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Wednesday, July 1, 2026
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जाने क्या है सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना

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रामगढ़: *झारखंड में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का नाम बदल कर सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना कर दिया गया है। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा पर जोर व बाल विवाह प्रथा का अंत, किशोरियों के स्वास्थ्य एवं वैयक्तिक स्वच्छता में सहायता करना है।**योजना के तहत छात्राओं को आर्थिक सहायता मुहैया करायी जायेगी। इसमें कक्षा 8वीं एवं नाैवीं में नामांकित बालिका को 2500 रुपये, कक्षा 10वीं, 11वीं एवं 12वीं में दाखिला लेने वाली बालिकाओं को 5000 रुपये तथा 18 से 19 वर्ष की आयु की बालिका को एक मुश्त अनुदान के रूप में 20,000 रुपये दिये जायेंगे।**इन्हें मिलेगा लाभ*==========*यह सहायता मां की पहली दो बेटियों के लिए देय होगा। लाभार्थी की मां की ओर से स्व घोषणा पत्र समर्पित किया जायेगा जिसे आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। इस योजना के तहत सरकारी, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित,एनसीएलपी के अंतर्गत संचालित तथा झारखंड सरकार द्वारा अनुदानित विद्यालयों में कक्षा 8वीं से 12वीं में अध्ययनरत सभी छात्राओं को योजना के दायरे में लाया गया है। योजना का लाभ केवल उन्हें मिलेगा, जिनके माता-पिता किसी सरकारी सेवा अथवा सार्वजनिक उपक्रम में सेवारत नहीं हैं। माता-पिता आयकर दाता नहीं हों। आवेदन में छात्रा का जन्म प्रमाण पत्र लगाना होगा।**वोटर लिस्ट में पंजीयन अनिवार्य*=========*छात्रा की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने पर उनका नाम संबंधित कैलेंडर वर्ष में झारखंड राज्य की मतदाता सूची में पंजीकृत कराना अनिवार्य है। लाभार्थी का आवेदन के समय मतदाता पहचान पत्र आवेदन के साथ संलग्न करना अनिवार्य है। 19 वर्ष की आयु पूर्ण होने के पूर्व ही इस योजना के तहत आवेदन करना अनिवार्य है।**यहां कर सकेंगे आवेदन*============*योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थी सीधे अथवा आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी कार्यालय में आवश्यक प्रमाण-पत्रों एवं दस्तावेजों के साथ आवेदन पत्र समर्पित कर सकते है। प्रमाण-पत्रों एवं अभिलेखों की स्व-अभिप्रमाणित छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य है। प्रारंभ में इस योजना के तहत पूरी प्रक्रिया मैन्युअल की जायेगी। कालांतर में पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ज्यादा जानकारी के लिए समाहरणालय स्थित जिला समाज कल्याण कार्यालय एवं प्रखंडवार बाल विकास परियोजना कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है

राम भक्तों के लिए

The Anatomy of a Cartoon – Satish Acharya

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Yesterday, the cartoonist Satish Acharya took the social media by storm with his cartoon depicting a boyish Modi look-alike in shorts being dragged into a classroom by a Kejriwal look-alike teacher. If a picture tells a thousand words, this cartoon spoke millions. In terms of story-telling, opinion-forming, and entertainment value, the cartoon ticked all the boxes.For a political cartoon to hit the mark, it must employ the right mix of irony, caricaturing, and symbolism. But, above all, it must be timely and capture the current mood, event, and zeitgeist. Satish Acharya scored a bull’s eye on all of them.I think the cartoon’s depiction of irony – the difference between the current way of things and the way things were in the past – stand out in this cartoon. Few would have missed out the recent visit of Modi to a hastily constructed fake classroom in Gujarat with fake windows to showcase BJP’s new found interest in promoting education. I doubt if any viewer failed to make the connection that Kejriwal’s brand of politics – focus on health, education, and basic services – is compelling Modi and his party to change track from its politics of Hindu-Muslim polarization, atleast for the time being. But , BJP is not entirely comfortable with this track change. And, that is beautifully captured in Modi’s caricature who comes across as a visibly distressed, petulant, and uneasy whiner unhappy at being dragged into a class room much against his wishes. Notice how the Modi look-alike is digging in his heels – an excellent depiction of resistance, a “non-movement” through a few quick lines in a cartoon.The cartoon also scores very high on symbolism and labelling. The use of WhatsApp on a phone in BJP’s backpack highlights the power that the party derives from its infamous IT cell. The symbiotic relationship between BJP and WhatsApp – in its pocket – is really fantastic.But, perhaps, the use of words “Education is important” is the killer. The labelling not only points towards the universally accepted significance of education in a nation’s progress but also cheekily alludes to Modi’s educational credentials that continue to be a source of much debate and scrutiny. It seems to be saying to him: Yes, education is an important and desirable attribute in our leaders. All in all, a brilliant cartoon – Content Credit to Sir .~ GS Seda

