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Thursday, November 5, 2026
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खलारी – जीवन वही श्रेष्ठ है, जो प्रभु के नाम समर्पित हो जाये : बीके राजू भाई

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खलारी, 09 जनवरी : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गुमला झारखंड स्थित शिव दर्शन भवन में रविवार को गुमला की 11 बीके बहनों का समर्पण समारोह मनाया गया। साथ ही गुमला शहर स्थित ब्रह्माकुमारीज द्वारा 51 वर्षों के अथक सेवा के बाद 51 नारियल फोड़कर नवनिर्मित शिव दर्शन भवन का उद्घाटन हुआ। मौके पर उपस्थित डकरा सुभाष नगर के बीके बहन-भाइयों ने बताया कि इस समारोह में ब्रह्मकुमारी से जुड़े हजारों ब्रह्मा वत्सों के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। जहां मुख्य अतिथि के रूप में माउंट आबू, राजस्थान से पहुंचे अमूल्य रत्न राजयोगी बीके राजु भाई ने अपने आशीर्वचन देते हुए कहा कि जीवन वही श्रेष्ठ है, जो प्रभु के नाम समर्पित हो जाये। विश्व कल्याण के लिए इन कन्याओं ने जो अपना सर्वस्व आज समर्पित किया है, इससे महान कार्य और कुछ भी नहीं हो सकता। समर्पित होने वाली बहनों के प्रति विशेष शुभ राय देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन भर ट्रस्टी होकर रहना है। बुद्धि में यही रहे कि हमारा कुछ भी नहीं, सब उस परमात्मा पिता का है। मैं पन या मेरा पन यह दोनों शब्द अभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ये देखकर खुशी होती है कि आज के आधुनिक युग में भी ये बहनें दुनिया की चकाचौंध को छोड़ आध्यात्मिकता में अपनी रुचि रखे हुए हैं। गुमला सेवा केंद्र की मुख्य बीके शांति दीदी ने कहा कि अगर हम अपने समय व शक्ति को मानव की भलाई के कार्य में लगाएं तो हमारा जीवन आनन्द से भरपूर हो सकता है। वही इस कार्यक्रम नृत्य प्रस्तुत किया गया।
इस दौरान समर्पित होने वाली सभी बीके बहनों ने सुनहरे पीले रंग की चुन्नी ओढ़ रखी थी। बहनों ने पूरी सभा के बीच मे ही ब्रह्माकुमारी की धारणाओं को जीवन में अपनाने का प्रतिज्ञा लिया । साथ में उनके मात-पिता ने खुद अपनी कन्या का हाथ शिव बाबा को सौंप दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से माउंट आबू, राजस्थान से राजयोगिनी बीके रूकमणी दीदी, कटक, उ
ड़ीसा से राजयोगिनी बीके कुलदीप दीदी, ।कोलकत्ता पश्चिम बंगाल से राजयोगिनी बीके मुन्नी बहन, गुमला की मुख्य शांति दीदी और समर्पित होने वाली कन्याओं के साथ उनके माता-पिता के साथ डकरा सुभाष नगर के अनेकों बीके भाई-बहन उपस्थित रहें।

राम भक्तों के लिए

खलारी – आपसी भाईचारा और प्रेम का प्रतीक है प्रभावित प्रतिरोध मंच – सुनील

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खलारी, 09 जनवरी : प्रभावित प्रतिरोध मंच चूरी का वनभोज सह मिलन समारोह चूरी जंगल परिसर में हुई। मिलन समारोह में क्षेत्र के कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि समेत मंच के सभी सदस्य शामिल हुए। इस दौरान सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए मंच के संरक्षक सुनील सिंह ने कहा की प्रभावित प्रतिरोध मंच आपसी भाईचारा और प्रेम का प्रतीक है। क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर रोजगार का सृजन करना और लोगों को रोजगार से जोड़ना पहली प्राथमिकता है। वहीं मंच के अध्यक्ष नागेश्वर महतो ने कहा की नववर्ष में भाई चारे के साथ क्षेत्र के विकास के लिए काम करना है। इस कार्य में क्षेत्र के सभी सामाजिक संगठनों का सहयोग जरूरी है। बैठक के बाद सभी लोगों ने एक साथ भोजन का आनंद लिया। इस अवसर पर अब्दुल्ला अंसारी,बिगन सिंह भोगता, सोनू पांडे,तनवीर आलम, इस्लाम अंसारी, राजा खान, मनोज महतो, विनय खलखो, अशोक महतो, राजेश महतो, अर्जुन महतो, इंटेक्स मद्रासी, दिलीप सिंह, सुरेश महतो, राजेश महतो, नरेश गंझू, जालिम सिंह, अरविंद सिंह, संटू सिंह, बालेश्वर महतो, भुनेश्वर महतो, अशोक कुमार महतो, नरेश महतो, मोहन महतो, हिमांशु मंडल, अजय विश्वकर्मा सहित कई लोग उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

