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Friday, July 3, 2026
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वनरक्षी पर मनमानी करने और फर्जी केस में दो भाइयों को जेल भेजने का आरोप लगाया गया है

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 गुमला ब्यूरो प्रमुख गणपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित रायडीह प्रखंड की टुडूरूमा गाँव निवासी राजकुमारी ने गुमला पुलिस अधीक्षक को एक लिखित आवेदन देकर वनरक्षी एतवा सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगायी हैं। राजकुमारी ने शिकायत की है कि वनरक्षी ने रंजिश के चलते उनके दो भाइयों, तिजु मुंडा और चमरू मुंडा, को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया है। पीड़िता के अनुसार घर में आयोजित शादी समारोह के लिए वे कार्ड बांट रही थीं। इसी दौरान उन्होंने एक पेड़ के नीचे अपनी बाइक खड़ी की थी। वापस लौटने पर बाइक गायब मिली। पूछताछ करने पर पता चला कि वनरक्षी एतवा सिंह ने टांगी की नोक से लॉक तोड़कर बाइक जब्त कर ली है। जब राजकुमारी और उनके भाई बाइक मांगने वनरक्षी के पास गए, तो उसने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। बाद में, वनरक्षी ने कथित तौर पर जंगली जानवर और लकड़ी से संबंधित फर्जी मामला दर्ज कर दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया, राजकुमारी ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे न्याय की गुहार लेकर वन विभाग के कार्यालय पहुंचीं, तो वहां दोनों भाइयों को छोड़ने का झांसा देकर उनसे सादे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए गए, राजकुमारी ने स्पष्ट किया कि उनके भाइयों का पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा है। आवेदन में कहा गया है कि वनरक्षी एतवा सिंह अपने पद का दुरुपयोग कर पूरे गांव में आतंक फैला रहा है और आए दिन ग्रामीणों के साथ अत्याचार करता रहता है। राजकुमारी ने गुमला एसपी से उक्त मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और अपने भाइयों को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

राम भक्तों के लिए

प्रार्थना सभा से सभागार तक: पिट्स मॉडर्न स्कूल में दिखा प्रतिभा का अनोखा संगम

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया_

पिट्स मॉडर्न School, Gomia में सोमवार को सह-शैक्षणिक गतिविधियों (CCA) के अंतर्गत आयोजित अंतर-खंडीय समूह नृत्य एवं अंतरसदनीय फोटोग्राफी प्रतियोगिता ने विद्यालय परिसर को प्रतिभा, उत्साह और रचनात्मकता से भर दिया। कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ, जिसमें प्राथमिक से लेकर पूर्व माध्यमिक वर्ग तक के विद्यार्थियों ने अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत प्राथमिक वर्ग के बच्चों की समूह नृत्य प्रतियोगिता से हुई। कक्षा प्रथम और द्वितीय के विद्यार्थियों ने प्रार्थना सभा में अपनी प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया, जबकि कक्षा तृतीय से पंचम तक की प्रतियोगिता विद्यालय के सभागार में आयोजित की गई।

इस वर्ष प्रतियोगिता की थीम “डांस थ्रू एराज़” रखी गई थी, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने विभिन्न युगों की नृत्य शैलियों को मंच पर जीवंत किया। शास्त्रीय, लोक और आधुनिक नृत्य रूपों का मिश्रण दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने न केवल ताल और लय का प्रदर्शन किया, बल्कि टीमवर्क और आत्मविश्वास का भी परिचय दिया।

कक्षा प्रथम में प्रथम ‘द’ ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि प्रथम ‘स’ दूसरे और प्रथम ‘ब’ तीसरे स्थान पर रहा। कक्षा द्वितीय में द्वितीय ‘अ’ विजेता बना, वहीं द्वितीय ‘स’ दूसरे स्थान पर रहा। द्वितीय ‘ब’ और द्वितीय ‘द’ ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया।

सभागार में आयोजित कक्षा तृतीय से पंचम की प्रतियोगिता का विषय पश्चिमी और शास्त्रीय नृत्य का मिश्रण था। विद्यार्थियों ने कत्थक, भरतनाट्यम, हिप-हॉप और समकालीन नृत्य के संयोजन से प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं। निर्णायक मंडल ने ताल, भाव, परिधान और प्रस्तुति शैली के आधार पर विजेताओं का चयन किया।

