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Saturday, July 4, 2026
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परिवहन कार्यालय आपके द्वार : कामडारा में ऐतिहासिक जनसैलाब, 97 लोगों को मिला लर्निंग लाइसेंस, गाँव-गाँव में सुगम सेवा की गूँज

गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

कामडारा, गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित कामडारा प्रखंड मुख्यालय में झारखंड सरकार के परिवहन विभाग द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी ‘परिवहन कार्यालय आपके द्वार’ महा-अभियान के तहत आज कामडारा प्रखंड मुख्यालय में विशेष लर्निंग लाइसेंस शिविर का सफल आयोजन किया गया। राज्य के परिवहन सचिव, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव रंजन की दूरदर्शी पहल और गुमला के उपायुक्त, भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी दिलेश्वर महतो के स्पष्ट निर्देश एवं कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर ने यह साबित कर दिया कि जब सरकारी सेवाएँ जनता के दरवाजे तक पहुँचती हैं, तो ग्रामीण भारत कितनी तेजी से आगे बढ़ सकता है। सुबह से ही कामडारा प्रखंड कार्यालय परिसर में लाइसेंस बनवाने के इच्छुक स्थानीय लोगों, युवाओं और किसानों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।

जिला परिवहन पदाधिकारी सत्येन्द्र महतो ने बताया कि इस एकदिवसीय शिविर में कुल 109 अभ्यर्थियों ने अपने दस्तावेजों का सत्यापन कराने के बाद कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा में भाग लिया। यह संख्या कामडारा जैसे सुदूरवर्ती प्रखंड के लिए अभूतपूर्व है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “हमारी पूरी टीम ने पारदर्शिता के साथ परीक्षा प्रक्रिया को पूरा किया। सबसे सुखद पहलू यह रहा कि 109 में से 97 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए और सभी को तत्काल मौके पर ही हाथों-हाथ शिक्षार्थी अनुज्ञप्ति प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।” सफलता का यह 89 प्रतिशत का आँकड़ा स्पष्ट संकेत है कि ग्रामीण प्रतिभा किसी भी मामले में पीछे नहीं है, बस उन्हें अवसर और सही मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान, ‘समय और पैसे की बर्बादी से मिली मुक्ति’
शिविर स्थल पर उपस्थित स्थानीय निवासियों ने परिवहन विभाग की इस अनूठी पहल की जमकर तारीफ की। कामडारा के किसान रामलाल उरांव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “गुमला जाने में एक दिन तो बस ऐसे ही खर्च हो जाता था। किराया, खाना और समय की बर्बादी अलग। आज घर के पास ही एक घंटे में लर्निंग लाइसेंस बन गया, यह हमारे लिए किसी सौगात से कम नहीं।” स्थानीय युवा समूह ने बताया कि पंचायत स्तर पर शिविर लगने से दूर-दराज के गाँवों के वे लोग भी लाभान्वित हुए जो अक्सर कागजी उलझनों और दूरी के भय से लाइसेंस बनवाने से कतराते थे।

इंटरनेट आवेदन की सरल प्रक्रिया समझाई गई, ताकि शिविर में न हो देरी
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर ऑनलाइन आवेदन भरना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए डीटीओ ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए आगामी शिविरों के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सरल भाषा में समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविर में आने से पहले अभ्यर्थी को अपना इंटरनेट आधारित आवेदन अवश्य पूरा करना होगा, अन्यथा परीक्षा में शामिल नहीं किया जा सकेगा।

उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का सारांश इस प्रकार है –
सबसे पहले अभ्यर्थी को अपना आधार कार्ड, अंकपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखना है। इसके बाद परिवहन विभाग की अधिकृत वेबसाइट sarathi.parivahan.gov.in पर जाकर राज्य में ‘झारखंड’ का चयन करना है और ‘लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करें’ विकल्प पर क्लिक करना है। मोबाइल नंबर और ओटीपी के माध्यम से प्रवेश कर नाम, पता, जन्मतिथि जैसी जानकारी भरने के साथ-साथ दस्तावेजों की स्कैन प्रति अपलोड करनी है। सबसे महत्वपूर्ण कदम वाहन श्रेणी का चयन है – गियर वाली मोटरसाइकिल के लिए एमसी डब्ल्यू जी , बिना गियर वाली स्कूटी के लिए एमसीडब्ल्यूओजी तथा चार पहिया कार के लिए एल एमवी विकल्प चुनना अनिवार्य है। अंत में स्व-घोषणा पत्र भरकर फॉर्म सबमिट करने पर एक आवेदन संख्या प्राप्त होगी। इसके बाद भुगतान पोर्टल jhdlrcpayment.rosmertatech.com पर उसी आवेदन संख्या से ऑनलाइन शुल्क जमा करना होगा। डीटीओ ने विशेष रूप से आगाह किया कि यदि भुगतान में कोई दिक्कत आती है तो नजदीकी प्रज्ञा केंद्र या जानकार व्यक्ति की मदद ली जा सकती है। शुल्क जमा करने के बाद प्रिंट आउट निकालकर, सभी मूल दस्तावेजों के साथ शिविर में निर्धारित तिथि को उपस्थित होना है। उन्होंने दोहराया कि बिना मूल दस्तावेज के किसी भी स्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा, अतः पूरी तैयारी के साथ आएँ।

प्रशासनिक प्रतिबद्धता और आगे की राह
परिवहन सचिव राजीव रंजन के नेतृत्व में शुरू हुआ यह अभियान राज्य के उन तमाम प्रखंडों तक पहुँच रहा है जहाँ से जिला मुख्यालय की दूरी एक बड़ी बाधा बन जाती है। उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने इस सफलता पर हर्ष जताते हुए कहा कि जल्द ही जिले के अन्य प्रखंडों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित कर लोगों को घर बैठे शासकीय सेवाओं का लाभ दिया जाएगा। कामडारा प्रखंड विकास पदाधिकारी ने भी शिविर में उपस्थित होकर व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। शिविर के दौरान 97 लाइसेंस जारी करने का यह आँकड़ा केवल एक संख्या नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में उठाया गया एक सशक्त कदम है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विभाग के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयासों से निश्चित रूप से सरकार और जनता के बीच विश्वास की दूरी कम होगी।

शिविर की कुछ झलकियाँ और सांख्यिकीय सफलता

· कुल पंजीकरण: 109
· सफल अभ्यर्थी: 97 (लगभग 89 प्रतिशत)
· महिला अभ्यर्थियों की भागीदारी: कई युवतियों और महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो ग्रामीण समाज में बदलाव का सकारात्मक संकेत है।
· सर्वाधिक लोकप्रिय श्रेणी: मोटरसाइकिल विद गियर और बिना गियर स्कूटी के लिए सबसे अधिक आवेदन प्राप्त हुए।
· समय की बचत: एक अनुमान के अनुसार शिविर के कारण प्रति आवेदक लगभग 6-8 घंटे की यात्रा और औसतन 500 रुपये के किराये की बचत हुई, जो पूरे प्रखंड के स्तर पर एक बड़ी आर्थिक राहत है।

विभाग ने घोषणा की है कि अगला शिविर जिले के अंतर्गत गुमला प्रखंड कार्यालय के सभागार में दिनांक 04.07.26 लगाए जाने की योजना है। कामडारा की इस सफलता ने न केवल आयोजकों का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि आम जनता में भी यह विश्वास जगाया है कि सरकार सचमुच उनके द्वार तक पहुँच रही है।


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