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Thursday, September 3, 2026
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लाइब्रेरी से साइंस सेंटर तक पहुंचे DDC, विद्यार्थियों से पूछा- पढ़ाई में क्या आ रही परेशानी?

गुमला न्यूज़ ब्यूरो – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला: विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल और किताबों से आगे सीखने के अवसर देने की दिशा में जिला प्रशासन की पहल जारी है। इसी क्रम में बुधवार को उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने गुमला सदर स्थित बिरसा मुंडा लाइब्रेरी, सावित्री बाई फुले लाइब्रेरी और साइंस सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं को देखा और विद्यार्थियों से सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली।

विद्यार्थियों से जानी पढ़ाई से जुड़ी जरूरतें

निरीक्षण के दौरान DDC ने पुस्तकालय में पढ़ रहे विद्यार्थियों से बातचीत की। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं, अध्ययन के माहौल और पढ़ाई के दौरान आने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों की ओर से बताई गई जरूरतों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार की दिशा में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

DDC ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक परिणाम के लिए बच्चों को सिर्फ स्कूल तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें ऐसा माहौल मिलना चाहिए, जहां वे पढ़ सकें, समझ सकें, प्रयोग कर सकें और अपनी जिज्ञासाओं के जवाब तलाश सकें।

विद्यार्थियों की समस्याओं और जरूरतों के समाधान के लिए संबंधित पदाधिकारियों के साथ जल्द बैठक कर आवश्यक निर्णय लेने की बात भी कही गई।

साइंस सेंटर में बढ़ेगा बच्चों का एक्सपोजर

साइंस सेंटर के निरीक्षण के दौरान बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि और वैज्ञानिक सोच विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। DDC ने निर्देश दिया कि आवासीय विद्यालयों के साथ-साथ अन्य स्कूलों के विद्यार्थियों का भी नियमित रूप से साइंस सेंटर का भ्रमण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि विज्ञान को सिर्फ किताबों में पढ़ने के बजाय अगर बच्चे मॉडल और प्रयोगों के जरिए समझेंगे, तो विषय के प्रति उनकी रुचि और समझ दोनों बढ़ेंगी।

ग्रामीण बच्चों को भी मिलेगा प्रयोगात्मक सीखने का मौका

जिला प्रशासन की योजना स्कूलों और साइंस सेंटर के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों के नियमित एक्सपोजर विजिट की व्यवस्था करने की है। इसका खास उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों के बच्चों को भी प्रयोग आधारित शिक्षा से जोड़ना है।

प्रशासन का मानना है कि ऐसे अनुभव बच्चों में सिर्फ जानकारी नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि उनमें ‘क्यों’ और ‘कैसे’ जैसे सवाल पूछने की आदत भी विकसित करेंगे।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मजबूत होंगे पुस्तकालय

जिला प्रशासन की ओर से पुस्तकालयों को विद्यार्थियों के लिए अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के उपयोगी केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं साइंस सेंटर के माध्यम से बच्चों को प्रयोगात्मक और अनुभव आधारित शिक्षा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उद्देश्य यही है कि जिले के विद्यार्थी उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों का अधिकतम लाभ उठा सकें और पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर उसे व्यवहारिक और रुचिकर तरीके से समझ सकें।


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