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Wednesday, July 1, 2026
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रांची में नेटवर्किंग कंपनी के नाम पर महाठगी का खुलासा, 20 युवक-युवतियों को कराया गया मुक्त

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रांची: राजधानी रांची के पुंदाग क्षेत्र में नेटवर्किंग कंपनी की आड़ में बेरोजगार युवक-युवतियों से ठगी करने वाले एक गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। युवाओं को महंगी लग्जरी कारें दिलाने और जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाकर उनसे हजारों रुपये वसूलने का आरोप है। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 20 युवक-युवतियों को मुक्त कराया है तथा कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है।

जानकारी के अनुसार, कथित तौर पर संचालित एक नेटवर्किंग कंपनी बेरोजगार युवाओं को BMW और ऑडी जैसी लग्जरी कारें दिलाने तथा आर्थिक रूप से सफल बनाने का लालच देकर अपने जाल में फंसा रही थी। इसके लिए प्रत्येक युवक-युवती से करीब 19 हजार रुपये की एकमुश्त राशि जमा कराई जाती थी। बताया जाता है कि क्षेत्र के कई युवा इस ठगी का शिकार हो चुके हैं।

पीड़ित युवाओं और उनके परिजनों की शिकायत पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में कंपनी के कार्यालय का घेराव किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुंदाग ओपी पुलिस को मौके पर बुलाया गया।

पुलिस की मौजूदगी में कंपनी परिसर में रह रहे लगभग 20 युवक-युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया। इस दौरान कंपनी से जुड़े कुछ प्रमुख लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

इस अवसर पर देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठगने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा नहीं जाएगा तथा ऐसे गिरोहों के खिलाफ संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी कंपनी या निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

राम भक्तों के लिए

बलात्कारी को गुमला पुलिस ने भेजा गुमला जेल

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला पुलिस प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है की आज दिनांक-03.06.2026 को पुसो थाना अंतर्गत नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई है। इस संबंध में पुसो थाना कांड सं0-11/26, दर्ज किया गया है। गुमला पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुसंधान के क्रम में एफएसएल टीम एवं श्वान दस्ता की मदद से नामजद अभियुक्त आकाश उराँव, पिता-लक्ष्मण उराँव, ग्राम-हरी, पोस्ट-घाघरा, थाना-पुसो, जिला-गुमला को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया जेल। पीड़िता का समुचित ईलाज कराया जा रहा है।

राम भक्तों के लिए

ढाई वर्षीय मासूम बच्ची के साथ बलात्कार, आरोपी को भेजा गया जेल

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

पीड़ित बच्ची की स्थिति गंभीर गुमला सदर अस्पताल में इलाजरत, आरोपी पुलिस के गिरफ्त में

