19.1 C
Ranchi
Wednesday, November 4, 2026
Advertisement
Home Blog Page 10

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सुनीं क्षेत्रवासियों की समस्याएं, अधिकारियों को समयबद्ध समाधान का निर्देश

0

News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया___पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रांची स्थित अपने आवास पर क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से आए लोगों से मुलाकात की। इस दौरान लोगों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं, विकास कार्यों और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखा।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने लोगों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा प्रत्येक मामले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निष्पादन के साथ समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए अधिकारियों को गंभीरता से काम करना होगा।

मंत्री ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास, आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। जनसमस्याओं का निराकरण और विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े ।

राम भक्तों के लिए

स्वांग में डांडिया महोत्सव में शामिल हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद

0

News – Kahkashan Farooqi 

गोमिया। गुरुवार को झारखंड के कैबिनेट मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग मंत्री योगेंद्र प्रसाद गोमिया प्रखंड अंतर्गत स्वांग दुर्गा पूजा पंडाल के समीप आयोजित डांडिया महोत्सव में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर लोगों द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर मंत्री योगेंद्र प्रसाद का भव्य स्वागत किया गया।

मंत्री जी ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा उपस्थित लोगों के साथ डांडिया खेलकर उत्सव की खुशियाँ साझा की। इस दौरान उन्होंने माँ दुर्गा से समस्त क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की और सभी को नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी। मौके पर जिप सदस्य आकाश लाल सिंह,विधायक प्रतिनिधि अमित पासवान समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

 

राम भक्तों के लिए

सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, भरनो में चला सघन जाँच अभियान; 72 हजार का जुर्माना वसूला

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाया। उपायुक्त महोदय दिलेश्वर महतो एवं जिला परिवहन पदाधिकारी सत्येन्द्र महतो के निर्देशानुसार, भरनो थाना क्षेत्र में एक विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई की गई।

मौके पर मौजूद अधिकारी और कार्रवाई
इस अभियान का नेतृत्व मोटरयान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह और प्रदीप कुमार तिर्की एवं भरनो थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने किया। जांच दल ने भरनो थाना के पास चेकनाका लगाकर आने-जाने वाले वाहनों की सघन तलाशी ली। इस औचक निरीक्षण से नियम तोड़ने वाले चालकों में हड़कंप मच गया। विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में कुल 72,000 (बहतर हजार) रुपये का जुर्माना वसूला गया।

इन उल्लंघनों पर रहा विशेष फोकस
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया कि अभियान का प्राथमिक लक्ष्य सिर्फ जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि उन गलतियों को सुधारना था जो अक्सर जानलेवा दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। जाँच के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष सख्ती बरती गई:

दोपहिया वाहन: बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले और ‘ट्रिपल राइडिंग’ (एक बाइक पर तीन सवारी) करने वाले युवाओं पर कार्रवाई की गई।

दस्तावेजों की जाँच: ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र और रोड टैक्स जैसे अनिवार्य कागजात नहीं होने पर चालान काटे गए।

मोटरयान निरीक्षक रॉबिन अजय सिंह ने मौके पर पकड़े गए चालकों को व्यक्तिगत रूप से समझाया। उन्होंने बताया कि सड़क पर छोटी सी लापरवाही न केवल उनकी, बल्कि दूसरों की जान भी ले सकती है। चालकों को भविष्य में सभी यातायात नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गयी।

विभाग का संदेश

जिला परिवहन विभाग ने संकेत दिए हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे घर से निकलते समय हेलमेट/सीटबेल्ट का प्रयोग करें और अपने वाहन के सभी कागजात दुरुस्त रखें।

राम भक्तों के लिए

गुमला: कार्तिक उरांव कॉलेज, गुमला में सड़क सुरक्षा अभियान संपन्न, 195 विद्यार्थियों ने ली यातायात नियमों के पालन की शपथ

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम जनमानस में सुरक्षित यातायात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को गुमला कार्तिक उरांव कॉलेज में एक वृहद ‘सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान’ का आयोजन किया गया। गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो और जिला परिवहन पदाधिकारी सतेन्द्र महतो के विशेष निर्देश पर आयोजित इस ‘सड़क सुरक्षा क्लास’ में कॉलेज के लगभग 195 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन की सामूहिक शपथ ली।

घर से हो सुरक्षा की शुरुआत: “अपनों को रोको-टोको”

