24.9 C
Ranchi
Saturday, July 4, 2026
Advertisement
Home Blog Page 51

लिटीयाचूआ एवं गनीदारा ( पीबीटीजी गांव) में सैचुरेशन विशेष शिविर, उपायुक्त का व्यापक क्षेत्र भ्रमण

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का – लिया जायजा – कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस

जन-सरकार संवाद को मिला बल, विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का – लिया जायजा – कृषि सहित आजीविका पर विशेष फोकस

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित डुमरी प्रखंड के दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय (पीवीटीजी ) गांव लिटीयाचूआ (43 परिवार) एवं गनीदारा (32 परिवार) में आयोजित सैचुरेशन विशेष शिविर आज प्रशासनिक सक्रियता, जनसहभागिता एवं जमीनी विकास का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा। शिविर में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाज के तहत पत्तियों की माला एवं टोपी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया गया, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्साहपूर्ण एवं आत्मीय रहा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पात्र लाभुकों तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान उनके गांव में ही करना तथा प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना रहा। उपायुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन “सैचुरेशन अप्रोच” के तहत कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, आधार पंजीकरण एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से सभी पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया।


शिविर के दौरान ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सेवा, सड़क एवं आजीविका से संबंधित विभिन्न समस्याएं रखी गईं। उपायुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को स्वीकृति पत्र एवं सामग्री का वितरण भी किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता हुआ दिखा।

गांव-गांव पहुंचकर लिया जमीनी फीडबैक

शिविर के उपरांत उपायुक्त ने लिटीयाचूआ, गनीदारा, बुगदीपानी, लुचूतपाठ एवं अंबाटोली गांवों का व्यापक भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अपेक्षाओं को समझा और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान हेतु आवश्यक निर्देश दिए।

गनीदारा में निर्मित आवासों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने लाभुकों से बातचीत की एवं उनकी आय में वृद्धि के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने पर बल दिया। जल संरक्षण की दिशा में कुओं एवं अन्य जल स्रोतों का निरीक्षण करते हुए उनके संरक्षण एवं बेहतर उपयोग के निर्देश दिए गए।
भूमि संरक्षण के अंतर्गत तालाब निर्माण को बढ़ावा देने तथा जिन लाभुकों को तालाब आवंटित किए गए हैं, उन्हें कृषि यंत्र उपलब्ध कराते हुए मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्रामीणों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

कृषि एवं आजीविका पर विशेष जोर
इसी क्रम में उपायुक्त ने कृषि क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए कृषकों को विभिन्न कृषि योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कृषि आधारित गतिविधियों, मत्स्य पालन एवं जल संरक्षण के समन्वय से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाया जा सकता है।

स्वास्थ्य, पोषण एवं बुनियादी सेवाओं की गहन जांच
उपायुक्त द्वारा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, लुचूत-पाठ का निरीक्षण कर स्वास्थ्य कर्मियों को नियमित उपस्थिति एवं गुणवत्तापूर्ण सेवा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आवश्यकतानुसार आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जर्जर आंगनबाड़ी भवन के पुनर्निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों एवं माताओं को बेहतर पोषण सेवाएं मिल सकें।
डुमरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एवं एमटीसी सेंटर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया गया।
वर्षों से लंबित सीएचसी भवन निर्माण के संदर्भ में उपायुक्त ने बताया कि इसे शीघ्र प्रारंभ कराने हेतु संबंधित विभाग को पत्राचार किया जाएगा।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर बल
राजकीय प्राथमिक विद्यालय, गनीदारा में उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई का स्तर जांचा एवं शिक्षकों को नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकास की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पर्यटन संभावनाओं को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्र भ्रमण के क्रम में उपायुक्त ने टांगीनाथ धाम का भी निरीक्षण कर पूजा-अर्चना की। उन्होंने इस स्थल को और अधिक विकसित करने की दिशा में आवश्यक पहल करने की बात कही।

विशेष शिविरों का विस्तार एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता
प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि उपायुक्त के निर्देश पर अन्य क्षेत्र में भी शीघ्र ही विशेष शिविर आयोजित कर आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज बनाए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी।

इस अवसर पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, समाज कल्याण पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