कक्षा तृतीय में तृतीय ‘ब’ प्रथम, तृतीय ‘अ’ द्वितीय और तृतीय ‘स’ तृतीय स्थान पर रहा। कक्षा चतुर्थ में चतुर्थ ‘अ’ विजेता बना, जबकि चतुर्थ ‘ब’ और ‘द’ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। चतुर्थ ‘स’ को तीसरा स्थान मिला। कक्षा पंचम में पंचम ‘स’ प्रथम, पंचम ‘अ’ और ‘ब’ संयुक्त रूप से दूसरे तथा पंचम ‘द’ तीसरे स्थान पर रहा।

इसी क्रम में कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय विद्यालय परिसर एवं आसपास की प्राकृतिक सुंदरता था। बच्चों ने विद्यालय के हरे-भरे मैदान, लाइब्रेरी कॉर्नर, प्रार्थना सभा और गोमिया की प्राकृतिक छटा को कैमरे में कैद कर अपनी रचनात्मक दृष्टि का परिचय दिया।

जूनियर वर्ग में अशोक हाउस के सौरिश सिन्हा प्रथम, मगध हाउस के प्रणीत कुमार पासवान द्वितीय तथा अशोक हाउस की समृद्धि रॉय तृतीय स्थान पर रहीं। सीनियर वर्ग में वैशाली हाउस के पियूष राज ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि अशोक हाउस के अभिनव कश्यप दूसरे स्थान पर रहे। वैशाली हाउस की नव्या यादव और विक्रम हाउस के आदित्य कुमार ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम का संचालन सीसीए विभाग की देखरेख में श्रीमती स्वीटी भाटिया, श्रीमती पूजा मेहता और श्री अमित कुमार सिन्हा द्वारा किया गया। निर्णायक मंडल में श्रीमती नीलांजना दासगुप्ता, श्रीमती प्रिया सिन्हा, श्रीमती नंदिता भट्टाचार्य, श्रीमती शिल्पी श्रीवास्तव और अशोक कुमार शामिल रहे।

विद्यालय के प्राचार्य श्री बृजमोहन लाल दास ने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, संस्कृति और रचनात्मकता भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष श्री अरिंदम दासगुप्ता ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के मंच विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर देते हैं। वहीं आईईपीएल (ओरिका) गोमिया के एमसीएम श्री अभिषेक विश्वास ने बच्चों की ऊर्जा और समर्पण की प्रशंसा करते हुए इसे प्रेरणादायक बताया।

कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा केवल मंच तक सीमित नहीं होती, बल्कि सही अवसर मिलने पर हर बच्चा अपनी अलग पहचान बना सकता है।

राम भक्तों के लिए

हे चुनाव आयोग के प्रभु जी…! आप पर चाणक्य-चन्द्रगुप्त ने इतना भरोसा किया है, तो इसका सुफल भी इन्हें दे देना…!

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दीदी ने तो ‘फोटोकापी चाणक्य’ को दिन-रात एसी में पसीना बहाने के लिए मजबूर कर दिया…क्या चार मई को उनकी चाणक्यगिरी सुरक्षित रहेगी….या दिल्ली वापसी करेगी…?

बिना शिखा और बिना जनेऊ के आधुनिक चाणक्य जी अपने चन्द्रगुप्त मौर्य जी को पश्चिम बंगाल की विजयश्री भेंट करना चाहते थे, मगर तमाम हिकमतों के बावजूद जब उन्होंने देखा कि पहले चरण में 92.9 प्रतिशत मतदान हो चुका है और उन्होंने ज्यादा वोट दिए हैं, जिन्हें रोकने के लिए सबसे मजबूत किलेबंदी की गई थी तो उनकी सिट्टी और पिट्टी दोनों गुम है बल्कि गिट्टी भी गुम है। उनकी चाणक्यगिरी पर खतरा मंडरा रहा है। फिर भी उन्हें चुनाव आयोग पर पूरा भरोसा है कि वह 23 और 29 अप्रैल की बंपर वोटिंग के बाद भी कुछ ऐसा कमाल दिखाएगा कि चार मई को सब दंग रह जाएंगे। उनकी चाणक्यगिरी सुरक्षित रहेगी।

उनका प्लान यह सिद्ध करने का था कि उनका राजा चन्द्रगुप्त मौर्य हो न हो मगर वे चाणक्य हैं, इसमें किसी को संदेह नहीं रहना चाहिए। अपने को चाणक्य मानने की गलतफहमी के लिए स्वयं उतने जिम्मेदार नहीं हैं, जितने कि पत्रकार, गोदी मीडिया और यहां तक कि उनके धुर विरोधी, जिन्होंने उन्हें बार-बार चाणक्य संबोधित कर उनका दिमाग सातवें आसमान पर चढ़ा दिया है। वे यह तक भूल गए हैं कि वे अमित शाह हैं और नरेन्द्र मोदी की सरकार में गृहमंत्री हैं। वे चाणक्य होने के मुगालते में दिन-रात एसी में पसीना बहा रहे हैं।

मीडिया ने चाणक्य बना दिया वरना…?

