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Tuesday, July 21, 2026
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अंजन धाम मंदिर गुमला का रामायण और रामायण काल से जुड़ा अद्भुत अविश्वसनीय कहानी

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया

उत्तर प्रदेश ( यूपी ) का श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम, भगवान पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम मंदिर और भगवान श्री राम के अनन्य भक्त भगवान वीर हनुमान के जन्मस्थली अंजन धाम मंदिर गुमला का रामायण और रामायण काल से जुड़ा अद्भुत अविश्वसनीय कहानी

गुमला : – झारखंड में यहां हुआ था श्री राम भक्त पवनपुत्र हनुमान का जन्म, आज भी इस जगह पर बसे हैं उनके वंशज! झारखंड में धार्मिक मान्यताओं से जुड़े कई पवित्र धाम है, गुमला जिला में ,जहां रोजाना भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रहती है. गुमला जिले में एक ऐसा अनोखा धाम है, जिसके बारे में आज भी अधिकतर लोग नहीं जानते. जैसे झारखंड की राजधानी रांची से सटे गुमला जिला मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर दूर आंजन धाम है. मान्यता है कि इसी स्थान पर माता अंजनी के गर्भ से श्री राम के अनन्या परमभक्त भगवान वीर हनुमान का जन्म हुआ था. जहां के मंदिर में माता अंजनी की गोद में भगवान हनुमान जी बैठे हुए हैं. विश्व सहित पूरे भारत देशभर में यह एक मात्र मंदिर है, जहां इस तरह की अद्भुत आकर्षित रोमांचित करने वाली प्रतिमा स्थापित है, जहां की. खास बात यह है की इस क्षेत्र के लोग आज भी खुद को श्री राम भक्त हनुमान का वंशज मानते आ रहें हैं. यहां के आंजन गांव स्थित मंदिर में अंजनी माता, भगवान वीर हनुमान, भगवान पुरुषोत्तम श्री राम, भगवान श्रीलक्ष्मण, माता सीता, श्री राधा कृष्ण सहित, देवों के देव श्री श्री 108 श्री भगवान भोलेनाथ शिव की भी प्रतिमा स्थापित है. बताया जाता है की उक्त मंदिर परिसर में 3,65 शिवलिंग और उतने ही तालाब हैं.और 365 महुआ पेड़ का फूल शिव गुरु के अनन्य भक्त माता अंजनी शिवलिंग पर चढ़ा कर जला अभिषेक किया करती थी, और उन्हीं के आशीर्वाद से अंजनी माता को रुद्र अवतार वीर हनुमान पुत्र प्राप्ति का वरदान मिला था, अंजनी माता को, श्री केसरी नंदन, माता अंजनी, के पुत्र रुद्रावतार वीर हनुमान का जन्म ही हुआ था भगवान पुरुषोत्तम श्री राम के अनन्या भक्त के रूप में भगवान श्री राम का सेवा करने के लिए, उक्त पहाड़ी पर आज भी अंजन धाम में स्थित चक्रधारी मंदिर में बचे हुए 8 शिवलिंग दो पंक्तियों में स्थापित हैं. रामायण काल में जहां स्वयं माता अंजनी प्रतिदिन प्रत्येक तालाब से जल और फूल लेकर, जलाभिषेक किया करती थी,जिसका आज भी प्रत्यक्ष प्रमाण है, और मंदिर के नीचे सर्प गुफा है. पहले उक्त गुफा में मिट्टी का एक टीला था, जो गुफा पूरी तरह बंद था,जहां से एक विशालकाय सर्प देव का दर्शन किया जाता था , लेकिन दो साल पहले गुफा के रास्ता को खोल दिया गया है. जहाँ 15 सौ फीट से अधिक लंबी उक्त गुफा के अंदर रास्ता है. आंजन धाम के आसपास कई प्राचीन कालका अद्भुत और अविश्वसनीय रहस्यमई धरोहर भी हैं. यहां की हसीन वादियां भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. आस्था का केंद्र होने के और अपनी हसीन वादियों के कारण यह पर्यटन स्थल का भी केंद्र बन चुका है. पर्यटकों को आंजन धाम काफी पसंद आता है. जिसके फलस्वरुप देश – विदेश के अलावे पूरे भारत देश से पर्यटक अंजन धाम आने के लिए बेताब रहते हैं, झारखंड की राजधानी रांची से यहां की दूरी लगभग 120 किलोमीटर है. अंजन धाम मंदिर तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है. पहाड़ पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं. एक रास्ता बीच से है, जो पक्की टाइल्स से बनी हुई सीढी की बनी हुई है. जिसके मुख्य द्वार पर लगाई गई एक विशाल घंटी की मधुर आवाज अंजन धाम की वादियों में गूंजती रहती है, वही बायें और दाहिनी और से ऊपर मंदिर जाने के लिए एक एक रास्ता और है, तइसके अलावा आसपास में ठहरने के लिए होटल की उत्तम व्यवस्था भी है. अंजन धाम में चारों ओर पेड़ – पौधे ,जंगल ,पहाड़ ,नदियां, झरना यानी प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है. इस हसीन वादियों के बीच बसा है. श्री राम भक्त हनुमान का जन्म स्थली अंजन धाम, जिसके चारों ओर हरे पेड़-पौधे, जंगल, पहाड़, नदियों से सजा हुआ है. साथ ही जिले के पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक धरोहर, डैम आदि भी काफी संख्या में मौजूद है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं, जिसके कारण यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. इन्हीं प्रमुख स्थलों में से एक है, गुमला जिला के आंजन धाम से सटा कुंदरीवाड़ा. यह जिला मुख्यालय से लगभग 22 किमी की दूरी में स्थित है. यह पर्यटक स्थल चारों ओर पेड़ पौधे व चट्टानों के से घिरा ऊंची पहाड़ियों में स्थित है. पहाड़ों व चट्टानों एवं पेड़ो से होकर गुजरते हुई पानी की बहती कल कल करती धारा निश्चित ही पर्यटकों की मानों को आनंदित कर देती है, आपको भी पसन्द आएगी .