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Thursday, July 2, 2026
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बीएंडके में पेंशन अदालत, वर्षों से लंबित मामलों के जल्द निपटारे का भरोसा

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News – Kahkashan Farooqi

Gomia__सीसीएल के बीएंडके क्षेत्र में सोमवार को जीएम कॉलोनी स्थित ऑफिसर्स क्लब में त्रिपक्षीय कोयला खान भविष्य निधि समन्वय बैठक सह पेंशन अदालत आयोजित की गई। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन, सीएमपीएफ और अन्य लंबित मामलों की सुनवाई कर ऑन द स्पॉट समाधान का प्रयास किया गया।
बैठक में अधिकारियों ने रिवाइज पीपीओ, नया सीएमपीएफ नंबर, विधवा पेंशन, सामान्य पेंशन, लेजर अपडेट और वीवी स्टेटमेंट समेत कई विषयों पर जानकारी दी। सीएमपीएफ के सहायक आयुक्त राजेश कुमार ने कहा कि पुराने लंबित मामलों का निष्पादन 15 से 30 दिनों के भीतर कर लिया जाएगा।
बीएंडके क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार झा ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मियों को पेंशन के लिए परेशान नहीं होना पड़े, इसके लिए कार्मिक विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। वहीं यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि कई कर्मियों का सीएमपीएफ और पेंशन भुगतान 10 से 20 वर्षों से अटका हुआ है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
बैठक में मांग उठी कि कर्मियों के रिटायर होते ही पेंशन, सीएमपीएफ और ग्रेच्युटी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों ने इस दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी कहा गया कि यदि कोई कर्मी जानबूझकर मामलों को लंबित रखता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में प्रवर्तन अधिकारी विकास चन्द्र सिंह, सामाजिक सुरक्षा सदस्य सुयश वर्मा, सुशांक आनंद, विनय रंजन टुडू, पीएन सिंह, प्रेक्षा मिश्रा, सुजाता कुमारी सहित कई अधिकारी और मजदूर नेता मौजूद थे।

 

 

राम भक्तों के लिए

अनियंत्रित तेज रफ्तार बाइक के टकराने से युवक की हुई घटनास्थल पर दर्दनाक मौत

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित सिसई थाना क्षेत्र के महल टोली के समक्ष एक भयंकर सड़क दुर्घटना में 28 वर्षीय युवक करीना महली की घटनास्थल पर हुई दर्दनाक मौत । उक्त हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घटना के संबंध में मृतक के भाई विमल महली ने बताया कि करीना महली अपने बाइक में सवार होकर छारदा बस्ती की ओर जा रहा था। इसी क्रम में छारदा ग्राम स्थित एक कोल्हू दुकान के समक्ष उक्त बाइक अनियंत्रित हो गया और एक जोरदार टक्कर हो गई । टक्कर इतनी भयंकर थी कि करीना ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण उक्त घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर उपस्थित ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आनन फानन में लहूलुहान स्थिति में करीना को तत्काल रेफरल अस्पताल सिसई पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद करीना को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल पहुंचने से पहले ही करीना की मौत हो चुकी थी।
सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही सिसई थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अस्पताल पहुंची और पुलिस ने उक्त शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी प्रक्रिया पूरी करते हुए उक्त शव को पोस्टमार्टम हेतु सदर अस्पताल गुमला स्थित पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए। लोगों का कहना है कि छारदा और उसके आसपास के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) में गति सीमा के बोर्ड, आवश्यक संकेतक (साइनबोर्ड) और स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में रफ्तार के इस कहर से किसी मासूम की जान न जाए।

राम भक्तों के लिए

गुमला स्थापना दिवस के 44वें वर्ष पर भव्य आयोजन, जनभागीदारी और उत्साह से सराबोर रहा पूरा जिला

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

‘रन फॉर गुमला’ से लेकर खेल, सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों तक दिखा उत्सव का व्यापक स्वरूप

महान विभूतियों को श्रद्धांजलि, युवाओं को प्रोत्साहन और स्वरोजगार से जुड़ी पहलें भी रहीं आकर्षण का केंद्र