मैकलुस्कीगंज अगरवा जंगल से पुलिस ने अवैध कोयला लदा ट्रक किया जप्त, चालक-उपचालक फरार

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खलारी, 09 जनवरी : तीस टन अवैध कोयला लदा एक ट्रक नंबर जेएच 01-7121 मैकलुस्कीगंज पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर लपरा पंचायत के अगरवा जंगल में पकड़ा है। इस पूरे मामले पर खलारी पुलिस उपाधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि रविवार की रात्रि में गुप्त सूचना मिली थी कि एक ट्रक पर अवैध कोयला ले जाया जा रहा है । जिसके बाद तुरंत ही मैकलुस्कीगंज थाना को इसकी सूचना देकर एक टीम गठित कर अगरवा जंगल भेजा गया। जहां पुलिस पर ट्रक चालक और उपचालक की नजर पड़ते ही अंधेरे का फायदा उठाते हुए दोनों भाग निकले। वही पुलिस द्वारा कोयला लदे ट्रक को कानूनी कार्यवाही हेतु बघमरी पिकेट के पास लाकर खड़ा कर दिया गया है। इधर सूत्रों की माने तो पीछले कुछ दिनों से अगरवा जंगल से ट्रक द्वारा अवैध कोयला का गोरखाधंधा कोयला माफियाओं के द्वारा लगातार किया जा रहा था।

राम भक्तों के लिए

झारखंड में खेलकूद की तरह मजदूरी में भी पुरुषों से आगे निकल गई महिलाएं, मनरेगा में पिछले तीन साल में महिला श्रमिकों की संख्या में हुई बढ़ोतरी

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रांची : झारखंड के ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में अबतक नौ करोड़ मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। 2019-20 में यह संख्या सात करोड़ थी। वहीं कोरोना कालखंड में राज्य सरकार ने गांव के लोगों की आजीविका सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 2020-21 में 1150 और वर्ष 2021-22 में 1105 लाख मानव दिवस सृजन किया ताकि, लोगों का जीवन और जीविका दोनों सुरक्षित रह सके। झारखंड में मनरेगा में पिछले तीन साल में महिला श्रमिकों की संख्या के बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सबसे अधिक लाभ उन महिलाओं को मिल रहा है जो सिंगल, तलाकशुदा या जो बिल्कुल बेसहारा है। 2019-2020 में महिला श्रमिकों का प्रतिशत 41.31 था, जबकि वर्ष 2020-21 में 42.56, 2021-22 में 45.58 एवं 2022-23 में अबतक 47.1 महिलाओं को हर दिन काम मिल रहा है। झारखंड में खेलकूद की तरह मजदूरी में भी पुरुषों से आगे निकल गई है.

पलायन पर थोड़ा अंकुश लगा है
झारखंड के ग्रामीण परिवेश में रहनेवाली अधिकतर महिलाओं ने मनरेगा को अपनी जीविका को सर्वोत्तम माना है. महिलाओं का कहना है कि मनरेगा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अपने घर-गांव के आसपास ही काम मिल जाता है. इससे कुछ पैसे मिल जाते हैं और अकेलापन भी दूर होता है. लेकिन मनरेगा की राशि बढ़नी चाहिए. एक मनरेगाकर्मी महिला ने बताया कि मनरेगा में मजदूरी मिलने से हमारे गांव की बेटियां अब पलायन करने से थोड़ा परहेज करती हैं. गांवों में विचरण करनेवाले कई दलालों को यहां से बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है. यह अच्छा संकेत है.