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित सिसई के पुसो थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली शर्मनाक घटना प्रकाश में आई है, बताया जाता है कि एक 18 वर्षीय दरिंदे युवक के द्वारा चॉकलेट खिलाने के बहाने खेत में ले जाकर एक ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया इसके बाद उसकी स्थिति बिगड़ने पर खुद उक्त युवक स्वंय उक्त बच्ची उठाकर उसके घर लेकर पहुंचा, यह देख परिजनों ने बच्ची को बचाने के उद्देश्य से सर्वप्रथम उक्त बच्ची को आनन फानन में इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल में फिलहाल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उक्त पीड़ित बच्ची का इलाज चल रहा है, इसी क्रम में उक्त बच्ची का मेडिकल जांच भी करवाया गया है । वहीं पीडित बच्ची की मां ने जानकारी देते हुए बताया की उसके पति कर्नाटक में मजदूरी करते हैं और वह गांव में रहकर अपने बच्चों का भरण पोषण करती है, उन्होंने बताया की पीड़ित बच्ची अपनी माँ के साथ कुछ दिन पहले बुढ़ी कर्मा का त्यौहार मनाने के लिए उस गांव में आई थी, उन्होंने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए पीड़िता की माँ ने अपने बयान में बताया कि मंगलवार के रात के करीब 9 बजे गांव का एक पड़ोसी लगभग 18 वर्षीय आकाश उरांव नामक युवक ने घर में पहुंच कर ढाई साल की उसकी बच्ची को बहलाते फुसलाते हुवे चॉकलेट खिलाने के बहाने घर से बाहर ले गया और एक निर्जन सुनसान खेत में ले जाकर उसके साथ घिनौनी हरकत करने लगा, तभी उक्त बच्ची छटपटाना लगी और रोने लगी और उसकी स्थिति गंभीर होकर पीड़ित बच्ची एकाएक बेहोस हो गई, यह देख उक्त आरोपी युवक घबरा गया और पीड़ित बच्ची को अपने गोद में उठाकर उसके घर पहुंच गया, उस वक्त पीड़ित बच्ची की स्थिति गंभीर थी, उसके कपड़े फटे हुए थे और वह लहू लहान बेहोशी की स्थिति मे थी और आरोपी युवक अपने तरफ से तरह तरह के बहाने बनाने लगा। इसके बाद लोगों को शक हुआ और कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए सारा बारदात का खुलासा किया। आरोपी गांव के बाजार में शराब का सेवन कर नशे की हालत में था। इसके बाद उक्त घटना की सूचना सूचना सिसई पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने दल बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची, जहां उपस्थित ग्रामीणों ने आरोपी युवक को सिसई पुलिस के हवाले कर दिया गया , सिसई उक्त आरोपी युवक को विधिवत गिरफ्तार करते हुए, सिसई में लाकर गहराई से पूछताछ करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह जिला के दो युवतियां लापता, परिजनों ने लोगों से मांगी मदद

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News – Naresh

गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लेदा गांव की रहने वाली माही कुमारी (पिता- जगदीश दास) और गीतांजली कुमारी (पिता- राजदेव दास) 1 जून 2026, सोमवार को शाम करीब 4 बजे एक साथ घर से निकली थीं। इसके बाद से दोनों का कोई पता नहीं चल पाया है। परिजन लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं और आम लोगों से सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को दोनों के संबंध में कोई जानकारी मिले या कहीं दिखाई दें, तो कृपया 7294814093 पर संपर्क कर सूचना दें। आपकी एक जानकारी परिवार को उनकी बेटियों तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती है।

राम भक्तों के लिए

दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र बरडीह में पहुंची स्वास्थ्य सेवा, 672 लोगों की स्क्रीनिंग

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

*दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र बरडीह में पहुंची स्वास्थ्य सेवा, 672 लोगों की स्क्रीनिंग, 107 का हुआ एक्स-रे, 4 टीबी संदिग्ध चिन्हित*

 

*टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई मजबूती, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की पहल को बताया वरदान*

 

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित चैनपुर प्रखंड में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम ( एनटीईपी) के तहत टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से चैनपुर प्रखंड के अत्यंत दुर्गम एवं पहाड़ी क्षेत्र बरडीह में निश्चय शिविर का आयोजन किया गया। बरडीह पंचायत अंतर्गत तबेला आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं केरागानी आयुष्मान आरोग्य मंदिर के कार्यक्षेत्र में आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया।

 

बरडीह, तबेला, ऊपर डुमरी, कोल्दा, सोकराहातू, केवना, नवाटोली, केरागानी, छुजरी, रोरेद, मरवा, कोचागनी तथा पाकरकोना सहित आसपास के दर्जनों गांवों से ग्रामीण शिविर में पहुंचे। पहाड़ों और जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की सीमित उपलब्धता के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया।

 

शिविर के दौरान कुल 672 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग के आधार पर 107 संभावित टीबी मरीजों का डिजिटल एक्स-रे परीक्षण किया गया। इनमें 34 पुरुष एवं 73 महिलाएं शामिल थीं। जांच के दौरान 4 व्यक्ति टीबी संदिग्ध पाए गए, जिन्हें आगे की जांच एवं आवश्यक उपचार के लिए चिन्हित किया गया है।

 

*दुर्गम क्षेत्र के लोगों को मिला बड़ी राहत*

 

