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Thursday, July 2, 2026
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उद्यान, कृषि एवं सहकारिता विभाग की योजनाओं की समीक्षा, क्लस्टर आधारित खेती को मिलेगा बढ़ावा

गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

पपीता, हल्दी, मशरूम एवं मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने पर जोर

गुमला : उप विकास आयुक्त अनिमेश रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को उद्यान विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं भावी कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्लस्टर आधारित उद्यान विकास, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप योजना के तहत पपीता उत्पादन, मधुमक्खी पालन, कृषि निर्यात एवं पोस्ट हार्वेस्ट आधारभूत संरचना विकास सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि उद्यान विकास विभाग की योजनाओं को क्लस्टर आधारित मॉडल के तहत संचालित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सामूहिक रूप से योजनाओं का लाभ मिल सके और उत्पादन के साथ विपणन व्यवस्था भी सुदृढ़ हो। उन्होंने लगभग 10-10 हेक्टेयर क्षेत्र में क्लस्टर विकसित कर सब्जी, फल एवं विशेष रूप से पपीता की खेती को बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही पूर्व में विकसित क्लस्टरों को मजबूत करने और नए क्षेत्रों का चयन करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के महिला स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से ग्राम सभाओं का आयोजन कर इच्छुक किसानों का चयन किया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनके आवेदन प्राप्त कर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए।

राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत मधुमक्खी पालन योजना की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, लघु एवं सीमांत किसानों तथा महिला स्वयं सहायता समूहों को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से पात्र लाभुकों के चयन पर जोर दिया।

बैठक में प्रमोशन ऑफ अर्बन फार्मिंग योजना के तहत सरकारी परिसरों एवं आवासों में फलदार, पुष्पीय और सजावटी पौधों के रोपण को बढ़ावा देने के लिए संबंधित विभागों से आवेदन प्राप्त करने का निर्देश भी दिया गया।

कृषि निर्यात एवं पोस्ट हार्वेस्ट आधारभूत संरचना विकास योजना के अंतर्गत टमाटर की सॉर्टिंग एवं ग्रेडिंग यूनिट, वातावरण नियंत्रित शीतगृह, पैक हाउस, निम्न ऊर्जा शीतल कक्ष तथा अन्य सुविधाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए इच्छुक लाभुकों से आवेदन लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया।

वन डिस्ट्रिक्ट वन क्रॉप योजना के तहत पपीता उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से क्लस्टर चयन, किसानों की पहचान और आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर चर्चा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि क्लस्टर चयन के बाद किसानों को भूमि तैयारी, उत्पादन और विपणन से संबंधित तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में पपीता के अलावा हल्दी, ड्रैगन फ्रूट, अमरूद, एवोकाडो जैसी उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों, मशरूम उत्पादन और मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। क्लस्टरों में ड्रिप इरीगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

उप विकास आयुक्त ने कृषि, उद्यान और सहकारिता विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर वास्तविक किसानों तक पहुंचना चाहिए, जिससे जिले में उद्यानिकी आधारित आजीविका और किसानों की आय में वृद्धि हो सके।

बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जेएसएलपीएस, प्रदान, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन, अराउस तथा अन्य संबंधित विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


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