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Sunday, September 6, 2026
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गुमला में धूमधाम से मनाया गया विहिप का 62वां स्थापना दिवस, हिंदू समाज की एकजुटता पर दिया जोर

गुमला न्यूज़ प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस गुमला जिला मुख्यालय स्थित वीर कुंवर सिंह भवन में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, ॐ के उच्चारण, एकात्मा मंत्र और विजय महामंत्र के साथ हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विहिप पटना क्षेत्र के संगठन मंत्री विजय प्रताप ने कहा कि विहिप का 62वां स्थापना दिवस देशभर में करीब 50 हजार स्थानों पर मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और समाज में यह भावना मजबूत करना है कि सभी हिंदू एक-दूसरे के सहोदर हैं और किसी भी हिंदू को पतित नहीं माना जा सकता।

उन्होंने भगवान हनुमान का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह हनुमान जी को उनकी शक्ति का स्मरण कराया गया था, उसी तरह हिंदू समाज को भी उसकी सामूहिक शक्ति का एहसास कराने की जरूरत है। संगठित समाज कठिन से कठिन कार्य को भी पूरा कर सकता है।

विजय प्रताप ने धर्मांतरण और सामाजिक विभाजन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाज में सामाजिक समरसता को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर बंटने से समाज कमजोर होता है। विहिप का उद्देश्य समाज के बीच जाकर लोगों को जागरूक करना और हिंदू समाज को एकजुट करना है।

उन्होंने भगवान श्रीराम का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह श्रीराम ने समाज के अलग-अलग वर्गों और प्रकृति के प्राणियों को साथ लेकर रावण का सामना किया, उसी तरह हिंदू समाज को भी सभी वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना होगा।

‘धर्म की रक्षा करने वालों की धर्म रक्षा करता है’

बजरंग दल झारखंड प्रांत के संयोजक सह गुमला विभाग पालक रंगनाथ महतो ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद एक विश्वव्यापी संगठन है। उन्होंने कहा कि विहिप का प्रतीक विशाल बरगद का पेड़ है, जिसकी शाखाएं चारों दिशाओं में फैली हैं। उसी तरह संगठन का कार्य भी देश-विदेश में व्यापक स्तर पर फैला हुआ है।

उन्होंने ‘धर्मो रक्षति रक्षतः’ का उल्लेख करते हुए कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए उन्होंने भी सुदर्शन चक्र उठाया था।

रंगनाथ महतो ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश में तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर चिंताएं सामने आईं। इसी पृष्ठभूमि में हिंदू समाज के हितों और संगठन के उद्देश्य से 29 अगस्त 1964 को मुंबई के सांदीपनि आश्रम में विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की गई थी।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद

कार्यक्रम में विहिप संगठन मंत्री विजय यादव, विभाग संयोजक मुकेश सिंह, जिला संगठन मंत्री केशव चंद्र साय, अमित कुमार, दुखन गोप, शानू साहू, रवि राम, राजेश सिंह, लीलू गोप, बुधराम महली, किशुन बड़ाईक, रामेश्वर लोहरा, अरविंद लोहरा, जय कुमार सिंह, सुखदेव प्रजापति, पूर्णिमा देवी, पूनम सिंह, शैल सिंह, सुरेश फोगला, श्रद्धा कुमारी, रुक्मणि कुमारी, सुनीता मिश्रा, इशिका रानी गुप्ता, ऊषा यादव, सकल दीप नाथ सहदेव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।


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