गुमला : – गुमला स्थापना दिवस के 44वें वर्ष के अवसर पर आज जिले भर में विविध कार्यक्रमों का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। सुबह से लेकर देर शाम तक आयोजित कार्यक्रमों में प्रशासनिक सक्रियता, युवाओं का उत्साह और आमजन की सहभागिता का सशक्त समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रमों की शुरुआत *“रन फॉर गुमला”* से हुई, जिसमें जिले के युवाओं, युवतियों के साथ-साथ उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो एवं अन्य वरीय अधिकारियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। सैकड़ों प्रतिभागियों की भागीदारी ने आयोजन को ऊर्जावान बना दिया, प्रतिभागियों ने नगर भवन गुमला से प्रारंभ करते हुए पटेल चौक, टावर चौक होते हुए पुनः नगर भवन तक की दौड़ लगाई। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को उपायुक्त द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में खेल के प्रति रुचि एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना को प्रोत्साहन मिला।

इस अवसर पर उपायुक्त एवं जिले के वरीय अधिकारियों द्वारा *विभिन्न स्थलों पर स्थापित महान विभूतियों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण* कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इण्डोर स्टेडियम परिसर स्थित महात्मा गांधी, विकास भवन स्थित वीर तेलंगा खड़िया, परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम (भाग-1) के समीप डॉ. भीमराव अम्बेडकर, परमवीर अल्बर्ट एक्का, बिरसा मुण्डा एग्रो पार्क स्थित भगवान बिरसा मुण्डा तथा समाहरणालय परिसर स्थित गांधी जी की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया गया।

इस दौरान अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) राजीव नीरज, डीसीएलआर राजीव कुमार, जिला नजारत उपसमाहर्ता ललन कुमार रजक, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार, भूमि संरक्षण पदाधिकारी आशीष प्रताप, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रदीप भगत सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में RSETI से सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त 15 लाभुकों के बीच हिंडालको के CSR मद से सिलाई मशीनों का वितरण उपायुक्त के कर-कमलों से किया गया। कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, हिंडालको प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

गुमला स्थापना दिवस के अवसर पर खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का भी समावेश रहा। अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित फुटबॉल फ्रेंडली मैच में खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं नगर भवन, गुमला में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया और पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया।

इस अवसर पर *उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने अपने संदेश में कहा* कि गुमला जिला ने अपने स्थापना काल से अब तक निरंतर विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। खेल के क्षेत्र में जिले ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, वहीं अन्य क्षेत्रों में भी जिले के नागरिकों ने अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पूर्व में एक साधारण स्वरूप वाला यह जिला आज आधारभूत संरचना एवं विभिन्न विकासात्मक क्षेत्रों में आगे बढ़ चुका है।
उपायुक्त ने सभी जिलेवासियों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि सभी नागरिक एवं प्रशासन मिलकर गुमला के समग्र विकास एवं इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।

राम भक्तों के लिए

रैयतों की समस्याओं को लेकर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों संग की बैठक

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News – Kahkashan Farooqi

गोमिया_ललपनिया स्थित टीटीपीएस गेस्ट हाउस में रविवार को झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बेरमो एसडीओ, सीसीएल कथारा क्षेत्र के जीएम तथा गोमिया अंचल अधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सीसीएल कथारा क्षेत्र अंतर्गत गोमिया अंचल के कई रैयत ग्रामीणों द्वारा रैयती जमीन पर घर निर्माण कार्य रोकने की शिकायतों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने मंत्री के समक्ष शिकायत रखी कि सीसीएल के पीओ द्वारा रैयती जमीन पर घर आदि निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि रैयतों को बेवजह परेशान नहीं किया जाए तथा स्थानीय प्रशासन और सीसीएल प्रबंधन आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें।
मंत्री ने कहा कि सरकार रैयतों एवं ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी स्तर पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित निष्पादन करने तथा आम लोगों को राहत पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक के बाद ग्रामीणों में समस्या समाधान को लेकर उम्मीद जगी है।

राम भक्तों के लिए

चैनपुर में तेंदुए की उपस्थित से दहशत, ट्रैप कैमरे में कैद हुई तस्वीर

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित चैनपुर प्रखंड के कुरुनगढ़ वन क्षेत्र अंतर्गत कोल्हूकोना इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वन विभाग द्वारा लगाए गए ट्रैप कैमरे में एक तेंदुए की तस्वीर कैद होने की बात सामने आई। हालांकि, अधिकारी अभी इस तस्वीर की पूरी तरह पुष्टि होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस खबर के बाद से ही पूरे इलाके के ग्रामीण भारी दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