साथ ही यह धार्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास जगह है. कुंदरीवाड़ा घूमने – फिरने, पिकनिक मनाने के लिए तो फेमस है ही साथ ही श्री राम भक्त हनुमान जी की भी कहानी इससे जुड़ी हुई है. मान्यता के अनुसार यहां एक गुफा भी है. इस गुफा से हनुमान जी किष्किंधा यानी कि पालकोट ,गुफा के रास्ते होकर जाया करते थे.यह गुफा अभी भी है. यहां पिकनिक मनाने के साथ ही साथ आप श्री राम भक्त हनुमानजी की जन्मस्थली आंजन धाम को देख सकते हैं. और समझ सकते, बताते चलें कि गुमला के आंजन धाम को प्रभु श्री राम के सबसे प्रिय भक्ति हनुमान जी की जन्मस्थली मानी जाती है. मान्यता के अनुसार हनुमान जी का जन्म इसी आंजन धाम में हुआ था.और आंजन धाम के ऊंची पहाड़ियों के चोटी में हनुमान जी अपने बाल स्वरूप में मां अंजनी के गोद में विराजमान है,जो अति ही दुर्लभ प्रतिमा है,ऐसी प्रतिमा विरले ही देखने को मिलती है.स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गुमला के आंजनधाम से कुंदरीवाड़ा सटा हुआ है.कुंदरीवाड़ा चारों ओर घने जंगल, पेड़-पौधे व पहाड़ की चोटी में जंगल के बीच में स्थित है.पहाड़ व पेड़ पौधे के बीच पानी की तेज बहती कल कल धारा मन मोह लेती है.ऐसे तो आंजन धाम से सटे होने के कारण यहां सालों भर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है.लेकिन विशेष कर रामनवमी त्योहार पर यहां विशाल मेला लगता है और पूजा अर्चना के साथ ही साथ श्रीराम चरित्र मानस और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है, इसके अलावे दिसंबर से लेकर फरवरी ,मार्च तक बहुतायत रूप, से पर्यटकों का यहां आना-जाना – घूमना फिरना और पिकनिक मनाने के लिए आते हैं.यहां पहाड़ों के बीच से पानी की बहती कल कल धाराएं मन मोह लेगी.और यहां देखने लायक काफी मनमोहक दृश्य जगह जगह पर मिलते रहेंगे .यहां आप घूमने फिरने के साथ प्रकृति की गोद में बसा कुंदरीवाड़ा में सेल्फी ले सकते हैं.पूर्व में तो यह जगह अंजान था बहुत कम ही लोग जानते थे लेकिन अब काफी दूर दूर से लोग यहां घूमने आते हैं. और नववर्ष पर पिकनिक मनाने के लिए यह स्थान अब काफी प्रसिद्ध हो चुका है l
झारखंड मानचित्र पर आंजन धाम, श्री राम भक्त भगवान वीर हनुमान का जन्मस्थली, गुमला जिला मख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में स्थित है, आंजन धाम अब एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और यह झारखंड की राजधानी रांची से सटा हुआ, गुमला जिला में स्थित है यहां भगवान हनुमान जी को समर्पित माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान जी का मूर्ति स्थापित है जिसे हर श्रद्धालु पूजा अर्चना, हनुमान चालीसा का पाठ एवं भ्रमण करने आते हैं तो चलिए आगे पढ़ते हैं और अधिक जानने की कोशिश करते हैं, इतिहासकारों का माने तो श्री राम भक्त हनुमान की जन्मस्थली आंजन धाम गुमला जिला का एक छोटे से गांव अंजनगांव में स्थित है जिसे अब बदलकर आंजन धाम कर दिया गया है, यदि आप धार्मिक दृष्टिकोण से देखते हैं तो एक बहुत बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है, और उत्तर प्रदेश ( यूपी ) अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि श्री राम मंदिर में स्थापित भगवान श्री राम और उनके अनन्या भक्ति भगवान श्री वीर हनुमान की जन्मस्थली अंजन धाम का गहरा रिश्ता है, क्योंकि यहां पर पिता केसरी नंदन और माता अंजनी ने हनुमान जी को जन्म दिया हैं, कहा यह भी जाता है कि सूर्यवंशी राजा भगवान श्रीराम के सेवा करने वाले श्री राम भक्त वीर हनुमान जी का जन्मस्थली यहीं पर है यहां के पुजारी से जब और इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रामायण काल में माता अंजनी इसी गुफा में रहती थी और प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा पाठ किया करती थी

