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Thursday, July 2, 2026
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जैक बोर्ड परीक्षा 2026 में ऐतिहासिक सफलता पर गुमला में भव्य सम्मान समारोह आयोजित

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गुमला (ब्यूरो प्रमुख ) – गणपत लाल चौरसिया

माध्यमिक एवं इंटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन से गुमला ने राज्य में लहराया परचम

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गुमला जिले के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किए जाने के उपलक्ष्य में सोमवार, 11 मई 2026 को नगर भवन, गुमला में भव्य सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया।

इस वर्ष गुमला जिले ने जैक बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए माध्यमिक स्तर पर राज्य में प्रथम स्थान, इंटर कला संकाय में प्रथम स्थान, विज्ञान संकाय में द्वितीय स्थान तथा वाणिज्य संकाय में तृतीय स्थान प्राप्त कर पूरे राज्य में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो सहित जिले के सभी वरीय प्रशासनिक एवं शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह के दौरान माध्यमिक परीक्षा में राज्य स्तरीय सेकेंड टॉपर रहे विद्यार्थियों, जिला स्तर पर टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 310 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला अंतर्गत टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले कुल 40 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें कला संकाय के 16 विद्यार्थी, वाणिज्य संकाय के 11 विद्यार्थी तथा विज्ञान संकाय के 13 विद्यार्थी शामिल रहे।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के मैट्रिक परीक्षा में टॉप-3 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की मेधावी छात्राओं तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के विशेष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इन विद्यालयों में एकल अभिभावक, अनाथ, अनुसूचित जनजाति, आदिम जनजाति, अभिवंचित वर्ग एवं सामाजिक रूप से वंचित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।

समारोह में शत – प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 100 से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, बोर्ड परीक्षा विजय अभियान में योगदान देने वाले लगभग 70 शिक्षकों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग टीम, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यरत कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

*उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने अपने संबोधन में कहा* कि गुमला जैसे अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अत्यंत गर्व की बात है और यह उपलब्धि एक दिन की नहीं बल्कि वर्षों के सतत प्रयास, सुनियोजित रणनीति और टीम वर्क का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पूर्व उपायुक्तों के नेतृत्व में “शिक्षा कर भेंट अभियान” एवं “बोर्ड परीक्षा विजयी अभियान” के तहत प्रारंभिक स्तर पर मंथन कर रणनीति तैयार की गई थी , जिसके अंतर्गत अनुभवी शिक्षकों एवं अधिकारियों की कोर टीम का गठन कर निरंतर मॉनिटरिंग, विद्यालयों का निरीक्षण, मॉक टेस्ट, रेमेडियल कक्षाएं तथा संचालित किया गया।

उन्होंने आगे कहा कि इस सफलता में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रशासन सभी की समान भूमिका रही है और अब सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को निरंतर बनाए रखना है। उन्होंने विद्यार्थियों को समर्पण, दृढ़ संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि यही तीन गुण जीवन में सफलता सुनिश्चित करते हैं।

*अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक* ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन के वास्तविक नायक छात्र-छात्राएं हैं, जिनकी मेहनत के कारण आज पूरा जिला गौरवान्वित हो रहा है। उन्होंने कहा कि सम्मान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, किंतु उसे बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझते हुए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा कहा कि हर बच्चा प्रतिभाशाली होता है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन की होती है।

*सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा* कि शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना कोई भी सफलता संभव नहीं है और निरंतर परिश्रम तथा अनुशासन ही वास्तविक सफलता की पहचान है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा स्वास्थ्य जागरूकता के तहत सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु वैक्सीनेशन की जानकारी भी दी।

*डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार ने कहा कि* पिछले वर्ष के अनुभवों से सीख लेकर बेहतर रणनीति बनाई गई, जिसका परिणाम इस वर्ष सामने है। उन्होंने कहा कि हर बच्चा प्रतिभावान होता है, अंतर केवल सोच और पढ़ाई के तरीके में होता है तथा सही लक्ष्य निर्धारण और दिशा मिलने पर कोई भी छात्र सफलता प्राप्त कर सकता है।

*एसडीओ सदर राजीव नीरज ने* विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने वर्तमान में सफलता प्राप्त की है, उसी प्रकार भविष्य में भी लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास जारी रखें।

*एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी ने कहा* कि यह उपलब्धि सभी की सामूहिक मेहनत और सटीक रणनीति का परिणाम है और आगे भी इसी प्रकार प्रयास जारी रखे जाएंगे।

*जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खालको ने कहा* कि गुमला जिले की यह सफलता किसी संयोग का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है। उन्होंने बताया कि नियमित मॉक टेस्ट, रेमेडियल कक्षाएं, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, प्रश्नपत्र निर्माण तथा कोर कमिटी द्वारा दैनिक अभ्यास जैसे प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास से ही प्राप्त हुई है।

कार्यक्रम में उपायुक्त गुमला, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन गुमला, डीसीएलआर, एसडीओ सदर, एसडीओ चैनपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी , जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

यह सम्मान समारोह गुमला जिले की सामूहिक प्रतिबद्धता, रणनीतिक योजना और शिक्षा के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वित प्रयासों से उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है।

राम भक्तों के लिए

कामडारा प्रखंड के गरई गांव में उपायुक्त ने ड्रैगन फ्रूट खेती का किया निरीक्षण, महिला किसान की पहल की सराहना

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कामडारा प्रखंड के भ्रमण के क्रम में गरई (सोनाटोली) गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रगतिशील महिला किसान रेशमा केरकेट्टा एवं अमित केरकेटा द्वारा की जा रही ड्रैगन फ्रूट की खेती का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने खेत में लगाए गए ड्रैगन फ्रूट के पौधों का अवलोकन करते हुए खेती की पूरी प्रक्रिया, लागत एवं आय के बारे में विस्तृत जानकारी ली। महिला किसान द्वारा बताया गया कि उन्होंने लगभग डेढ़ एकड़ भूमि में ड्रैगन फ्रूट की खेती की है, जिसमें कुल 5,15 पौधे लगाए गए हैं। इस खेती के लिए पौधे तेलंगाना से लाए गए थे और वर्तमान में इसे दो अलग-अलग प्लॉट में विकसित किया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि ड्रैगन फ्रूट का उत्पादन स्थानीय स्तर पर ही आसानी से बिक जाता है और उन्हें बाजार की कोई विशेष समस्या नहीं होती। उन्होंने जानकारी दी कि इस खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 6 से 7 लाख रुपये तक की आय हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

उपायुक्त ने महिला किसान की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र के अन्य किसानों, विशेषकर महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इस प्रकार की उन्नत एवं आयवर्धक खेती को प्रोत्साहित करने हेतु अन्य किसानों को भी प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि जिले में परंपरागत खेती के साथ-साथ वैकल्पिक एवं उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ड्रैगन फ्रूट जैसी खेती से जुड़े मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार दिया जाएगा।

राम भक्तों के लिए

शादी समारोह में मारपीट के बाद युवक की मौत, एक आरोपी गिरफ्तार

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

करंज थाना पुलिस ने कार्रवाई कर आरोपी को भेजा जेल

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित भरनो प्रखंड के करंज थाना क्षेत्र के दतिया गांव में शादी समारोह के दौरान हुई मारपीट और युवक की मौत मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर गुमला जेल भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान पालकोट थाना क्षेत्र के चैनपुर कोनसलता गांव निवासी अशोक कुमार सिंह (25 वर्ष) के रूप में हुई भरनो गुमला जिला है। पुलिस ने उसे करंज थाना कांड संख्या 03/26 दिनांक 5 मई 2026 के अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार 3 मई को दतिया गांव निवासी फुलेद्र सिंह की बेटी की शादी थी। इस समारोह में पालकोट प्रखंड के चैनपुर बुज्जीटोली गांव से बारात पहुंची थी। जयमाला कार्यक्रम के दौरान

दोनों पक्षों के युवकों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई।

बताया जाता है कि बाद में लड़की पक्ष के संतोष कुमार सिंह जब कुर्सी लाने गए थे, तभी कुछ बाराती युवकों ने उन्हें अकेला पाकर बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो

गए। परिजनों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से बेहतर इलाज के लिए रिम्स रांची रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद शादी का माहौल मातम में बदल गया और बारात बिना शादी संपन्न हुए वापस लौट गई। मामले में लड़की पक्ष ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान अशोक कुमार सिंह की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करंज थाना पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