निर्माण कार्य में भी बढ़त दर्ज की गई

झारखंड में विगत तीन वर्ष में निर्माण कार्य को पूर्ण करने में भी बढ़त दर्ज की गई है। 2019-20 में 3,53,275 कार्य पूर्ण हुए थे, जबकि, 2020-21 में 4,96,723, 2021-22 में 5,38,759 एवं 2022-23 में अबतक 5,27,368 निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर ग्रामीणों के अनुरूप कार्य का सृजन होना भी मजदूरों के लिए राहत की बात है। इससे महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। मनरेगाकर्मी महिलाओं ने मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी के कामकाज के तरीके को काफी पसंद कर रही हैं. शायद यही कारण है कि महिला श्रमिकों की संख्या काफी बढ़ोतरी हुई है.   

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ढुल्लू महतो ने कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गए जेल, रविवार की रात पड़े थे बीमार, अब कल हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

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धनबाद : बाघमारा विधायक ढुलू महतो ने सोमवार की सुबह धनबाद न्यायालय में सरेंडर कर दिया. भारी समर्थकों के साथ अपने निजी वाहन से धनबाद कोर्ट पहुचे थे. 2013 में वारंटी राजेश गुप्ता को छुड़ाने व पुलिस की वर्दी फाड़ने के मामले में हाईकोर्ट ने सरेंडर करने का आदेश दिया था. उसी मामले में आज धनबाद न्यायालय में विधायक ने सरेंडर किया. रविवार की रात 9.30 बजे निचितपुर अस्पताल में पेट दर्द की शिकायत पर भर्ती हुए थे. डॉक्टरों ने उसकी पुरानी बीमारी कोलाइटिस बताते हुए हाइर अस्पताल रेफर किया था. वे दुर्गापुर मिशन के लिए निकले थे और आज सुबह करीब साढ़े दस बजे उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया. न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया.

हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की है

बता दें कि ढूल्लू महतो को झारखंड हाईकोर्ट ने बीते 12 दिसंबर को चार हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था. उन्होंने इस केस में झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिवीजन याचिका दायर की है. इसपर हाईकोर्ट ने उन्हें पहले निचली अदालत में सरेंडर करने को कहा था. हाईकोर्ट ने इसके लिए जो वक्त दिया था, उसकी मियाद आज पूरी हो रही थी. हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होनी है. विधायक ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. उन्होंने खुद को इस मामले में निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है. 

जमानत पर चल रहे थे ढूल्लू
उल्लेखनीय है कि ढुल्लू महतो पर 2013 में सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस इंस्पेक्टर आरएन चौधरी की वर्दी फाड़ने और वारंटी राजेश गुप्ता को जबरन छुड़ाने का केस धनबाद के कतरास थाने में दर्ज हुआ था. इस मामले में ट्रायल के बाद धनबाद की अनुमंडल दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल की अदालत ने अक्टूबर 2019 को उन्हें 18 महीने की सजा सुनाई थी. विधायक ने 18 माह की सजा में से करीब एक साल की सजा काट ली है. इसके बाद वे जमानत पर चल रहे थे, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें पुन: जेल जाना पड़ा है.

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गिरिडीह में 18 जनवरी को सीएम का आगमन, डीसी ने अधिकारियों संग बैठक कर दिए कई निर्देश

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गिरिडीह: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संभावित 18 जनवरी को गिरिडीह आगमन की तैयारियों को लेकर सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त  नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जिला स्तरीय पदाधिकारियों और बीडीओ-सीओ शामिल हुए। बैठक में उपायुक्त ने सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन, पशुधन विकास योजना, सर्वजन पेंशन, केसीसी, सुखाड़ राहत, छात्रवृत्ति, मनरेगा, राजस्व कोर्ट द्वारा वाद का निष्पादन एवं नामांतरण वाद निष्पादन, स्कूल ऑफ एक्सीलेंस/मॉडल विद्यालय/जिला स्कूल/छात्रवृत्ति, जेएसएलपीएस की स्वयं सहायता समूह/सखी मंडल, फूलों झानो आशीर्वाद योजना, पेयजलापूर्ति, पर्यटन व खेलकूद, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई, सड़क/पुल, जन वितरण प्रणाली समेत विभिन्न योजनाओं समीक्षा की तथा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया।

