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Sunday, March 8, 2026
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रजत महोत्सव में प्रतिभा का संगम : झारखंड स्थापना के 25 वर्ष पर गुमला के बच्चों की हाव भाव और चमक ने जीता दिल

संयुक्त दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुआ जश्न, पूरे दिन तालियाँ, रचनात्मकता कला और आत्मविश्वास का अभूतपूर्व प्रदर्शन

गुमला।  झारखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय एसएस प्लस टू का सभागार प्रतिभा, कला और उत्साह के विराट उत्सव में बदल गया। रजत महोत्सव जिला स्तरीय प्रतियोगिता में जिले भर के विद्यालयों से आए प्रतिभाशाली बच्चों ने निबंध, क्विज, पेंटिंग, कथावाचन, नृत्य, गायन और नाटक जैसी विविध विधाओं में ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा कार्यक्रम सृजन, संवेदना और संस्कृति की अनोखी मिसाल बन गया। तालियों की गूंज ने पूरे दिन यह संदेश दिया कि गुमला की नई पीढ़ी न सिर्फ तैयार है, बल्कि आगे बढ़ने को आतुर भी है।

दीप प्रज्ज्वलन से उद्घाटन : बच्चों के हाथों जला ‘ज्ञान–दीप’

कार्यक्रम का शुभारंभ डीईओ कविता खलखो, एडीपीओ ज्योति खलखो, एपीओ रोज मिंज, एपीओ शुभकामना प्रसाद तथा प्रतिभागी बच्चों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित और भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि के साथ किया गया। उद्घाटन के इस पल ने पूरे माहौल में उत्साह, आशा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर दिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बीपीओ ओमप्रकाश दास, तपेश्वर साहू, अभिजीत, लालचंद्र शेखर, सुजीत झा और राजदीप गुप्ता का योगदान सराहनीय रहा।

रजत उत्सव का यह आयोजन नई पीढ़ी को समर्पित—डीईओ
बच्चों का मनोबल बढ़ाते हुए डीईओ कविता खलखो ने कहा कि झारखंड की रजत जयंती सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की ऊर्जा, प्रतिभा और उनके उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। गुमला के बच्चों ने आज जिस तैयारी, आत्मविश्वास और गुणवत्ता का परिचय दिया है, वह जिले के शैक्षणिक नेतृत्व की पहचान है।”

ग्रामीण प्रतिभाएँ राज्य स्तरीय मंचों की दावेदार – एडीपीओ

एडीपीओ ज्योति खलखो ने कहा कि आज नृत्य, क्विज, पेंटिंग और कथावाचन में बच्चों ने जिस स्तर की दक्षता दिखाई, वह साबित करता है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाएँ अब राज्य नहीं, राष्ट्रीय मंचों की चुनौती बन चुकी हैं। गुमला का भविष्य उज्ज्वल है।

पूरे दिन रहीं मनमोहक प्रस्तुतियाँ : कला, संस्कृति और सृजन का संगम

कथावाचन में सेंदरा और करमा–धरमा की कहानियों ने दर्शकों को झारखंड की सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ा। पेंटिंग में बच्चों ने प्रकृति, समाज, संस्कृति और रचनात्मक कल्पना के शानदार रंग उकेरे। निबंध में विचार, भाषा और प्रस्तुति की उत्कृष्टता साफ झलकी। वहीं नृत्य और गायन की ताल, लय और अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में उत्सव का खास रंग भर दिया।

पुरस्कार वितरण : सम्मान, मुस्कान और सपनों की नई उड़ान

कार्यक्रम के अंत मे संध्या बेला में मुख्य अतिथियों द्वारा विजेताओं को मेडल, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। बच्चों के चेहरों पर चमक, गर्व और उत्साह ने रजत जयंती वर्ष के इस आयोजन को यादगार बना दिया।

विजेता प्रतिभागियों की सूची

क्विज (6–8) में प्रथम मीना कुमारी (पीएम श्री उच्च विद्यालय कोनसा कामडारा), द्वितीय विकास मुण्डा (पीएम श्री उच्च विद्यालय कुटवां चैनपुर) और तृतीय रेजिना उराँव (कस्तुरबा रायडीह) रहीं। क्विज (9–12) में प्रथम कैफ अंसारी (रा.उ.वि. करजंटोली), द्वितीय रश्मि कुमारी तथा तृतीय स्नेहा नाज (दोनों प्रोजेक्ट गर्ल्स उच्च विद्यालय डुमरी) रहीं। निबंध (6–8) में प्रथम दीप्ति कुजूर (संत अन्ना बालिका मध्य विद्यालय चैनपुर), द्वितीय अंतरा कुमारी (मॉडल स्कूल चपका घाघरा) और तृतीय दूरदर्शन प्रधान (रा. उत्क्रमित उ.वि. सिलम) रहीं। निबंध (9–12) में प्रथम प्रियम कुमारी (केजीबीवी बसिया), द्वितीय वैष्णवी केशरी (डीसीएम एसओई गुमला) और तृतीय साक्षी कुमारी (उर्सुलाईन बालिका उच्च विद्यालय टोंगो चैनपुर) रहीं। पेंटिंग (6–8) में प्रथम नैंसी कुमारी (जीजीएमएस भरनो), द्वितीय शांति उराँव (डीसीएम एसओई गुमला) और तृतीय सुप्रिया भगत (कस्तुरबा डुमरी) रहीं। पेंटिंग (9–12) में प्रथम नाजनी परवीन (कस्तुरबा सिसई), द्वितीय अंजली कुमारी (सीएम एसओई गुमला) और तृतीय दीपिका बा (कस्तुरबा रायडीह) रहीं। कथावाचन (9–12) में प्रथम संगीता कुमारी (रा. प्लस टू उच्च विद्यालय मुरगू, सिसई — विषय: सेंदरा) और द्वितीय आरजू राज (डीसीएम एसओई गुमला — विषय: करमा–धरमा की कहानी) रहीं। नाटक में प्रथम केजीबीवी गुमला को स्थान मिला। नृत्य (6–8) में प्रथम बालिका मध्य विद्यालय कटकाही, द्वितीय केजीबीवी घाघरा और तृतीय रा.म.वि. गुमला रहीं। नृत्य (9–12) में प्रथम उच्च विद्यालय टोटाम्बी, घाघरा, द्वितीय केजीबीवी घाघरा और तृतीय रा.म.वि. गुमला रहीं। गायन (6–8) में प्रथम दीपिका कुमारी (उत्क्रमित उ.वि. भरनो), द्वितीय अर्पणा एक्का (संत अन्ना मध्य विद्यालय चैनपुर) और तृतीय पल्लवी कुमारी एवं निशा लकड़ा (सोलेंग्बीरा, बसिया) रहीं। गायन (9–12) में प्रथम मायावती कुमारी (केजीबीवी घाघरा), द्वितीय चाँदमनी कुमारी (केजीबीवी सिसई) और तृतीय राजेश कोरबा (रा.उ.वि. सिविल चैनपुर) रहे।

न्यूज़ – गणपत लाल चौरसिया 


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