राम भक्तों के लिए

सड़क हादसे में युवक गंभीर, चैनपुर सीएचसी की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर भड़के लोग

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित जारी प्रखंड के बुमतेल और डूमरटोली के बीच शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे में बरवाडीह निवासी अभिषेक चिकबड़ाईक 20 गंभीर रूप से घायल हो गया। अभिषेक अपने दोस्त की अपाचे बाइक सीजी 14 एमडब्ल्यू 6388 से घरेलू काम के लिए जा रहा था, तभी बाइक अनियंत्रित होकर गड्ढे में जा गिरी।घटना की सूचना पर जारी थाना के एएसआई क्रिस्टो राम ने ग्रामीणों की मदद से घायल को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। युवक के गले में गंभीर चोट होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया।इस घटना ने चैनपुर सीएचसी की पोल खोल दी है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और व्यवस्था केवल सीएचओ के भरोसे थी। संकट के समय 108 एंबुलेंस सेवा भी नहीं मिल सकी, जिससे मजबूरन परिजनों को निजी वाहन से घायल को गुमला ले जाना पड़ा। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन से अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर और एंबुलेंस सुनिश्चित करने की की मांग की गई हैl

राम भक्तों के लिए

जब देश में अमृतकाल चल रहा है, तो महामानव के रहते आपदाकाल कैसे आ सकता है…?

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हकीकत ये है कि नरेंद्र मोदी भाजपा के स्टार प्रचारक तो बन गए, पर जिम्मेदार प्रधानमंत्री कभी नहीं बन पाए, जो जनता की आंखों में आंखे डालकर उन्हें जवाब दे सके, उनकी परेशानियां सुन सके. मंच पर खड़े होकर चिल्लाना बड़ा आसान है पर जिम्मेदारियों के साथ नफे-नुकसान की जिम्मेदारी लेने की हिम्मत नहीं है. हिम्मत होती तो देश के सभी प्रधानमंत्रियों की तरह प्रेस कांफ्रेंस करके पत्रकारों के सवालों का जवाब देते…!

प्रधानमंत्री आज खुद सरेंडर होकर बोल रहे हैं कि हम गरीबी की चपेट में आ सकते हैं. क्या ये है इनका अमृतकाल जिसके लिए भक्त रात दिन इनकी मूर्खताओं का डेमेज कंट्रोल करते रहते हैं।

ऐसी कौनसी आपदा आ गई इस दशक में जो देश भयंकर गरीबी झेल सकता है जबकि भक्त तो भाजपा शासन को अमृतलाल कहते नहीं थक रहे हैं। जब हम पूछते हैं 35 लाख करोड़ से कर्जा 225 लाख करोड़ कैसे हुआ तो ये विकास के बिंदु गिनवा देते हैं.

जब हम महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, बढ़ता ऋण और सत्ता पर जड़े जमाए भ्रष्ट नेताओं की बात करें तो ये हमे देशद्रोही बता देते हैं. जब हम पूछे कैसे 39 हजार करोड़ की रिफायनरी जल गई तो ये कोंग्रेस पर लाँछन लगाते हैं.

जब हम पूछे कैसे 21 करोड़ की टंगी, 12 हजार करोड़ का पुल और 400 करोड़ का हाईवे धंस गया या स्वच्छ जल मिशन, पोषण मिशन, नमामि गंगे का करोड़ों रुपया किधर ठिकाने लगाया तो ये हमें कॉंग्रेसी टूलकिट कहते हैं.

जब हम कहें देश विश्व का सबसे बड़ा कर्जदार बन चुका है तो ये अमेरिका से तुलना कर देते हैं. जब हम हार्मुज़ में डूबे भारतीय जहाज़ों की बात करें तो ये नंदा देवी और शिवालिक के सुरक्षित आने को कूटनीतिक जीत बताते हैं जबकि उसके बाद बाकी जहाजों का कोई जिक्र तक नहीं करते।

केयर फंड का हिसाब क्योें नहीं देते?