अभियान के दौरान टीम ने “दुर्घटना से पहले अपने अपनों को रोको-टोको” का मूलमंत्र दिया। छात्रों को समझाया गया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की शुरुआत सड़क पर नहीं, बल्कि घर की दहलीज से होनी चाहिए। टीम ने अपील की कि परिवार का हर सदस्य एक-दूसरे की सुरक्षा का प्रहरी बने। विशेषकर बच्चों से यह आह्वान किया गया कि वे अपने माता-पिता और परिजनों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज गति से वाहन न चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल न करने के लिए अवश्य टोकें।

यातायात नियम और ‘गुड सैमेरिटन’ (नेक मददगार) कानून की जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को यातायात के मूलभूत नियमों के प्रति जागरूक करते हुए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सख्त हिदायत दी गई:

  • दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा ISI मार्क वाला प्रमाणित हेलमेट पहनें।
  • चारपहिया वाहन में सफर करते समय अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाएं।
  • ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने, ट्रिपल लोडिंग और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल से हर हाल में बचें।

छात्रों को ‘गुड सैमेरिटन’ और ‘हिट एंड रन’ कानून के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। “जल्दी पहुंचने से कहीं अधिक जरूरी सुरक्षित पहुंचना है” का संदेश देते हुए टीम ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना में घायल हो जाता है, तो उसे बेहिचक अस्पताल पहुंचाएं। प्रशासन ऐसे ‘नेक मददगारों’ को पूरी सुरक्षा और सम्मान देता है, और उनसे किसी प्रकार की अनावश्यक पूछताछ नहीं की जाती।

सामूहिक शपथ के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने व्यक्तिगत रूप से यातायात नियमों का पालन करने और समाज के अन्य लोगों को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।
इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में महिला थाना प्रभारी शिल्पा कुजूर, सड़क सुरक्षा प्रबंधक प्रभाष कुमार, आईटी सहायक मंटू रवानी, रोड इंजीनियरिंग एनालिस्ट प्रणय कांशी सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों की सराहनीय भूमिका रही।

अभियान का मुख्य संदेश: “दुर्घटना होने के बाद पछताने से बेहतर है— दुर्घटना से पहले अपने अपनों को रोकें, टोकें और सुरक्षित रखें।”

राम भक्तों के लिए

उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में ग्रामीण रोजगार एवं आवास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

लंबित आवास किस्तों का भुगतान एक सप्ताह में पूर्ण करने तथा प्रति पंचायत 150 मजदूरों को कार्य से जोड़ने का निर्देश

गुमला : – गुमला उप विकास आयुक्त, गुमला अनिमेष रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में वीबी-जी राम जी एवं आवास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजनाओं की प्रगति, मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने, लंबित भुगतान, अभिलेखों के निष्पादन तथा आवास निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान वीबी-जी राम जी के अंतर्गत प्रति पंचायत मजदूरों को रोजगार से जोड़ने की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने प्रत्येक पंचायत में 150 मजदूरों को कार्य से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने पंचायतों में संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना, अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, तालाब निर्माण, मिट्टी-मुरम पथ एवं कूप निर्माण सहित सभी योजनाओं में कार्य की मांग सृजित करते हुए निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत प्राप्त करने का निर्देश दिया।

मनरेगा के अंतर्गत सामग्री मद एवं प्रशासनिक मद में उपलब्ध कराई गई राशि के विरुद्ध शत-प्रतिशत विपत्र तैयार कर कोषागार में जमा करने का निर्देश दिया गया, ताकि राशि का समयबद्ध व्यय सुनिश्चित करते हुए उपयोगिता प्रमाण पत्र संबंधित विभाग को उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही, वीबी-जी राम जी के अंतर्गत मजदूरी मद में उपलब्ध राशि का नियमानुसार विपत्र तैयार कर कोषागार में जमा करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया।

बिरसा सिंचाई कूप योजना के अंतर्गत राज्य मद से प्राप्त प्रति कूप 50 हजार रुपये की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश सभी संबंधित प्रखंडों को दिया गया। वहीं, वीबी-जी राम जी के अंतर्गत सभी सक्रिय मजदूरों के जॉब कार्ड का ई-केवाईसी सत्यापन लंबित रहने पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए इसे आगामी 15 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों को दिया।