राम भक्तों के लिए

गुमला में परिवहन विभाग की राजस्व संग्रहण को लेकर गुमला – सिसई रोड में सघन जांच अभियान चलाया गया, और ₹1.09 लाख का वसूला जुर्माना

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग के और से विशेष अभियान चलाया गया
उपायुक्त दिलेश्वर महतो के निर्देशों के आलोक में, बुधवार को जिला परिवहन विभाग ने सभी प्रकार के वाहनों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया, जिससे वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों के बीच हड़कंप मच गया।
गुमला -सिसई मार्ग पर डीटीओ ने खुद संभाली कमान
जिला परिवहन पदाधिकारी ( डीटीओ ) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गुमला-सिसई मुख्य मार्ग पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया। प्रशासन की उक्त अचानक कार्रवाई से यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

इस विशेष अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल ₹1,09,000 (एक लाख नो हजार रुपये) का जुर्माना वसूला गया।

ओवरलोडिंग ,तेज गति और सुरक्षा मानकों पर कड़ा प्रहार |
जांच के दौरान टीम ने मुख्य रूप से भारी मालवाहक वाहनों (ट्रक और हाइवा) को निशाने पर लिया*
अभियान के दौरान विशेष रूप से उन वाहनों को जांच किया जिन्होंने निर्धारित लंबाई – चौड़ाई से अधिक सामान लादा है या जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है।

ओवरलोडिंग: क्षमता से अधिक माल ढोने वाले वाहनों पर नियमों के तहत भारी आर्थिक दंड लगाया गया।

दस्तावेजों की कमी: बिना बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, वैध परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस के चल रहे वाहनों की गहन जांच की गई।

अवैध मॉडिफिकेशन: गाड़ियों में लगी अवैध एक्स्ट्रा एलईडी लाइटों और नंबर प्लेट छिपाने वाले वाहन भी विभाग के रडार पर रहे।

“मकसद चालान नहीं, जिंदगियां बचाना है”
अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए डीटीओ ने कहां की

“हमारा मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना या राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सड़कों पर बहुमूल्य मानवीय जिंदगियों को सुरक्षित करना है। नियम तोड़ने से न केवल बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा रहता है, बल्कि यह वाहन मालिकों के लिए भी भारी आर्थिक परेशानी का कारण बनता है। हम चाहते हैं कि लोग नियमों का स्वतः पालन करें।”

प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि गुमला की सड़कों पर नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राम भक्तों के लिए

झुंड से बिछड़े बिगड़ैल हाथियों से ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन रक्षा और उक्त हाथियों को भागने में बड़े टॉर्चों का काफी योगदान होगा

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला जिला अंतर्गत स्थित सिसई प्रखंड के ओलमुडा पंचायत में जिला परिषद अध्यक्ष सह भाजपा नेत्री किरण माला बड़ा के अथक प्रयास और पहल से वन विभाग द्वारा टॉर्च वितरण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में किरण माला बड़ा ने उपस्थित ग्रामीणों के बीच टॉर्च का वितरण करते हुए उन्होंने उक्त क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष सारंडा जंगल से उक्त क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले हाथियों , और झुंड से बिछड़े बिगड़ैल हाथियों द्वारा मिट्टी के घरों को तोड़ फोड़कर कर घर में रखे अनाजों और घरेलू सामानों को बर्बाद कर दिया जाता है और तो और जान माल की क्षति और नुकसान पहुंचाया जाता है, जिससे बचाव के लिए उक्त क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच बड़े टॉर्चों का वितरण किया गया , इस अवसर पर किरण माला बड़ा ने कहा कि यह पहल ग्रामीणों के जान माल और सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे रात्रि के समय आवागमन एवं दैनिक जीवन में उन्हें सहूलियत मिल सके। साथ ही, इस प्रकार के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता एवं सहयोग की भावना भी सुदृढ़ होती है, किरण माला बड़ा ने यह भी कहा कि वे आगे भी उक्त क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी, उक्त कार्यक्रम में वन विभाग के कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए,इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और बिगड़ैल हाथियों से जीवन बचाने और उक्त क्षेत्रों से गांव में प्रवेश करने वाले हाथियों को भगाने में उक्त बड़े टॉर्च का बहुत बड़ा योगदान होगा और जीवन रक्षा करने में सहायक सिद्ध होगा l भाजपा नेत्री किरणमाला बड़ा ने यह भी बताया कि जंगली हाथियों द्वारा मारे जाने पर पहले ₹400000 मुआवजा मिलता था जो अब बढ़कर 10 लाख रुपया मुआवजा दिया जाता है l