जब हम पूछे पीएम केयर फंड के 14 हजार करोड़ से भी ज्यादा की राशि का हिसाब क्यों नहीं है, क्यों भाजपा के आलीशान कार्यालय बन रहे, क्यों नेताओं के भत्ते, सुविधा और ऐशोआराम में कटौती नहीं होती तो ये नेहरू का राग अलापते हैं.

जब हम पूछे भाजपा प्रतिदिन 71 लाख की राशि विज्ञापन पर खर्च क्यों कर रहा तो फिर ये नेहलु-नेहलु बोलकर रोने लगते हैं। जब हम पूछे रुपया पतला क्यों हुआ तो ये कहते हैं क्या तुम डॉलर में शॉपिंग करते हो. कमर्शियल सिलेंडरों के दाम की बात करे तो ये पूछते हैं क्या तुम ढाबा चलाती हो.

अरे मूर्खों रेस्त्रों बिजनेस, भोजनालय टिफिनसेन्टर के साथ निर्माण और विनिर्माण इकाइयों में भी कमर्शियल सिलेंडर लगते हैं. आज नट, बोल्ट, स्क्रू, वेल्डिंग, स्प्रिंग, और लोहे के हर एक समान, कल पुर्ज़ों की कीमत 4/5 रुपये एकदम से बढ़ गई है अब ये मत कहना कि क्या तुम नट-बोल्ट खाती हो.

महंगाई, बेरोजगारी, आपदा केवल आम जनता के लिए हैं नेताओं के लिए तो न को कोविड में बिस्तर और दवाइयों की कमी हुई न ईंधन, राशन और महंगी धातुओं की कोई कमी है।

हिन्दू खतरे में है, का झुनझुना पकड़ाकर पूरे देश की अर्थव्यवस्था, विकास, अधोसंरचना, विदेशी साख और उद्योगों की ऐसी-तैसी कर दी।

अब ये डचों को भारत में निवेश के लिए आमंत्रित कर रहे हैं, मैं तो कहूँ लगे हाथ ईस्ट इंडिया कम्पनी, फ्रांसिस, पुर्तगाली और डेनिश को भी बुला ही लो ताकि अगली पीढ़ी अंग्रेज़ों के शासन वाले समय को टाइम केप्स्यूल में जाकर फिर जी सके। किताबें पढ़कर ब्रिटिश एरा की डेट्स और घटनाएं याद रखना बड़ा बोरियत भरा है। चलो फिर से मॉडर्न हिस्ट्री की नई शुरुआत करें।

  • पुष्पलता

राम भक्तों के लिए

ट्रंप-मोदी-अडाणी के बीच हो गई डील…! हो गया सेटलमेंट, एक झटके में अडाणी के सारे केस हो जाएंगे रफा-दफा…!

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अमेरिका में चल रही धोखाधड़ी के मामले में गौतम अडानी और उनका भतीजा सागर अडानी बच निकले हैं। उन्होंने अमेरिका के सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन यानी एसईसी के साथ सेटलमेंट कर लिया है। इस सेटलमेंट के तहत गौतम अडानी और सागर अडानी 150 करोड़ रुपए बतौर पेनल्टी देंगे। इसके अलावा उन्होंने दस अरब डॉलर के निवेश और 15 हज़ार लोगों को नौकरियाँ देने का वादा भी किया है। ख़बर है कि अमेरिका के न्याय विभाग ने अलग से जो आपराधिक मामला दर्ज़ किया था, अब वह भी ख़त्म किया जाने वाला है। अडानी समूह पर तीसरा केस भी है और इसके लिए वह वित्त मंत्रालय के साथ 275 मिलियन डॉलर का सेटेलमेंट करने जा रहा है। ये मामला ईरानी गैस शिपिंग से जुड़ा हुआ है। एक झटके में अडाणी के सारे केस हो जाएंगे रफा-दफा