राम भक्तों के लिए

गोमिया में एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर सीपीआई(एम) का प्रदर्शन, आंदोलन की चेतावनी

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न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया_भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) गोमिया प्रखंड कमेटी के नेतृत्व में रविवार को गोमिया रेलवे स्टेशन परिसर में विभिन्न एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “गोमिया रेलवे स्टेशन के साथ सौतेला व्यवहार बंद करो”, “गोमिया में एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू करो” जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन के बाद पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने गोमिया रेलवे स्टेशन प्रबंधक को धनबाद रेल मंडल प्रबंधक के नाम 13 सूत्री मांग पत्र सौंपा।


कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे पार्टी के गोमिया प्रखंड सचिव सह बोकारो जिला कमेटी सदस्य राकेश कुमार ने कहा कि गोमिया रेलवे स्टेशन से होकर चार एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन उनका ठहराव यहां नहीं होने से क्षेत्र की जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इन ट्रेनों के ठहराव और नई ट्रेनों की मांग को लेकर पार्टी की ओर से 17 अप्रैल को भी मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन अब तक रेल मंडल प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है।
राकेश कुमार ने कहा कि पुनः 13 सूत्री मांगों को लेकर स्मार पत्र सौंपा गया है। यदि जल्द ही मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं किया गया और एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं हुआ, तो पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि गोमिया की जनता को साथ लेकर रेलवे स्टेशन पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस मौके पर पार्टी के जिला कमेटी सदस्य विनय महतो, अजय कुमार नायक, शंकर प्रजापति, केशु कुमार, भोला स्वर्णकार, सहदेव महतो, अजय कुमार, अख्तर अंसारी, रूपेश कुमार, संतोष कुमार, सुगन यादव, मनोज प्रजापति, चमन प्रजापति, लोकनाथ ठाकुर, रोहित पासवान, टेकलाल गोस्वामी समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

वर्तमान राजनीति इतनी दूषित हो गई है की सिर्फ़ एक अदद कुर्सी को हारने-जीतने के डर से, समूचे विचारधारा की ही तिलांजलि दे दी जाती है. एक कुर्सी जीतने की  ललक में अपना सर्वस्व यथा-तन-मन धन, मान-सम्मान, आत्मसम्मान औऱ विचारधारा तक को नेताओं के आगे समर्पण कर देना मामूली बात है.

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अपने जमाने के लोकप्रिय सुनहरे पर्दे के नायक अभी तक किसी संवैधानिक पद पर सुशोभित नहीं हुए हैं. मिथुन दा के नाम से प्रसिद्ध वे बचपन में नक्सली विचारधारा के हुआ करते थे. कुछ वर्षों में वह पुलिस की लिस्ट में इनामी बदमाश हो गए थे, लेकिन इसी बीच इनके भाई की करंट लगने के कारण मौत हो गई जिससे उन्हें नक्सली मार्ग छोड़कर वापस घर लौटना पड़ा.

इसके बाद इन्होंने मार्शल आर्ट सीखी और फिर फिल्मी दुनिया में चले गए. अपने पूरे फिल्मी कैरियर के दरमियान वह वामपंथी विचारधारा के ही रहे. भले ही वह फिल्मों में थे, लेकिन ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य जैसे वाम मुख्यमंत्रियों से उनका सीधा औऱ बड़ा ही आत्मीय संबंध रहा.

राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते वामपंथी नेताओं से मनमुटाव बढ़ने की खबरें चली और वामपंथ के ढलते साम्राज्य की भनक को भांपते हुए इन्होंने ममता बनर्जी  की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा और वहां से सीधे राज्यसभा सांसद बन गए.

इसी बीच इनका नाम प्रसिद्ध शारदा चिट फंड घोटाले में आ गया. फिर बचने के लिए उन्हें भाजपा का दामन थामना पड़ा. जैसे नये मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी को करना पड़ा था. यह जांच एजेंसियों से मुक्ति पाने का शार्टकट रास्ता है. इसके बाद इन्हें टास्क दिया जाता है कि जितना हिंदू-मुस्लिम करोगे. भाजपा में कद-काठी बढ़ती जाएगी. और फिर ये मंत्री-मुख्यमंत्री बना दिये जाते हैं. इससे पहले जांच कार्य पूरी तरह से रूक जाता है. ऐसे बीसियों उदाहरण हैं.

