निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूर्ण करने का निर्देश, डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना
गुमला : – गुमला उपायुक्त-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी,गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में भारत की आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जनगणना 2027 के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को सभी आवश्यक कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया गया।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनगणना 2027 के अंतर्गत गृह-सूचीकरण एवं मकान सूचीकरण का कार्य ऑनलाइन माध्यम से दिनांक 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संपन्न किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जनसंख्या गणना हेतु कुल 2071 मकान अनुसूचित ब्लॉकों का निर्धारण किया गया है। वहीं, दूसरे चरण में स्वगणना का कार्य दिनांक 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक निर्धारित किया गया है।
उपायुक्त-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस बार जनगणना कार्य पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी। इस कार्य के सफल संचालन हेतु कुल 2210 प्रगणक एवं 384 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
साथ ही, सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण कार्य दिनांक 27 अप्रैल 2026 से 09 मई 2026 तक पूर्ण कराने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक में अपर समाहर्ता-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी, गुमला, जिला स्तरीय अन्य संबंधित पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के जनगणना पदाधिकारी, सहायक चार्ज जनगणना पदाधिकारी तथा जनगणना कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
गुमला : – गुमला जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की गई। समाहरणालय परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों एवं कर्मियों के बीच पहचान पत्र (आईडी कार्ड ) का वितरण किया ।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि आईडी कार्ड से सरकारी कार्यों से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों की पहचान स्पष्ट रूप से सुनिश्चित होगी, जिससे आम नागरिकों को सही पदाधिकारी तक पहुंचने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाएगी, बल्कि कार्यों में निष्पक्षता एवं जवाबदेही को भी मजबूती प्रदान करेगी।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यस्थल पर आईडी कार्ड का नियमित उपयोग सुनिश्चित करें, ताकि प्रशासन और आम जनता के बीच विश्वास और बेहतर समन्वय स्थापित हो सकें l
गुमला : – गुमला समाहरणालय में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने अनुकम्पा के आधार पर आश्रित मनीष उरांव को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उक्त नियुक्ति जिला अनुकम्पा समिति की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में की गई है।
इस क्रम में स्व० सतीश उराँव, लिपिक, अंचल कार्यालय बसिया के आश्रित मनीष उराँव को समाहरणालय गुमला अंतर्गत निम्न वर्गीय लिपिक के रिक्त पद पर नियुक्त किया गया।
उपायुक्त ने बताया कि यह नियुक्ति निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अधीन की गई है। नियुक्त कर्मी को एक माह के भीतर संबंधित कार्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा तथा आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने होंगे।
इस अवसर पर उपायुक्त ने नियुक्त कर्मी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा कर्तव्यनिष्ठा एवं ईमानदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
बोर्ड परीक्षा विजय अभियान अंतर्गत मेहनत, मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन से जिले ने रचा नया कीर्तिमान
जिले से 10 हजार से अधिक विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण- स्टेट सेकेंड टॉपर में जिले से दो विद्यार्थी शामिल
गुमला : – गुमला जिला ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचय देते हुए 10 वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में पूरे झारखंड में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। झारखंड अधिविद्य परिषद द्वारा आयोजित इस परीक्षा में जिले का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 99.32% रहा। जिले से कक्षा 10 वीं की बोर्ड परीक्षा में कुल 13,760 विद्यार्थी सम्मिलित हुए थे जिसमें 13,667 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। जिले के विद्यार्थियों द्वारा अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए 10, 254 बच्चों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है । इसके साथ ही राज्य स्तर पर सेकेंड टॉपर बच्चों में भी जिले के दो विद्यार्थियों ने जगह बनाई है ।