चाणक्य जी, चाणक्य होने के भ्रम में यह भी भूल गए हैं कि यह इक्कीसवीं सदी की दूसरी चौथाई है। यह चाणक्य के करीब ढाई हजार साल बाद का समय है। इस समय भारत में राजा नहीं होते। जिन्हें प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री होते हुए राजा होने का मुगालता हो जाता है, वे इतिहास के पन्नों के इतने नीचे दब जाते हैं कि उनकी आह तक सुनाई नहीं देती।

चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य का नाम तो उन पन्नों में मिल जाता है मगर इक्कीसवीं सदी के इन चंद्रगुप्तों और चाणक्यों का किसी फुटनोट में भी नहीं मिलता, हालांकि इन बेचारों को क्या पता कि किताब क्या होती है और उसमें फुटनोट क्या होते हैं! एंटायर पोलिटिकल साइंस के विद्यार्थियों को एमए करने के लिए किताबें नहीं पढ़नी पड़तीं, न परीक्षा देनी होती है और न डिग्री लेनी होती है!

चाणक्य होने के भार से गले-गले तक दबे बेचारे शाह जी बंगाल में अंतिम रूप से यह साबित करने में लगे हैं कि इक्कीसवीं सदी के असली चाणक्य वही हैं। बल्कि सच तो यह है कि ईसा पूर्व तीसरी-चौथी शताब्दी के बाद भारत में अगर कोई चाणक्य पैदा हुआ है तो वे केवल वह हैं।

चूंकि वे चाणक्य हैं, इसीलिए उनका राजा चन्द्रगुप्त मौर्य है वरना उस बेचारे की क्या हैसियत? वे हैं, इसीलिए नरेन्द्र मोदी, चंद्रगुप्त मौर्य हैं। जिस दिन वे चाणक्य नहीं रहेंगे, उस दिन मौर्य साहब भी धूल चाटते मिलेंगे। आजकल गोमूत्र और गोबर की महिमा बहुत गाई जा रही है, उसका सेवन करते हुए भी वे पाये जा सकते हैं!

चाणक्य जी बजरंग बली का नाम लेकर पश्चिम बंगाल की रणभूमि में कूद पड़े थे। अकेले नहीं, चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई, अर्द्धसैनिक बलों के हजारों जवानों, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, धन की मोटी- मोटी थैलियों, हिंदू-मुसलमान के पचड़े, वोट चोरी, वोट कटाई जैसे सैकड़ों औजारों के साथ।

इसके लिए चाणक्य जी ने भय के ऐसे वातावरण का निर्माण किया, जिसकी मिसाल आजाद भारत में नहीं मिलती! चतुरंगिणी सेना तो बहुत पुरानी बात हो चुकी, वे बहुरंगिणी सेना के सेनापति हैं। वे साम-दाम-दण्ड-भेद के साथ ही नहीं, उन हथियारों से साथ भी कूदे, जिनकी कल्पना बेचारे असली चाणक्य जी को थी ही नहीं।

आज की सीबीआई चाणक्य जी के गुप्तचरों से भी बहुत आगे है

ईडी का नाम प्राचीन चाणक्य जी ने क्या ही सुना होगा। मेरा खयाल है कि आज की सीबीआई भी चाणक्य जी के गुप्तचरों से बहुत आगे है। तब लोकतंत्र नहीं था तो असली चाणक्य जी वोट चोरी नामक कला के बारे में भी नहीं जानते रहे होंगे। चुनाव आयोग नहीं था तो वोट काटने की कल्पना भी उनके दिमाग आ नहीं सकती थी। चाणक्य जी हिंदू-मुसलमान का खेल भी नहीं जानते थे।

मतलब आधुनिक चाणक्य जी के सामने बेचारे वे कहीं नहीं लगते थे। मान लो वे भी इतने ही बड़े उस्ताद हुए होते, जितने कि आज के फोटोकापी चाणक्य हैं तो 2014 आता या 2026 आता, ये कुछ नहीं कर पाते।