आज भले-ही मिथुन दा भाजपा में है, लेकिन सिर पर पहनी चेग्वरा स्टाइल की मार्का टोपी बताती है कि विचारधारा कभी नहीं मरती फिर चाहे वह कोई दक्षिणपंथी हो या वामपंथी असल अक्स किसी ना किसी रूप में जाने-अनजाने झलक ही जाती है.

बात सिर्फ़ एक मिथुन चक्रवर्ती तक ही सिमटी हुई नहीं है बल्कि शारदा-नारदा समेत सैंकड़ों ऐसे उदाहरण हैं, जहां स्कैम करनेवाले अन्य दलों के भ्रष्टाचारी आरोपी आज सीधे तौर पर भाजपा के दुलरुआ बनकर बनकर राज भोग रहे हैं. कल तक ये कहीं औऱ थे, आज कहीं औऱ हैं औऱ आनेवाले समय में कहां होंगे, इसकी कोई गारंटी नहीं है.

वर्तमान राजनीति में अगर विचारधारा की बात करें, तो दक्षिणपंथी विचारधारा की जननी कही जानेवाली भाजपा की कोई विचारधारा नहीं रही. भाजपा का चाल-चरित्र और चेहरा पर अब कोई भाजपाई बात करते हुए नहीं दिखेगा.

दरअसल, भाजपा में दरी बिछानेवाले हजारों कार्यकर्ता अब इन्हीं के सहारे अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं. क्योंकि इनके पास कोई चारा नहीं है. ये बिना किसी सवाल-जवाब औऱ तर्क-वितर्क के पार्टी का झंडा ढोए जा रहे हैं. ये अपनी नियति मान चुके हैं. कार्यकर्ताओं को कुछ पैसे देकर मारपीट करवाना, अगलगी की घटना को अंजाम देना और अराजकता फैलाने के टास्क को पूरा करना इनकी ड्यूटी है.  

चुनाव के दौरान दूसरी पार्टियों के भ्रष्ट या दागदार चेहरों पर भाजपा डर दिखाकर ब्लेकमेल करना इनका चरित्र बन चुका है. यही इनकी चाल-ढाल है. दिलचस्प बात ये है कि पिछले 12 साल में जितने भी ईडी-सीबीआई के छापे से परेशान रहे भ्रष्ट नेताओं ने भाजपा की शरण ली. उनके सभी दाग धुल गए. केस की फाइल बंद. कभी आपने सुना की जितने भी दूसरी पार्टी छोड़ा भाजपा में समा गए, उनके खिलाफ कभी जांच एजेंसियों ने समन भेजा? या कभी कानूनी कार्रवाई की? न्यायपालिका भी चुप्पी साध लेती है. आज के दौर में सबकुछ मैनेजेबुल है.

राम भक्तों के लिए

जतरा हमारी सांस्कृतिक आत्मा के साथ जल, जंगल और जमीन की रक्षा का भी संकल्प है : शिल्पी नेहा तिर्की

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रांची : 21 पाड़हा जेठ जतरा, टेंगरिया (बेड़ो) में रविवार को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस ऐतिहासिक एवं पारंपरिक आयोजन में शामिल होकर मन अत्यंत गौरव, आत्मीयता और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहरे जुड़ाव की अनुभूति से भर उठा।

उन्होंने कहा कि जेठ जतरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारे पुरखों की अमूल्य धरोहर, हमारी पहचान और हमारी सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत प्रतीक है। सदियों से चली आ रही पाड़हा व्यवस्था, हमारी परंपराएं, रीति-रिवाज और सामुदायिक एकता आज भी हमें अपनी जड़ों से जोड़े हुए हैं तथा हमारी विशिष्ट आदिवासी पहचान को सशक्त बना रहे हैं।

ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाकर लोगों का मनोबल बढ़ाना जरूरी

