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Saturday, July 4, 2026
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वीर शहीद विनोद यादव का शहादत दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया गया

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया-शनिवार को तेनुघाट स्थित बस पड़ाव के समीप स्थापित वीर शहीद विनोद यादव की प्रतिमा स्थल पर उनका शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सीआरपीएफ 26 बटालियन के डिप्टी कमांडेंट अरविंद कुमार एवं सब-इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह के नेतृत्व में दर्जनों जवान उपस्थित हुए और शहीद को सलामी देकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि 4 अप्रैल 2014 को छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले के दौरान विनोद यादव ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। उन्होंने बताया कि उस समय तत्कालीन झारखंड सरकार द्वारा शहीद के परिजनों को आवास निर्माण हेतु भूमि एवं एक पेट्रोल पंप आवंटित करने की घोषणा की गई थी, ताकि परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके।
उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बीत जाने के बावजूद आज तक शहीद परिवार को घोषित लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से आग्रह किया कि शहीद परिवार को शीघ्र भूमि एवं पेट्रोल पंप आवंटित कर उनकी सहायता सुनिश्चित की जाए।
बताते चलें कि शहीद विनोद यादव बोकारो जिले के घरवाटांड़ पंचायत के निवासी थे और सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान सुकमा में नक्सलियों के हमले में वे वीरगति को प्राप्त हुए थे।
कार्यक्रम के दौरान सीआरपीएफ अधिकारियों एवं अतिथियों ने शहीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया तथा उनके परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
विशेष अतिथियों में जिप सदस्य आकाश लाल सिंह, माला कुमारी, पूर्व जिप सदस्य प्रकाश लाल सिंह, कुलदीप प्रजापति, पच्चू यादव, मिथुन चंद्रवंशी, दयाल यादव, दीपचंद यादव, हेमू यादव, राजकुमार यादव एवं सूरज यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने अपने संबोधन में शहीद के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम का संचालन बिनोद यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर यादव शक्ति सेना संगठन के सदस्य एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, एसडीपीओ ने दिए आवश्यक निर्

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया– अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) वशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में शनिवार कोट तेनुघाट कार्यालय में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में अनुमंडल क्षेत्र के सभी पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी एवं ओपी प्रभारी उपस्थित रहे।
गोष्ठी के दौरान एसडीपीओ सिंह ने बीते माह के कार्यों की समीक्षा करते हुए पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मार्च माह में विभिन्न त्योहारों के बावजूद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना सराहनीय रहा है और बिना किसी अप्रिय घटना के त्योहार संपन्न कराए गए।
उन्होंने बताया कि अनुमंडल क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में कमी आई है, जो पुलिस की सक्रियता का परिणाम है। साथ ही लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
एसडीपीओ ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित गश्ती बढ़ाने का निर्देश देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेष रूप से महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।
गोष्ठी में क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

राम भक्तों के लिए

जन स्वास्थ्य को लेकर प्रशासन सतर्क, आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन एवं जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में गुमला के लक्ष्मण नगर फसिया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का सघन निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान केंद्र में साफ-सफाई की व्यवस्था, बच्चों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं भंडारण व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका को परिसर में नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने, रसोईघर को साफ-सुथरा रखने तथा खाद्य पदार्थों को ढककर सुरक्षित तरीके से रखने के निर्देश दिए।

इस दौरान केंद्र में उपलब्ध खाद्य सामग्री की जांच की गई, जिसमें किसी भी प्रकार के एक्सपायरी उत्पाद का उपयोग नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही, सभी खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी तिथि की नियमित जांच करने एवं समय-समय पर स्टॉक का सत्यापन करने को कहा गया।

पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी विशेष जोर दिया गया तथा निर्देश दिया गया कि बच्चों को केवल स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल ही उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच कराने तथा साफ बर्तनों में पानी संग्रहित करने की बात कही गई।

इसके अतिरिक्त, वहां वितरित करने वाले पौष्टिक आहार का सैंपल लेकर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया, ताकि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों की पुष्टि की जा सके।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के पोषण स्तर का विशेष ध्यान रखा जाए तथा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के अंत में संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया गया कि सभी नियमों का कड़ाई से पालन करें, अन्यथा आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राम भक्तों के लिए