राम भक्तों के लिए

पिट्स मॉडर्न स्कूल में पृथ्वी दिवस पर जागरूकता का शंखनाद, छात्रों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

0

न्यूज – कहकशां फारुकी

गोमिया-गोमिया स्थित पिट्स मॉडर्न स्कूल में मंगलवार, 22 अप्रैल 2026 को पृथ्वी दिवस के अवसर पर विद्यालय सभागार में कक्षा आठवीं के लिए विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और धरती को बचाने का संदेश देना था।
इस अवसर पर कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें ‘धरती माँ’ को मानव गतिविधियों से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान के खिलाफ न्याय की गुहार लगाते हुए दिखाया गया। नाटिका के माध्यम से छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।


कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की पर्यावरण समिति के निर्देशन में शिक्षिका दीप्ति प्रभा और शिक्षक डी.पी. मुखर्जी के मार्गदर्शन में किया गया। प्रस्तुति के बाद विद्यार्थियों ने शिक्षकों एवं समन्वयकों के साथ मिलकर धरती की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली।
कक्षा आठवीं की छात्रा आरना स्तुति ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। विद्यालय के प्राचार्य बृजमोहन लाल दास ने कहा कि पृथ्वी हमारा एकमात्र घर है और इसकी सुरक्षा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ छात्रों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करती हैं।
विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष अरिंदम दासगुप्त ने कहा कि भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज हम अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए कितने गंभीर हैं। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक पहल बताया।
वहीं Orica India Pvt Ltd के गोमिया इकाई के महाप्रबंधक अभिषेक बिस्वास ने कहा कि युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आते देखना प्रेरणादायक है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और बेहतर भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


राम भक्तों के लिए

गुमला में अवैध बालू उत्खनन के विरुद्ध सघन कार्रवाई, छापेमारी में हाईवा जब्त

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

बालू घाट में अनियमितता पर कारण पृच्छा नोटिस, बिना चालान परिवहन पर प्राथमिकी दर्ज

गुमला : – गुमला अनुमण्डल पदाधिकारी, की अध्यक्षता में जिला खनन पदाधिकारी, गुमला एवं अंचल अधिकारी, सिसई द्वारा संयुक्त रूप से ओलमुण्डा पंचायत के केउन्दचाँवरा एवं पाटसरना (बालू घाट) का औचक निरीक्षण एवं छापेमारी की गई।
निरीक्षण के दौरान बन्दोबस्तीधारी के प्रतिनिधि की उपस्थिति में बालू घाट का निरीक्षण किया गया। जांच के क्रम में घाट पर अनियमितता पाई गई, जिसके लिए बन्दोबस्तीधारी को कारण पृच्छा नोटिस निर्गत किया जा रहा है। साथ ही निर्देशित किया गया कि नियमानुसार ही बालू का उठाव सुनिश्चित करें, अन्यथा विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में बसिया-सिसई पथ पर झटनी टोली के समीप बालू लदे हाईवा (संख्या BR24GB-5711) की जांच की गई। जांच के दौरान वाहन चालक द्वारा बालू से संबंधित वैध खनिज परिवहन चालान प्रस्तुत नहीं किया गया। इस पर वाहन को बालू सहित जप्त करते हुए सिसई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जिला प्रशासन द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

राम भक्तों के लिए

आखिर धनबाद सांसद को भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने क्यों लगाई फटकार…?