कहा जा रहा है कि मोदी जी अपने मित्र को बचाना चाहते थे और ट्रम्प अपने मन की ट्रेड डील चाहते थे इसलिए दोनों ने हाथ मिला लिए। इस डील में भारत के हितों की बलि चढ़ा दी गई। दरअसल, संदेह के कई आधार हैं। अव्वल तो ये कि अमेरिका के न्याय विभाग ने जो सम्मन भेजे थे उसे मोदी सरकार ने 14 महीनों तक तामील ही नहीं होने दिया। फिर ट्रम्प ने नियम-कानूनों में जब ढील दी तो ये सरकार के स्तर पर ही संभव था। फिर अडाणी ने ट्रम्प का ही वकील हायर करके ट्रम्प से सेटलमेंट करने में मदद ली। यहां गौर करनेवाली बात है कि केस अमेरिका में दर्ज़ हुआ पर अपराध तो भारत में हुआ था। कई राज्यों के अधिकारियों और नेताओं को भी रिश्वत दी गई, लेकिन मोदी सरकार ने न केस दर्ज किया और न ही जांच के आदेश दिए। अब सवाल उठता है कि परदे के पीछे खेल क्या हुआ….? इस सरकार के रहते तो इस खेल का पता चलना मुश्किल हैै, पर अवाम इस खेल को अब समझ गया है.

आपको बता दें कि अडाणी और सागर अडाणी पर US इन्वेस्टर्स को गुमराह करने का आरोप था। आरोप के मुताबिक उनकी कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ने $750 मिलियन के बॉन्ड इश्यू किए। इनमें यूएस इन्वेस्टर्स का $175 मिलियन भी शामिल थे।

ऐसा करते वक्त उन्होंने anti-bribery क्लॉज का पालन करने का झूठा वादा किया। इसके उलट उन्होंने भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को सैकड़ों मिलियन डॉलर की रिश्वत देने की स्कीम चलाई।

ट्रेड डील में मोदी ट्रंंप के सामने सरेंडर हुए…!

लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि ये समझौता हुआ कैसे ? किसकी मदद से हुआ ?लेकिन एक बात तो स्पष्ट हो गई है कि अडाणी के लिए मोदी सरकार ने राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता किया। राहुल गाँधी का सीधा आरोप है कि ट्रेड डील में मोदी ने इसीलिए अमेरिका की ऐसी शर्तें मान लीं जो नहीं मानी जानी चाहिए थीं।

यानी मोदी अपने मित्र को बचाना चाहते थे और ट्रम्प अपने मन की ट्रेड डील चाहते थे इसलिए दोनों ने हाथ मिला लिए। इस डील में भारत के हितों की बलि चढ़ा दी गई।

मोदी की भूमिका को लेकर संदेह के कई आधार 

मोदी की भूमिका को लेकर संदेह के कई आधार हैं। अव्वल तो ये कि एसईसी ने जो सम्मन भेजे थे उसे मोदी सरकार ने 14 महीनों तक सर्व ही नहीं होने दिया। वह टालमटोल करती रही। शायद इसलिए कि वह डील करवाने में लगी रही।

बीच में ट्रम्प ने नियम-कानूनों में जब ढील दी तो ये संदेह और बढ़ गया, क्योंकि अडाणी तो ये करवा नहीं सकते थे। ये सरकार के स्तर पर ही संभव था। अलबत्ता अडाणी ने ट्रम्प का वकील हायर करके ट्रम्प से सेटलमेंट करने में मदद ली और ये भी उनके हक़ में गया होगा।

अपराध भारत में और केस दर्ज अमेरिका में

दूसरे, भले ही केस अमेरिका में दर्ज़ हुआ हो मगर अपराध तो भारत में हुआ था। कई राज्यों के अधिकारियों और शायद नेताओं को भी रिश्वत दी गई या उसकी पेशकश की गई, लेकिन मोदी सरकार ने न केस दर्ज किया और न ही जांच के आदेश दिए।

अब सवाल उठता है कि परदे के पीछे खेल क्या हुआ…..कौन हैं इस खेल के खिलाड़ी….अडानी को बचाने की चालें कैसे चली गईं और उसके लिए क्या-क्या दाँव पर लगाया गया.

डील से सेटलमेंट कर अडाणी को केस से बरी करवा दिया

कहा जा रहा है कि अडाणी जी देश में बडा फर्ज़ी राष्ट्रवाद के पीछे छिप रहे थे पर केस का सामना करने की हिम्मत नहीं हो रही है. इसलिये डील से सैटलमेंट करके केस से बाहर निकलना चाहते है। ये बताता है कि इन्होंने भ्रष्टाचार किया है। अगर ईमानदार होते तो केस लड़ने की हिम्मत दिखाते और जीत के अपने आप को अप्रूव करते.

अडाणी ग्रुप ने हिंडेनबर्ग पर मानहानि के केस की धमकी दी, पर किया नहीं…क्यों?

