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Saturday, March 7, 2026
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श्री हनुमान जयंती के अवसर पर झारखंड , मध्य प्रदेश – छत्तीसगढ़, और उड़ीसा बॉर्डर क्षेत्रों से श्री वीर हनुमान की जन्मस्थली आंजन धाम में उमड़ी जनसैलाव

गुमला – गुमला जिला मुख्यालय सहित पूरे गुमला जिला और भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के आन्यन भक्त श्री वीर हनुमान की जन्मस्थली आंजन धाम में श्री हनुमान जयंती ( महोत्सव ) का त्योहार बहुत ही धूमधाम एवं सम्मान के साथ मनाया गया , ज्ञातव्य हैं की गुमला जिला मुख्यालय से मात्र 18 किलोमीटर दूर स्थित , श्री राम भक्त वीर हनुमान जी का जन्मस्थली आंजन धाम और उक्त आंजन धाम से लगभग तीन किलोमीटर दूर , हरें – भरें मनोरम दृश्यों के बीच स्थित जंगल पहाड़ों की ऊंचाई पर स्थित है माताश्री अंजनी की गुफा, जहां माता अंजनी ने , मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के अनन्य भक्त श्री वीर हनुमान को जन्म दिया था, जहां माता अंजनी के गोद में श्री वीर हनुमान विराजमान हैं, जहां पहूंचकर सनातनी हिन्दू धर्मलम्बीयों ने भक्ति भाव से पूजा अर्चना कियें और जयश्री राम, श्री राम लखन जानकी जय बोलो हनुमान की, राम राम सीताराम आदि नारों और घंटा घड़ियाल से पूरा आंजन धाम क्षेत्र गुंजेमान होता रहा, इस अवसर पर झारखंड, मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ , और उड़ीसा बॉर्डर क्षेत्रों से श्री हनुमान जयंती के अवसर पर श्री राम एवं वीर हनुमान के भक्तों का आंजन धाम क्षेत्र में सनातनी हिन्दू धर्मलम्बीयों का हुजूम उमड़ पड़ा सभी भक्त अंजनी माता के गुफा तक पहूचने के लिए बेचैन थे और समय पर पूजा अर्चना करना चाह रहे थे , अच्छे सुन्दर सड़क , तरुण द्वार , भव्य मंदिर का निर्माण किया गया हैं और ऊपर पहाड़ में स्थित माता अंजनी गुफा तक पहुंचने के लिए टाइल्स लगे हुए सीढ़ियों का निर्माण भी किया गया है , जहां के मुख्य द्वार के ऊपर विशाल घंटा लगाया गया है , जिसकी आवाज पूरे अंजन धाम की वादियों में गूंजता रहता है ,खुले आसमान और प्राकृतिक कायनात के नीचे हरियालियों के बीच पहाड़ की ऊंचाई पर स्थित आंजन धाम मंदिर ( गुमला ) में , माताश्री अंजनी की गोद में बालरूप में विराजमान श्री वीर हनुमान (बजरंग बली) का अद्भुत रूप मनकों मोहित करती हैं और परम आनंद की अनुभूति प्रदान करती है , वहीं पहाड़ के ऊपर स्थित मंदिर का अद्भुत विहंगम दृश्य देखकर मन प्रफुल्लित हो उठता हैं , और समय समय पर श्रद्धालु भक्तों द्वारा बजायें गये घंटा की आवाज पूरे वादियों में गूंजती रहती है और प्रतिध्वनि की आवाज सुनाई पड़ती हैं , अपने भारत देश के कश्मीर से काम नहीं है , झारखंड राज्य का स्वर्ग से सुंदर यह , अंजन धाम , जिसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए वह कम होगी , यहां की मनोरम दृश्य आप स्वयं आकर देखें , मान्यता है कि , वानरराज श्री श्री 108 श्री, केसरी नंदन और माताश्री अंजनी के पुत्र आंजन धाम के बालाजी सरकार , श्री राम भक्त वीर हनुमान विराजमान हैं अपने माताश्री अंजनी माता के गोद में , देवों के देव कैलाशपति हर हर महादेव के रुद्र अवतार हैं , श्री वीर बजरंगी – श्री वीर हनुमान जी के जन्म से पूर्व माताश्री अंजनी अपने आराध्या