0

धनबाद : कोयलांचल की राजनीति में मेयर संजीव सिंह और सांसद ढुल्लू महतो के बीच चल रही तनातनी के बीच एक खबर और भाजपा की अंदरूनी राजनीति में गरम है। यह मामला भाजपा के संगठन और सांसद ढुल्लू महतो से ही जुड़ा हुआ है।

धनबाद संसदीय क्षेत्र के एक जिला अध्यक्ष इनदिनों सांसद के व्यवहार से दुखी और आहत हैं। क्योंकि सांसद ने इनको अपमानित किया है। खरी-खोटी सुनाई वह भी अपने दरवाजे पर। पिछले हफ्ते क्षेत्र के एक जिला अध्यक्ष सांसद से मिलने उनके घर पहुंचे। 3 घंटे तक मिलने के लिए बैठे रहे। बहुत आरजू-मिनत के बाद सांसद निकले और अध्यक्ष को देखते ही गुस्से से लाल हो गए। खरी-खोटी सुनाई, भला-बुरा कहा।

कहा, संगठन में एक भी तेली समाज का आदमी नहीं है। आप लोग मनमानी करते हैं। ऐसे नहीं चलेगा। अध्यक्ष सांसद का व्यवहार देखकर दंग रह गए। मुंह लटकाए और आंखें डबडबा कर तुरंत निकल गए। धनबाद से सीधे रांची आए और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के घर पहुंच गए।

आदित्य साहू को अपनी पीड़ा बताई और कहा, अब मैं जिला अध्यक्ष नहीं रहूंगा। मेरा इस्तीफा लीजिए। बहुत बेज्जती हुई। अपमानित किया गया। क्या इसीलिए आपने अध्यक्ष बनाया था। इतने दिनों से संगठन में गाली सुनने के लिए काम कर रहे हैं। आदित्य साहू के सामने जिला अध्यक्ष के आंसू निकल आए। कहा, जब अध्यक्ष को 3 घंटा इंतजार करना पड़ा तो कार्यकर्ता का हाल जान लीजिए।

आदित्य साहू संगठन के आदमी हैं। जमीन से ऊपर उठकर आए हैं। उन्हें एक कार्यकर्ता का दर्द पता है। उन्होंने तत्काल सांसद महतो को फोन लगाया। जमकर क्लास ली। बहुत कुछ कह दिया।

बताया जा रहा है आदित्य साहू को कभी इतने गुस्से में नहीं देखा गया और न कभी किसी को इस तरह बोलते हुए। कहा, क्या एक समाज से पार्टी और संगठन चलेगा। जाति का नेता मत बनो। सर्व समाज का नेता बनो। यही हाल रहा तो आगे बहुत मुश्किल होगी। बहुत शिकायत मिलती है। हम भी तेली समाज से आते हैं। कार्यकर्ताओं को सम्मान देना पड़ेगा। आदित्य साहू गुस्से में बहुत सारी बातें कह गए जो यहां लिखना मुनासिब नहीं है।

दरअसल धनबाद संसदीय क्षेत्र में तीन जिला अध्यक्ष हैं और इन तीनों अध्यक्षों को सांसद पसंद नहीं करते हैं। उनके मन के मुताबिक अध्यक्षों का चयन नहीं हुआ है। इसलिए वह नाराज रहते हैं। अब देखना है कि उस जिला अध्यक्ष से सांसद माफी मांगता है या नहीं?

-सुनील सिंह 

राम भक्तों के लिए

विधानसभा चुनावों के बीचोंबीच संसद का विशेष अधिवेशन बुलाकर अपनी फजीहत करवा ली

0

विद्वानों की बात विद्वान जानें मगर मुझे लगता है कि नरेन्द्र मोदी ने जिद करके पश्चिम बंगाल तथा तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों के बीचोंबीच संसद का विशेष अधिवेशन बुलाने की जो गफलत की, उसके पीछे कोई बड़ी चाल नहीं रही होगी, बल्कि मूर्खता पर इनका दिनों-दिन गहरा होता विश्वास रहा होगा। मूर्खता और क्रूरता के बगैर ये चार कदम भी चल नहीं सकते! दो कदम के बाद ही हांफने लगते हैं !

ऐसा लगता है कि किसी ज्योतिषी को इन्होंने बुलाया होगा कि महाराज ये बताएं कि लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के बहाने हिंदी प्रदेशों पर स्थायी कब्जा करने की जो कूट चाल हम चलना चाहते हैं, वह किस शुभ मुहूर्त में सफल होगी!