इसी कारण से यहां से 3,65 शिवलिंग स्थापित थे, परंतु आज वर्तमान में अधिकांश शिव लिंग नहीं है, यह सत्य है की ,प्राचीन काव्य के अनुसार जब यहां के स्थानीय लोग को पता चला की यहां शिवलिंग स्थापित है तो वह अपने पूजा पाठ करने के चक्कर में यहां पर एक बली देने की कोशिश किए, जिससे माता अंजनी क्रोधित होकर इस गुफा में अपने आप को बंद कर ली और हमेशा के लिए माता अंजनी अदृश्य हो गई , इस तरह से यह गुफा बंद हो गया और यह एक रहस्यमई गुफा बन गया l
गुमला – लोहरदगा – रांची मुख्य पर स्थित टोटो ग्राम से भगवान वीर हनुमान जी का जन्मस्थली अंजन धाम, आने के लिए गुमला जिला मुख्यालय से मात्र 20 किलो मीटर दूर स्थित टोटो ग्राम आना होगा और टोटो ग्राम से आगे का रास्ता मात्र 12 किलो मीटर दूर पच्शिम दिशा में स्थित अंजन धाम पहुंचना होगा , जहां आप स्वयं अपने वाहन से या फिर आंजन धाम मंदिर जाने के लिए, आपको टोटो ग्राम से अंजन धाम पहुंनें के लिए, ऑटो (टेंपो ) का सहारा लेना होगा, जो बहुत आसानी से ऑटो ( टेंपो ) मिल जाता है, परन्तु आपको उक्त ऑटो ( टेंपो ) को बुक करना होगा , क्योंकि हर समय अंजन धाम मंदिर जाने के लिए, यात्री नहीं मिलते हैं, अतः आपको ऑटो (टेंपो) बुक करना पड़ेगा , लेखक जिला मुख्यालय गुमला झारखंड से ब्यूरो चीफ गणपत लाल चौरसिया, अंजन धाम मंदिर में स्थित माता अंजनी की गोद में वीर हनुमान की बैठे हुए, स्थिति में स्थापित माता अंजनी और वीर हनुमान जी की अद्भुत और दुर्लभ मूर्ति आंजन धाम के अतिरिक्त विश्व सहित अपने देश भारत में भी कहीं देखने को नहीं मिलेगी, यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां माता अंजनी की गोद में श्री राम भक्त वीर हनुमान जी, अपनी मांताश्री अंजनी के गोद में विराजमान है, पूरे जहां में यह एकमात्र मंदिर है, जहां माता अंजनी अपने गोद में भगवान वीर हनुमान को लिए हुए हैं, दिखाई दे रही हैं, यह दृश्य आपको कहीं भी देखने को अन्यत्र नहीं मिलेगा , अंजनी माता के गोद में पुत्र वीर हनुमान, जिसका एक प्राचीन दुर्लभ, अद्भुत आकर्षण और रोमांचित करने वाली एक अद्भुत आकर्षित करने वाली मूर्ति का भी आप दर्शन कर सकेंगे , जिससे देखकर आपको एक अलग तरह की अनुभूति होगी, और उसी के तर्ज पर अन्य मूर्तियों का भी आधुनिक निर्माण किया गया है, जिसमें माता अंजनी अपने पुत्र वीर हनुमान को गोद में ली हुई है । अंजन धाम श्री राम भक्त भगवान वीर हनुमान के जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध हो चूका है, जैसे उत्तर प्रदेश ( यूपी ) के अयोध्या में राम जन्मभूमि में स्थित प्रभु श्री राम, भगवान पुरुषोत्तम राम जी, का अयोध्या धाम प्रसिद्ध है , जिसका धार्मिक और पुरातात्विक महत्व है और उक्त दोनों जन्मभूमि रामायण और रामायण काल से जुड़ा हुआ है, इसी रास्ते से पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण बनवास गए थे, रास्ते में पंपापुरी ( पालकोट ) और रामरेखा धाम ( सिमडेगा ) का किस्सा कहानी रामायण और रामायण काल से जुड़ा हुआ l


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