ये मौर्य जी के साथ अहमदाबाद के किसी हनुमान मंदिर में भजन करते और इधर-उधर से चंदा करके भंडारे करते, जिससे वोट नहीं मिलते। भजन करने से चने और हद से हद केले का प्रसाद मिलता है और भंडारा खानेवाले इतने नाशुक्रे होते हैं कि भंडारा खाना अपना जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं और तर्क देते हैं कि यह बात लोकमत तिलक ने कही थी।

भंडारे की जगह पर कितने ही भगवा झंडे लहरा दो, खानेवाले खाने में मगन रहते हैं और खाने के बाद हाथ धोने के लिए आगे बढ़ जाते हैं. वे नजर उठाकर झंडे की तरफ देखते तक नहीं ! ऐसी स्थिति में इनकी चाणक्यगिरी और उनकी मौर्यगिरी की प्रतिभा इस जीवन में बेकार चली जाती और दूसरा जीवन मिलता नहीं!’

दीदी पर बरसने से वोट नहीं बरसते चाणक्य जी…!

दीदी ओ दीदी ‘और ‘ए दीदी’ बोलने के बाद मौर्य साहब और चाणक्य जी, पिछली बार ममता बनर्जी को हरा नहीं पाए थे। अभी भी ये दोनों चुनाव आयोग के अलावा बजरंगबली के भरोसे हैं और रोज उन्हें नारियल चढ़ाने जा रहे हैं। चाणक्य जी की कला अगर इस बार सिरे नहीं चढ़ पाई तो चंद्रगुप्त मौर्य जी- जो पहले से एपस्टीन आदि प्रसंगों के कारण खतरे की जद में हैं- संकटापन्न हो जाएंगे और उनके साथ चाणक्य जी का भी बंटाधार हो जाएगा। बारह साल की सारी ‘मेहनत’ चौपट हो जाएगी!

हे चुनाव आयोग के प्रभु जी, आप पर इन दोनों ने इतना अधिक भरोसा किया है तो इसका सुफल भी इन्हें देना। फिर इस बार आपने पूरी तरह निष्पक्षटाइप चुनाव करवाया है तो इसके पीछे आइडिया यही होगा कि मौर्य साहब और चाणक्य जी को इसका पूरा-पूरा लाभ मिले वरना निष्पक्षचुनाव कराने की ऐसी कोई मजबूरी नहीं थी! पक्षपातपूर्ण चुनाव करवाने से भी काम चल जाता! और जहां तक संविधान का सवाल है, वह ऐसा ग्रंथ बन चुका है, जिसके आगे सिर झुकाना ही उसका पालन करना माना जाता है। क्यों मौर्य साहब मैंने कुछ ग़लत तो नहीं कहा! कहा हो तो आप सुधार देना!

-विष्णु नागर के फेसबुक वाल से

 

राम भक्तों के लिए

गोमिया में झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट की बैठक संपन्न

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न्यूज – कहकशां फारूकी 

गोमिया

झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट, गोमिया प्रखंड इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक बैंक मोड़ में राजकुमार स्वर्णकार की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रखंड क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक पत्रकार शामिल हुए और संगठन की मजबूती को लेकर विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक का मुख्य एजेंडा सदस्यता अभियान रहा, जिसमें नए पत्रकारों को संगठन से जोड़ने और यूनियन को और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। इस दौरान कई नए सदस्यों ने औपचारिक रूप से यूनियन की सदस्यता ग्रहण की। उपस्थित पत्रकारों ने कहा कि संगठन की एकजुटता से ही पत्रकारों के हितों की रक्षा संभव है।

इसके अलावा बैठक में पत्रकारों के सामूहिक स्वास्थ्य बीमा की आवश्यकता पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा बेहद जरूरी है और इसके लिए यूनियन स्तर पर ठोस पहल की जानी चाहिए।

सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच फेक न्यूज के खतरे पर भी बैठक में चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि गलत और भ्रामक खबरें पत्रकारिता की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रही हैं, इसलिए सत्य और प्रमाणिक खबरों को प्राथमिकता देना आज की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

बैठक में दिलीप कुमार शर्मा, पंकज पांडेय, अनंत कुमार, जितेंद्र अग्रवाल, रोशन प्रामाणिक, संजय कुमार, विशाल अग्रवाल, लक्ष्मण लहरे, राजकुमार वर्मा, दीपक पासवान, शशिकांत सिंह, अनिल बर्नवाल, कृष्ण कुमार, चिंतामण कुमार महतो, जितेंद्र पासवान और अब्दुल सामद सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।