राम भक्तों के लिए

Doctor G – Movie Review Rating ***

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Doctor G is a medical comedy set up in Bhopal, where Doctor Uday Gupta, who aspires to be an orthopedic doctor, gets Gynecology in PG. How he struggles being the only male student in the all female class, overcoming his own stereotypes, be it assigning gender roles to particular medical fields, understanding loneliness of his widowed mother, or understand different dynamics between a man and a women under than romance forms the basic storyline of this two and half hour long movie.
This A rated movie, first for Ayushman Khurana, is hilarious in the first half with his interactions with his all female class, patients and how he struggles to fit it. Second half is more serious with highlighting issues such as teenage pregnancy, illegal abortion and risk that comes with it, parents trying to explore internet and finding a partner to be with.
As usual Ayushman Khuarna & Shefali Shah are in their best form, delivering the required depth in their respective roles. Sheeba Chada is hilarious as the mother who is exploring the internet and her dating life. Rukul Preet does well in the role assigned to her. Supporting cast is wonderful.
You can watch it in theatres but it wouldn’t hurt to wait for a few weeks and watch it on OTT.

राम भक्तों के लिए

सीरियल किलर का मर्डरः एक दरिंदे की खौफनाक कहानी, जिसे लोग कहते थे नागपुर का ‘गब्बर सिंह’ !

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जुर्म की दुनिया में सीरियल किलिंग और रेप की बहुत सी संगीन और सनसनीखेज घटनाएं दर्ज हैं जिन्हें याद करके लोग आज भी सहम जाते हैं. ये सीरियल किलर ऐसे अपराधी होते हैं, जिन्हें खून करने का चस्का लग जाता है. यही वजह है कि वे बार-बार खौफनाक घटनाओं को अंजाम देकर कानून के लिए चुनौती बन जाते हैं और अपनी करतूतों से बाज नहीं आते. क्राइम कथा में आज बात ऐसे ही एक खौफनाक सीरियल किलर. जिस पर एक बाद एक करीब 200 महिलाओं को अपना शिकार बनान का इल्जाम है. जितना वो सीरियल किलर कुख्यात था, उससे ज्यादा चर्चाओं में आ गई थी उसकी मौत. 90 के दशक में अक्कू यादव पूरे कस्तूरबा नगर स्लम इलाके में आतंक का दूसरा नाम बन गया था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पहली बार उसका नाम साल 1991 में सामने आया था. तब उसके खिलाफ गैंगरेप में शामिल होने के इल्जाम लगे थे. इसी मामले ने उसे कुख्यात बना दिया. इसके बाद उसने पलटकर पीछे नहीं देखा और जरायम की दुनिया में आगे बढ़ता ही चला गया.अक्कू यादव की मौत से पहले तक उसके खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हुए और वो 14 बार गिरफ्तार किया गया. उसके खिलाफ रेप, हत्या, डकैती, जबरन वसूली, घर पर हमला, हमले की धमकी जैसे संगीन मामले दर्ज किए गए थे. 1999 के आखिर में अक्कू यादव को महाराष्ट्र निवारक निरोध कानून के तहत एक साल के लिए हिरासत में लिया गया था. इसी तरह से उसे द महाराष्ट्र प्रिवेंशन ऑफ डेंजरस एक्टिविटीज ऑफ स्लमलॉर्ड्स, बूट-लेगर, ड्रग ऑफेंडर्स एंड डेंजरस पर्सन्स एक्ट 1981 के तहत भी नामजद किया गया था.

