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Wednesday, October 14, 2026
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फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर गुमला के सात सीएचसी में नाइट ब्लड सर्वे शुरू, जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों में उत्साह

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में नाइट ब्लड सर्वे (रात्रि रक्त पट संग्रह) का सघन अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन की टीम द्वारा संयुक्त रूप से सामुदायिक समन्वय और जन-जागरूकता के साथ यह कार्य किया जा रहा है। जिले के कुल सात सीएचसी में यह सर्वेक्षण योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भागीदारी और सहयोग मिल रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों द्वारा जोर-शोर से इस अभियान का विधिवत उद्घाटन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में जागरूकता और भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।

अभियान के तहत प्रत्येक सीएचसी अंतर्गत एक सेंटिनल और दो रैंडम साइटों का चयन कर रक्त नमूनों का संग्रह किया जा रहा है। वर्तमान में जिले के पांच प्रखंडों में यह कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ हो चुका है, जबकि शेष दो प्रखंडों में आने वाले दिनों में सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। इसी क्रम में सिसई प्रखंड के नागफेनी, करौंदी सहित अन्य चिन्हित गांवों में स्वास्थ्य विभाग एवं पिरामल फाउंडेशन की संयुक्त टीम द्वारा सघन सपोर्टिव सुपरविजन (सहयोगात्मक पर्यवेक्षण) किया जा रहा है। सुपरविजन के दौरान रक्त पट संग्रह की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और डेटा संधारण की बारीकियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जिससे जांच कार्य त्रुटिरहित रहे।

फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलने वाला एक गंभीर रोग है, जिसे सामान्य भाषा में हाथीपांव भी कहा जाता है। इसके परजीवी (माइक्रोफाइलेरिया) दिन के समय मानव शरीर की आंतरिक रक्त वाहिकाओं में निष्क्रिय रहते हैं और केवल रात्रि के समय ही परिधीय रक्त संचार में सक्रिय रूप से आते हैं। इसी कारण रोग की सटीक जांच हेतु रात्रि के समय ही रक्त के नमूने लिए जाते हैं। नाइट ब्लड सर्वे के माध्यम से समुदाय में संक्रमण की वास्तविक दर का पता लगाया जाता है, जिससे समय रहते लोगों की पहचान कर उन्हें जीवनभर की शारीरिक दिव्यांगता से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि स्वास्थ्य कर्मियों के गांव पहुंचने पर अपनी जांच अवश्य कराएं और इस महाभियान को सफल बनाएं l


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