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Friday, August 28, 2026
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कोच बीना केरकेट्टा की रणनीति रंग लाई, गुमला बना सुब्रतो का राष्ट्रीय चैंपियन; बेटियों ने रचा इतिहास

गुमला न्यूज ब्यूरो – गणपत लाल चौरसिया 

मिजोरम की NCC टीम को फाइनल में 2-0 से हराकर झारखंड चैंपियन — गुमला की बेटियों ने दिल्ली में लहराया परचम

अंततः गुमला की बेटियों ने शील्ड ( ट्रॉफी) पर किया कब्जा

गुमला : – गुमला जिला की झारखंडी बेटियों ने चक्रव्यूह तोड़कर दिल्ली के ऐतिहासिक डॉ. बी.आर. आंबेडकर स्टेडियम में गुमला की बेटियों ने ऐसा इतिहास रच दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। 65वीं सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल कप के अंडर-17 बालिका वर्ग के फाइनल में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रही संत पैट्रिक स्कूल, गुमला की टीम ने मिजोरम की NCC टीम को 2-0 से पराजित कर राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया।

फाइनल के हाई-वोल्टेज मुकाबले में झारखंड की बेटियों ने शुरू से अंत तक शानदार नियंत्रण बनाए रखा। मिजोरम की टीम को वापसी का कोई मौका नहीं देते हुए 2-0 की निर्णायक जीत दर्ज की। इसके साथ ही गुमला की बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और सामूहिक खेल का शानदार परिचय देते हुए सुब्रतो कप की प्रतिष्ठित ट्रॉफी झारखंड के नाम कर दी।

कोच बीना केरकेट्टा की रणनीति ने बदला मुकाबले का रुख

फाइनल में झारखंड की सबसे बड़ी ताकत बनी कोच एवं प्रशिक्षक बीना केरकेट्टा की रणनीति। उन्होंने खिलाड़ियों की ताकत को समझते हुए रक्षा, मिडफील्ड और आक्रमण के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया।
मैच के दौरान गुमला की बेटियों ने विपक्षी टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा, लेकिन अपनी रक्षापंक्ति को खुला नहीं छोड़ा। हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह स्पष्ट रही।

कप्तान बीना कुमारी ने मैदान पर नेतृत्व करते हुए टीम को संयमित और एकजुट रखा। उनके नेतृत्व में खिलाड़ियों ने फाइनल के दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया।

गोलकीपर खुशबू की दीवार, मनीषा का मजबूत डिफेंस

झारखंड की जीत में रक्षापंक्ति की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण रही जितनी आक्रमण की।
गोलकीपर खुशबू कुमारी ने गोलपोस्ट के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए मिजोरम के प्रयासों को विफल किया। उनकी सतर्कता और बेहतरीन गोलकीपिंग ने झारखंड को क्लीन शीट के साथ मुकाबला समाप्त करने में मदद की।
वहीं मनीषा डुंगडुंग ने डिफेंस में बेहतरीन खेल दिखाते हुए मिजोरम के हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आक्रमण में ऊषा कुमारी की तेजी और प्रभावी मूवमेंट ने विपक्षी रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाए रखा।
यह केवल किसी एक खिलाड़ी की जीत नहीं थी—पूरी टीम ने मिलकर राष्ट्रीय चैंपियन बनने की कहानी लिखी।

फाइनल में झारखंड का दबदबा—मिजोरम को नहीं दिया मौका

डॉ. बी.आर. आंबेडकर स्टेडियम में मुकाबला जैसे-जैसे आगे बढ़ा, झारखंड की बेटियों का आत्मविश्वास और मजबूत होता गया।
फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में भी खिलाड़ियों ने संयम नहीं खोया। लगातार आक्रामक दबाव के साथ-साथ रक्षापंक्ति को मजबूत रखते हुए टीम ने मिजोरम की NCC टीम को मुकाबले में वापसी का अवसर नहीं दिया।

अंततः स्कोरबोर्ड पर चमका—
झारखंड 2 — 0 मिजोरम
और इसके साथ ही गुमला की बेटियां राष्ट्रीय चैंपियन बन गईं।


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