राम भक्तों के लिए

सालखन ने जगन्नाथ महतो के कुरमी के ST होने के दावे को खारिज किया, कहा-सूची से हटाने की बात भ्रामक

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जमशेदपुर: पूर्व सांसद व आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष सालखन मुर्मू ने कुरमी-महतो इस दावे का खारिज कर दिया है, जिसमें  शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने 1931 में एसटी होने का दावा किया है. श्री महतो ने केंद्र सरकार से पूछा है कि बिना किसी पत्र या गजट के कुर्मी को क्यों 1931 में एसटी की सूची से बाहर किया गया है?  श्री महतो का कहना है कि यदि कुर्मी एसटी नहीं था तो, उनकी जमीन सीएनटी में कैसे है? उनके इस दावे को निराधार बताते हुए सालखन मुर्मू  ने कहा कि मंत्री को ज्ञात होना चाहिये कि सीएनटी कानून की धारा 46(b) के तहत एससी और ओबीसी की भी जमीन की रक्षा के लिए सीएनटी में प्रावधान है। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान को 2010 में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सुदेश महतो ने तोड़ने का काम किया था। श्री मुर्मू ने कहा इसके खिलाफ मैंने झारखंड हाईकोर्ट में 4 दिसंबर 2010 को मुकदमा दायर करके उसको बचाया था। हाईकोर्ट ने 25 जनवरी 2012 को हमारे पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट और ओबीसी की जमीन का हस्तांतरण डीसी की अनुमति से ज़िले के भीतर ही सम्भव है।

1913 में भी कुरमी का एसटी में दर्शाना संदेहास्पद

उन्होंने कहा कि जगन्नाथ महतो का दावा कि हम 1950 के पहले तक एसटी में शामिल थे, उनका यह दमदार नहीं लगता, क्योंकि 1931 की जनगणना में भी अंग्रेजों के द्वारा जारी सेंसस ऑफ़ इंडिया-1931 वॉल्यूम 7, बिहार एंड उड़ीसा, पार्ट वन रिपोर्ट द्वारा डब्लूजी लेसी में इंपीरियल टेबल 18 और 17 में इसका उल्लेख नहीं है। उसी प्रकार बंगाल डिस्ट्रक्ट गैजेटियर-संतालपरगना द्वारा एसएसओ मॉलली-1910 में प्रकाशित सेंसस ऑफ 1901 में भी इनका जिक्र हिंदू के साथ कॉलम ‘बी’ में कृषक जाति के रूप में दर्ज है। जबकि aborigines के रूप में संतालपरगना में केवल संताल, सौरिया पहाड़िया और माल पहाड़िया के नाम दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि कुरमी महतो का पुराना दावा कि हम 1913 में एसटी थे, ये भी संदेहास्पद है। चूंकि 2 मई 1913 के आर्डर नंबर 550 का संबंध इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 से है, ना कि यह एसटी चिन्हित करने से संबंधित है?

छोटानागपुर व  बिहार के कुर्मी में कोई भी अंतर नहीं

उन्होंने कहा कि डब्ल्यूजी लेसी, आईसीएस द्वारा सेंसस ऑफ़ इंडिया- 1931 के अपेंडिक्स-5 में वर्णित “छोटानागपुर के कुर्मी” के पेज 293 और पेज 294 में लिखा है कि ऑल इंडिया कुर्मी क्षत्रिय कान्फ्रेंस, जो मुजफ्फरपुर, बिहार में 1929 को हुआ था, जिसमें मानभूम के कुर्मी-महतो भी शामिल हुए थे। उसमें यह फैसला लिया गया कि छोटानागपुर के कुर्मी, बिहार के कुर्मी के बीच में कोई भी अंतर नहीं है। उसी प्रकार उसी साल 1929 में एक विशाल जनसभा मानभूम जिले के घगोरजुड़ी में हुआ था। जहां यूनाइटेड प्रोविन्स, छोटानागपुर, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुर्मी बड़ी संख्या में जुटे और उसी फैसले को दोहराया कि हम सब एक हैं और हमारे बीच में रोटी- बेटी का संबंध बना रहेगा। 1931 में भी ऑल इंडिया कुर्मी क्षत्रिय महासभा की बैठक बंगाल के मानभूम जिले में हुई। वहां भी इसी बात को दोहराया गया, बल्कि वहां अनेक कुर्मी प्रतिनिधियों ने जनेऊ या पोईता भी धारण किया और हिंदू धर्म संस्कृति को अपनाने का फैसला लिया और अपने आप को ऊंची जाति होने का दंभ भी भरा। उन्होंने कहा कि जगन्नाथ महतो का दावा उक्त तथ्यों से प्रमाणित नहीं होता है। दूसरी बात 1050 में संविधान लागू होने के बाद ही एसटी-एससी आदि की सूची बनी है। उसके पहले ऐसी कोई सूची नहीं थी। अतः कुरमी जाति को 1931 की सूची से हटाना जैसी बात भ्रामक है, गलत है।