आवास योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किस्तों का भुगतान लंबित रहने पर उप विकास आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी लंबित किस्तों का भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, आवास निर्माण के विभिन्न चरणों तथा पूर्ण आवासों का लंबित भू-संदर्भित छायांकन कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों एवं प्रखंड आवास समन्वयकों को दिया गया।

उप विकास आयुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति, लंबित कार्यों का समयबद्ध निष्पादन तथा उपलब्ध राशि का नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करते हुए कार्यों में अपेक्षित तेजी लाने पर जोर दिया।

बैठक में जिला ग्रामीण विकास शाखा के सहायक परियोजना पदाधिकारी, जिला आवास समन्वयक, सभी प्रखंडों के प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता तथा प्रखंड आवास समन्वयक सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस पर गुमला में किसान गोष्ठी सह किसान वैज्ञानिक अंतर्मिलन कार्यक्रम आयोजित, 24 उत्कृष्ट महिला किसान सम्मानित

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने महिला किसानों को वर्षभर खेती, मोटे अनाज उत्पादन एवं वैकल्पिक आजीविका गतिविधियों से जुड़ने के लिए किया प्रेरित

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड सरकार के कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण (आत्मा), गुमला के तत्वावधान में गुरुवार को नगर भवन, गुमला में महिला किसान दिवस के अवसर पर किसान गोष्ठी सह किसान वैज्ञानिक अंतर्मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त दिलेश्वर महतो उपस्थित रहे। इस दौरान जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया तियू सहित बड़ी संख्या में महिला किसान, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन जिला कृषि विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी ने महिला किसानों के योगदान, उनके सम्मान तथा जिला प्रशासन द्वारा कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि गुमला कृषि प्रधान जिला है, जहां बड़ी संख्या में किसान खेती-किसानी पर निर्भर हैं। महिला किसान परिवार की जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के साथ कृषि उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। उन्होंने सभी महिला किसानों को बधाई देते हुए कहा कि महिला किसानों का संगठित होकर कृषि गतिविधियों में आगे बढ़ना जिले के लिए महत्वपूर्ण है। गुमला में रागी की खेती के माध्यम से किसानों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ कृषि की विविध गतिविधियों को अपनाकर किसानों की आय में वृद्धि की जा सकती है।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में अधिकांश खेती वर्षा पर आधारित है, जिसके कारण कई खेतों में वर्ष के कुछ महीनों में ही खेती हो पाती है। किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए वर्षभर खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। उन्होंने सिंचाई की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में रबी फसलों की खेती बढ़ाने तथा जलस्रोतों और नहरों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जलस्रोतों के आसपास उपलब्ध कृषि भूमि का अधिकतम उपयोग हो, इसके लिए जिला प्रशासन कृषि विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इस दिशा में महिला किसानों का सहयोग भी महत्वपूर्ण होगा।

उपायुक्त ने महिला किसानों को पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक आजीविका गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मशरूम उत्पादन, अंडा उत्पादन, मुर्गी पालन एवं बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित इन गतिविधियों से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन क्षेत्रों में महिला किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा ने अपने संबोधन में महिला किसानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुमला की महिलाएं कृषि क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं। रागी मिशन से जुड़ी महिला किसानों सहित विभिन्न कृषि गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने महिला किसानों को अपने अनुभव साझा करने, नई तकनीकों को अपनाने और कृषि के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी ने कहा कि एक शिक्षित महिला दो परिवारों को शिक्षित करने की क्षमता रखती है। आज गुमला की महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित न रहकर कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आर्थिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 24 महिला किसानों को उपायुक्त दिलेश्वर महतो द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों के योगदान को पहचान देना, उन्हें कृषि की नवीन तकनीकों से जोड़ना तथा कृषि एवं सहायक गतिविधियों के माध्यम से उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर अन्य अतिथियों ने भी महिला किसानों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में उनकी सक्रिय भागीदारी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।

राम भक्तों के लिए

गुमला के मालवीय नगर करौंदी की दुर्गा पूजा का इतिहास सात दशकों से अधिक पुरानी बताई जाती है,आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता की कहानी

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख – गणपत लाल चौरसिया

आस्था से जुड़ी एक ऐतिहासिक परंपरा

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित मालवीय नगर करौंदी ग्राम में दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति – शक्ति और आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। गुमला नगर के निकट स्थित मालवीय नगर, करौंदी में आयोजित होने वाली दुर्गा पूजा इसी परंपरा का एक उल्लेखनीय हिस्सा है। यहां मां दुर्गा की आराधना के अवसर पर स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ आसपास के गांवों के लोग भी उत्साहपूर्वक सहभागिता बताई जाति हैं।

