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Saturday, March 7, 2026
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बौद्धिक रूप से दिवालिया होने के बावजूद भाजपा के सिरमौर्य 2047 तक राज करने के सपने में अभी भी डूबे हैेंं 

-विष्णु नागर

भाजपा बौद्धिक रूप से एकदम दिवालिया पार्टी है। इनके प्रवक्ता टीवी डिबेट में आते हैं और जेएनयू से पढ़ी- लिखी दो युवा महिला प्रवक्ताओं के सामने अपनी सारी आक्रामकता के बावजूद ढेर हो जाते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी भी इन्हें पंचर कर देते हैं।

मोदी जी खुद पिछले ग्यारह साल में प्रेस का सामना नहीं कर पाए। गृहमंत्री तीखे सवालों के आगे बेबस हो जाते हैं,जो इस सरकार के चाणक्य बताए जाते हैं। इनका रक्षा मंत्री इतना पिलपिला है कि एक टीवी चैनल पर कहता है कि मोदी जी 2029 में, 2034 में, 2039 में और 2044 में भी आएंगे और 2047 में भारत को विकसित बनाकर ही विश्राम लेंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री, मोदी जी को संत बताती हैं। एक मुख्यमंत्री इनका नहीं, जिसमें बौद्धिक प्रखरता और प्रशासनिक क्षमता हो।  भय ही इनका अस्त्र है। इनमें से किसी की रीढ़ की हड्डी नहीं, अपने प्रदेश के लिए उनके पास कोई सपना नहीं। सब मोदी-शाह के आगे लंबवत हैं और ये लोग तंत्र पर पूरा कब्जा करके बैठे हैं।

भाजपा के मुकाबले विपक्षी दलों के नेताओं में प्रखरता मिलेगी। वामपंथी तो निरपवाद रूप से बौद्धिकता में आगे होते हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी,राजद, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक आदि के नेता और प्रवक्ता अक्सर प्रखरता से अपनी बातें रखतेे हैं, गोबर और गोमूत्र से नहाये हुए नहीं हैं!

देश का दुर्भाग्य कि इतने पिलपिले लोग हमारे शासक हैं, जो ट्रंप से लेकर अडानी तक के पैर पखारते रहते हैं। जिस प्रधानमंत्री के पास कोई विज़न (दृष्टि) नहीं, वह अपने को हर दिन ‘विजनरी ‘ कहलवाकर खुश होता रहता है। जो चौबीस घंटे अपनी जय-जयकार सुनकर मस्त पड़ा रहता है।

जिसने अपनी इमेज बनाने के चक्कर में देश का हर तरह से कबाड़ा करके रख दिया है। जिसे केवल अपने से प्यार है। जो इस मुगालते में है कि उसे कोई ताकत हिला नहीं सकती, जबकि देश में हर जगह असंतोष की आग की लपटें उठ रही हैं। जो अपनी गद्दी पर खतरा आते ही मां-मां करने लगता है।

यह दिनों दिन साफ होता जा रहा है कि वोट चोरी करके इन्होंने सत्ता हासिल की है और आगे भी ये इससे बाज आनेवाले नहीं। ये सिर्फ डंडे और बंदूक के बल पर हर आवाज़ को चुप करवाना जानते हैं और कोई रास्ता इन्हें मालूम नहीं।

बातचीत के रास्ते पर कभी आते भी हैं तो भी झूठ और बेईमानी करके आगे बढ़ जाते हैं। यही वजह है कि इनपर से लोगों का यकीन खत्म होता जा रहा है और ये हैं कि 2047 तक राज करने के सपने में अभी भी डूबे हुए हैं!

(ये लेखक के अपने विचार हैं)


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