राम भक्तों के लिए

कानपुर के बाद महाराष्ट्र में ‘मौत की ट्रॉली’ ने सबको झकझोरा, महिलाओं की लाशें देख सिहर उठी बस्ती

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हाल ही में यूपी के कानपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था. इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था. बावजूद इसके लोग हादसों से सीख लेने को तैयार नहीं हैं. अब कुछ उसी तरह की घटना महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई है. जहां ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से हुए हादसे ने सबको रुला दिया.महाराष्ट्र में पुणे जिले के दौंड तालुका में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है. जिसमें तीन महिलाओं की मौत हो गई है. जबकि 5-6 महिलाएं घायल हुई हैं. जिनको उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि तालुका के रावनगांव में टमाटर से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालते समय ये हादसा हुआ है.गौरतलब है कि रावनगांव में गुरुवार शाम करीब पांच बजे खेत से टमाटर से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकाला जा रहा था. इसी दौरान चालक ने ट्रैक्टर पर नियंत्रण खो दिया. जिसके बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली खडकवासला नहर की बत्तीसवीं खाई में पलट गया. इसी ट्रॉली में महिला मजदूर भी थीं, जोकि दिनभर खेतों में काम करने के बाद अपने घर के लिए जा रही थीं.

राम भक्तों के लिए

राष्ट्रीय चेतना विषय पर व्याख्यान, दिनकर नाम युगधर्म की हुंकार भरी तरुणाई का है: डा जेबी पाण्डेय

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रामगढ़: राधा गोविंद विश्वविद्यालय, रामगढ़ के हिंदी विभाग द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत गुरुवार को राष्ट्रकवि दिनकर की राष्ट्रीय चेतना विषय पर एकल व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद सभी अतिथियों को विश्वविद्यालय प्रतीक चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया गया। स्वागत भाषण कुलसचिव द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. जंग बहादुर पाण्डेय ने विषय पर प्रभावशाली ढंग से प्रकाश डाला।

पानी में आग लगाने वाली है दिनकर की कविताएं

श्री पाण्डेय ने दिनकर के व्यक्तित्व और कृतित्व का उल्लेख करते हुए उनके राजनीतिक जीवन के कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने कुरुक्षेत्र, रश्मिरथी, उर्वशी, हुंकार, सामधेनी, परशुराम की प्रतीक्षा और रसवंती जैसी कविताओं के माध्यम से दिनकर की राष्ट्रीय चेतना पर अपनी बातें रखीं। उन्होंने कहा कि दिनकर की कविताएं राष्ट्र प्रेम से ओत प्रोत हैं और पानी में भी आग लगाने वाली है। सच कहा जाए तो आधुनिक काल में हिंदी की राष्ट्रीय कविता ने तीन ही मंजिलें तय की हैं। उसकी पहली मंजिल भारतेन्दु हरिश्चंद्र में मिलती है, जब उसने ब्रज के करील कुंजो को छोड़कर देश दुर्दशा की ओर साश्रु नयन निहारा था, उसकी दूसरी मंजिल के पुरोधा मैथिली शरण गुप्त बने, जब उसने वर्तमान की विवशता के साथ अतीत का गौरवपूर्ण स्मरण किया और अपनी तीसरी मंजिल में वह दिनकर की उंगली पकड़कर आगे बढ़ी तथा अन्याय, अत्याचार, राजनीतिक दासता और आर्थिक शोषण के विरुद्ध खुलकर तूर्यनाद किया। एक वाक्य में दिनकर नाम युग धर्म के हुंकार और भूचाल बवंडर के ख्वाबों से भरी हुई तरूणाई का है।

कार्यक्रम में अन्य अतिथिगण भी शामिल हुए

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. निर्मल कुमार मंडल, सेवानिवृत्त प्रबंधक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डॉ. उपेंद्र शर्मा और सहायक प्राध्यापक, शिक्षा विभाग, रांची महिला कॉलेज, रांची के डॉ. ओम प्रकाश मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मनमीत कौर ने तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा ने किया। मौके पर सभी संकायाध्यक्ष, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, व्याख्यातागण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का राष्ट्र गान से समापन हुआ।

राम भक्तों के लिए

प्रो डॉ कामिनी कुमार ने-संवाद कार्यक्रम में कहा-हमें विद्यार्थियों के लिये सरल व सहज होना होगा

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रांची : विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी रांची शाखा द्वारा आयोजित महाविद्यालयीन शिक्षकों के साथ रांची विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग के सभागार में संवाद कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रांची विश्वविद्यालय की प्रो वाइस चांसलर प्रो डॉ कामिनी कुमार ने कहा कि वर्तमान शिक्षा नीति में  हमारी क्या भूमिका हो, इसके लिये हमें विद्यार्थियों के लिये सरल एवं सहज होना होगा। संवाद की मुख्य वक्ता पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ खडके आखिल भारतीय उपाध्यक्ष, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी ने बताया कि हम सभी शिक्षक बिषय के शिक्षक के साथ-साथ बच्चों के ओवरऑल शिक्षक हैं। उन्होंने सर्कल आफ कन्सर्न एवं सर्कल आफ इनफ्लूयेंस पर विस्तार से चर्चा की.