झारखंड का महुआ बनेगा इंटरनेशनल ब्रांड

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

अवैध नशे का पर्याय बने बदनाम *महुआ फूल*के दिन अब बहुत जल्द बहुरने वाल हैं

गुमला : – गुमला जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों, के पहाड़ – पर्वत और जंगलों में भी भरें पड़े हैं, और काफी संख्या में , महुआ के पेड़ देते हैं महुआ का *फूल*, फिलहाल उक्त नशे के पर्याय बने – बदनाम महुआ के फूलों से बनायें जाते हैं , अवैध महुआ चुलईया दारू ( शराब ) जो पूरे गुमला जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रो के अधिकांश घरों में महिलाओं द्वारा अपने हाथों से तैयार किया जाता है, अवैध महुआ चुलईया दरू ( शराब ) जो एक कुटीर उद्योग के रूप में विकसित हो चुका है , उक्त अवैध महुआ चुलईया दारू (शराब ) उक्त अवैध धंधे का व्यापार चारों तरफ फैल चुका हैं *जाल*, और उक्त तैयार महुआ चुलईया दारू ( शराब ) सड़क किनारे लाइन होटल और जिला मुख्यालय के कुछ तथाकथित होटल में भी उक्त अवैध शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है, और चमत्कार इस बात का हैं की दशकों से संबंधित उत्पाद विभाग द्वारा उक्त अवैध शराब की बिक्री पर रोक नहीं लगा सकी है,,,,, क्यों ????? उक्त रहस्य का रहस्य और उक्त चमत्कार का रहस्य का रहस्य और राज जानना चाहती है गुमलावासी,,,,,????? फिलहाल बताया जा रहा है की महुआ फूल के दिन बहुरने .वाले हैं, ( नहीं तो एक कहावत चरितार्थ है की, *शाम अस्त और झारखंड मस्त* ) पर अब ऐसा नहीं होगा, ऐसे संकेत प्राप्त हो रहे हैं, बताया जा रहा है कि झारखंड सरकार के द्वारा झारखंड में फूड ग्रेन महुआ का उत्पादन शुरू कराया जा चुका है और उक्त महुआ ( फूल ) को नेशनल और इंटरनेशनल मार्केट में भेजने की तैयारी चल रही है। इसके लिए पलामू टाइगर रिजर्व और झामकोफीड ने मिलकर इसके – उत्पादन को लेकर एक योजना तैयार -की है। शुरूआती चरण में, पलामू – टाइगर रिजर्व में 200 पेड़ों को – एडॉप्ट किया गया है, जिसमें बढ़‌निया गांव को इसका नोडल ग्राम बनाया गया है। इसके लिए ग्रामीणों को फूड ग्रेन महुआ के उत्पादन की ट्रेनिंग दी गई है

▶ फूड ग्रेन महुआ का शुरू हुआ उत्पादन

प्रोसेसिंग प्लांट की भी होगी स्थापना
और एसओपी बताए गए हैं। जिसके बाद ग्रामीण इसका महुआ फूल का उत्पादन कर रहे हैं। महुआ का इस्तेमाल चॉकलेट और विस्कुट जैसी कई डिश और पकवान बनाने में किया जाएगा और इसे बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा। पलामू टाइगर रिजर्व के
इलाके में एक महुआ प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित किया जाएगा। झारखंड के विभिन्न सुदूर ग्रामीण क्षेत्र, पहाड़, पर्वत, और जंगल इलाकों में मार्च में पेड़ों से महुआ के फूल गिरने लगते हैं।

जिसके बाद ग्रामीण ने फूल चुनते हैं, लेकिन अक्सर उनमें मिट्टी और धूल मिल जाती है। इस तरह के महुआ से हाइजीनिक डिश बनाना बहुत

मुश्किल है। फूड ग्रेन महुआ के लिए स्पेशल प्रोसिजर अपनाया गया है। इसके तहत पलामू टाइगर रिजर्व में ग्रामीणों के बीच जाल का वितरण किया गया है। महुआ के फूल इसी जाल पर गिरते हैं, जिससे धूल और मिट्टी के कण फूल में नहीं मिल पाते। फिर इस महुआ को इसी जाल पर सुखाया जाता है। सूखने के बाद महुआ फूड ब्रेन के रूप में तैयार होता है। जिससे हाइजीनिक डिश तैयार किया जाता है। बाजार में ग्रामीण महुआ आमतौर पर 30 से 35 रुपये प्रति किलो बेचते हैं।