लगता है ज्योतिषी गच्चा दे गया

सच्चा ज्योतिषी वही होता है जो अपने मोटे-तगड़े जजमान के सामने उसके मन की बात कहे। तो उस ज्योतिषी ने तत्काल अमित शाह की उपस्थिति में मोदी जी के सामने कुछ फर्जी जोड़-बाकी-गुणा-भाग करके बताया होगा कि राजाधिराज, यह शुभ काम आप 16 से 18 अप्रैल के बीच करें तो दुनिया की कोई ताकत आपके इस विजय अभियान को रोक नहीं पाएगी। विपक्ष आपके चरणों में शीश रख देगा और संसद में वह आपकी जय-जयकार इतनी जोर से करेगा कि एनडीए गठबंधन के दल के नेता भी देखते रह जाएंगे!

यह मुहूर्त हुजूर इतना अधिक लाभकर है कि आप प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की ऐसी अनोखी मिसाल कायम कर जाएंगे जो दुनिया में आज तक किसी ने न की होगी। आप 2049 तक तो देश के प्रधानमंत्री रहेंगे ही रहेंगे और हुजूर, गणना तो यह भी बताती है कि आप उसके बाद भी प्रधानमंत्री बने रहेंगे। अगर आपकी इच्छा इस बीच राष्ट्रपति बनने की हुई तो वह इच्छा भी आप जिस दिन चाहेंगे, ठीक उसी दिन पूरी हो जाएगी। आपकी जन्मकुंडली और आपके हाथ की रेखाएं बताती हैं कि आप सौ वर्ष की उम्र के बाद भी आज की तरह स्वस्थ रहेंगे और प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति पद पर रहेंगे और हुजूर योग तो इतने तगड़े हैं कि ऐसा समय भी आ सकता है कि दोनों पदों को आप ही शोभायमान करें। इस जीवन में कोई आपसे ये पद छीन नहीं सकता।

आप बुरा न मानें तो इसके आगे की भविष्यवाणी भी कर दूं कि जब भी आप इस दुनिया से स्वेच्छा से प्रयाण करने का विचार करेंगे, आप पद व उसकी कुर्सी समेत स्वर्ग की ओर प्रस्थान करेंगे। इंद्र आदि देवता आप पर वहां पुष्प वर्षा करेंगे। वहां आपके लिए रेड कार्पेट बिछेगा और देवतागण आपके इतने पीछे चलेंगे कि कैमरे में केवल आप ही आप दिखेंगे !

भारत देश में चमचों का इतने बड़ा प्रेमी न इसके पहले कभी हुआ है और न इसके बाद होने की संभावना है। उसने आगा देखा, न पीछा और विशेष अधिवेशन बुला लिया। आप ही सोचिए कि न तो संसद भागी जा रही थी, न संसद सदस्य और न ये तीनों विधेयक भागे जा रहे थे और न इन्हें और अमित शाह के पद को कोई खतरा था। चुनाव के बाद अधिवेशन बुलाने से न तो अडानी का कोई आर्थिक नुक़सान होनेवाला था, न ट्रंप इस अधिवेशन को बुलाने की अनुमति देने से इनकार करता! ट्रंप से इनकी जो बातचीत पिछले दिनों चालीस मिनट तक हुई है.

सूत्रों के अनुसार उसमें भी विशेष अधिवेशन का विषय आया था तो उस भले आदमी ने उदारता दिखाते हुए कहा था कि माई डियर फ्रेंड मोडी, टुमको हम इसकी अनुमटि देता है। टुम जब चाहो, इसे बुलाने को सकटा।

टीवी पर नाक कटाई का शुभ आयोजन

इसके अलावा और क्या कारण रहा होगा कि माननीय प्रधानमंत्री जी ने ऐन चुनाव के बीचोंबीच अपनी नाक कटवाई का यह शुभ आयोजन रखवाया। यह आयोजन बाद में भी तो हो सकता था! ज्योतिषी जी से अगर मोदी जी कहते कि नहीं ज्योतिषी जी महाराज, चुनाव के बाद की कोई तिथि बताइए तो उसमें इतनी हिम्मत नहीं थी, कि नहीं कह पाता ! वह फौरन पोथी-पतरा फिर से निकलता , फिर से फर्जी गुणा-भाग का खेल खेलता और दूसरी तिथि बता देता और उस तिथि को अप्रैल वाली तिथि से भी उत्तम बताता!