टीचिंग एक नॉबल प्रोसेस है: पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ खडके

मुख्य वक्ता ने कहा कि पहले आदेश काल था लेकिन अब इंटलेक्चुअल एज है। टीचिंग एक नॉबल प्रोसेस है, यह ध्यान में तब आता है, जब हम इस्प्रिंचुअल प्रैक्टिस करते हैं। संवाद सत्र में प्रो. सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने सा विद्या या विमुक्तये अर्थात वेन द माइंड इज स्ट्रांग एंड द हर्ट इज प्योर देन यू आर फ्री के बारे में चर्चा की। रांची विश्वविद्यालय के डॉ चंद्रकान्त शुक्ल ने तेजसविनाअधीतम्सतु अर्थात हमदोनों गुरु एवं शिष्य पर विस्तार से अपनी बात रखी। संवाद कार्यक्रम में अन्य प्राध्यापकों ने माना कि हमें पुनः क्लासरूम टीचिंग पर मजबूती से बढ़ना होगा। यूजीसी एकेडेमिक स्टाफ कालेज के पूर्व निदेशक डॉ के सी प्रसाद ने कहा कि हमें नयी नयी तकनीक के साथ साथ स्टूडेंट सेंटर्ड होना होगा।

राम भक्तों के लिए

रांची डीसी ने लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का किया वितरण, विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण भी किया

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रांची : राज्य सहित जिले भर में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। बुधवार को रांची जिले के 16 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों और नगर निगम क्षेत्र के दो वार्डों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा खलारी प्रखंड के लपरा पंचायत में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे। डीसी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बिरसा हरित ग्रामीण योजना, सर्वजन पेंशन योजना, हरा राशन कार्ड, फूलो झानो आशीर्वाद अभियान आदि योजनाओं की उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को जानकारी दी।

चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण

डीसी ने लोगों से आवश्यक दस्तावेज के साथ शिविर में आकर योजनाओं का लाभ लेने को कहा। लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक सुगमता से पहुंचे इसके लिए आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों का ऑन द स्पॉट समाधान का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के बाद भी लोग अपनी शिकायतों का समाधान संबंधित कार्यालय में आवेदन देकर करवा सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान डीसी विभिन्न योजना अंतर्गत चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण भी किया गया। उपायुक्त के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जिला कृषि पदाधिकारी ने चयनित लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया। खलारी प्रखंड के लपरा में आयोजित आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाए गए। डीसी ने सभी स्टॉल का निरीक्षण करते हुए प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली एवं उनके त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।

कई लोग आवेदन लेकर डीसी के पास पहुंचे

कार्यक्रम के दौरान कई लोग आवेदन लेकर उपायुक्त के पास पहुंचे। डीसी द्वारा सभी आवेदकों की बात गंभीरता से सुनी गई एवं उन्होंने उनकी शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कई समस्याओं से उपायुक्त को अवगत कराया। जिस पर डीसी ने आवश्यक कदम उठाते हुए समाधान की बात कही।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह से शुरुआत हुई सरकार आपके द्वार कार्यक्रम, सीएम का विपक्ष पर तंज-विकास कार्यक्रमों को विरोधी नहीं पचा पा रहे