अंत में अध्यक्ष ने सभी सदस्यों को संगठन के प्रति सक्रिय भूमिका निभाने और पत्रकारिता की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया।

राम भक्तों के लिए

जिले के सभी शिक्षकों के सामूहिक प्रयास, शैक्षणिक कोर टीम और सशक्त रणनीति ने दिलाया गुमला को पहला स्थान

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

दैनिक अभ्यास, मॉक टेस्ट और मॉनिटरिंग से बदली तस्वीर — गुमला बना राज्य का टॉपर

शिक्षकों की कोर टीम और सशक्त रणनीति ने दिलाया गुमला को पहला स्थान

बोर्ड परीक्षा विजय अभियान अंतर्गत जिला कंट्रोल यूनिट एवं ऑडियो वीडियो मॉनिटरिंग की रणनीति हुई कारगर

गुमला : – गुमला जिले का शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, झारखंड मैट्रिक बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, इस उल्लेखनीय सफलता से शिक्षकों, शिक्षा पदाधिकारियों तथा पूरे प्रशासनिक तंत्र में खुशी की लहर है।

इस उपलब्धि का श्रेय कोर कमिटी, जिला प्रशासन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों को दिया जा रहा है, जिन्होंने “फाउंडेशन पिलर” के रूप में समन्वित ढंग से कार्य किया।

“बोर्ड परीक्षा विजय अभियान” के अंतर्गत जिले में बहुस्तरीय रणनीति लागू की गई। विद्यालय स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर समय पर सिलेबस पूर्ण कराया गया, वहीं जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर शैक्षणिक कोर समिति का पुनर्गठन किया गया। मैट्रिक एवं इंटर के लिए अलग-अलग विषय विशेषज्ञ टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने अक्टूबर माह से ही बोर्ड परीक्षा के अनुरूप महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार कर विद्यालयों तक पहुंचाना शुरू कर दिया, जिससे विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत हुई।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने बताया कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल का गुमला जिला, जो कभी शैक्षणिक रूप से पिछड़ा माना जाता था, “शिक्षा कर भेंट” जैसे प्रयासों से लगातार प्रगति कर रहा है। वर्ष 2024 में जिला 7वें स्थान पर रहा, जबकि 2025 में 20वें स्थान पर पहुंच गया था। ऐसे में सुधार एक बड़ी चुनौती थी, जिसे “बोर्ड परीक्षा विजय अभियान” के तहत सुनियोजित रणनीति और प्रशासनिक सहयोग से संभव बनाया गया।

जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह संतोष का विषय है कि एक समय शैक्षणिक रूप से कमजोर माने जाने वाला जिला आज राज्य में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा विषय विशेषज्ञों के सतत प्रयासों को दिया। अध्ययन सामग्री के निर्माण में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कोर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके प्रयासों से विद्यार्थियों की तैयारी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अमृत मेटे ने बताया कि कोर टीम ने बच्चों की बेहतर तैयारी एवं दैनिक अभ्यास सुनिश्चित करने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया, जिसका परिणाम इस उत्कृष्ट सफलता के रूप में सामने आया।

पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय, रायडीह के प्रधानाध्यापक एवं कोर समिति के सदस्य डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि निर्धारित रणनीति के अनुसार सभी विषयों के लिए रोस्टर आधारित दैनिक प्रश्न तैयार कर विद्यालयों के व्हाट्सएप ग्रुप में नियमित रूप से साझा किए गए। विशेष रूप से गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों पर अधिक ध्यान दिया गया। इन अभ्यास सेट में लघु, दीर्घ एवं वस्तुनिष्ठ (एम. सी. क्यू ) प्रश्न शामिल थे, जिनका अभ्यास स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, प्रोजेक्टर/कंप्यूटर तथा ब्लैकबोर्ड के माध्यम से कराया गया।

विज्ञान शिक्षक एवं कोर समिति के सदस्य सुमित कुमार नंद ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्न पत्रों के विश्लेषण के आधार पर अध्यायवार महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान की गई, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी में सहायता मिली।

कोर समिति के सदस्य जयंत कुमार पांडे ने बताया कि दिसंबर एवं जनवरी में दो चरणों में प्री-बोर्ड मॉक टेस्ट आयोजित किए गए, जिनके प्रश्न पत्र कोर कमिटी के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए और ये विद्यार्थियों के प्रदर्शन सुधारने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुए।