हिंडेनबर्ग ने इनपर जब आरोप लगाये थे तो अडाणी ग्रुप ने हिंडेनबर्ग पर मानहानि के केस की धमकी दी थी, पर किया नहीं. भारत में कोई जांच नहीं हुई। होती भी कैसे क्योंकि पूरी सरकार ही इनसे मिली हुई है। सरकार इनको ठेके देती है और ये सरकार को ठेकों से प्रॉफिट में हिस्सा (चंदा) देते हैं।

शायद अडाणी को ही “राष्ट्रीय सेठ” से “विश्व सेठ” बनाने का सपना ही “विश्वगुरु” के रूप में जनता को पेश किया गया था। इसी सेठ का व्यवसाय बढ़ाने के लिए सरकारी विदेश यात्राएं होती थीं, होती हैं और आगे भी होती रहेंगी ! 

  • मुकेश कुमार व अन्य के फेसबुक वाल से

 

राम भक्तों के लिए

बाल सुधार गृह गुमला से दीवार फांदकर फरार होने वाले उक्त तीनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला पुलिस कप्तान हरिश बिन जामां कार्यालय से प्रेस विज्ञप्ति द्वारा बताया गया है कि दिनांक 15.05.2026 को प्रातः 06:18 बजे सम्प्रेक्षण गृह, गुमला सेँ अलग-अलग कांडों में निरूद्ध तीन बच्चे चारदीवारी फांद कर फरार हो गये थे, इस संबंध में गुमला थाना कांड सं० 188/26, दिनांक 15.05.2025 दर्ज है। उक्त किशोरों के खोज-बीन हेतु पु०नि० सह थाना प्रभारी, गुमला के नेतृत्व में एक विशेष दल का गठन किया गया और विशेष दल द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए आज दिनांक-16.05.2025 को उक्त तीनों किशोरों को विधिवत् निरूद्ध कर लिया गया है और आवश्यक अग्रतर कार्रवाई की जा रही है।

राम भक्तों के लिए

समस्त गुमला जिला में वट सावित्री पूजा पर उमड़ा आस्था का सैलाब महिलाओं ने बरगद की पूजा कर पति की दीर्घायु की मांगी दुआ

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समस्त गुमला जिला में वट सावित्री पूजा के अवसर पर शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के विभिन्न मंदिरों और वट (बरगद पेड़ों ) के समक्ष सोलह सिंगार किए हुए विवाहित महिलाओं द्वारा बट सावित्री पूजा कर अपने सुहाग के लिए मांगी लंबी उम्र, विवाहित महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी । सुहागिन महिलाओं ने 16 श्रृंगार कर वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की और पति की लंबी आयु, की प्रार्थना करते हुए अपने अपने पतियों की मांगी लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य व घर परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। सुबह से ही महिलाएं लाल-पीली साड़ियों में सज-धज कर पूजा की थाली लेकर वट वृक्ष के पास पहुंचने लगीं। महिलाओं ने बट वृक्ष( बरगद के पेड़ ) की परिक्रमा कर कच्चा लाल सूत लपेटा, मूली धागा, अक्षत, रोली, केला, सेव, नारंगी अंगूर आदि फल-फूल चढ़ाए और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी। पूरे दिन मंदिरों और सिंगर दुकानों, पूजा सामग्री दुकानों, मिठाई की दुकानों में भीड़ उम्र पड़ी थी, सभी चौक-चौराहों पर मेले जैसा माहौल देखा गया। विभिन्न मंदिरों के पंडित और आचार्य ने वट सावित्री पूजा ( कथा ) पर विशेष महत्व और प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पर्व पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि पौराणिक मान्यता के अनुसार सावित्री ने अपने तप और पतिव्रत धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस ले लिए थे। तभी से सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष को साक्षी मानकर पूजा करती हैं। वट वृक्ष दीर्घायु का प्रतीक है, इसलिए इसकी पूजा से पति को लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है।

महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पूरे विधि-विधान से पूजा संपन्न की। शाम को कथा श्रवण के बाद फलाहार कर व्रत का पारण किया गया। उक्त त्योहार को लेकर बाजारों में भी रौनक दिखी। पूजा सामग्री, चूड़ी, बिंदी और फलों की दुकानों पर खूब खरीदारी हुई।

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