कार्यक्रम में उपस्थित बरडीह पंचायत के मुखिया ईश्वर खेस ने स्वास्थ्य विभाग की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वर्षों से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझता रहा है। यहां के अधिकांश परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और गुमला या अन्य शहरों में जांच कराने जाना उनके लिए आसान नहीं होता। ऐसे में गांव में ही एक्स-रे एवं टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध होना ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि समय पर जांच होने से टीबी जैसी गंभीर बीमारी की पहचान प्रारंभिक अवस्था में ही संभव हो सकेगी, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल पाएगा और संक्रमण को फैलने से रोका जा सकेगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए भविष्य में भी नियमित रूप से ऐसे शिविर आयोजित करने की मांग की।

 

*ग्रामीणों ने जताया आभार

शिविर में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि पहाड़ी और जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना एक बड़ी चुनौती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में ही एक्स-रे जांच एवं स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराने से लोगों का समय और आर्थिक खर्च दोनों बचे हैं। ग्रामीणों ने इस जनकल्याणकारी पहल के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

*टीबी उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ऐसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जहां स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सीमित है। निश्चय शिविरों के माध्यम से संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि वर्ष 2028 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

*इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका*

 

इस शिविर को सफल बनाने में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, चैनपुर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपशिखा किंडो, वरीय चिकित्सा पर्यवेक्षक रणधीर, तबेला आयुष्मान आरोग्य मंदिर के सीएचओ अजीत एक्का, केरागानी की सीएचओ सुजाता कुमारी, एक्स-रे टेक्नीशियन उपेंद्र कुमार साहू, विनय कुमार, कंचन किशोर श्रीवास्तव, प्रेम लकड़ा, मिनी जोसिमा कुल्लू, मोनिका कुमारी, बीना देवी, अनिमा मिंज, सुशीला उरांव, सोशन्ति मिंज, रितु देवी, मयंती लकड़ा, शोभा देवी, मनियारो उरांव, रूनी देवी सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।

 

ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस अभियान को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और जनहितकारी पहल बताया।

राम भक्तों के लिए

मध्य प्रदेश एस आर एल एम के सदस्यों ने क्षेत्र भ्रमण कर समझा सामुदायिक आजीविका संवर्धन मे सामुदायिक सौर ग्रिड के योगदान को

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में मध्य प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमण्डल ने दो दिवसीय क्षेत्र परिभ्रमन के दौरान गुमला जिला के घाघरा और गुमला सदर प्रखण्ड मे प्रदान संस्था के सहयोग से स्थापित सौर ग्रिड व्यवस्था और उसके माध्यम से की जा रही आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया. प्रतिनिधिमण्डल के क्षेत्र परिभ्रमण का मुख्य उद्देश्य गुमला जिला मे समुदाय के द्वारा संचालित सौर ग्रिड मॉडल के सामुदायिक प्रबंधन, इसके घरेलु उपभोग तथा आजीविका गतिविधियों मे किये जा रहे उपयोग को समझना था. क्षेत्र परिभ्रमण के दौरान पहले दिन घाघरा प्रखंड के बुरजू, सेहल और दूसरे दिन लालमाटी गाँव के स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से प्रतिनिधिमण्डल ने सौर ऊर्जा से मिलने वाले लाभोँ और आजीविका गतिविधियों पर गहन चर्चा की गयी. इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमण्डल ने गुमला जिला मे चल रहे रागी प्रोसेसिंग इकाई करौदी, मॉडल मीटिंग कटिंग इकाई और समाहरणालय परिसर गुमला मे अवस्थित गुमला हाट का विशेष भ्रमण किया.

