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Saturday, June 6, 2026
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जिले के सभी शिक्षकों के सामूहिक प्रयास, शैक्षणिक कोर टीम और सशक्त रणनीति ने दिलाया गुमला को पहला स्थान

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

दैनिक अभ्यास, मॉक टेस्ट और मॉनिटरिंग से बदली तस्वीर — गुमला बना राज्य का टॉपर

शिक्षकों की कोर टीम और सशक्त रणनीति ने दिलाया गुमला को पहला स्थान

बोर्ड परीक्षा विजय अभियान अंतर्गत जिला कंट्रोल यूनिट एवं ऑडियो वीडियो मॉनिटरिंग की रणनीति हुई कारगर

गुमला : – गुमला जिले का शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए, झारखंड मैट्रिक बोर्ड परीक्षा 2026 में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, इस उल्लेखनीय सफलता से शिक्षकों, शिक्षा पदाधिकारियों तथा पूरे प्रशासनिक तंत्र में खुशी की लहर है।

इस उपलब्धि का श्रेय कोर कमिटी, जिला प्रशासन, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों को दिया जा रहा है, जिन्होंने “फाउंडेशन पिलर” के रूप में समन्वित ढंग से कार्य किया।

“बोर्ड परीक्षा विजय अभियान” के अंतर्गत जिले में बहुस्तरीय रणनीति लागू की गई। विद्यालय स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर समय पर सिलेबस पूर्ण कराया गया, वहीं जिला स्तर पर टास्क फोर्स का गठन कर शैक्षणिक कोर समिति का पुनर्गठन किया गया। मैट्रिक एवं इंटर के लिए अलग-अलग विषय विशेषज्ञ टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने अक्टूबर माह से ही बोर्ड परीक्षा के अनुरूप महत्वपूर्ण प्रश्न तैयार कर विद्यालयों तक पहुंचाना शुरू कर दिया, जिससे विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत हुई।

जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो ने बताया कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल का गुमला जिला, जो कभी शैक्षणिक रूप से पिछड़ा माना जाता था, “शिक्षा कर भेंट” जैसे प्रयासों से लगातार प्रगति कर रहा है। वर्ष 2024 में जिला 7वें स्थान पर रहा, जबकि 2025 में 20वें स्थान पर पहुंच गया था। ऐसे में सुधार एक बड़ी चुनौती थी, जिसे “बोर्ड परीक्षा विजय अभियान” के तहत सुनियोजित रणनीति और प्रशासनिक सहयोग से संभव बनाया गया।

जिला शिक्षा अधीक्षक नूर आलम खां ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह संतोष का विषय है कि एक समय शैक्षणिक रूप से कमजोर माने जाने वाला जिला आज राज्य में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण तथा विषय विशेषज्ञों के सतत प्रयासों को दिया। अध्ययन सामग्री के निर्माण में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कोर टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनके प्रयासों से विद्यार्थियों की तैयारी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अमृत मेटे ने बताया कि कोर टीम ने बच्चों की बेहतर तैयारी एवं दैनिक अभ्यास सुनिश्चित करने के लिए समर्पित भाव से कार्य किया, जिसका परिणाम इस उत्कृष्ट सफलता के रूप में सामने आया।

पीएमश्री प्लस टू उच्च विद्यालय, रायडीह के प्रधानाध्यापक एवं कोर समिति के सदस्य डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि निर्धारित रणनीति के अनुसार सभी विषयों के लिए रोस्टर आधारित दैनिक प्रश्न तैयार कर विद्यालयों के व्हाट्सएप ग्रुप में नियमित रूप से साझा किए गए। विशेष रूप से गणित, विज्ञान एवं अंग्रेजी जैसे कठिन विषयों पर अधिक ध्यान दिया गया। इन अभ्यास सेट में लघु, दीर्घ एवं वस्तुनिष्ठ (एम. सी. क्यू ) प्रश्न शामिल थे, जिनका अभ्यास स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, प्रोजेक्टर/कंप्यूटर तथा ब्लैकबोर्ड के माध्यम से कराया गया।

विज्ञान शिक्षक एवं कोर समिति के सदस्य सुमित कुमार नंद ने बताया कि पिछले पांच वर्षों के बोर्ड परीक्षा प्रश्न पत्रों के विश्लेषण के आधार पर अध्यायवार महत्वपूर्ण बिंदुओं की पहचान की गई, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी में सहायता मिली।

कोर समिति के सदस्य जयंत कुमार पांडे ने बताया कि दिसंबर एवं जनवरी में दो चरणों में प्री-बोर्ड मॉक टेस्ट आयोजित किए गए, जिनके प्रश्न पत्र कोर कमिटी के शिक्षकों द्वारा तैयार किए गए और ये विद्यार्थियों के प्रदर्शन सुधारने में अत्यंत सहायक सिद्ध हुए।

शिक्षक साजिद अंसारी ने बताया कि प्रत्येक विषय के लिए 3–4 शिक्षकों का एक छोटा कोर समूह बनाया गया, जिससे कुल 28 शिक्षकों की टीम ने समन्वित रूप से अध्ययन सामग्री तैयार कर विद्यार्थियों को बेहतर सहयोग प्रदान किया।

कोर समिति के सदस्य दीपक राम ने बताया कि अतिरिक्त प्रयास के तहत सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई।

अंग्रेजी शिक्षिका सोनाली त्रिपाठी ने बताया कि विद्यार्थियों की उत्तर लेखन क्षमता पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि वे अधिकतम अंक प्राप्त कर सकें।

बीपीओ दिलदार सिंह ने बताया कि पूर्व उपायुक्त गुमला प्रेरणा दीक्षित की दूरदर्शी सोच अनुरूप जिला प्रशासन के द्वारा विद्यालयों के साथ टैग किए गए वरीय पदाधिकारियों द्वारा नियमित विद्यालय भ्रमण कर विद्यार्थियों के सकारात्मक प्रोत्साहन के साथ शिक्षक एवं अभिभावकों के साथ समन्वय बनाकर लगातार कार्य किया गया । सभी प्रखंड के बीपीओ, बीआरपी सीआरपी एवं अन्य परियोजना कर्मियों द्वारा समर्पित प्रयास किए गए ।

जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को बधाई देते हुए इसे टीमवर्क, नवाचार, अनुशासन एवं सतत अनुश्रवण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया है। यह सफलता न केवल गुमला बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत है।


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