पलामू टाइगर रिजर्व फूड ग्रेन महुआ 70 रुपये प्रति किलो खरीद रहा है। जो गांव वालों से इको डेवलपमेंट समिति के जरिए खरीदा जाता है। झारखंड में पहली बार फूड ग्रेन महुआ का उत्पादन शुरू हुआ है। गांव के लोग इसे लेकर उत्साहित हैं। पहली बार गांव के लोगों को इसकी ज्यादा कीमत मिलेगी। अब गांव के लोग पेड़ों के नीचे जाल लगाकर महुआ इकट्ठा कर रहे हैं। पलामू टाइगर रिजर्व इलाके में 180 गांव हैं। हर गांव के पास करीब 1,000 महुआ के पेड़ हैं।

राम भक्तों के लिए

Luissa: Redefining Women’s Innerwear with Premium Comfort and Unbeatable Style

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राम भक्तों के लिए

U.S.-Iran Conflict Escalates: Rising Costs, Global Tensions, and Growing Calls for Peace

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The United States seems to have stirred a dangerous situation, like putting its hand into a snake’s hole and now struggling to pull it back. Because of one misguided decision, people across the world are suffering. As if global challenges were not already enough, another conflict has emerged. The U.S. underestimated Iran, treating it like Iraq, Venezuela, or Libya, but the reality is far more complex. Billions are being spent daily, and even American citizens are opposing this. It remains to be seen how long this conflict will continue. We strongly oppose all wars—peace and stability are what the world truly needs.


राम भक्तों के लिए

अंग्रेज हकुमुत की नींव हिला देने वाले दो वीर शहिद योद्धाओं का शहादत दिवस आज ( 4 अप्रैल 2026 ) को मनाया जाएगा

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

4 अप्रैल सन् 1812 को भारत माता के लाल वीर बख्तर साय और वीर मुंडल सिंह को दी गई थी फांसी

रायडीह की धरती में आज भी गुंजती है दो वीर शहीदों का बलिदान

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित रायडीह प्रखंड की पावन और ऐतिहासिक धरती में आज भी वीर शहीद वख्तर साय और मुंडल सिंह ने भारत माता की लाज बचाने के लिए, गोरे अंग्रेजों के विरुद्ध भारत माता के सपूतों ने अपनी जानकी बाजी लगाकर जंजीरों में जकड़ी भारत माता को आजाद करने के उद्देश्य से आजादी की लड़ाई में दोनों वीर सपूतों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ छापा मारा संघर्ष कर और अपनी बलिदानी देते हुए, अपने भारत देश के इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में शहीदों की पंक्तियों में अपना नाम दर्ज कर चुके हैं , अपने भारत देश के आने वाले पीढियों के लिए, यह जानना जरूरी है कि वीर शहीद वख्तर साय का जन्म रायडीह प्रखंड के वासुदेव कोना गांव में हुआ था। वे नवागढ़ परगना (वर्तमान रायडीह क्षेत्र) के जागीरदार थे और उन्होंने गोरे अंग्रेजों के खिलाफ खुलकर बिद्रोह किया। उस समय अंग्रेजों द्वारा आत्यधिक टैक्स बसूली और आदिवासी समाज पर हो रहे अत्याचार से लोग परेशान थे। बख्तर साय ने इसका डटकर विरोध किया। बताया जाता है कि अंग्रेजों के साथ संधि के बाद महाराजा हदयनाथ शाहदेव द्वारा हीरा राम की टैक्स वसूली के लिए नवागढ़ भेजा गया था। उक्त अन्याय का बिरोध करते हुए उन्होंने हीरा राम का सिर काटकर महाराजा के पास भेज दिया। इस घटना से अंग्रेजी शासन और राजशाही शासन, दोनों में हड़कंप मच गया। इसके बाद अंग्रेजों ने बख्तर साय को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर सैन्य अभियान चलाया गया, और मुखबिरी सहयोग से 11 फरवरी 1812 की रामगढ़ के मजिस्ट्रेट द्वरा लेफ्टिनेंट एचभी डोनेल के नेतृत्व में सैन्य दुकड़ियांँ भेजी गई। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर दी गई। बख्तर साय के संघर्ष में पनारी परगना के जागीरदार मुंडल सिंह भी उक्त संघर्ष में बख्तर साय के कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हुए और दोनों शूरवीरों ने मिलकर गोरे अंग्रेजी के खिलाफ मोर्चा संभाला। उनकी कर्मभूमि गढ़ पहाड़, जो कि रायडीह प्रखंड में स्थित है। उनके संघर्ष और रवानीति का मुख्य केंद्र रहा। पहाड़ी और जंगलों में रहकर दोनों वीरों ने छापामार युद्ध लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए l