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे जिला शिक्षा विभाग के समन्वय में जिला प्रशासन की सुदृढ़ रणनीति और निरंतर प्रयास रहे। ज्ञात हो कि पूर्व गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के नेतृत्व में तत्कालीन डीडीसी एवं वर्तमान उपायुक्त दिलेश्वर महतो एवं अपर समाहर्ता शशिंद्र बड़ाइक की देखरेख में शिक्षा विभाग द्वारा झारखंड शिक्षा परियोजना गुमला में जिला कंट्रोल यूनिट गठन, जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षकों की कोर टीम, जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों सहित, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों – कर्मियों को स्पष्ट जिम्मेदारियाँ दी गईं थी । ज्ञात हो कि पूर्व गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा स्वयं वीडियो कॉल के माध्यम से प्रतिदिन चार पांच विद्यालय अनुश्रवण किए जाते थे तथा वर्तमान गुमला उपयुक्त दिलेश्वर महतो द्वारा भी नियमित रूप से विद्यालय अनुश्रवण करते हुए छात्र छात्राओं को लगातार उचित मार्गदर्शन दिया जा रहा था
उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो ने इस उत्कृष्ट उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कहा कि “यह सफलता टीम वर्क, सतत मॉनिटरिंग और शिक्षकों सहित जिले के सभी शिक्षा कर्मियों तथा समस्त जिला / प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के मेहनत एवं समर्पण का परिणाम है। हमारे विद्यार्थियों ने कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है। हमें विश्वास है कि 12 वीं बोर्ड में भी गुमला जिला इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन को दोहराएगा।”
ज्ञात हो कि बोर्ड परीक्षा तैयारियों से संबंधित कार्यों हेतु जिला परियोजना कार्यालय में बीपीओ दिलदार सिंह की प्रतिनियुक्ति कर कार्य लिए जाते रहे हैं । पिछले दो वर्षों में तत्कालीन गुमला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा शिक्षा कर भेंट गतिविधि के अंतर्गत किए गए प्रयास सहित वर्ष 2025-26 में तत्कालीन उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित द्वारा बोर्ड परीक्षा विजय अभियान अंतर्गत शिक्षा व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग एवं सिलेबस पूर्णता के साथ दोहराव, झारखंड शिक्षा परियोजना गुमला में गठित जिला कंट्रोल रूम के द्वारा सभी विद्यालय में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता की देखरेख सहित सभी बीपीओ एवं परियोजनाकर्मी, बीआरपी सीआरपी एवं अन्य कर्मियों के दैनिक कार्यों की मॉनिटरिंग ,सभी उच्च एवं प्लस टू विद्यालयों के साथ पदाधिकारियों की टैगिंग एवं सतत मार्गदर्शन में नियमित स्कूल अनुश्रवण, अभिभावक संपर्क, प्री बोर्ड परीक्षा, शीत कालीन विशेष गृहकार्य, मॉडल प्रश्नों का नियमित अभ्यास, कमजोर बच्चों के लिए रेमेडियल कक्षाएं सहित अनेक नवाचारी कार्य किए गए थे।
जिला की इस उपलब्धि में शिक्षा परियोजना एवं डायट गुमला सहित जिला स्तर पर गठित शिक्षकों की कोर टीम, सभी विद्यालय प्रधान एवं सभी विषय शिक्षकों एवं सभी बीईओ, बीपीओ बीआरसी सीआरसी कर्मियों का सराहनीय योगदान रहा है ।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपर समाहर्ता शशिंद्र बड़ाइक, जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां सहित जिले के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जिले के इस उत्कृष्ट परिणाम की सराहना करते हुए इसे शिक्षकों की मेहनत, विद्यार्थियों की लगन और अभिभावकों के सहयोग का संयुक्त परिणाम बताया। जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने सभी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
गुमला : – गुमला जिला में परिवहन विभाग द्वारा नियमों का पालन ही जीवन का असली आधार, डीटीओ ने साझा किया सुरक्षा का संदेश, ₹3.05 लाख का जुर्माना वसूला गया , हमारा जीवन और हमारे परिजनों की खुशियाँ सड़क पर हमारी थोड़ी सी सतर्कता पर निर्भर करती हैं। इसी भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो के मार्गदर्शन में जिला परिवहन विभाग ने गुरुवार को रायडीह मांझटोली मार्ग पर एक विशेष जागरूकता सह वाहन जांच अभियान चलाया। जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में चली इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य चालकों को नियमों के प्रति संवेदनशील बनाना और सुरक्षित सफर सुनिश्चित करना रहा।
सुधार की दिशा में उठाए गए कदम मांझटोली रायडीह मार्ग पर आयोजित इस सघन अभियान के दौरान उन छोटी-छोटी कमियों पर ध्यान दिया गया, जो अक्सर बड़े हादसों का कारण बनती हैं। इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों से कुल ₹ 3,05,000 (तीन लाख पांच हजार) का जुर्माना लिया गया।
अभियान के दौरान इन बातों पर रहा विशेष ध्यान:
ध्वनि प्रदूषण और शांति का संदेश: कई दोपहिया वाहनों में बिना हेलमेट,बिना लाइसेंस एवं मॉडिफाइड साइलेंसर पाए गए जो तेज आवाज से बुजुर्गों और मरीजों को असुविधा पहुँचाते हैं। डीटीओ ने बहुत ही शालीनता से युवाओं को समझाया कि असली ‘स्वैग’ शोर मचाने में नहीं, बल्कि सुरक्षित चलने में है।
