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Friday, September 11, 2026
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गुमला में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, डीसी ने कहा- छूटे लाभुकों और मरीजों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला: जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने को लेकर गुरुवार को समाहरणालय के सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक हुई। उपायुक्त दिलीश्वर महतो की अध्यक्षता में हुई बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, कुपोषण, आयुष्मान कार्ड, टीबी, फाइलेरिया, सर्पदंश और एंबुलेंस सेवाओं समेत कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

गर्भवती महिलाओं की ट्रैकिंग पर जोर

बैठक में गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच (एएनसी) और संस्थागत प्रसव की प्रखंडवार स्थिति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि नियमित एएनसी से छूटने वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका फॉलोअप किया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाले मामलों पर विशेष निगरानी रखते हुए जरूरत के अनुसार समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया।

99 फीसदी टीकाकरण, छूटे बच्चों को जोड़ने का निर्देश

नियमित टीकाकरण की जिले की उपलब्धि करीब 99 प्रतिशत बताई गई। हालांकि पिछली उपलब्धि की तुलना में करीब एक प्रतिशत की कमी पर उपायुक्त ने चिंता जताई। उन्होंने छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें टीकाकरण से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। इस काम में स्वास्थ्य विभाग के साथ मानसी के सहयोग से भी विशेष प्रयास करने का निर्देश दिया गया।

सरकारी एमटीसी में कुपोषित बच्चों की भर्ती बढ़ाने पर जोर

कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अति कुपोषित बच्चों को सरकारी एमटीसी में अधिक से अधिक भर्ती कराकर समुचित उपचार देने पर जोर दिया। उन्होंने सरकारी एमटीसी की सुविधाओं का प्रचार-प्रसार बढ़ाने और जरूरतमंद बच्चों के अभिभावकों को वहां उपलब्ध उपचार के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए। डुमरी में निजी संस्था द्वारा संचालित एमटीसी केंद्र से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा ममता वाहन की उपलब्धता और संचालन की भी समीक्षा की गई।

15 सितंबर तक आयुष्मान कार्ड के लिए विशेष शिविर

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और वय वंदना योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले के विभिन्न वार्डों में आयुष्मान मित्रों के माध्यम से विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। ये शिविर 15 सितंबर 2026 तक चलेंगे। उपायुक्त ने पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने और शिविरों के जरिए अधिक से अधिक लाभुकों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया।

डुमरी, बिशुनपुर और कामडारा में केस क्लेम के लक्ष्य में सुधार के लिए नए आयुष्मान मित्रों को चिह्नित किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई। वहीं वय वंदना योजना से पात्र लाभुकों को जोड़ने के लिए अभियान तेज करने को कहा गया।

आभा कार्ड में गुमला राज्य में छठे स्थान पर

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत आभा कार्ड निर्माण की जिले में उपलब्धि 59.21 प्रतिशत बताई गई। राज्य स्तर पर गुमला छठे स्थान पर है। उपायुक्त ने आभा कार्ड निर्माण की गति बढ़ाने और स्वास्थ्य संस्थानों व विशेष शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का निर्देश दिया।

टीबी और फाइलेरिया नियंत्रण की भी समीक्षा

राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अगले चार महीनों की कार्ययोजना के अनुसार टीबी के संभावित मरीजों की पहचान, जांच, उपचार और फॉलोअप जारी रखने को कहा गया। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर इस दिशा में लगातार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा में जिले में नए मामलों की संख्या शून्य होने की जानकारी दी गई। पालकोट, रायडीह, बिशुनपुर और चैनपुर में टीएएसके टेस्ट लेवल-1 की गतिविधियां पूरी हो चुकी हैं। उपायुक्त ने निगरानी और सर्वेक्षण का काम लगातार जारी रखने को कहा।

सर्पदंश के मामलों में तुरंत इलाज पर जोर

सर्पदंश से बचाव और इसके बाद जरूरी सावधानियों को लेकर वीडियो क्लिप के जरिए जागरूकता अभियान चलाए जाने की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने सभी सीएचसी और पीएचसी में सर्पदंश के मरीजों के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रखने और लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया।

10 एंबुलेंस चल रही, खराब वाहनों को जल्द ठीक करने का निर्देश

बैठक में एंबुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा की गई। जिले में फिलहाल 10 एंबुलेंस संचालित होने की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने जरूरत के अनुसार एंबुलेंस की संख्या बढ़ाने और खराब पड़े एंबुलेंस को जल्द दुरुस्त कर सेवा में वापस लाने का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

इसके अलावा कुष्ठ रोग, मलेरिया, तंबाकू नियंत्रण, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, 15वें वित्त आयोग और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन समेत अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि लोगों तक उनके वास्तविक लाभ पहुंचने में है। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने, लंबित कार्यों को समय पर पूरा करने और सभी निर्धारित लक्ष्यों को शत-प्रतिशत हासिल करने के निर्देश दिए।

बैठक में सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मी और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।


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