मालवीय नगर, करौंदी में दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 1953 में हुई थी। इस लिहाज से यह आयोजन सात दशकों से अधिक पुरानी धार्मिक परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है। मालवीय नगर करौंदी, तेलगांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों के श्रद्धालुओं की भी भागीदारी इस उत्सव को स्थानीय स्तर पर विशेष पहचान देती है।

1953: करौंदी की दुर्गा पूजा का महत्वपूर्ण वर्ष

करौंदी की दुर्गा पूजा के इतिहास में वर्ष 1953 को महत्वपूर्ण माना जाता है, उल्लेख है कि मालवीय नगर, करौंदी में 1953 से दुर्गा पूजा आयोजित की जा रही है, बड़े बुजुर्गों का मानना है कि उस वक्त बलि प्रथा का भी प्रचलन था, उसके अलावे दुर्गा पूजा के दशमी को मालवीय नगर करौंदी में रावण दहन और रात्रि में मेले का आयोजन किया जाता है l
उस दौर गुमला और आसपास के क्षेत्रों का सामाजिक जीवन स्तर काफी हद तक ग्रामीण परिवेश, पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ा हुआ था। ऐसे वातावरण में धार्मिक आयोजन लोगों को एक साथ लाने और सामूहिक रूप से पर्व,त्योहार मनाने का अवसर प्रदान करते थे।
हालांकि, उक्त दुर्गा पूजा की शुरुआत किन किन व्यक्ति या परिवार ने की, शुरुआती आयोजन कहां पर हुआ, पहली प्रतिमा किसने स्थापित की और पहली पूजा का खर्च कितना था—इन सवालों के प्रमाणित विवरण उपलब्ध नहीं हैं । इसलिए इन तथ्यों की पुष्टि के लिए संबंधित स्थानीय बुजुर्गों, पुराने पूजा आयोजकों और समिति के अभिलेखों से जानकारी लेना आवश्यक होगा।

करौंदी और आसपास के गांवों की भागीदारी

करौंदी की दुर्गा पूजा की एक महत्वपूर्ण विशेषता आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालुओं का करौंदी और तेलगांव सहित आसपास के गांवों से संबंधित बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने का उल्लेख किया जाता है।

दुर्गा पूजा के अवसर पर मंदिर या पूजा स्थल में दर्शन, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व होता है। ऐसे आयोजन स्थानीय लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने और सामूहिक रूप से त्योहार मनाने का अवसर देते हैं।

इस प्रकार करौंदी की दुर्गा पूजा को केवल एक मोहल्ले का धार्मिक आयोजन मानने के बजाय आसपास के ग्रामीण समाज से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक परंपरा के रूप में भी देखा जा सकता है।

गुमला की व्यापक दुर्गा पूजा परंपरा से करौंदी का संबंध

मालवीय नगर करौंदी की दुर्गा पूजा को बेहतर ढंग से समझने के लिए गुमला जिले की व्यापक धार्मिक परंपरा पर भी नजर डालना जरूरी है।

गुमला शहर की दुर्गाबाड़ी में बंगाली समुदाय द्वारा वर्ष 1921 में दुर्गा पूजा शुरू किए जाने का उल्लेख मिलता है। इसके अतिरिक्त, पालकोट क्षेत्र में नागवंशी राजा यदुनाथ शाह द्वारा वर्ष 1765 में मां दसभुज्जी सह दुर्गा पूजा प्रारंभ किए जाने की परंपरा का भी उल्लेख मिलता है।

उक्त ऐतिहासिक संदर्भ बताते हैं कि गुमला क्षेत्र में दुर्गा पूजा की परंपरा के अलग-अलग केंद्र और अलग-अलग ऐतिहासिक पड़ाव रहे हैं, मालवीय नगर करौंदी ग्राम में दुर्गा पूजा 1953 में प्रारंभ करने का स्थानीय परंपराओं के इतिहास में एक अलग और महत्वपूर्ण अध्याय है।

साथ ही साथ यह ध्यान रखना जरूरी है कि पालकोट प्रखंड और गुमला शहर की दुर्गाबाड़ी और मालवीय नगर, करौंदी की पूजा को एक ही आयोजन या एक ही स्थापना-इतिहास का हिस्सा नहीं माना जाना चाहिए।