 

इस अवसर पर प्रतिनिधि मण्डल का मार्गदर्शन प्रदान संस्था के जिला समन्वयक मो. मिराजउद्दीन तथा अन्य पदाधिकारी व जेएसएलपीएस के डीपीएम शैलेन्द्र जरिका और डीएलएम बिरेन मिंज के द्वारा किया गया

 

प्रतिनिधि मंडल में एमपीएसआरएलएम के सीईओ हर्षिका सिंह आईएएस एवं राज्य इकाई से 11 अन्य सदस्य के एलवा जेएसएलपीएस के राज्य इकाई से अरिंदम मिश्रा उपस्थिति थेl

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त ने की आपूर्ति एवं उत्पाद विभाग की समीक्षा, पारदर्शी एवं सुचारु राशन वितरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में बुधवार को आपूर्ति विभाग एवं उत्पाद विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली सहित विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि खाद्यान्न की आपूर्ति समयबद्ध एवं सुचारु रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से वर्षा ऋतु को देखते हुए आदिम जनजातीय समूह बहुल एवं दुर्गम ग्रामों में भी खाद्यान्न की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया।

उपायुक्त ने ई-केवाईसी की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाते हुए कम-से-कम 90 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया, ताकि अपात्र व्यक्तियों को खाद्यान्न का लाभ न मिले तथा वास्तविक लाभुकों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।

समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने मृत लाभुकों के नामों का सत्यापन कर उन्हें सूची से हटाने तथा अपात्र लाभुकों को चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही मोबाइल नंबर सीडिंग, डुप्लीकेट लाभुकों की पहचान एवं डेटा शुद्धिकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने को कहा।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद्यान्न वितरण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी गोदामों का भौतिक सत्यापन करने तथा भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया।

बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा विपणन पदाधिकारियों को औचक जांच अभियान चलाकर वितरण व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

बैठक में डीसीएलआर गुमला सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी राजीव कुमार,सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, साथ ही आपूर्ति विभाग एवं उत्पाद विभाग के संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

पालकोट के सनसनी, जंगल में पुलिस ने बरामद किया एक 20 वर्षीय युवक का शव

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित पालकोट थाना क्षेत्र से एक बड़ी और दुखद खबर प्रकाश में आई है । पालकोट थाना क्षेत्र के सेमरा स्कूल से लगभग आधा किलोमीटर दूर स्थित जंगल में एक 20 वर्षीय युवक का शव पटकोट पुलिस ने बरामद किया हैं, उक्त शव के मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी लहर फैल गई है। घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है। मृतक की पहचान कोयनारा टोंगरटोली निवासी गौरव सिंह उर्फ जोगा उम्र करीब 20 वर्ष के रूप में हुई है, जो राम सिंह का पुत्र था। प्राप्त सुचना अनुसार, सोमवार रात गुड़मा में पत्थलगढ़ी के शुभअवसर पर एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें गौरव सिंह भी शामिल होने गया था। जहां किसी प्रकार की घटना होने की संभावना व्यक्त की जा रही है, यह भी चर्चा में है की उक्त घटना सोमवार रात की ही है। बताया जाता है की मंगलवार को जब उक्त गांव के ग्रामीण जंगल की तरफ गए, तब उनकी नजर एक शव पर पड़ी, और लोगों की होश उड़ गई । जिसकी सूचना पालकोट थाना पुलिस को दी गई, सूचना मिलते ही पालकोट थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, उक्त घटनास्थल पर पहुंचकर सर्वप्रथम उक्त शव को अपने कब्जे में लेते हुए, पोस्टमार्टम हेतु, गुमला सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया और पोस्टमार्टम के बाद उक्त शव को उसके परिजनों को सौप दिया गया, और पालकोट पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी, फिलहाल उक्त मामले की छानबीन जारी है l

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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने आयुष्मान भारत कार्ड निर्माण की वर्तमान प्रगति की समीक्षा करते हुए पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले में निक्षय रोग (टीबी) नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बताया गया कि वर्तमान में जिले में 5,45 टीबी मरीज चिन्हित हैं। उपायुक्त ने मरीजों की नियमित जांच, उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के क्रम में जानकारी दी गई कि जिले की 62 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। इस पर उपायुक्त ने शेष पंचायतों को भी मिशन मोड में कार्य करते हुए टीबी मुक्त बनाने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

बैठक में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में मलेरिया संक्रमण दर घटकर 0.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उपायुक्त ने इस उपलब्धि को बनाए रखते हुए सतत निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया।

फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण, एनक्यूएएस एवं कायाकल्प कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।