देवों के देव महादेव ( कैलाशपति हर हर महादेव ) की भक्त माताश्री अंजनी ने अपने अंजन धाम में स्थित गुफा में श्री केसरी जी के साथ वास करते हुए, और कठिन तपस्या और अंजन धाम स्थित 365 शिवलिंग पर 365 तालाबों जल और 365 महुआ पेड़ के फूल अर्पित कर , श्री श्री 108 श्री देवों के देव महादेव पर जलाभिषेक करती थी, फलस्वरूप देवों के देव महादेव को प्रसन्न कर भोले बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करते हुए , श्री श्री 108 श्री वानर राज , केसरी – नंदन और माताश्री अंजनी के लाल बालाजी सरकार श्री वीर हनुमान – श्री बजरंगबली का साक्षात देवों के देव महादेव के आशीर्वाद से , बाबा भोलेनाथ महादेव के रुद्र अवतार के रूप में और अपने पुत्र के रूप में जन्म देकर श्री वीर हनुमान को प्राप्त किया और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के भक्त के रूप में , अजर – अमर वरदान प्राप्त श्री वीर हनुमान को समस्त सनातनी हिन्दू धर्मलंम्बियों ने अपने आराध्य के रूप में स्वीकार किया है, और उनके जन्मस्थली और पावन धरती आंजन धाम में पहुंचकर अपने आप को धन्य मानते – समझते और महसूस करते हैं , आंजन धाम के बालाजी सरकार , श्री बजरंगबली के जन्मस्थली के पवन भूमि में श्री राम जन्म उत्सव के रूप में रामनवमी उत्सव त्योहार पर अंजन धाम में विशाल मेले का इतिहास काफी पुराना हैं , लेकिन अब बदलते परिवेश में उक्त मेला का भी स्वरूप में परिवर्तन आया हैं, * दूर दराज के भक्तों और पर्यटकों का जुटान * वर्ष प्रतिपदा के दिन से ही अंजन धाम में सनातनी हिन्दू धर्मलंम्बियों द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान मंत्रोच्चारण का शंखनाद प्रारंभ हो जाता हैं, प्रत्येक वर्ष श्री रामनवमी उत्सव त्योहार पर भव्य आकर्षक रामनवमी का त्यौहार बहुत ही भव्य , गर्व , अंजन धाम की आन , बान , शान , सम्मान और धूमधाम से , रामनवमी महोत्सव का त्योहार विशेष कर सनातनी हिन्दू धर्मलंम्बी , भक्तो , श्रद्धालुओं द्वारा मनाया जाता हैं और अंजन धाम में लगातार गूंजते रहते हैं ,गगन भेदी नारा – जय श्री राम – श्री राम + लखन + जानकी + जय बोलो हनुमान की आदि नारों से पूरा आंजन धाम गंजे मन होता रहता है । श्री अंजन धाम अपने आप में विभिन्न रहस्यों को समेटे हुए , यहां विभिन्न आकार प्रकार के गुफाएं और कंधराएं हैं, जहां एक विशालकाय अद्भुत आकर्षक सांप का बसेरा भी हैं जिनका दर्शन और आशीर्वाद प्राप्ति करना दुर्लभ है । एक बार अवश्य पधारे अपने आराध्या श्री वीर हनुमान के जन्मस्थली अंजन धाम आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे , जब यहां आएंगे और यहां की अद्भुत प्राकृतिक छटाएं विद्यमान हैं मनोरम दृश्य देखकर और प्राकृतिक का अनमोल खजाना जखीरा देखकर खो जायेंगे, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचन्द्र भगवान की जन्मस्थली अयोध्या उत्तर प्रदेश और श्री वीर हनुमान श्री बजरंग बली के जन्मस्थली गुमला झारखण्ड का एक बहुत ही गहरा नाता है , जिसे मात्रा और मात्र सनातनी हिन्दू धर्मावलंबी ही समझ सकते हैं और महसूस कर सकते हैं । जय श्री राम , जिला मुख्यालय गुमला से टोटो ग्राम होते हुए, प्रसिद्ध आंजन धाम मंदिर तक पहुंचा जा सकता हैं,


समाचार – गणपत लाल चौरसिया ( गुमला )


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