बदलते समय के साथ धार्मिक उत्सव का महत्व

समय के साथ किसी भी धार्मिक आयोजन का स्वरूप बदल सकता है, और उक्त पीढ़ियों की भागीदारी, स्थानीय संसाधन, आयोजन की व्यवस्थाएं और संबंधित लोगों की बदलती जरूरतें पर्वों (त्योहारों ) को एक नया रूप देती हैं। करौंदी में दुर्गा पूजा की निरंतरता भी स्थानीय धार्मिक जीवन में इसके महत्व को दर्शाती है।

हालांकि, करौंदी में शुरुआती वर्षों से लेकर वर्तमान समय तक पंडालों के आकार, बजट, प्रतिमा निर्माण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आयोजन समितियों में हुए बदलावों का क्रमवार प्रमाणित विवरण जुटाना अभी आवश्यक है। पुराने छायाचित्र, समिति की बैठक-पुस्तिकाएं, चंदे के रजिस्टर और स्थानीय समाचार पत्र इस दिशा में उपयोगी स्रोत हो सकते हैं।

सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत

दुर्गा पूजा जैसे पर्व धार्मिक आस्था के साथ – साथ सामाजिक आपसी मेलजोल का अवसर भी बनते हैं। ऐसे आयोजनों में स्थानीय परिवारों, युवाओं, बुजुर्गों और आसपास के गांवों के लोगों की सहभागिता सामुदायिक संबंधों को मजबूत कर सकती है।

करौंदी की दुर्गा पूजा की ऐतिहासिक पहचान को सामने लाने के लिए उन लोगों की भूमिका दर्ज करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा, जिन्होंने वर्षों तक उक्त आयोजन में अपना योगदान दिया और पुराने आयोजकों, पुजारियों, स्थानीय परिवारों और समिति के सदस्यों के साक्षात्कार इस इतिहास को अधिक जीवंत और विश्वसनीय बना सकते हैं।
विरासत को दर्ज करने की जरूरत
मालवीय नगर, करौंदी ग्राम गुमला की दुर्गा पूजा का वर्ष 1953 से चला आ रहा इतिहास गुमला की स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सात दशकों से अधिक पुरानी यह परंपरा क्षेत्र में मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और सामुदायिक सहभागिता की निरंतरता को दर्शाती है।

उक्त विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए केवल पूजा की तिथि और वर्ष दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित संस्थापकों, शुरुआती आयोजनों, पुराने रीति-रिवाजों, आर्थिक सहयोग और समय के साथ आए बदलावों को भी प्रमाणों के साथ संकलित किया जाना चाहिए।

करौंदी की दुर्गा पूजा का संपूर्ण इतिहास तभी अधिक प्रामाणिक रूप में सामने आएगा, जब लिखित अभिलेखों के साथ स्थानीय लोगों की स्मृतियों और पुराने दस्तावेजों को भी सुरक्षित किया जाएगा। यही प्रयास इस धार्मिक परंपरा को गुमला की सांस्कृतिक पहचान के एक स्थायी अध्याय के रूप में स्थापित कर सकता है।

राम भक्तों के लिए

दुर्गा पूजा समितियां तुरंत करें विद्युत कार्यालय से संपर्क, वैध कनेक्शन के बिना बिजली जलाने से बचें

0

न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया__दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों में बिजली की व्यवस्था करने से पहले वैध विद्युत संबंध लेना अनिवार्य है। इसे लेकर सहायक विद्युत अभियंता राजेश बिरुवा, कथारा/गोमिया ने क्षेत्र की सभी दुर्गा पूजा समितियों एवं पंडालों के पदाधिकारियों से विशेष अपील की है कि वे बिना देर किए सहायक विद्युत अभियंता कार्यालय, कथारा/गोमिया से संपर्क करें और पूजा पंडाल के लिए वैध विद्युत कनेक्शन प्राप्त करने की प्रक्रिया पूरी करें।

सहायक विद्युत अभियंता ने स्पष्ट किया कि सभी पूजा समितियां बिजली कनेक्शन के लिए आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी करें और बिना वैध विद्युत संबंध के बिजली का उपयोग बिल्कुल न करें। दुर्गा पूजा के दौरान विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखने के लिए नियमों का पालन करना जरूरी है।
पूजा समिति के पदाधिकारियों से अपील की गई है कि अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए अभी ही संबंधित विद्युत कार्यालय पहुंचकर संपर्क करें तथा वैध कनेक्शन सुनिश्चित करें।

