गिरिडीह: समग्र शिक्षा गिरिडीह, DIET (जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान) की दो दिवसीय नेतृत्व कार्यशाला पिरामल फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया। यह कार्यशाला दो दिवसीय, 3 बैच में 20 से 25 फरवरी तक DIET प्रशिक्षण केंद्र में जिला के 13 प्रखण्ड से कुल 172 संकुल संसाधन सेवी/प्रखण्ड संसाधन सेवी के साथ लीडर एवं लीडरशिप स्किल के इम्पोर्टेंस को लेकर कार्यशाला आयोजित की गयी। जिसका मुख्य उद्देश्य इस कार्यशाला के बाद CRP-BRP हेडमास्टर एवं शिक्षक को बुनियादी शिक्षा अभियान के तहत स्कूल के सर्वांगीण विकास और बच्चों की गुणवत्ता/स्टूडेंट लर्निंग को बढ़ाने के लिए सहायता प्रदान करें।
नेतृत्व क्षमता को विकसित करना मुख्य उद्देश्य
दो दिवसीय कार्यशाला के दैरान पहले दिवस में लीडरशिप के बारे में बताया गया। और इसके साथ साथ खुद के लिए जागरूक होना, खुद के लिए प्रबंध, आंतरिक, प्रेरणा, हमदर्दी एवं सामाजिक कौशल के बारे में भी बताया गया। दूसरे दिन के कार्यशाला में हेडमास्टर या जिला लेवल पर किस तरह से फीडबैक दिया जाता है उसके बारे में बताया गया और साथ ही साथ facilitation कैसे किया जाता है, उसका क्या महत्व है इसके बारे में बताया। पिरामल फाउंडेशन के जिला लीड मोना प्रेरणा सुरिन ने बताया कि पिरामल फाउंडेशन द्वारा नीति आयोग के सहयोग से 112 आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत शिक्षा , स्वास्थ एवं महिला विकास के इंडिकेटर को बेहतर बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके तहत जिला के सभी BRP एवं CRP के नेतृत्व क्षमता को विकसित करने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

पिरामल फाउंडेशन ने अहम भूमिका निभाई
पिरामल फाउंडेशन से संजीव जैन एवं सीमा ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए लीडर एवं लीडरशिप के बीच मध्य प्रबंधकों के नेतृत्व संवर्धन कार्यक्रम के बीच एक परिभाषा और अंतर को सह निर्माण करना है। कार्यशाला में प्रशिक्षण के रूप में पिरामल फाउंडेशन के संजीव जैन, सीमा चक्रवर्ती एवं मोना प्रेरणा सुरिन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कार्यक्रम में 13 प्रखण्ड के BRP-CRP और पिरामल फाउंडेशन के प्रबंधक कुणाल केशरी, गांधी फेलो (असजदुल्लाह, गुरप्रीत सिंह, विश्वास गामित) और प्रोग्राम लीडर यूसुफ इकबाल मौजूद थे।