बैठक में रक्तदान को बढ़ावा देने हेतु जिले में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मानसून एवं वर्षा ऋतु को देखते हुए सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश पीड़ितों के उपचार हेतु आवश्यक दवाओं एवं एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने जिले में एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता एवं संचालन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यकतानुसार एम्बुलेंस उपलब्ध कराने तथा विशेष रूप से डुमरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एम्बुलेंस उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में वित्त आयोग की 15 वीं वित्त आयोग मद के अंतर्गत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर , हेल्थ सब सेंटर एवं ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, एसीएमओ, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी , चिकित्सकगण तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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18 हजार जमा कराने के बाद भी नहीं मिला इलाज ! तीन माह के मासूम की मौत, धोखे की बुनियाद पर खड़ी केयर एडवांस्ड हॉस्पिटल गुमला पर लापरवाही का गंभीर आरोप

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमलाः – गुमला जिला मुख्यालय के गोकुल नगर स्थित केयर एडवांस हॉस्पिटल एक बार फिर गंभीर विवादों के घेरे में आ गया है। अस्पताल पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने और ₹18,000 रूपये जमा करवाने के बावजूद समय पर उपचार नहीं करने का आरोप लगा है। इस कथित लापरवाही के कारण सड़क दुर्घटना में घायल हुए तीन माह के मासूम सामर्थ साइमनस टोप्पो की मौत हो गई।

मृतक मासूम के पिता मनीष टोप्पो ने आरोप लगाया कि रविवार को वे अपनी पत्नी और तीन माह के बेटे के साथ कामडरा के पोकला से बुलेट बाइक पर गुमला लौट रहे थे। इसी दौरान अम्बवा गांव के समीप उन्हें झपकी आ गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गिर गई। हादसे में तीनों घायल हो गए, लेकिन पत्नी और मासूम को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण परिजन उन्हें केयर एडवांस हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकीय सहायता देने के बजाय पहले 18 हजार रुपये जमा कराने की मांग की गई। राशि जमा होने के बाद सीटी स्कैन और अन्य जांच तो शुरू कर दी गई। पिता का आरोप है कि वे बार-बार डॉक्टरों और कर्मियों से बच्चे का इलाज शुरू करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर कोई ठोस उपचार नहीं किया गया। इसी बीच मासूम की हालत बिगड़ती गई और उसकी मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि मौत के बाद भी उक्त अस्पताल ने उक्त गंभीर रूप से घायल बच्चे को जीवित बताकर दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया। वहां से उसे सदर अस्पताल रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।

मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग केयर एडवांस हॉस्पिटल पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा किया। परिजनों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित शिकायत देने की बात कही है।
सिविल सर्जन गुमला डॉक्टर शंभुनाथ चौधरी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। टीम में एसीएमओ धर्नुजय सुंबरई, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर अनूपम किशोर और ब्लड बैंक प्रभारी डॉक्टर सुनील राम को शामिल किया गया है।

टीम को 24 घंटे में जांच कर रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश है। सीएस ने बताया कि वे मामले में गंभीर है और कमेटी बना दी गई है। रिपोर्ट आते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर पीड़ित परिवार के मुखिया मनीष टोप्पो अपने बच्चे को खोने के बाद पत्नी को इलाज के लिए रिम्स ले गए है। जहां पत्नी जिंदगी-मौत के बीच जूझ रही है। जिस कारण थाना में अब तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई जा सकी है। जानकारी के अनुसार रविवार को मनीष पत्नी व तीन माह के बेटे के साथ बाइक से गुमला लौट रहे थे। तभी बाइक अनियंत्रित होने पर तीनों गिर कर घायल हो गए। तब गंभीर रूप से घायल पत्नी व बेटे सामर्थ साइमनस टोप्पो को मनीष ने केयर एडवांस हॉस्पीटल में भर्ती कराया। मनीष का आरोप है कि 18 हजार रुपए पहले जमा कराने के बावजूद बेटे का समय पर इलाज नहीं हुआ और उसकी मौत हो गई। मौत के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने बेटे को दूसरे अस्पताल भेज दिया। जिस पर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने मामला शांत कराया। वहीं सीएस ने जांच की बात कही थी।

 

 

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