गिरिडीह (कमलनयन) : दशकों के लम्बे इंतजार के बाद गुरुवार को झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सह नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार, गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, गिरिडीह नगर निगम की मेयर प्रमिला मेहरा व अन्य गण्यमाण्य लोगों की गरिमामयी उपस्थिति में राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का शिलान्यास कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। जरीडीह-पचम्बा में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में शिक्षा से विकास, विकास से समृद्धि” की भावना को साकार करने के मकसद से हुए आयोजित कार्यक्रम में झारखंड सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में काफी संख्या में आम और खास की भागीदारी दिखी।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री, हेमंत सोरेन, मंत्री, सुदिव्य कुमार तथा विधायक गांडेय, श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन सभी के सामूहिक प्रयासों, दूरदर्शिता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज गिरिडीह में इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण का शिलान्यास संभव हो पाया है।
मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा-पंचबा शिक्षा के हब के रूप में होगा विकसित
अपने संबोधन में मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक तकनीकी शिक्षा उनके ही क्षेत्र में उपलब्ध हो, ताकि उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजने की योजना पर कार्य कर रही है, जिससे झारखंड के युवा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और अपने राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने यह भी कहा कि पचम्बा को एक “एजुकेशन हब” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, जहां भविष्य में विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित होंगे। इससे न केवल गिरिडीह बल्कि आसपास के जिलों के छात्रों को भी लाभ मिलेगा।

गिरिडीह जिले में तकनीकी शिक्षा को नई पहचान मिलेगी : कल्पना सोरेन
इस दौरान विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि गिरिडीह जिले के समग्र विकास में शिक्षा की केंद्रीय भूमिका है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के प्रयासों से जिले में कई विकास योजनाएं तेजी से लागू हो रही हैं। इस महाविद्यालय के निर्माण से न केवल गिरिडीह जिले में तकनीकी शिक्षा को नई पहचान मिलेगी, बल्कि यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त होगा।
यह शिलान्यास कार्यक्रम केवल एक भवन निर्माण की शुरुआत नहीं, बल्कि झारखंड के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। आनेवाले वर्षों में यहां भव्य इमारतों के साथ-साथ बड़े-बड़े सपने भी आकार लेंगे। पचम्बा को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने का सपना अब साकार होता नजर आ रहा है।

34.93 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा अभियंत्रण महाविद्यालय
बताया गया कि प्रस्तावित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय का परिसर लगभग 34.93 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जो अपने आप में एक विशाल और आधुनिक शैक्षणिक केंद्र होगा। इस परिसर में छात्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कुल सुपर बिल्ट-अप एरिया के अंतर्गत विभिन्न भवनों और सुविधाओं का समावेश किया गया है, जो इस संस्थान को एक संपूर्ण शैक्षणिक वातावरण प्रदान करेगा।
परिसर में छात्रों के आवास के लिए दो बालक छात्रावास (10285 वर्गमीटर) तथा बालिकाओं के लिए भी समान क्षमता का छात्रावास (10285 वर्गमीटर) बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त कैंटीन (611 वर्गमीटर), बालक मेस (611 वर्गमीटर) और बालिका मेस (611 वर्गमीटर) की व्यवस्था की जाएगी, जिससे छात्रों को बेहतर भोजन एवं रहने की सुविधाएं मिल सकें।
शैक्षणिक गतिविधियों के लिए दो विशाल अकादमिक ब्लॉक (13538 वर्गमीटर) का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आधुनिक कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और स्मार्ट लर्निंग सुविधाएं होंगी। इसके साथ ही एक छात्र संसाधन केंद्र (3195 वर्गमीटर) स्थापित किया जाएगा, जहां छात्रों को अध्ययन, शोध एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त वातावरण मिलेगा।
प्रशासनिक कार्यों के लिए एक सुव्यवस्थित प्रशासनिक भवन (2134 वर्गमीटर) का निर्माण होगा, जबकि महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के लिए 284 वर्गमीटर का आवास भी परिसर में ही बनाया जाएगा। शिक्षकों एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए क्रमशः 3627 वर्गमीटर एवं 2635 वर्गमीटर के स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे, जिससे उन्हें कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा मिलेगी।
तकनीकी शिक्षा को और अधिक सशक्त बनाने के लिए परिसर में तीन वर्कशॉप (प्रत्येक 206 वर्गमीटर) का निर्माण किया जाएगा, जहां छात्र व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा एक भव्य ऑडिटोरियम (3334 वर्गमीटर) का निर्माण होगा, जहां शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे।
छात्रों के खेलकूद के लिए कई सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी
छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए खेलकूद की भी समुचित व्यवस्था की गई है। परिसर में एक इनडोर स्टेडियम (1805 वर्गमीटर) के साथ-साथ एक बास्केटबॉल कोर्ट, दो बैडमिंटन कोर्ट और दो वॉलीबॉल कोर्ट का निर्माण किया जाएगा। यह सुविधाएं छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। अन्य आवश्यक सुविधाओं के अंतर्गत एक जनरल स्टोर एवं एटीएम (35 वर्गमीटर) तथा विद्युत आपूर्ति के लिए एक इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन (106 वर्गमीटर) का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे परिसर में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों को सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें।