डीसी का आवेदनों का तेज़ गति से निष्पादन करने का निर्देश

बैठक में उपायुक्त ने शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग को आपस में बेहतर समन्वय बनाते हुए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के आवेदनों को तेज़ गति से निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कल्याण पदाधिकारी को सभी प्रकार की छात्रवृत्ति का भुगतान शिक्षा विभाग से समन्वय बनाते हुए करने पर बल दिया। साथ ही मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत अधिकाधिक आवेदन जेनरेट करने, प्राथमिकता के आधार पर सभी आवेदनों का निष्पादन करने पर बल दिया। सर्वजन पेंशन योजना के तहत लाभुकों की भी जानकारी ली। इसके अलावा उपायुक्त ने मनरेगा, सुखाड़ राहत योजना, पर्यटन संबंधित योजनाओं के कार्यान्वयन की समीक्षा कर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के मद्देनजर सभी आवश्यक तैयारियों को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करें।

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रांची – झारखंड राज्य स्वर्णकार संघ की प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों की बैठक

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आज दिनांक 8 जनवरी 2023 दिन रविवार को विधानसभा सभागार में झारखंड राज्य स्वर्णकार संघ की प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों की बैठक प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा जोहरी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बहादुर सिंह वर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में संघ के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री सतपाल वर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहसंरक्षक डॉ दिलीप सोनी पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार एवं राष्ट्रीय मंत्री बी अगस्त क्रांति कुमार शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विरेंद्र कुमार उपस्थित थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बहादुर सिंह वर्मा ने कहा कि गोल्ड कंट्रोल एक्ट के आज 60 साल पूरे हो गए जिसे भारत सरकार के द्वारा 1991 में तोड़ दिया गया और आज स्वर्ण कारों का व्यवसाय दूसरे के हाथों में चला गया। उन्होंने प्रदेश में संगठन को जोड़ने पर बल दिया राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ दिलीप सोनी ने कहा कि प्रखंड स्तर से जिला स्तर तक संगठन को मजबूत बनाएं तथा सरकार से अपने हक लेने के लिए बड़ी रैली करने की आवश्यकता है पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार ने कहा कि स्वर्णकार के बिना देश नहीं चलाया जा सकता है स्वर्णकार के बिना हर कार्य अधूरा है, वीरेंद्र कुमार ने कहा कि बहुत जल्द हम लोग झारखंड के 24 जिला में घूम कर संगठन को मजबूत करेंगे प्रदेश अध्यक्ष दुर्गा जोहरी ने कहा कि बहुत जल्द पांचो प्रमंडल के प्रभारियों की घोषणा की जाएगी साथ ही अगली कोर कमेटी की बैठक करने के बाद अप्रैल माह में रैली की तिथि घोषणा कर रैली की तिथि घोषित कर दी जाएगी सभी जिला में इसी बार दौरा करके बैठक कर लिया जाएगा बैठक में पूर्व महाधिवक्ता अजीत अजीत कुमार कानूनी सलाहकार सुनील कुमार धर्मेंद्र कुमार महेश सोनी देवीदास सहित सभी जिला अध्यक्षों ने अपने विचार को रखा बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष बबलू सोनी हेमंत बर्बन महामंत्री अरविंद ठाकुर मंत्री अखिलेश कुमार देवेंद्र बर्मा राजेंद्र प्रसाद बर्मन नवल सोनी बिगन सोनी परशुराम वर्मा पायल सोनी अंजू सोनी नम्रता सोनी लता सोनी शिव शंकर प्रसाद गिरजा प्रसाद सोनी जितेंद्र सोनी ओम प्रकाश प्रसाद चंद्रशेखर प्रसाद बिट्टू प्रशांत लाल दिलीप बर्मा सतीश प्रसाद अरविंद प्रसाद विद्यासागर गौतम बीके प्रसाद टुनटुन सोनी जयप्रकाश वर्मा सहित सैकड़ों उपस्थित थे मंच का संचालन प्रदीप वर्मा ने किया धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश कोषाध्यक्ष टुनटुन सोनी ने किया। सभा के अंत में संघ के राष्ट्रीय मंत्री त्रिभुवन प्रसाद संघ के पुराने कार्यकर्ता चामू राम आर्य एवं अंचलाधिकारी रामनरेश सोनी के निधन पर 2 मिनट की बम श्रद्धांजलि दी गई । यह जानकारी संघ के मंत्री अखिलेश कुमार दी।