शिक्षक साजिद अंसारी ने बताया कि प्रत्येक विषय के लिए 3–4 शिक्षकों का एक छोटा कोर समूह बनाया गया, जिससे कुल 28 शिक्षकों की टीम ने समन्वित रूप से अध्ययन सामग्री तैयार कर विद्यार्थियों को बेहतर सहयोग प्रदान किया।

कोर समिति के सदस्य दीपक राम ने बताया कि अतिरिक्त प्रयास के तहत सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।

अंग्रेजी शिक्षिका सोनाली त्रिपाठी ने बताया कि विद्यार्थियों की उत्तर लेखन क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि वे अधिकतम अंक प्राप्त कर सकें।

बीपीओ दिलदार सिंह ने बताया कि पूर्व उपायुक्त गुमला प्रेरणा दीक्षित की दूरदर्शी सोच अनुरूप जिला प्रशासन के द्वारा विद्यालयों के साथ टैग किए गए वरीय पदाधिकारियों द्वारा नियमित विद्यालय भ्रमण कर विद्यार्थियों के सकारात्मक प्रोत्साहन के साथ शिक्षक एवं अभिभावकों के साथ समन्वय बनाकर लगातार कार्य किया गया । सभी प्रखंड के बीपीओ, बीआरपी सीआरपी एवं अन्य परियोजना कर्मियों द्वारा समर्पित प्रयास किए गए ।

जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे टीमवर्क, नवाचार, अनुशासन एवं सतत अनुश्रवण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। यह सफलता न केवल गुमला बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है।

राम भक्तों के लिए

गुमला में शादी से लौट रहे वाहन हुआ दुर्घटनाग्रस्त

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

दो की घटनास्थल पर हुई दर्दनाक मौत, एक को राँची रिम्स किया गया रेफर, अन्य घायल गुमला सदर अस्पताल में इलाजरत

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित कुरकुरा थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त बस लचरा गढ़ से शादी समारोह से लौट रहा था इसी क्रम में बस चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया और बस दुर्घटना हो गई। घटनास्थल पर उपस्थित प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया कि उक्त बस योगेंद्र महतो के पुत्र तुच्छी महतो के शादी समारोह संपन्न होने के बाद लचरागढ से वापस आ रहा था, इसी क्रम में उक्त बस तेज रफ्तार और अनियंत्रित बस दुर्घटनाग्रस्त हो गया, उक्त घटना में कई लोग घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, दुर्घटनाग्रस्त वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, फलस्वरूप दो बाराती की दुर्घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई ,और बस में सवार एक बाराती को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया गया है l जबकि उक्त दुर्घटनाग्रस्त बस में सवार, दो बाराती, टाटी भंडार टोली निवासी 28 वर्षीय साहिल भेंगरा और 50 वर्षीय चंद्र महतो की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, कामडरा उप स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक सुनील खलखो ने दोनों की मौत की पुष्टि की हैं। वहीं, 30 वर्षीय सामुएल भेंगरा गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स रेफर किया गया है, उक्त बाराती गाड़ी में सवार अन्य लोगों को हल्की चोटें आईं थी , जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर जाने की छुट्टी दे दी गई। परिजनों के अनुसार, सभी लोग योगेंद्र महतो के पुत्र तुच्छी महतो की शादी में शामिल होकर लचरा गढ़ से वापस अपने गांव लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया।

उक्त घटना की सूचना मिलते ही कुरकुरा थाना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, अपने दल बल के साथ उक्त घटनास्थल पर पहुंचकर उक्त दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर कुरकुरा थाना के एसआई संजय रजक ने उक्त दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हेतु सदर अस्पताल गुमला के पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया और पोस्टमार्टम के बाद उक्त दोनों शवों को उसके परिजनों को सौप दिया गया l

राम भक्तों के लिए

दुनदुरिया बस स्टैंड में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, नियमों का उल्लंघन करने पर बसंत बस को जप्त कर गुमला थाना को सुपुर्द किया गया

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो के निर्देशानुसार गुमला जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया गया है। इसी क्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में गुमला के ललित उरांव बस स्टैंड, दुनदुरिया में सघन जांच अभियान चलाया गया।

