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Tuesday, September 8, 2026
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अब वजन घटाना ही नहीं, मेटाबॉलिक हेल्थ पर भी फोकस; बिहार-झारखंड में बढ़ी इलाज की मांग

News – Ranu

बिहार-झारखंड, सितंबर 2026: वजन बढ़ने की समस्या अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। बिहार और झारखंड में भी लोग अपने वजन के साथ-साथ उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पहले की तुलना में ज्यादा जागरूक नजर आ रहे हैं। इसी वजह से वजन नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह से इलाज, पोषण और एक्सरसाइज जैसे विकल्पों पर लोगों का ध्यान बढ़ रहा है।

इस बढ़ती दिलचस्पी के बीच सिप्ला के टिरज़ेपाटाइड ब्रांड युरपीक ने बिहार और झारखंड में महीने-दर-महीने 20.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यह आंकड़ा इन दोनों राज्यों में वजन प्रबंधन से जुड़े इलाज की बढ़ती मांग की ओर इशारा करता है।

वजन कम करने से आगे बढ़ी सोच

डायबिटीज और ओबेसिटी केयर सेंटर के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. सुभाष कुमार के मुताबिक, लोगों की सोच अब केवल तेजी से वजन कम करने तक सीमित नहीं है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने और मेटाबॉलिक हेल्थ को बेहतर बनाए रखने को लेकर भी लोग गंभीर हो रहे हैं।

उन्होंने बताया कि मरीज अब पोषण, एक्सरसाइज, वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़े सवाल ज्यादा पूछ रहे हैं। उनके अनुसार स्वास्थ्य को लेकर यह बढ़ती जागरूकता सकारात्मक बदलाव है, क्योंकि लोग समय रहते अपनी सेहत पर ध्यान देना शुरू कर रहे हैं।

सेमाग्लूटाइड के बाद बढ़ा बाजार

मोटापा प्रबंधन के क्षेत्र में सेमाग्लूटाइड के कई ब्रांड आने के बाद इस बाजार में भी विस्तार देखने को मिला है। इसके बावजूद कई डॉक्टरों और मरीजों के लिए टिरज़ेपाटाइड आधारित इलाज एक पसंदीदा विकल्प बना हुआ है।

इसके पीछे इसके इस्तेमाल को लेकर बढ़ता अनुभव और इससे जुड़े चिकित्सकीय फायदे बताए जाते हैं। हालांकि, वजन प्रबंधन से जुड़े इलाज को लेकर डॉक्टर की सलाह और चिकित्सकीय निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छोटे शहरों में भी बढ़ रही जागरूकता

बिहार और झारखंड में युरपीक की मांग में हुई वृद्धि इस बात की ओर भी संकेत करती है कि वजन प्रबंधन को लेकर जागरूकता अब महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले लोग भी वजन को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर की सलाह से इलाज और अन्य स्वास्थ्य उपायों की ओर बढ़ रहे हैं।

यानी वजन प्रबंधन को लेकर लोगों का नजरिया धीरे-धीरे बदल रहा है। अब फोकस सिर्फ वजन कम करने पर नहीं, बल्कि पोषण, व्यायाम, वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ को साथ लेकर लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने पर भी बढ़ रहा है।


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