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शहीद टिकैत उमरांव व शहीद शेख भिखारी को दी गई श्रद्धांजलि. विनोद पांडेय ने कहा-हेमंत सरकार में कोई भी शहीद स्थल उपेक्षित नहीं रहेगा

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रांची: स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद टिकैत उमरांव सिंह एवं वीर शहीद शेख भिखारी की 164वें शहादत दिवस पर चुटुपालु स्थित शहीद स्थल पर जाकर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा रांची जिला समिति ने श्रद्धांजलि दी. कार्यक्रम में पार्टी के केन्द्रीय महासचिव सह प्रवक्ता एवं राज्य समन्वय समिति के सदस्य विनोद कुमार पांडेय एवं राज्य समन्वय समिति के सदस्य फागु बेसरा विशेष रूप से शामिल रहे। सभी कार्यकर्ता मोराबादी स्थित गुरुजी के आवास के पास जमा होकर जिलाध्यक्ष मुशताक आलम के नेतृत्व में जुलूस के साथ चुटुपालु स्थित शहीद स्थल पर जाकर श्रद्धांजलि दी। रास्ते में जगह पर विनोद कुमार पांडेय का भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि झारखण्ड के तमाम शहीदों को हेमन्त सोरेन की सरकार में ही सम्मान मिल रहा है,  सभी परिजनों की सुध ली जा रही है। शहीद स्थल का सौंदर्यीकरण के लिए फण्ड बहुत पहले ही दिया जा चुका है। झारखण्ड में तमाम शहीद स्थलों पर सरकार संज्ञान ले रही है। कोई भी शहीद एवं शहीद स्थल अब उपेक्षित नहीं रहेगा।

ये लोग थे शामिल

मौके पर केंद्रीय सदस्य समनूर मंसूरी, अन्तु तिर्की,  रांची जिला सचिव डॉ हेमलाल कुमार मेहता हेमू,  उपाध्यक्ष अश्विनी शर्मा, जनक नायक, कलाम आजाद, बीरू साहु,  संगठन सचिव आदिल इमाम, अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व केन्द्रीय उपाध्यक्ष कुदुस अन्सारी, क्रीड़ा मोर्चा के पूर्व केन्द्रीय सचिव प्रदीप मिर्धा,  अरुण वर्मा, रमेश साहू, मंटू लाला, शिवनंदन मिश्रा, ओरमांझी प्रखण्ड अध्यक्ष नागेश्वर महतो, कांके प्रखण्ड अध्यक्ष जावेद अख्तर अन्सारी,  मो असलम, विलियम रिचर्ड लकड़ा, हारून रशीद, मृत्युंजय सिंह, साजिद कौशर, नरेश यादव, रिजवान अंसारी, असलम अंसारी, फरीद खान, परवेज़ आलम गुड्डू, दीपक मुंडा, फैयाज शाह,  राजेश सिंह, राकेश वर्मा, लक्ष्मण राम, बबलू , नीरज वर्मा, सबिबुल रहमान, शहाबुद्दीन, दीनानाथ लकड़ा,  ओम शर्मा, अजय उरांव, वसीम, अखतर मंसुरी आदि शामिल थे।

राम भक्तों के लिए

40 साल बाद अभ्रक उद्योग को मिलेगा जीवनदान, सुदिव्य ने की सीएम से पहल, जल्द बनेगी नई नीति, माइका मजदूरों के दिन फिरेंगे…!

