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Sunday, March 8, 2026
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गुमला उपायुक्त ने जिले में अनाथ हुए बच्चों की जिम्मेदारी अपने हाथों में ली, अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश

विभिन्न कारणों से अनाथ हुए 25 बच्चों से अधिकारियों ने की मुलाकात, आवश्यक दस्तावेज बनाकर योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के संज्ञान में हाल के कुछ माह में कई छोटे बच्चों के अनाथ होने की खबरें विभिन्न माध्यमों से सामने आईं। जानकारी मिलते ही उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए पाया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से अब तक लगभग 25 बच्चों के अनाथ होने की सूचना प्राप्त हुई है, जिनके माता-पिता की मृत्यु विभिन्न कारणों से हुई है, जिनमें सबसे अधिक मामले सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े हैं।

उपायुक्त ने इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति को निर्देश दिया कि वे इन सभी मामलों को प्राथमिकता से देखें, प्रत्येक बच्चे के परिवार से स्वयं जाकर मिलें और बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तत्काल आरंभ करें।

उपायुक्त ने पाया कि प्रभावित परिवारों के पास अक्सर आवश्यक दस्तावेज, जैसे आधार कार्ड, माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र (72,000 रुपये की सीमा के अनुसार), आवासीय प्रमाण पत्र आदि उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में पुनर्वास, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय सहयोग जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें दिलाने में कठिनाई उत्पन्न हो रही है। इस परिस्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने प्रखंड स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परिवारों से सीधे संपर्क करें, दस्तावेजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराएँ और प्रत्येक बच्चे का शीघ्र आच्छादन सरकारी योजनाओं से करें।

उपायुक्त के निर्देश के आलोक में संबंधित अधिकारी एवं कर्मी प्रभावित परिवारों से स्वयं जाकर मिले और बच्चों को योजनाओं से लाभ दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इस दौरान आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, स्कूल प्रमाण पत्र आदि बनाने का कार्य तेजी से किया गया।

जिन 25 बच्चों से अधिकारियों ने मुलाकात की, उनमें डुमरी प्रखंड के रोहित नागेशिया, प्रभु नागेशिया, सन कुमार नागेशिया, राजकुमार नागेशिया, करनी पंचायत डुमरी के घुरन ग्यार, प्रेमिका कुमारी, सोनम कुमारी, बसुआ पंचायत के अंजंती कुमारी, कशीनाथ उरांव, सोरानी कुमारी, सुहानी कुमारी, पुग्गू पंचायत नवाटोली के प्रमिला कुमारी, प्रभाव उरांव, निर्मला उरांव, नीरज उरांव, सूरज उरांव, घाघरा प्रखंड नवाटोली की सेनाली कुमारी, रूपाली कुमारी, रूपा कुमारी, सेना कुमारी, रोही कुमारी, एजेंसी कुमारी, मिलन उरांव तथा रायडीह प्रखंड कासिर के चंद्रदेव मुंडा एवं जगतपाल मुंडा शामिल हैं। इनमें बच्चे 02 वर्ष से लेकर 20 वर्ष की आयु वर्ग के हैं, जो माता-पिता की आकस्मिक मृत्यु से पूरी तरह असहाय और अनाथ हो गए हैं।

उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रही हैं। उन्होंने बच्चों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “जिला प्रशासन का दायित्व है कि इन मासूम बच्चों के जीवन में किसी प्रकार की कमी न हो। उनके पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएँगे। बच्चों को शीघ्रतम समय में हर संभव सरकारी योजना से जोड़ा जाएगा और दस्तावेजी कार्य पूर्ण होने तक प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक सहयोग दिया जाएगा।”

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि बच्चों के जीवन में असुरक्षा की स्थिति उत्पन्न न हो और उन्हें हर संभव सहयोग तत्काल उपलब्ध कराया जाए। जिला प्रशासन गुमला ने आश्वस्त किया है कि इन अनाथ बच्चों के पुनर्वास एवं भविष्य को सुरक्षित करने में कोई कमी नहीं बरती जाएगी।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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