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Thursday, October 15, 2026
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पालकोट, कोनबीर व बसिया में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन होटलों और दुकानों की सघन जांच, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई; छेना के मिठाई बनाने में हाइड्रो-मैदा के साथ अखाद्य (औद्योगिक रंग) के उपयोग पर बरती गई सख्ती

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख- गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा बाजार में शुद्ध व मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने बसिया, कोनबीर एवं पालकोट में सघन जांच अभियान चलाया। जांच टीम की अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रखंड मुख्यालय समेत आसपास के होटल और किराना व्यवसायियों में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही। कई दुकानदार आनन-फानन में अपनी व्यवस्था दुरुस्त करते नजर आए।
यह छापेमारी उपायुक्त गुमला के सख्त निर्देश और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा औचक निरीक्षण की गई। अभियान का संयुक्त नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर, आशा राज ने किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र के सभी होटल और मिष्ठान प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि छेना की मिठाइयां तैयार करते समय किसी भी सूरत में मैदा और हानिकारक एवं औद्योगिक केमिकल हाइड्रो का प्रयोग न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिठाइयों में किसी भी प्रकार की मिलावट या हानिकारक रसायनों एवं अखाद्य (औद्योगिक) रंग का इस्तेमाल जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जाँच टीम ने कई दुकानों व होटलों का औचक निरीक्षण कर स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की: मेसर्स विद्यार्थी मल्टी स्टोर से बिस्किट, मेसर्स श्याम होटल से बेसन लड्डू एवं खोवा बर्फी एवं मेसर्स अपना होटल से रस्क का नमूना संग्रह किया गया।

मेसर्स महतो ढाबा, मेसर्स विद्यार्थी मल्टी स्टोर, मेसर्स अमित स्टोर सहित अन्य स्टोर: इन प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया और संचालकों को स्वच्छता मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के पालन नहीं करने पर इनको नोटिस देते हुए मानक पालन करने का 14 दिनों का वक़्त दिया गया है।
टीम ने संचालक को सामग्रियों का तापमान के अनुरूप भंडारण करने तथा सभी कर्मियों द्वारा एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का कड़ा निर्देश दिया।
जाँच के क्रम में विभिन्न ठेला – खोमचा का भी निरीक्षण कर छोला, चाट एवं पकोड़े आदि की जाँच की गई और अखाद्य (औद्योगिक) रंग पाए जाने पर लगभग 6 किलो छोले तत्काल नष्ट कराया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सेहत से समझौता करने वाले किसी भी संस्थान/ प्रतिष्ठानों को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


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