सड़क की सेहत और ओवरलोडिंग: भारी मालवाहक वाहनों (ट्रक,बस और हाइवा,अन्य छोटे बड़े वाहन) के चालकों से आग्रह किया गया कि वे क्षमता के अनुसार ही माल लादें। ओवरलोडिंग न केवल सड़क को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि गाड़ी के संतुलन को भी बिगाड़ती है।
ओवरसाइज वाहन – अभियान के दौरान विशेष रूप से उन वाहनों को लक्षित किया जा रहा है जिन्होंने निर्धारित लंबाई/चौड़ाई से अधिक सामान लादा है या जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है।
कागजातों की पूर्णता: वाहन चालकों को याद दिलाया गया कि वैध बीमा, फिटनेस और ड्राइविंग लाइसेंस रखना उनके अपने कानूनी और आर्थिक हित में है। जिनके पास दस्तावेजों की कमी थी, उन्हें भविष्य के लिए जागरूक किया गया।
“हमारा लक्ष्य आपकी सलामती है” : डीटीओ
अभियान के दौरान चालकों से संवाद करते हुए डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने बहुत ही सौम्य शब्दों में कहा: “साथियों, प्रशासन का उद्देश्य आपको परेशान करना या दंडित करना बिल्कुल नहीं है। हमारी चिंता बस इतनी है कि आप सुबह जिस मुस्कुराहट के साथ घर से निकलते हैं, शाम को उसी सुरक्षित तरीके से अपने परिवार के पास वापस लौटें। यातायात के नियम हमारे बंधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन के सुरक्षा कवच हैं।”
समाज की सहभागिता जरूरी:- प्रशासन की इस मानवीय और सुधारात्मक पहल की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की है। लोगों का मानना है कि जब अधिकारी सड़क पर उतरकर एक अभिभावक की तरह समझाते हैं, तो नियमों का पालन करना बोझ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी लगने लगता है। जिला प्रशासन ने सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को बिना लाइसेंस के वाहन चलाने ना दें और लाइसेंस के साथ हेलमेट पहनने और सुरक्षित गति में वाहन चलाने के लिए प्रोत्साहित करें।
गुमला : – गुमला उपायुक्त के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय ने आज खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में गुमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था।
निरीक्षण के दौरान मेसर्स होटल पुष्पांजलि, नियर बस स्टैंड, मेसर्स पूजा सिंह, सिसई रोड, मेसर्स ईट एन गार्डेन,सिसई रोड, मेसर्स डिकेन्स सिसई रोड,एवं मेसर्स नेशनल ट्रेडर्स (एस एस स्कूल रोड ) सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के क्रम में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधित संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए।
मेसर्स होटल पुष्पांजलि एवं मेसर्स डिकेन्स में साफ-सफाई की कमी पाए जाने पर संचालक को एप्रन, ग्लव्स एवं हेडगियर का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा साथ ही ताजा खाना परोसने का सख्त हिदायत दी गई।
इसी प्रकार मेसर्स ईट एन गार्डन को बिना अनुज्ञप्ति – लाइसेंस के प्रतिष्ठान संचालित करने पर कड़ी फटकार लगाई गई और शीघ्र लाइसेंस बनवाने का निर्देश दिया गया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जिले में इस प्रकार का निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी खाद्य व्यवसायियों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों का पालन करें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएं।
साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई कि यदि कहीं मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
गुमला : – गुमला जिला की छात्राओं ने माध्यमिक परीक्षा, 2026 में पीएमश्री उच्च विद्यालय , रायडीह का परीक्षाफल शत- प्रतिशत रहा है, विद्यालय की छात्रा प्रीति कुमारी ने 89% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जूही कुमारी 88.20% के साथ द्वितीय स्थान एवं तृतीय स्थान आरती कुमारी 87.20% ने प्राप्त किया है। माध्यमिक परीक्षा में कुल 107 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे जिसमें 93 विद्यार्थियों ने प्रथम स्थान एवं 14 विद्यार्थियों ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। विद्यालय से संबद्ध पदाधिकारी निदेशक, डीआरडीए ,गुमला श्री विद्या भूषण कुमार एवं प्राचार्य डॉक्टर कृष्ण कुमार ने विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षाफल पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी हैं एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
अपर समाहर्ता के द्वारा खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित, खेल प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन
गुमला : – गुमला नंजिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक के द्वारा हिंडालको कंपनी के सी.एस.आर. फंड से दो उभरती तीरंदाजी खिलाड़ियों स्नेहा डेमटा एवं अनुराधा तिर्की को आर्चरी (तीरंदाजी) सेट का वितरण किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिले में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं संसाधन उपलब्ध कराने की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा और वे आगे बढ़कर जिले राज्य और देश का नाम रोशन करेंगी। कार्यक्रम के दौरान जिला योजना पदाधिकारी रमण कुमार, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। साथ ही हिंडालको कंपनी के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही।