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गिरिडीह (कमलनयन)

झारखंड के गिरिडीह-कोडरमा इलाके के परम्परागत दम तोड़ते अभ्रख उद्योग को पुनर्जीवित करने को लेकर राज्य की सतारूढ़ जेएमएम सरकार काफी गंभीर है.  इसकी पहल गिरिडीह क्षेत्र के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने की है. सोनू ने गिरिडीह शहर के अभ्रक व्यवसायियों से शनिवार को सीएम हेमंत सोरेन से मिलवा कर चालीस साल से अधिक समय से बंद पड़े अभ्रक खदानों को पुन: चालू करने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि सरकार बदहाल अभ्रख उधोग की बेहतरी के लिए प्रयासरत हैं, जल्द ही न्यू ढिबरा (अभ्रख) पॉलिसी लागू की जा रही है।

मार्च 2022 के गजट में जुड़े हैं कई नये प्रावधान

बताया गया कि यह पॉलिसी लागू होने से तकरीबन चार दशकों से बंद पड़ी अभ्रख खदानों से वैध रूप से अभ्रख उत्पादन शुरू हो सकेगा, साथ ही वन विभाग और पुलिस वालों के अनावश्यक हस्तक्षेप पर विराम लग जायेगा। सीएम ने इस दिशा में पिछले वर्ष व्यावहारिक कदम उठाये हैं. राज्य सरकार ने मार्च 2022 के गजट में अभ्रख उद्योग से जुड़े कई नये प्रावधानों का उल्लेख किया है, जिसके अनुसार झारखंड राज्य लघु खनिज संशोधन नियमावली 2004 में संशोधित करते हुए वन क्षेत्र में स्थित अभ्रख खदानों के उत्पादन में लचीलापन लाये जाने के अलावा इसके भंडारण एवं नीलामी को लेकर नियम शामिल है. साथ ही राजस्थान सरकार की तर्ज पर लघु-खनिज नियमावली का झारखंड में पालन किये जाने पर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है. बताया गया कि नई नियमावली लागू होने से पांच हेक्टेयर से कम भूमि में स्थित अभ्रख खदानों का खनन पट्टा व्यवसायी सीधे प्राप्त कर सकेंगे।

माइका व्यवसायियों ने सरकार के प्रयास को सराहा

अभ्रख निर्यातकों का कहना है कि हेमंत सोरेन सरकार द्वारा माइका उद्यमियों की भावनाओं को संज्ञान में लेकर सरकार का अबतक का प्रयास सराहनीय है, किंतु प्रयासों को और अधिक व्यवाहारिक बनाने से सरकार के राजस्व में इजाफा होगा और हजारों बेरोजगार के हाथों को रोजगार मिल सकेगा। निर्यातकों का कहना है कि खनिजों के प्रदेश झारखंड की खदानों में उम्दा किस्म की अभ्रख का प्रचुर भंडार है, इसके बावजूद इलाके के व्यवसायी राजस्थान से अभ्रख मंगाने को विवश हैं। पिछले एक वर्ष में लगभग दो हजार टन अभ्रख राजस्थान की खदानों से झारखंड आया है. जिसके कारण क्षेत्रीय सालाना टर्न ओवर के ग्राफ में काफी गिरावट आई है. जानकारों के मुताबिक वर्ष 2021-22 में सालाना टर्न ओवर 250 करोड़ से अधिक था, जो घटकर चालू वितीय वर्ष में सौ करोड़ के नीचे आ गया है.

माइका उद्योग की विश्व में है पहचान

गौरतलब है कि अस्सी के दशक से पूर्व समृद्ध अर्थव्यवस्था से परिपूर्ण गिरिडीह-कोडरमा इलाके की पहचान विश्व के मानचित्र में उम्दा किस्म के माइका उद्योग के रूप में रही है. सैकड़ों की संख्या में संचालित छोटी-बड़ी अभ्रख खदानों से सरकार के खाते में भारी-भरकम राजस्व जाता था। उस दौरान लगभग 50 हजार लोग किसी न किसी रूप में माइका व्यवसाय से जुड़े थे। लेकिन 1980  में वन सुरक्षा एक्ट लागू होने एवं कई अन्य कारणों से धीरे-धीरे खनन लीज जारी होना बंद हो गया। इसके फलस्वरूप यह उद्योग हाशिये के दायरे में आ गया। हालांकि कोयले की तरह ही अभ्रख का भी अवैध खनन (ढिबरा चुनने के नाम पर) बदस्तूर चलता रहा। सरकार ने इन्ही सभी पहलुओं को ध्यान में रखक्ऱ अब इस समस्या के निदान की ओर कदम बढ़ाया है, जिससे अभ्रक उद्योग एक बार फिर विकसित हो सके। लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हों एवं सरकार के खाते में राजस्व का ग्राफ बढ़ सके। श्री सोनू की अगुवायी में गिरिडीह-कोडरमा के अभ्रख निर्यातक अशोक जैन पाण्डया, राजेन्द्र बगेड़िया, संजय कुमार भुदोलिया, प्रवीण बगेड़िया ,राजेश छापरिया, गोपाल बगेङिया, कोडरमा के पवन दारूका, महेश दारूका, प्रदीप भदानी ने सीएम हेमंत सोरेन से रांची में मुलाकात कर उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत कराया।

