गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया
स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं आंगनवाड़ी सेवाओं को प्राथमिकता, लंबित कार्यों को एक सप्ताह में शुरू करने के निर्देश
गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार चंदाली में आज जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया। उपायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी विभाग अपने-अपने प्रतिवेदन में उन बिंदुओं को स्पष्ट रूप से उल्लेखित करें, जहां अन्य विभागों के साथ समन्वय की आवश्यकता है, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तेज एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान स्वास्थ्य विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गहन समीक्षा की गई। वैक्सीनेशन अभियान के तहत स्कूल जाने वाले बच्चों को विद्यालय स्तर पर टीकाकरण सुनिश्चित करने हेतु जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को बच्चों एवं अभिभावकों को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही टीकाकरण को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने हेतु प्रभावी वीडियो एवं जागरूकता सामग्री तैयार कर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने हेतु एएनसी जांच में तेजी लाने तथा एमटीसी केंद्रों में अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को भर्ती करने एवं वहां गुणवत्तापूर्ण खान-पान व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जारी प्रखंड स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रयास करने को कहा गया।
उपायुक्त ने जिले में लंबित स्वास्थ्य अवसंरचना कार्यों की समीक्षा करते हुए पीएचसी एवं एचएससी भवनों के लंबित कार्यों को एक सप्ताह के भीतर प्रारंभ करने का सख्त निर्देश दिया। भूमि विवाद से संबंधित मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। सकतार क्षेत्र में ममता वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नियमित रूप से ब्लड डोनेशन कैंप एवं आयुष्मान भारत कैंप आयोजित करने तथा थैलेसीमिया से ग्रसित बच्चों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों एवं सीएचसी में सीसीटीवी कैमरा को सक्रिय रखने पर बल दिया गया।
आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन केंद्रों को शीघ्र पूर्ण करने तथा किराये के भवनों में संचालित केंद्रों को निकटवर्ती विद्यालयों में स्थानांतरित कर बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। विद्यालय भवनों के मरम्मत कार्य के साथ समेकित रूप से आंगनवाड़ी संचालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा, आंगनवाड़ी एवं स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आम जनता से जुड़ी हुई हैं, अतः इन क्षेत्रों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभाग प्राथमिकता के आधार पर कार्य सुनिश्चित करें।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नगर परिषद को निर्देशित किया गया कि शहरी क्षेत्रों में सभी जल स्रोतों को दुरुस्त करते हुए निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। आगामी गर्मी एवं ड्राई जोन की स्थिति को देखते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा खराब जलमीनारों एवं ट्रांसफार्मरों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान चिन्हित विभिन्न विभागों के अधूरे कार्यों की सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराते हुए शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। कृषि एवं उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन एवं बागवानी योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 की ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
भूमि संरक्षण विभाग को सभी जल स्रोतों – वाटर बॉडी के विकास हेतु समेकित योजना तैयार करने तथा मत्स्य पालन (फिश ब्रिडिंग) को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। स्वयं सहायता समूहों ( सीएचजी ) के गठन एवं उन्हें आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया।
मौके पर भूमि संरक्षण पदाधिकारी आशीष प्रताप के द्वारा कृषि से जुड़े कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लाने हेतु समन्वयक प्रयास हेतु एक योजना के बारे में प्रेजेंटेशन दिया गया ,जिसमें यह उल्लेखित था कि सभी विकास आपसी समन्वय से किस प्रकार सही लाभुकों तक योजनाओं को आसानी से पहुंचा सकते हैं। जिसकी उपायुक्त द्वारा सराहना की गई।एवं सम्बन्धित को इंप्लीमेंट करने के भी निर्देश दिए।
प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने क्षेत्र में योजनाओं की पूरी जानकारी रखते हुए किसानों को मत्स्य पालन, पशुपालन एवं अन्य आजीविका योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया। कन्वर्जेंस प्लान 2026-27 के तहत विभिन्न विभागों के समन्वय से लाभुकों को समय पर लाभ उपलब्ध कराने हेतु एकीकृत योजना बनाने को कहा गया।
इसके अतिरिक्त आइटीडीए , समाज कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, आपूर्ति, कृषि, भूमि संरक्षण, उद्यान, पशुपालन, गव्य विकास, मत्स्य, एवं शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों की भी समीक्षा की गई। पंचायत भवनों के सौंदर्यीकरण, प्रखंड कार्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई तथा कार्य संस्कृति में सुधार लाने पर भी जोर दिया गया।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि आपसी सहयोग से जिले की समग्र रैंकिंग में सुधार लाया जा सकता है। साथ ही आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए सभी को स्व-गणना के प्रति जागरूक करने एवं स्वयं भी इसमें भाग लेने की अपील की।
बैठक में अपर समाहर्ता, निदेशक डीआरडीए, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी (गुमला, बसिया, चैनपुर), भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी,जिला योजना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी,, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