उसके पिताजी का न पहले कुछ जा रहा था, न अब जानेवाला था बल्कि वह तो तीसरी और चौथी तिथि भी बता देता! वह जरूर पहुंचा हुआ ज्योतिषी रहा होगा तो नौ तिथियां अस्वीकार हो जातीं तो दसवीं तिथि भी बता देता। दक्षिणा में वह केवल राज्यसभा की फकत एक सीट मांगता और जिला परिषद की सदस्यता पर राजी हो जाता!

पिछले लगभग बारह साल से पूरे देश को झांसा देनेवाला यह महापुरुष इस ज्योतिषी के झांसे में आ गया और यह कांड कर बैठा। पहली बार इतनी तगड़ी मात खा गया। बरसों तक लोग इस पर हंसेंगे।

सेट तैयार नहीं था और जल्दबाजी में ड्रामा करने पर हुए उतारू 

अच्छा चलो एक मिनट के लिए मान लेते हैं कि यह गड़बड़ ज्योतिषी के कारण नहीं हुई बल्कि काफी राजनीतिक गुणा-भाग के बाद हुई। ये विधेयक अगर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव के बाद लाए जाते तो भी इतनी ही आसानी से गिर जाते! जब सरकार को बारह साल से हर दिन गिरने में कोई समस्या नहीं तो इन विधेयकों को तो केवल एक दिन में एक साथ गिरना था! इन्हें क्या दिक्कत थी?

अगर ये दोनों गुजराती भाई सोच रहे थे कि ये विधेयक लाकर और विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक गिरा दिया का हल्ला मचा कर ये ममता बनर्जी या स्टालिन को हरा देंगे तो ये बहुत ही दूर की कौड़ी ला रहे थे। स्टालिन का तो ये कुछ भी करके कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते हैं, इतना ये पहले भी जानते थे। स्टालिन ने तो पहले ही परिसीमन के सवाल पर इनके खिलाफ युद्ध छेड़ रखा था और इनकी हवा टाइट कर दी थी।

रही ममता बनर्जी तो उन्हें किसी और तरकीब से तो हराने की सोचा जा सकता था मगर इस मुद्दे पर उन्हें हराया नहीं जा सकता। एक तो वह खुद महिला मुख्यमंत्री हैं और दूसरे उन्होंने पहले ही महिलाओं को चुनाव में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण दे रखा है। ममता के विरुद्ध यह हथियार कारगर नहीं होगा, इतनी अक्ल इनके पास रही होगी, यह मानना चाहिए। हां इस बार खरीद फरोख्त ये नहीं कर पाए, इसका अफसोस इन्हें जरूर रहा होगा!

तो सवाल यह है कि जल्दबाजी में ये ड्रामा करने से इन्हें क्या मिला, जिसका सेट तैयार नहीं था। प्रापर्टी पूरी नहीं थी और प्रकाश व्यवस्था में‌ भी कमी थी! अभिनेता डायलॉग तक रट नहीं पाए थे। बात फिर ज्योतिषी पर आकर अटक जाती है।

-विष्णु नागर के फेसबुक वाल से

राम भक्तों के लिए

नाबालिग 6 वर्षीय बच्ची सन् 2018 से लापता मामले पर हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद डीजीपी तदाशा मिश्रा गुमला पहुंची, जहां उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

डीजीपी ने पीड़ित परिवार से मिलकर स्वंय घंटो विस्तृत रूप से पूछताछ करते हुए उन्हें आश्वासन और भरोसा दिया कि हम आपके साथ हैं

हाई कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि अगले दो सप्ताह में जांच में ठोस प्रगति नहीं देखी तो, उक्त मामले को सीबीआई को सौपा जा सकता है, जिससे जांच को नई दिशा मिल सके