बच्चों ने संभाली पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी, जागरूकता से बना सकारात्मक माहौल
गुमला : – गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के तत्वावधान में शिक्षा विभाग गुमला द्वारा पृथ्वी दिवस के अवसर पर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। ज्ञात हो कि जिले में 16 से 30 अप्रैल तक जल पखवाड़ा 2026 का आयोजन किया जा रहा है एवं इस अभियान के अंतर्गत जिले के विभिन्न विद्यालयों में जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता से संबंधित विविध गतिविधियों का सफल संचालन भी किया जा रहा है।
आज विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर जिले के कई विद्यालयों में वाद-विवाद प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। साथ ही जल एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर सेमिनार एवं विशेष परिचर्चा आयोजित कर विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इस अवसर पर विद्यालयों में बच्चों ने आकर्षक पोस्टर बनाकर जल बचाने का संदेश दिया तथा जल एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ लेते हुए पौधरोपण कार्यक्रम में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने न केवल बच्चों में रचनात्मकता को बढ़ावा दिया, बल्कि उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उपायुक्त गुमला श्री दिलेश्वर महतो ने अपने संदेश में कहा कि जल और पर्यावरण हमारे जीवन के आधार हैं तथा वर्तमान समय में इनका संरक्षण हमारी अनिवार्य जिम्मेदारी बन चुका है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में विद्यार्थियों द्वारा बढ़-चढ़कर भाग लेते हुए जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है जो आने वाले कल को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे जल की एक-एक बूंद का महत्व समझें, जल के दुरुपयोग को रोकें तथा अपने दैनिक जीवन में जल एवं पर्यावरण संरक्षण को अपनाएं।
जिला शिक्षा पदाधिकारी सुश्री कविता खलखो ने बताया कि जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग द्वारा इस पहल को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं सतत पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।
जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना, उनमें जिम्मेदारी की भावना विकसित करना तथा विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर जल बचत के व्यवहार को बढ़ावा देना है तथा सभी गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय संलग्नता तथा शिक्षकों एवं समुदाय के सहयोग हेतु कार्य किए जा रहे हैं ।
वर्ष 2018 से लापता पीड़िता की बरामदगी के लिए विशेष अभियान, कई धाराओं में मामला दर्ज
गुमला : – गुमला पुलिस अधीक्षक, गुमला ( गुमला पुलिस कप्तान हरिशा बिन जामां ) के निर्देशानुसार एक महत्वपूर्ण सूचना सर्वसाधारण के लिए जारी की गई है। गुमला जिले के खोरा जामटोली निवासी पीड़िता संजीता कुमारी, जो अगस्त 2018 से लापता है, की तलाश हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के लापता होने के समय उसकी उम्र लगभग 13 वर्ष थी, जो वर्तमान में लगभग 21 वर्ष हो चुकी है। पीड़िता की पहचान के रूप में उसकी लंबाई करीब 4 फीट, चेहरा गोल तथा लापता होने के समय पीले रंग का सूट पहने होने की जानकारी दी गई है। इस संबंध में AHTU थाना कांड संख्या-03/2020, दिनांक 06 फरवरी 2020 को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 365, 367, 368, 370 एवं 371 के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस द्वारा विभिन्न संभावित स्थानों पर छानबीन एवं तकनीकी माध्यमों से भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक पीड़िता का कोई ठोस सुराग प्राप्त नहीं हो सका है। गुमला पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आमजन से सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को उक्त लापता युवती के संबंध में कोई भी जानकारी प्राप्त होती है या वह कहीं दिखाई देती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस अधीक्षक कार्यालय, गुमला या नीचे दिए गए संपर्क नंबरों पर देने का अनुरोध किया गया है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी तथा विश्वसनीय सूचना देने पर ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
संपर्क विवरण: पुलिस अधीक्षक, गुमला: 9431706376 पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), गुमला: 9471182113 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, गुमला: 9431706202 थाना प्रभारी, AHTU: 8986604606 / 8809624441 इसके अतिरिक्त, ईमेल के माध्यम से भी सूचना साझा की जा सकती है: sp-gumla@jhpolice.gov.in