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Tuesday, August 18, 2026
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डीसीसी एवं डीएलआरसी की जिला स्तरीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित, बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की जून तिमाही 2026 की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के ऋण-जमा अनुपात, वार्षिक साख योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, बैंकवार गैर-निष्पादित परिसंपत्ति, वित्तीय समावेशन सहित विभिन्न बैंकिंग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक गुमला, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि एवं संबंधित पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की जून तिमाही तक जिले का ऋण-जमा अनुपात 34.67 प्रतिशत रहा, जिसमें मार्च तिमाही की तुलना में 1.70 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उपायुक्त ने कम ऋण-जमा अनुपात वाले बैंकों से इसके कारणों की जानकारी लेते हुए इसमें सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले का ऋण-जमा अनुपात 40 प्रतिशत के मानक स्तर तक पहुंचाने के लिए सभी बैंकों को समन्वित प्रयास करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक से सभी शाखाओं के नोडल पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहें तथा उनके पास संबंधित शाखाओं का अद्यतन आंकड़ा उपलब्ध हो।

वार्षिक साख योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जून तिमाही तक कुल ऋण वितरण की उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य का 31.41 प्रतिशत रही। कृषि क्षेत्र में उपलब्धि 16.06 प्रतिशत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र में 69.83 प्रतिशत तथा कुल प्राथमिक क्षेत्र में 30.95 प्रतिशत रही। उपायुक्त ने सभी बैंकों को विभिन्न क्षेत्रों में ऋण वितरण बढ़ाते हुए वार्षिक साख योजना के निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया।

किसान क्रेडिट कार्ड की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि जून तिमाही तक 4,957 किसान क्रेडिट कार्ड ऋणों का वितरण 3,500 लाख रुपये की राशि के लिए किया गया है। पशुपालन एवं मत्स्य पालन के अंतर्गत जून तिमाही में 88 किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई। उपायुक्त ने लंबित किसान क्रेडिट कार्ड आवेदनों का शीघ्र निष्पादन करते हुए स्वीकृत ऋणों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने तथा किसान क्रेडिट कार्ड को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादित करने का निर्देश दिया।

उप विकास आयुक्त ने बैठक में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बैंक खाता खुलवाने में लोगों को होने वाली परेशानियों का भी समाधान किया जाए। विशेष रूप से भरनो एवं सिसई क्षेत्रों में इस दिशा में आवश्यक सुधार एवं समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

बैंकवार गैर-निष्पादित परिसंपत्ति की समीक्षा में बताया गया कि सरकारी प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत जून तिमाही में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 23.91 प्रतिशत, स्टैंड अप इंडिया योजना में 19.30 प्रतिशत तथा स्वयं सहायता समूहों में 1.72 प्रतिशत गैर-निष्पादित परिसंपत्ति रही। उपायुक्त ने बैंकों को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति की वसूली के लिए प्रभावी कदम उठाने तथा एकमुश्त समाधान एवं लोक अदालत के माध्यम से भी वसूली करते हुए गैर-निष्पादित परिसंपत्ति को कम करने का निर्देश दिया।

नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत लक्षित वित्तीय समावेशन हस्तक्षेप कार्यक्रम की समीक्षा में बताया गया कि निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध जिले में वित्तीय समावेशन के तहत खातों की उपलब्धि 89 प्रतिशत रही। वहीं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना में उपलब्धि क्रमशः 260 प्रतिशत, 160 प्रतिशत एवं 315 प्रतिशत रही। उपायुक्त ने बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक के वित्तीय साक्षरता केंद्र एवं वित्तीय साक्षरता समन्वयकों को शिविर आधारित अभियान चलाते हुए अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने एवं जागरूक करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने प्रत्येक प्रखंड में बीमा एवं किसान क्रेडिट कार्ड के लिए विशेष शिविर आयोजित करने तथा प्रशासन एवं बैंकों के आपसी समन्वय से इन शिविरों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने शिक्षा ऋण को भी प्राथमिकता देने तथा अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों को शिक्षा ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कृषि एवं पशुपालन विभाग को बैंकों के साथ समन्वय स्थापित कर किसानों एवं पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड तथा संबंधित योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया।

बैठक में ऋण आवेदनों के अस्वीकृत होने की स्थिति में अस्वीकृति का स्पष्ट कारण दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि आवेदकों को उचित जानकारी मिल सके और आवश्यक सुधार किया जा सके। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिक से अधिक पात्र आवेदनों को स्वीकृत करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

बैठक में संभाव्यता युक्त ऋण योजना की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि संभाव्यता युक्त ऋण योजना को जिले की वास्तविक संभावनाओं एवं जमीनी जरूरतों के अनुरूप यथार्थवादी बनाया जाए, ताकि उपलब्ध संभावनाओं के आधार पर प्रभावी ऋण योजना तैयार की जा सके।

इसके अलावा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक 223 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं तथा 64 प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हैं। उपायुक्त ने प्रशिक्षण के उपरांत लाभुकों को स्वरोजगार एवं ऋण सुविधा से जोड़ने की दिशा में भी आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में सभी संबंधित विभागों एवं बैंक प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए वित्तीय समावेशन, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में ऋण वितरण, बीमा कवरेज तथा स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।


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