गुमला : – गुमला जिला के खोरा गांव की एक नाबालिक 6 वर्षीय बच्ची सन् 2018 से लापता मामले पर हाईकोर्ट के द्वारा डीजीपी तदाशा मिश्रा एंव गुमला एसपी हरिश बिन जामां से जांच रिपोर्ट की मांग की, वही पुलिस अनुसंधान में अभी तक बच्ची का पता नही चलने पर कोर्ट ने जांच की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए,तेजी से परिणाम लाने का निर्देश दिया , और दो सप्ताह के भीतर जांच में कोई ठोस प्रगति नही होने पर उक्त केस की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही और हाईकोर्ट के द्वारा नाराजगी व्यक्त करने के बाद झारखंड राज्य की डीजीपी तदाश मिश्रा गुमला पहुची, जहा प्रोटोकॉल के तहत सर्किट हाउस गुमला में उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया, डीजीपी ने गुमला पहुंच कर संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ विशेष बैठक कर अभी तक किये गये अनुसंधानों की समीक्षा करते हुए उन्होंने उक्त 6 वर्षीय नाबालिक लापता बच्ची के परिजनों को भी बुलाकर लगभग 2 घंटे तक उनसे बंद कमरे में पूरी जानकारी ली, और इसके अलावा डीजीपी ने कहा कि पुलिस के द्वारा लापता बच्ची के उक्त केस में काफी मेहनत की गई है और लंबे समय से अनुसंधान कर्ताओं द्वारा उक्त अनुसंधान के क्रम में अब तक कोई खास सफलता प्राप्त नही होने पर, गुमला पुलिस के द्वारा किए गए उक्त पूरे केस के अनुसंधान की स्थिति की भी विस्तार पूर्वक समीक्षा की गई, और उक्त केस से संबंधित गोपनीय सूचनाओं के संकलन पर भी जोर दिया गया, डीजीपी ने पुलिस खुफिया तंत्र को और मजबूत किये जाने पर विशेष बल दिया, ताकि हाई कोर्ट के द्वारा दिए गए समय सीमा के अंदर रहते हुए,सटीक करवाई संभव हो सके, उन्होंने गुमला एसपी हरिश बिन जामां सहित उक्त अभियान से संबंधित अनुसंधानकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए ताकि उक्त 6 वर्षीय नाबालिक लापता बच्ची के उक्त केस से रहस्यों का पर्दा उठ सके, और सच्चाई सामने आ सके, और सफलता प्राप्त की जा सके , डीजीपी ने उक्त बैठक के दौरान उपस्थित एसपी सहित सभी संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को जिम्मेदारी पूर्वक कार्य करते हुए, उक्त लक्ष्य को प्राप्त करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य होगा,,,,,


गुमला की लापता उक्त बच्ची के मामले में हाईकोर्ट सख्त दो हफ्ते में प्रगति नहीं हुई तो सीबीआई जांच संभव

गुमला जिले से वर्ष 2018 में लापता हुई, नाबालिक छह वर्षीय बच्ची के मामले में सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। अदालत ने राज्य सरकार को दो सप्ताह का अंतिम अवसर देते हुए स्पष्ट कहा कि यदि इस दौरान अनुसंधान में कोई ठोस और संतोषजनक प्रगति नहीं हुई, तो मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने पर विचार किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा वर्चुअल माध्यम से अदालत में उपस्थित हुईं और मामले की वर्तमान जांच स्थिति की जानकारी दीं। अदालत ने उनसे पूछा कि सात वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस बच्ची का पता क्यों नहीं लगा सकी, कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है l वही गुमला के एसपी से भी अदालत ने जांच की प्रगति पर सवाल किए, प्रस्तुत रिपोर्ट से असंतुष्ट होकर कोर्ट ने टिप्पणी की कि मामले में अब तक कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं हुई है, इस पर अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर विस्तृत और संतोष जनक जवाब दाखिल करें, यह मामला गुमला की रहने वाली चंद्र मुनि उराइन द्वारा अपनी बेटी की बरामदगी के लिए दायर हेबियस कॉर्पस याचिका से जुड़ा है। इसकी सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कर रही है। पूर्व में अदालत को बताया गया था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी ने दिल्ली समेत कई स्थानों पर जाकर बच्ची की तलाश की, साथ ही उसकी तस्वीरें भी विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा करवाई। इसके बावजूद बच्ची का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। वर्ष 2023 में गठित एसआईटी की कार्रवाई के दौरान छापेमारी में नौ लापता बच्चों को बरामद किया गया था, जो इस जांच की एक सकारात्मक उपलब्धि मानी गई। फिर भी, संबंधित बच्ची की तलाश अब तक जारी है। कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यदि अगले दो सप्ताह में जांच में ठोस प्रगति नहीं दिखी, तो मामले को सीबीआई को सौंपा जा सकता है, जिससे जांच को नई दिशा मिल सके।