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस पावन अवसर पर विभिन्न गांवों से आए खोड़हा दलों ने पारंपरिक वेशभूषा, ढोल-नगाड़ों, लकड़ी के घोड़ों, झंडों एवं मनमोहक लोकनृत्यों के माध्यम से जो सांस्कृतिक छटा प्रस्तुत की, वह अत्यंत अद्भुत, जीवंत और हृदयस्पर्शी थी। यह दृश्य हमारी समृद्ध आदिवासी संस्कृति की जीवंतता, गौरवशाली विरासत और सामूहिक चेतना का प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में गांवों के लोग ही ऐसे पारंपरिक आयोजनों के माध्यम से हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। जतरा केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जल, जंगल और जमीन की रक्षा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी है कि वे ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाकर लोगों का मनोबल बढ़ाएं, उनकी परंपराओं का सम्मान करें और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित पहुंचाने में सहभागी बनें।

इस अवसर पर उप प्रमुख मोदशिर हक, अजीत तिर्की, रोशन तिर्की, फ़हीमुल हक, शम्भू बैठा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

राम भक्तों के लिए

पंचायत सचिव के निधन पर प्रखंड मुख्यालय में शोक सभा आयोजित, अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया _गोमिया प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में पंचायत सचिव के आकस्मिक निधन पर शनिवार को शोक सभा आयोजित की गई। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो एवं अंचल अधिकारी आफताब आलम सहित प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

शोक सभा को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी महादेव कुमार महतो ने कहा कि पंचायत सचिव का निधन प्रशासनिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दिवंगत कर्मी अपने कर्तव्यों के प्रति बेहद ईमानदार, कर्मठ और जिम्मेदार थे। उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।

वहीं अंचल अधिकारी आफताब आलम ने अपने वक्तव्य में कहा कि पंचायत सचिव का व्यवहार सभी के प्रति सौम्य और सहयोगात्मक था। वे हमेशा जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देते थे। उनके निधन से पूरे प्रखंड परिवार में शोक की लहर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनके अधूरे कार्यों और सपनों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेगा।

इस अवसर पर बीपीओ आशीष रंजन ने कहा कि दिवंगत पंचायत सचिव एक समर्पित कर्मचारी थे, जिन्होंने अपने कार्यकाल में कई विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका निधन हम सभी के लिए व्यक्तिगत और प्रशासनिक क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

शोक सभा में प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कई अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित

राम भक्तों के लिए

विष्णुगढ़ के प्रवासी मजदूर की कर्नाटक में मौत, परिवार में मचा कोहराम

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया_ झारखंड से रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों और विदेशों में जाने वाले प्रवासी मजदूरों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत मडमो निवासी स्वर्गीय धनी महतो के 36 वर्षीय पुत्र खेमलाल महतो की कर्नाटक में शुक्रवार को मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बताया जाता है कि खेमलाल महतो पिछले नवंबर 2025 में काम करने के लिए कर्नाटक गए थे, जहां मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। शुक्रवार को अचानक उनकी मौत की खबर गांव पहुंची, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।

मजदूर हितों के लिए काम करने वाले सिकन्दर अली मडमो पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मिले और अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि झारखंड के प्रवासी मजदूरों की दूसरे राज्यों और विदेशों में लगातार मौत हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि रोजगार की कमी के कारण बड़ी संख्या में मजदूर पलायन करने को मजबूर हैं और आये दिन किसी न किसी प्रवासी मजदूर की मौत की खबर सामने आ रही है।

सिकन्दर अली ने बताया कि बोकारो जिले के प्रवासी मजदूर मनोज कुमार महतो की करीब एक महीने पहले दुबई में मौत हो गई थी, लेकिन अब तक उनका शव दुबई में ही पड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा, सहायता और पलायन रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग की।

इधर, खेमलाल महतो की मौत के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन शव को गांव लाने की मांग कर रहे हैं।

राम भक्तों के लिए

कथारा ओपी द्वारा स्कूली बच्चों को दी साइबर सुरक्षा व ट्रैफिक नियमों की जानकारी, बांटी खेल सामग्री

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया_कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम के तहत शनिवार को बोकारो जिला के कथारा ओपी थाना पुलिस द्वारा मॉडर्न पब्लिक स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ओपी थाना प्रभारी राजेश प्रजापति के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली बच्चों और शिक्षकों को विभिन्न कानूनी एवं सुरक्षा संबंधी जानकारियां दी गईं।

कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी ने डायल 112 की उपयोगिता, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, पॉक्सो एक्ट, साइबर अपराध से बचाव तथा सड़क सुरक्षा नियमों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। वहीं साइबर ठगी या ऑनलाइन फ्रॉड होने पर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।

इस दौरान बच्चों को गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक करते हुए पॉक्सो एक्ट की जानकारी भी दी गई। साथ ही बोकारो पुलिस की ओर से थाना प्रभारी राजेश प्रजापति ने बच्चों के बीच खेल सामग्री का वितरण किया।

सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट दोपहिया वाहन नहीं चलाना चाहिए, तेज गति से वाहन चलाने से बचना चाहिए तथा सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।

थाना प्रभारी ने कहा कि कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना तथा लोगों को कानून के प्रति जागरूक बनाना है।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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पिट्स मॉडर्न में 165वीं रवींद्र जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

“मोनो मोर मेघेर संगी” से गूंजा विद्यालय का सभागार

गोमिया : विश्वकवि रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती शनिवार को पिट्स मॉडर्न स्कूल में कला, साहित्य और संस्कृति के संगम के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, वक्तव्य और मंच संचालन के माध्यम से गुरुदेव को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के समन्वयकों द्वारा विद्यालय परिसर में स्थापित गुरुदेव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण कर तथा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के सभागार में आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में समन्वयकगण, शिक्षकगण तथा कक्षा सप्तम एवं अष्टम के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा अष्टम ‘अ’ की छात्रा सिद्धि के ओजस्वी वक्तव्य से हुई। “गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर” विषय पर बोलते हुए उसने कहा कि, “गुरुदेव ने ‘गीतांजलि’ के माध्यम से विश्व को भारतीय आत्मा से परिचित कराया। उनका मानना था कि शिक्षा प्रकृति की गोद में होनी चाहिए।”

इसके बाद कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से रवींद्र संगीत “मम् चित्ते नीति नृत्ये के जे नाचे” प्रस्तुत किया, जिससे पूरा सभागार संगीतमय हो उठा। वहीं कक्षा आठवीं के छात्र-छात्राओं ने गुरुदेव के प्रसिद्ध रवींद्र संगीत “मोनो मोर मेघेर संगी” पर मनमोहक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। बंगाली वेशभूषा में सजे विद्यार्थियों की भाव-भंगिमा और लयबद्ध प्रस्तुति ने शांति निकेतन जैसा वातावरण निर्मित कर दिया।

पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन कक्षा आठवीं ‘ब’ की छात्रा प्रज्ञा सिंह ने कुशलतापूर्वक किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सांस्कृतिक विभाग के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

विद्यालय के शिक्षक बृजमोहन लाल दास ने कहा कि, “टैगोर जी का गीत ‘मोन मोर मेघेर संगी’ हमें सिखाता है कि मनुष्य और प्रकृति एक-दूसरे के पूरक हैं। कक्षा आठवीं के बच्चों ने गीत, नृत्य और सिद्धि के वक्तव्य के माध्यम से गुरुदेव के दर्शन को जीवंत कर दिया। यही पिट्स मॉडर्न की शिक्षा का लक्ष्य है — कला के साथ ज्ञान।”

विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अरिंदम दास गुप्ता ने कहा कि, “रवींद्रनाथ टैगोर ने ‘गीतांजलि’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर प्रतिष्ठित किया। ‘मोन मोर मेघेर संगी’ जैसी रचनाएँ प्रकृति और मानव मन का अद्भुत सेतु हैं। आज विद्यार्थियों ने सिद्ध कर दिया कि गुरुदेव के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।”

विद्यालय समिति के एमसीएम अभिषेक बिश्वास ने कहा कि, “टैगोर केवल नोबेल पुरस्कार विजेता नहीं थे, बल्कि एक महान शिक्षाविद् भी थे। शांति निकेतन की स्थापना कर उन्होंने आनंदपूर्ण शिक्षा की अवधारणा को बढ़ावा दिया। आज के कार्यक्रम ने यह विश्वास और मजबूत किया कि नई पीढ़ी उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएगी।”

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

राम भक्तों के लिए
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