                                

राम भक्तों के लिए

Remembering Irrfan Khan on his birth anniversary 7th Jan.

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Some interesting facts about Irrfan Khan!1. His real name:Irrfan Khan was basically from Jaipur, Rajasthan, and his real name was Sahabzade Irfan Ali Khan.2. Wanted to become a cricketer:Irrfan may have worked not just in Hindi but in British and American movies as well but you will be surprised to know that he didn’t want to become an actor and instead, he wished to pursue cricket as his career.3. Start of acting journey:Irrfan’s parents were not happy with his decision of becoming a cricketer and it was only after he got a scholarship in National School Drama that his journey in acting started.4. His first job in Mumbai:He faced many struggles and hardships before getting successful as an actor. He worked as an air conditioner mechanic to support himself when he came to Mumbai and this was his first job in the city.5. His visit to Rajesh Khanna’s house:It is not confirmed but it is being said that one of the first houses that he visited as an air conditioner mechanic was of superstar Rajesh Khanna.6. Debut in Salaam Bombay:Irrfan made his debut in Bollywood in 1988 with the movie Salaam Bombay which was written and directed by Mira Nair. At that time, Irrfan was in the final year of his NSD course and the film was also nominated for the Academy Awards.7. The extra R in his name:It is quite normal for the Bollywood celebs to add extra alphabets in their names as per the demand of numerology; nevertheless, the extra R in Irrfan’s name is not because of numerology but for the fact that Irrfan liked the sound that was generated by adding an extra R.8. Wanted to quit acting:There was a time when Irrfan Khan wanted to quit acting as he was mostly getting work in TV serials and nothing good was happening in movies for him. However, then he got the chance of working in Asif Kapadia directed movie ‘The Warrior’ (2001) which increased his popularity to a great extent and after that, he gave many memorable acting performances in different flicks.9. His family:Irrfan was married to Sutapa Sikdar, whom he knew from the days of NSD. The couple got blessed with two kids – Babil and Ayan.10. Awards & Recognitions:Irrfan Khan has received many awards for the wonderful work that he has done including one National Film Award, Four Filmfare Awards and one Asian Film Award. In 2011, he was also honored with the fourth highest civilian award of India, Padma Shri.11. Said NO to Christopher Nolan:It is quite hard to believe that an actor can refuse to work with Christopher Nolan but Irrfan did this when he was approached for a good role in ‘Interstellar’ as he was already busy with ‘The Lunchbox’ and ‘D-Day’.12. His wish for his mother:He wished to gift his mother a suitcase full of cash, something which we all must have seen in flicks. Irrfan’s mother took her last breath just 3 days ago and Irrfan was not even able to attend her last rites.#RIP#BirthAnniversary#IrrfanKhan#SalaamBombay (1988) #TheWarrior (2001), #Haasil (2003) #Maqbool (2004) #TheNamesake (2006) #LifeinaMetro (2007), #PaanSinghTomar (2011) #TheLunchbox (2013), #Piku (2015), #Talvar (2015) #TheAmazingSpiderMan (2012), #LifeofPi (2012),#JurassicWorld (2015), #Inferno (2016) #SlumdogMillionaire (2008), #NewYork (2009), #Haider (2014), #Gunday (2014), #InTreatment (2010) #AmmarAlavi#bollywood#thegoldenageofbollywood

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