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गिरिडीह (कमलनयन) : सरकारी संसाधनों के साथ दृढ़ इच्छाशक्ति ,ईमानदारी और सार्थक प्रयास जुड़ जाते हैं तो जनकल्याण की योजनाओं का लाभ हर वर्ग तक पहुंचने लगता है. झाऱखंड में हेमंत सरकार के तीन सालों के कार्यकाल में कुछ इसी प्रकार के प्रयास किये गये, जिसके फलस्वरूप लगभग हर क्षेत्रों में उल्लेखनीय विकास दिखायी देने लगा है। इससे पार्टी समर्थकों में भी आत्मविश्वास बढ़ा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का प्रयास है कि राज्य का विकास जन आंदोलन के रूप में परिवर्तित हो, जिसे गति देने के लिए बुधवार को गिरिडीह में झारखंड सरकार के तीन साल पूरे होने के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक झंडा मैदान में 1972 के चार मार्च को झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर दिशोम गुरु सांसद शिबू सोरेन ने पृथक झारखंड राज्य आंदोलन का विगुल बजाया था। उसी झंडा मैदान में आज सरकार द्वारा आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार का उदघाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम, श्रम मंत्री सत्यानदं भोक्ता, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो, विधायक डा. सरफराज अहमद, सुदिव्य कुमार सोनू और विनोद कुमार सिंह ने दीप प्रज्जलित कर किया।

ऑन द स्पॉट समस्याओं का निष्पादन होगा

इस ऐतिहासिक मैदान में जिले की साढ़े तीन सौ पंचायतों से आए लोगों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि हमारे राज्य की एक बड़ी आबादी जंगलों, पहाड़ों, नदियों के आसपास निवास करनेवाली आबादी अत्यंत गरीब और भोलीभाली है. जागरूकता के अभाव में इस आबादी को जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिलता है. और पूर्ववर्ती सरकारों ने इस ओर कभी घ्यान नही दिया। लेकिन हमारी सरकार झारखंडी भावनाओं के अनुरूप योजना बनाकर धरातल पर उतारने का काम कर रही है. दूसरी दफे आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है. यह अभियान दो चरणों में संपन्न होगा। प्रथम चरण 12 से 22 अक्टूबर और दूसरा चरण एक से 14 नवम्बर तक चलेगा. इस कार्यक्रम के तहत पूरे राज्य में पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर ऑन द स्पॉट समस्याओं का निष्पादन होगा।

पिछली बार 99 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन हुआ

सीएम ने कहा कि पिछले साल हुए ऐसे कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में 35 लाख 40 हजार आवेदन आए थे, जिसके विरूद्ध 99 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया गया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार पूर्ववर्ती सरकारों की खामियों को दूर करने का ईमानदार प्रयास कर रही है। कहा कि हमारी सरकार हर क्षेत्र में जरूरतमंदों की समस्याओं का आकलन कर योजना बना रही है. शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कों के अलावा गरीबों को खाद्यान योजना, पेंशन योजना सहित अन्य ढेर सारी योजनाएं चला रही है. हर क्षेत्र में योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए हर स्तर पर मॉनिटरिंग की जाती है. सीएम ने इस दौरान विरोघियों पर भी हमला किया. कहा कि झारखंडियों के विकास कार्यक्रम विरोधी पचा नहीं पा रहे हैं. फलस्वरूप आए दिन उल-जलूल बयान देते रहते हैं, लेकिन हमें इसकी चिंता नही है.

डीसी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये

कार्यक्रम के दौरान सीएम ने ऑनलाइन तीन अरब 91 करोड़ की 45 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उदघाटन किया। साथ ही 5 लाख 22 हजार 356 लाभुकों के बीच 977 करोड़ की परिसपंति का वितरण किया गया। आज ही पूरे राज्य की स्कूली छात्राओं के लिए सावित्री बाई फूले बालिका समृद्धि योजना का शुभारंभ किया गया। इसके अलावा कई अन्य कल्याणकारी योजनाओं की भी शुरुआत कर लाभुकों को चेक प्रदान किये गये। कार्यकम के दौरान उपायुक्त ने जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री समेत अन्य अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये गए।

कार्यक्रम में ये लोग थे शामिल

कार्यक्रम को मंत्री आलमगीर आलम, जगरनाथ महतो, सत्यानंद भोक्ता, विधायक डा. सरफराज अहमद, विनोद सिंह, सुदिव्य कु. सोनू व अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरूआत उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा के स्वागत भाषण से हुई। उपायुक्त ने सीएम का आभार प्रगट करते हुए कहा कि आपके द्वार कार्यक्रम का दूसरे चरण की शुरूआत गिरिडीह से हो रही है. हमारा प्रयास रहेगा कि जिस मकसद से अभियान का शुभारंभ हुआ है, हर हाल में वह उद्देश्य पूर्ण हो सके. मौके पर सीएम के प्रधान सचिव विनय कु.चौबे,  आईएएस अमिताभ कौशल, प्रमडंलीय आयुक्त,  गिरिडीह के एसपी सहित अन्य गण्यमाय लोग मौजूद थे।

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