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Wednesday, September 2, 2026
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निजी विद्यालयों के शैक्षणिक इंडिकेटरों की उपायुक्त ने की समीक्षा, 15 दिनों में एपीएएआर आईडी पूर्ण करने का निर्देश

गुमला न्यूज ब्यूरो – गणपत लाल चौरसिया 

राज्य रैंकिंग में जिले के कमजोर प्रदर्शन पर उपायुक्त ने जताई नाराजगी, लापरवाही बरतने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई की चेतावनी

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में मंगलवार को शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले के निजी विद्यालयों के शैक्षणिक प्रदर्शन एवं विभिन्न इंडिकेटरों की समीक्षा को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो, जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां, एडीपीओ ज्योति खलखो, बीपीओ दिलदार सिंह, फील्ड मैनेजर रामचंद्र सिंह सहित जिले के सभी बीपीओ एवं संबंधित निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान शिक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक आंकड़ों एवं निर्धारित इंडिकेटरों के आधार पर निजी विद्यालयों के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की गई। जिले की शिक्षा संबंधी राज्य स्तरीय रैंकिंग में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने पर उपायुक्त ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जिले के शैक्षणिक इंडिकेटरों में कमजोर प्रदर्शन की स्थिति चिंताजनक है तथा इसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

स्टूडेंट, स्कूल एवं टीचर प्रोफाइल की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में स्टूडेंट प्रोफाइल, स्कूल प्रोफाइल, टीचर प्रोफाइल, यूडीआईएसई के आंकड़े, ड्रॉपबॉक्स में दर्ज बच्चों की स्थिति, आधार एवं एपीएएआर आईडी सहित विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल एवं शौचालय जैसी आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि आधार उपलब्ध सभी विद्यार्थियों का निर्माण अभियान चलाकर आगामी 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पूरा कराया जाए। उन्होंने ड्रॉपबॉक्स में दर्ज बच्चों की स्थिति की भी गंभीरता से समीक्षा करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर इसकी संख्या शून्य करने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालय स्तर पर छात्र, शिक्षक एवं विद्यालय से संबंधित सभी प्रोफाइल तथा आंकड़ों को अद्यतन एवं त्रुटिरहित रखने पर विशेष जोर दिया।

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय सर्वेक्षण तथा पौधरोपण अभियान एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश

बैठक में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय सर्वेक्षण तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिया कि दोनों कार्यों को एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूर्ण करते हुए संबंधित आंकड़ों एवं गतिविधियों को पोर्टल पर अद्यतन करें।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में स्वच्छता एवं हरित वातावरण केवल अभियान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे विद्यालय की नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के प्रति व्यवहारगत जागरूकता विकसित करने पर भी उन्होंने बल दिया।

पेयजल एवं शौचालय की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश

उपायुक्त ने विद्यालयों में उपलब्ध पेयजल सुविधा तथा बालक एवं बालिका शौचालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं होगी। जिन विद्यालयों में पेयजल अथवा शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है या सुविधाएं मानक के अनुरूप नहीं हैं, वहां बच्चों के हित में तत्काल आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

निर्देशों की अनदेखी करने वाले निजी विद्यालयों पर होगी नियमानुसार कार्रवाई

उपायुक्त ने सभी बीपीओ को निर्देश दिया कि शिक्षा विभाग के निर्देशों का अनुपालन नहीं करने वाले तथा निर्धारित कार्यों को समयसीमा के भीतर पूरा नहीं करने वाले निजी विद्यालयों को चिन्हित किया जाए। ऐसे विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के लिए स्पष्ट प्रस्ताव उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि लगातार लापरवाही एवं निर्देशों की अवहेलना करने वाले निजी विद्यालयों के विरुद्ध समाप्त करने तथा मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शिक्षा विभाग को जिले में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को चिन्हित कर उनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई हेतु संचिका उपायुक्त स्तर पर प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने सभी निजी विद्यालयों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि इस माह सभी शैक्षणिक इंडिकेटरों में ठोस एवं मापनीय सुधार दिखाई देना चाहिए। विद्यालयों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा की जाएगी। अपेक्षित सुधार नहीं होने की स्थिति में संबंधित विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अनुपस्थित पाए गए विद्यालयों के संबंध में भी उपायुक्त ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने संबंधित विद्यालयों से स्वेच्छाचारिता एवं मनमानेपन के संबंध में स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार केवल आंकड़ों में सुधार तक सीमित नहीं होना चाहिए। विद्यालयों में वास्तविक शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, छात्र-शिक्षक एवं विद्यालय प्रोफाइल की शत-प्रतिशत पूर्णता, डिजिटल पहचान से संबंधित कार्यों की पूर्णता तथा आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी संबंधितों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निर्धारित मानकों की पूर्ति के साथ-साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता हैl


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