा सहित अन्य लोगों ने लीज क्षेत्र से चार गुना अधिक क्षेत्र से पत्थर निकालने का काम किया है. इडी के अधिकारियों ने लीजधारकों द्वारा किये गये अवैध खनन का आकलन करने के लिए डीएमओ ऑफिस से संबंधित लोगों को मिले लीज के ब्योरे से संबंधित दस्तावेज जुटाये. अवैध खनन के मामलों के मद्देनजर इडी के अधिकारियों ने डीएमओ से यह जानना चाहा कि उन्होंने इन लीजधारकों के खिलाफ किसी तरह की कानूनी कार्रवाई की थी या नहीं. इडी के इस सवाल पर डीएमओ ने चुप्पी साध ली थी. वैसे अधिकारियों पर भी ईडी की पैनी नजर है.
लोबिन के अलावा किसी ने विरोध क्यों नहीं किया?
साहेबगंज में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर ईडी ने कार्रवाई नहीं की होती तो पंकज मिश्रा एंड कंपनी का मामला कभी उजागर नहीं होता. लोगों का कहना है कि आखिर क्या कारण है कि राजमहल के सांसद विजय हांसदा, राजमहल के विधायक अनंत ओझा और बरहेट के विधायक हेमंत सोरेन सबकुछ जान कर भी अंजान रहे. इस मामले में दिलचस्प बात तो ये है कि बोरियो के झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने विधानसभा से लेकर सार्वजनिक मंचों से साहेबगंज में पत्थरों के अवैध खनन और स्टोन चिप्स को बाहर भेजने के मामले में खुलकर विरोध किया. उन्होंने अपनी सरकार को भी कटघरे में खड़ा किया. लेकिन हेमंत सरकार उनके विरोध पर कभी ध्यान नहीं दिया. अब ईडी ने सबकी पोल-पट्टी खोल कर रख दी है. अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि लोबिन के अलावा और किसी ने विरोध क्यों नहीं किया?

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