पकड़ी गई बसंत बस को गुमला थाना को सुपुर्द किया गया

जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाने पर ‘बसंत बस’ को पकड़ा गया। विभाग द्वारा बस के दस्तावेजों और परिचालन संबंधी नियमों की गहनता से जांच की गई। अनियमितता पाए जाने पर बस को जब्त करते हुए संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत दी गई।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि यात्री सुरक्षा और परिवहन नियमों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। पकड़ी गई बस के संचालकों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोबारा कोई भी बस नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो परमिट रद्द करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षित सफर के लिए उक्त अभियान जारी रहेगी,

प्रशासन द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप व्याप्त है। डीटीओ ने आम जनों से भी अपील की है कि वे जागरूक बनें और हमेशा वैध दस्तावेजों व नियमों का पालन करने वाले वाहनों का ही उपयोग करें , गुमला जिले में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।

राम भक्तों के लिए

गुमला जिला मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता सफलतापूर्वक समापन हो गया

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न हुआ, उक्त प्रतियोगिता में हॉकी, फुटबॉल, एथलेटिक्स, बैडमिंटन एवं कुश्ती जैसे खेल शामिल रहे, जिनमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महतो , भूमि सुधार उप समाहर्ता गुमला, अंचल पदाधिकारी घाघरा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, गुमला, सिविल सर्जन गुमला एवं खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गुमला उपस्थित रहे।
समापन समारोह में सभी खेलों के अंडर-14, अंडर-17 एवं ओपन वर्ग में विजेता एवं उपविजेता टीमों/खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही प्रत्येक खेल में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को भी पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को आगे बढ़ने का मंच प्रदान करते हैं तथा खेल भावना को मजबूत करते हैं। मुख्य अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया तथा सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य “ से महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है।

राम भक्तों के लिए

चुन्नू कांत ने माइका उद्योग के मिटते वजूद पर कहा-माइनर से बना मेजर और उजड़ गया माइका उद्योग…सरकार गंभीर नहीं…बाबूलाल से ही उम्मीद

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गिरिडीह : सरकार के पेचीदापूर्ण रवैया के कारण माईका उद्योग यहां समाप्ति के कगार पर है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव ने रविवार को पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे.

बातचीत के क्रम में उन्होंने कहा कि किसी जमाने में गिरिडीह की पहचान माईका उद्योग से थी. लाखों मजदूर यहां माईका से जुड़े हुए थे। लेकिन कालांतर में कई कारणे से माईका उद्योग धीरे-धीरे समाप्त होने लगा। पहले तो माईका माइनिंग बंद हुई, फिर सरकार की कुछ नीतियां ऐसी थी कि बात बनने की जगह और बिगड़ गई. अब तो इसपर चर्चा तक नहीं होती.

सरकार ने माईका को माइनर मिनरल से मेजर मिनरल में डाल दिया. जिस कारण कई कानूनी और प्रावधानों के पेंच में यह व्यवसाय पूरी तरह से बर्बाद हो गया. एक जमाने में माईका के कारोबार से भारी मात्रा में देश को विदेशी मुद्रा मिलती थी।

अभी सरकार ने माईका स्क्रैप और फ्लेक्स के निर्यात पर अनुमति नहीं दे रही है। इसके लिए निर्यातकों को डीजीएमएस जैसे संस्थानों के कई कानूनी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ेगा। जिसकी पेचीदगियों को सुलझाने में ही लंबा समय निकल जाएगा.

माइनिंग बंद होने से मजदूर माइका स्क्रैप के कारोबार से जुड़े

उन्होंने कहा कि माईका माईनिंग बंद होने के बाद भारी संख्या में मजदूर यहां माईका स्क्रैप के कारोबार से जुड़ गए। ऐसे व्यवसायियों के लिए स्क्रैप और फ्लेक्स का कारोबार संजीवनी साबित हुआ था, लेकिन अभी ना तो सरकार किसी को लीज दे रही है और ना ही डंप की अनुमति दे रही है।

कुछ वर्ष पहले सरकार ने माईका  व्यापारियों को राहत देते हुए डंप करने की अनुमति दी थी, लेकिन ऑक्शन बंद हो जाने के कारण डंप भी वीरान हो गया है। क्योंकि काफी समय से माईका का स्क्रैप का ऑप्शन नहीं हुआ है। जिस कारण व्यापारियों के पास कोई काम नहीं बचा है.