राम भक्तों के लिए

पालकोट, कोनबीर व बसिया में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन होटलों और दुकानों की सघन जांच, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई; छेना के मिठाई बनाने में हाइड्रो-मैदा के साथ अखाद्य (औद्योगिक रंग) के उपयोग पर बरती गई सख्ती

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख- गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा बाजार में शुद्ध व मिलावटमुक्त खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने बसिया, कोनबीर एवं पालकोट में सघन जांच अभियान चलाया। जांच टीम की अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रखंड मुख्यालय समेत आसपास के होटल और किराना व्यवसायियों में दिनभर हड़कंप की स्थिति बनी रही। कई दुकानदार आनन-फानन में अपनी व्यवस्था दुरुस्त करते नजर आए।
यह छापेमारी उपायुक्त गुमला के सख्त निर्देश और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के द्वारा औचक निरीक्षण की गई। अभियान का संयुक्त नेतृत्व खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर, आशा राज ने किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र के सभी होटल और मिष्ठान प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त हिदायत दी कि छेना की मिठाइयां तैयार करते समय किसी भी सूरत में मैदा और हानिकारक एवं औद्योगिक केमिकल हाइड्रो का प्रयोग न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिठाइयों में किसी भी प्रकार की मिलावट या हानिकारक रसायनों एवं अखाद्य (औद्योगिक) रंग का इस्तेमाल जनस्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जाँच टीम ने कई दुकानों व होटलों का औचक निरीक्षण कर स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा मानकों की पड़ताल की: मेसर्स विद्यार्थी मल्टी स्टोर से बिस्किट, मेसर्स श्याम होटल से बेसन लड्डू एवं खोवा बर्फी एवं मेसर्स अपना होटल से रस्क का नमूना संग्रह किया गया।

मेसर्स महतो ढाबा, मेसर्स विद्यार्थी मल्टी स्टोर, मेसर्स अमित स्टोर सहित अन्य स्टोर: इन प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया और संचालकों को स्वच्छता मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने का निर्देश दिया गया एवं खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के पालन नहीं करने पर इनको नोटिस देते हुए मानक पालन करने का 14 दिनों का वक़्त दिया गया है।
टीम ने संचालक को सामग्रियों का तापमान के अनुरूप भंडारण करने तथा सभी कर्मियों द्वारा एप्रन, ग्लव्स और हेडगियर का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने का कड़ा निर्देश दिया।
जाँच के क्रम में विभिन्न ठेला – खोमचा का भी निरीक्षण कर छोला, चाट एवं पकोड़े आदि की जाँच की गई और अखाद्य (औद्योगिक) रंग पाए जाने पर लगभग 6 किलो छोले तत्काल नष्ट कराया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों की सेहत से समझौता करने वाले किसी भी संस्थान/ प्रतिष्ठानों को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह औचक निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

राम भक्तों के लिए

सांसद सुखदेव भगत ने 13 अतिकुपोषित शिशुओं को वितरित किया पौष्टिक आहार

0

गुमला न्यूज ब्यूरो प्रमुख- गणपत लाल चौरसिया

हिंडालको की सीएसआर पहल एवं जिला समाज कल्याण विभाग के समन्वय से कुपोषण उन्मूलन की दिशा में पहल

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में हिंडालको इंडस्ट्रीज लिमिटेड, माइंस डिवीजन लोहरदगा की सीएसआर पहल के तहत जिला समाज कल्याण विभाग, गुमला द्वारा गुमला सदर क्षेत्र के 13 अतिकुपोषित शिशुओं को पौष्टिक आहार वितरित किया गया। इस दौरान लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत ने शिशुओं को पौष्टिक आहार प्रदान किया तथा बच्चों के समुचित पोषण एवं स्वास्थ्य देखभाल पर जोर दिया।

सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि कुपोषण दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। बच्चों को समय पर पौष्टिक आहार एवं उचित देखभाल उपलब्ध कराना स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी आरती कुमारी, हिंडालको के क्लस्टर हेड प्रदीप भालेकर, सीएसआर हेड नीरज कुमार एवं सीएसआर अधिकारी मनोज कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए
IIT - Polo Tshirt - Premium