राम भक्तों के लिए

अंबिकेश्वर शिव मंदिर में ध्वजारोहण प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारी शुरू

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

18, 19 व 20 अप्रैल को मंदिर स्थापना एवं नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित सिसई थाना क्षेत्र के छारदा रोड में नवनिर्मित अंबिकेश्वर शिव मंदिर में आगामी 18, 19 एवं 20 अप्रैल को आयोजित होने वाले मंदिर स्थापना सह नर्मदेश्वर शिवलिंग प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर विधिवत ध्वजारोहण किया गया। यह मंदिर भूतपूर्व जमींदार स्वर्गीय गुरूबाबू अंबिका प्रसाद की पुण्य स्मृति में निर्मित किया गया है। ध्वजारोहण कार्यक्रम वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। आचार्य सूर्य नारायण एवं आशीष कुमार मिश्रा ने बजरंगबली के ध्वज की पूजा-अर्चना कराकर ध्वजारोहण कराया। इस अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में रोहित मिश्रा एवं श्रुति मिश्रा तथा मुकेश श्रीवास्तव एवं उर्वशी देवी उपस्थित रहे।

इस धार्मिक अनुष्ठान में स्थानीय निवासी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।

राम भक्तों के लिए

प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में ईस्टर का त्यौहार शोकपूर्ण वातावरण में मनाया गया

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में ईस्टर का त्यौहार शोकपूर्ण वातावरण में मनाया गया

गुमला : – गुमला जिला में ईसाई धर्म लंबियों द्वारा जिले के समस्त चर्चो में प्रभु यीशु मसीह की याद में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण और शोकपूर्ण दिन है, जो प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है। इस दिन ईसा मसीह को यहूदी शासकों द्वारा असहनीय यातनाएं देने के बाद सलीब क्रॉस पर चढ़ाया गया था। यह घटना ईस्टर संडे से पहले वाले शुक्रवार को हुई थी, जिसे मानवता के उद्धार का प्रतीक मानकर ‘गुड’ या पवित्र माना जाता है।
गुड फ्राइडे का इतिहास और महत्व:
बलिदान का दिन: ईसाई मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु ने मानव जाति को उनके पापों से मुक्ति दिलाने और प्रेम व क्षमा का मार्ग दिखाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
ऐतिहासिक घटना: लगभग 30 ईस्वी में, यरूशलेम में यहूदी शासकों और रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस के आदेश पर ईसा मसीह को क्रॉस पर चढ़ा दिया गया था।
अहिंसा का संदेश: सलीब पर चढ़ने से पहले उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने हत्यारों के लिए भी ईश्वर से क्षमा मांगी।
ईस्टर से संबंध: गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद, रविवार को ईसा मसीह का पुनर्जन्म हुआ, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है।
प्रार्थना और उपवास: ईसाई धर्म के अनुयायी इस दिन चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं में भाग लेते हैं, सादगी बरतते हैं और उपवास रखते हैं।
गुड फ्राइडे को ‘ब्लैक फ्राइडे’ या ‘होली फ्राइडे’ भी कहा जाता है, जो दुख के साथ-साथ यीशु के महान प्रेम का स्मरण कराता है।