राम भक्तों के लिए

खाद्य सुरक्षा अभियान में खुली लापरवाही, कई दुकानों को नोटिस

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

गुमला : – गुमला उपायुक्त, के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्ब्रई के मार्गदर्शन में आज खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी के नेतृत्व में गुमला शहर के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना था।

निरीक्षण के दौरान मेसर्स जहिम होटल, मेसर्स झारखंड स्टोर (चांदनी चौक), मेसर्स राज स्टोर, हरी ट्रेडर्स (पंजाबी गली) एवं मेसर्स शाहिद इकबाल (पटेल चौक) सहित कई प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के क्रम में कई अनियमितताएं पाई गईं, जिस पर संबंधित संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए।

मेसर्स जहिम होटल में साफ-सफाई की कमी पाए जाने पर संचालक को एप्रन, ग्लव्स एवं हेडगियर का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा शीघ्र खाद्य लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। वहीं, झारखंड स्टोर में मिसब्रांडेड खाद्य सामग्री बेचे जाने की पुष्टि होने पर उसे तत्काल नष्ट कराया गया तथा संचालक को भविष्य में ऐसी गतिविधि न करने की कड़ी चेतावनी दी गई।

इसी प्रकार राज स्टोर एवं हरी ट्रेडर्स को बिना अनुज्ञप्ति/लाइसेंस के प्रतिष्ठान संचालित करने पर कड़ी फटकार लगाई गई और शीघ्र लाइसेंस बनवाने का निर्देश दिया गया। मेसर्स शाहिद इकबाल के यहां भी मिसब्रांडेड सॉस पाए जाने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया तथा पुनः ऐसी गलती पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि जिले में इस प्रकार का निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी खाद्य व्यवसायियों से अपील की कि वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों का पालन करें, साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें तथा गुणवत्तापूर्ण सामग्री ही उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएं।

साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई कि यदि कहीं मिलावटी या संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

राम भक्तों के लिए

उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आयोजित

0

न्यूज – गनपत लाल चौरसिया – ब्यूरो प्रमुख – गुमला

विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों की समस्याओं पर सुनवाई, त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश

गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया।
उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान प्रखंड बिशुनपुर अंतर्गत ग्राम चिंगारी से आए टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के स्मारक स्थल के सुंदरीकरण एवं श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु अतिथि गेस्ट हाउस निर्माण की मांग प्रस्तुत की गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसी क्रम में टाना भगत समुदाय द्वारा कृषि कार्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, ट्रॉली, सिंचाई पंपसेट तथा अन्य कृषि यंत्रों के वितरण से संबंधित मांग भी रखी गई। उपायुक्त ने कृषि विभाग को इस संबंध में योजनानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

राजस्व, निबंध एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक आवेदन में आवेदक द्वारा पूर्व में निर्गत पत्र के आलोक में लंबित जांच/कार्यवाही की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने एवं कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया।
प्रखंड बिशुनपुर के ग्राम नरमा की उर्शिला कुमारी द्वारा राशन कार्ड में पुत्री का नाम जोड़ने में हो रही देरी के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
प्रखंड सिसई अंतर्गत ग्राम बानपुर पानीलता के सुरेश उराँव द्वारा आवास निर्माण हेतु भूमि पर अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
प्रखंड कामडारा के ग्राम कोटवो के आनंद मसीह तोपनो, अंजुल तोपनो एवं बिनोद तोपनो द्वारा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बसिया न्यायालय में लंबित एस. ए. आर. वादों के निष्पादन में विलंब की समस्या रखी गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को वादों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन एवं आदेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त अन्य आवेदकों द्वारा भी पेंशन, जन वितरण प्रणाली, राजस्व मामलों एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रस्तुत की गईं, जिन पर उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

राम भक्तों के लिए
IIT - Polo Tshirt - Premium