झारखंड में लीज पूरी तरह से बंद, राजस्थान और आंध्र प्रदेश में माइनिंग लीज जारी

देश के दूसरे राज्य राजस्थान और आंध्र प्रदेश में आज भी माइनिंग का लीज है. लेकिन झारखंड में लीज पूरी तरह से बंद है। ऐसे में इससे जुड़े मजदूर और व्यापारियों में त्राहिमाम मचा हुआ है। रही सही कसर स्क्रैप और फ्लेक्स के  निर्यात की अनुमति नहीं मिलने से स्थिति बद से बदतर हो गई है।

श्रीकांत ने कहा कि इस संदर्भ में एक शिष्टमंडल राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी से मिलकर पूरी समस्या से अवगत कराएगा। क्योंकि श्री मंराडी माईका मजदूर और व्यवसायियों के दर्द वाकिफ हैं। उनके विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा मायका के कारोबार से जुड़ा हुआ है। लेकिन वर्तमान सरकार से अब कोई उम्मीद नहीं बची है.

राम भक्तों के लिए

लाल डायरी` की जद में कोयलांचल के करीब एक दर्जन रसूखदार-सफेदपोश और मीडियाकर्मी शामिल, पुलिस अभी कुछ भी बोलने से कर रही है परहेज, डायरी व व्हाट्सएप चैट की जांच जारी

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धनबाद : कोयलांचल में इनदिनों `लाल डायरी` की काफी चर्चा है. इस ‘लाल डायरी’ ने कई लोगों की नींद उड़ा दी है. `लाल डायरी`की जद में कोयलांचल के करीब एक दर्जन रसूखदार व सफेदपोश और मीडियाकर्मी शामिल हैं. यदि `लाल डायरी` का रहस्य खुला और कार्रवाई हुई तो कितने चेहरे बेनकाब होंगे और कई लोगों को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है.

अब सब कुछ राज्य सरकार में उच्च पदों पर बैठे नेताओं और अधिकारियों पर निर्भर करता है कि वह क्या चाहते हैं. कार्रवाई या मामले को रफादफा करना है. मामला हाई प्रोफाइल है, इसलिए फैसला उच्चस्तर पर लिया जाना है.

डॉन प्रिंस खान का खास सहयोगी सैफ से बंगाल पुलिस को मिली है लाल डायरी

दरअसल पिछले हफ्ते माफिया डॉन प्रिंस खान का खास सहयोगी सैफ अब्बास नकवी, उर्फ सैफ, उर्फ मेजर को झारखंड पुलिस ने कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के समय मेजर के पास से एक `लाल डायरी` मिली है. इस डायरी में बहुत कुछ रहस्य छुपा हुआ है. डायरी में करीब एक दर्जन बड़े नेताओं और मीडिया के लोगों का नाम है जिनके साथ लेनदेन हुई है. कब-कब किसको कितनी राशि दी गई, इसकी चर्चा की बात सामने आई है.

मोबाइल से कुछ नेताओं के साथ बातचीत का व्हाट्सएप चैट भी मेजर के मोबाइल से मिला है. धनबाद इलाके के कुछ जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत होने की भी जानकारी है. हालांकि पुलिस अभी कुछ भी बोलने से बच रही है और वह डायरी व व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है.

सूत्रों के अनुसार राज्य स्तर के बड़े अधिकारियों को `लाल डायरी` के संबंध में जानकारी दी गई है और उनसे दिशा-निर्देश मांगा गया है. मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण दिशा-निर्देश के बाद ही इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ेगी. यदि कार्रवाई हुई तो हड़कंप मच जाएगा. प्रिंस खान और उसके सहयोगियों से संबंध को लेकर कई चेहरे बेनकाब होंगे.

गिरफ्तारी के बाद से सैफ अभी बंगाल में न्यायिक हिरासत में है. झारखंड पुलिस ने कोर्ट से रिमांड मांगा है लेकिन अभी रिमांड मिली नहीं है. बंगाल में चुनाव संपन्न होने होने के बाद रिमांड मिलने की संभावना है. पूछताछ के बाद कई खुलासे होंगे. फिलहाल रांची से लेकर दिल्ली में बैठे माफियाओं के आका सेटिंग-गेटिंग में लगे हुए हैं. कहा तो यह भी जा रहा है कि मेजर की गिरफ्तारी के बाद झारखंड पुलिस बहुत जल्द प्रिंस खान की धर-पकड़ के प्रयास में है. हालांकि यह प्रयास पिछले दो साल से जारी है पर पुलिस उसके हाथ नहीं आ रही है.

-सुनील सिंह 

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