गुमला : – गुमला जिला में ईसाई धर्म लंबियों द्वारा जिले के समस्त चर्चो में प्रभु यीशु मसीह की याद में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, गुड फ्राइडे ईसाई धर्म का एक महत्वपूर्ण और शोकपूर्ण दिन है, जो प्रभु यीशु मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है। इस दिन ईसा मसीह को यहूदी शासकों द्वारा असहनीय यातनाएं देने के बाद सलीब क्रॉस पर चढ़ाया गया था। यह घटना ईस्टर संडे से पहले वाले शुक्रवार को हुई थी, जिसे मानवता के उद्धार का प्रतीक मानकर ‘गुड’ या पवित्र माना जाता है।
गुड फ्राइडे का इतिहास और महत्व:
बलिदान का दिन: ईसाई मान्यता के अनुसार, प्रभु यीशु ने मानव जाति को उनके पापों से मुक्ति दिलाने और प्रेम व क्षमा का मार्ग दिखाने के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया।
ऐतिहासिक घटना: लगभग 30 ईस्वी में, यरूशलेम में यहूदी शासकों और रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस के आदेश पर ईसा मसीह को क्रॉस पर चढ़ा दिया गया था।
अहिंसा का संदेश: सलीब पर चढ़ने से पहले उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी गईं, लेकिन उन्होंने अपने हत्यारों के लिए भी ईश्वर से क्षमा मांगी।
ईस्टर से संबंध: गुड फ्राइडे के तीन दिन बाद, रविवार को ईसा मसीह का पुनर्जन्म हुआ, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है।
प्रार्थना और उपवास: ईसाई धर्म के अनुयायी इस दिन चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं में भाग लेते हैं, सादगी बरतते हैं और उपवास रखते हैं।
गुड फ्राइडे को ‘ब्लैक फ्राइडे’ या ‘होली फ्राइडे’ भी कहा जाता है, जो दुख के साथ-साथ यीशु के महान प्रेम का स्मरण कराता है।

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सम्मान और स्मृतियों के साथ दो उल्लेखनीय यात्राओं की भावपूर्ण विदाई, एक नए अध्याय की शुरुआत

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया। पिट्स मॉडर्न स्कूल परिवार द्वारा दिनांक 1 अप्रैल 2026 को विद्यालय के सभागार में एक गरिमामय समारोह आयोजित कर संस्थान के दो समर्पित और उल्लेखनीय कर्मियों को भावपूर्ण विदाई दी गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार एकत्रित होकर उनके दीर्घकालीन योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण किया।
समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के उपाध्यक्ष श्री अरिंदम दासगुप्ता एवं प्राचार्य श्री बृज मोहन लाल दास ने संयुक्त रूप से की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री सृष्टि धर प्रसाद, उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सीमा प्रसाद तथा श्री ललित साहू की गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्री सृष्टि धर प्रसाद ने संस्थान में लगभग 34 वर्षों तक शिक्षक, मार्गदर्शक, उच्चतर माध्यमिक समन्वयक एवं उप-प्राचार्य के रूप में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दीं। भौतिकी विषय पर उनकी गहरी पकड़, विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण एवं समर्पण ने अनेक पीढ़ियों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रेरित किया। उनके योगदान को विद्यालय की अमूल्य धरोहर बताया गया।
वहीं, श्री ललित साहू ने 24 वर्षों तक विद्यालय परिसर के सुव्यवस्थित संचालन एवं सौंदर्यकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यालय की फुलवारी को आकर्षक रूप देने में उनके अथक प्रयासों की सभी ने सराहना की। उनकी सरलता, मेहनत और सदैव मुस्कुराते रहने की आदत ने सभी के दिलों में विशेष स्थान बनाया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष एवं प्राचार्य द्वारा दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में श्री एस.डी. प्रसाद ने शिक्षक एवं प्राचार्य के बीच बेहतर तालमेल को विद्यालय के विकास की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि जब दोनों के बीच “फ्रिक्वेंसी” (तालमेल) सुदृढ़ होती है, तब सकारात्मक और सार्थक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए वर्तमान प्राचार्य की आधुनिक सोच एवं गत दो वर्षों में हुए सकारात्मक बदलावों की सराहना की।
श्री ललित साहू ने अपने विदाई संबोधन में विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों एवं सहकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया।
प्राचार्य श्री बृज मोहन लाल दास ने श्री प्रसाद के गहन ज्ञान एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्य सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। साथ ही उन्होंने श्री साहू के योगदान को विद्यालय की स्वच्छता एवं सुंदरता की आधारशिला बताया।
उपाध्यक्ष श्री अरिंदम दासगुप्ता ने ओरिका के पांच मूल्यों—सुरक्षा, सम्मान, एकता, निष्ठा एवं उत्कृष्टता—का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने कार्यकाल में इन मूल्यों को पूर्णतः आत्मसात किया।
कार्यक्रम में आईईपीएल (ओरिका) गोमिया के एमसीएम श्री अभिषेक बिस्वास ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए दोनों के योगदान की सराहना की तथा उनके सुखद, स्वस्थ एवं सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।
अंत में पिट्स मॉडर्न स्कूल परिवार ने श्री एस.डी. प्रसाद एवं श्री ललित साहू को भावभीनी विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं स्वस्थ जीवन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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