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Thursday, July 2, 2026
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राहुल गांधी का लिखा हुआ एक लेटर वायनाड की जनता के बीच बांटा गया, भाजपा पर तीखा हमला भी किया-वे मुझे जेल में डाल दें,पर लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा

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नई दिल्ली:  सांसद तो बस एक टैग है। यह एक पद है इसलिए भाजपा टैग हटा सकती है, वे पद ले सकते हैं, वे घर ले सकते हैं और वे मुझे जेल में भी डाल सकते हैं, लेकिन वे मुझे वायनाड के लोगों का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोक सकते हैं। लोकसभा से अयोग्य घोषित होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी का केरल के वायनाड में उनका पहला दौरा है। राहुल गांधी 24 मार्च तक वायनाड से लोकसभा सांसद थे। वायनाड पहुंचने के बाद राहुल गांध व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कलपेट्टा में ‘सत्यमेव जयते’ नाम से रोड शो में हिस्सा लिया। उसके बाद राहुल गांधी ने अपने संसदी दफ्तर के बाहर जनसभा को सम्बोधित करते हुए भाजपा पर कई हमले किए। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें लगता है कि वे मेरे घर पुलिस भेजकर मुझे डराएंगे, लेकिन मैं वास्तव में खुश था कि उन्होंने मेरा घर ले लिया। आप मेरा घर 50 बार ले लो लेकिन मुझे कोई परवाह नहीं है। मैं तब भी देश और वायनाड के लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा। इसके बाद राहुल गांधी का लिखा हुआ एक लेटर वायनाड की जनता के बीच बांटा गया।

वायनाड में राहुल ने रोड शो किया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वायनाड में स्थित अपने सांसदी आफिस के बाहर जनसभा को सम्बोधित करते हुए यह सवाल उठाया कि, मैंने संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि आप अदाणी के साथ अपने संबंध के बारे में बताएं…मैंने पूछा कि आपका अदाणी के साथ क्या संबंध हैं? लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसका जवाब नहीं दिया। कहा कि, भाजपा के मंत्रियों ने संसद में मेरे बारे में झूठ बोला। मैं स्पीकर के पास भी गया लेकिन फिर भी मुझे बोलने नहीं दिया गया। भाजपा ने मुझे संसद से अयोग्य घोषित कर दिया, मेरा घर ले लिया और मुझ पर 24 घंटे हमला कर रहे हैं…मैं जनता हूं मैं सही कर रहा हूं और जितना वो मुझ पर हमला करेंगे लेकिन मैं रुकूंगा नहीं। इस अयोग्यता से वायनाड के लोगों के साथ मेरा रिश्ता और गहरा होगा।

अडानी के सवाल पर पीएम की चुप्पी, जवाब देगी जनता: प्रियंका गांधी

इस मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने गरजते हुए भाजपा को आईना दिखाया कि, पूरी सरकार सिर्फ एक आदमी गौतम अदाणी को बचाने के लिए हमारे लोकतंत्र को नीचे गिराने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी, गौतम अदाणी का बचाव करने के लिए जिम्मेदार महसूस करते हैं, लेकिन उन्हें भारत के लोगों के प्रति कोई जिम्मेदारी महसूस नहीं होती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि सवाल पूछना, जवाबदेही की मांग करना, मुद्दे उठाना सांसद का काम है। मुझे यह बात अजीब लगती है कि, पूरी सरकार यहां तक कि प्रधानमंत्री मोदी भी इसे अनुचित मानते हैं और एक आदमी पर बेरहमी से हमला करते हैं, क्योंकि उसने एक ऐसा सवाल पूछा है जिसका वे जवाब नहीं दे सकें।

राम भक्तों के लिए

12 अप्रैल से 5 मई तक टीकाकरण का विशेष अभियान: 5 लाख बच्चों को स्कूलों में व ढाई लाख को आगनंबाड़ी केंद्रों में टीके लगाने का लक्ष्य: डीसी

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गिरिडीह  (कमलनयन) : भारत में हर साल खसरे की चपेट में आ रहे 27 मिलियन बच्चों को इस जानलेवा बीमारी से निजात दिलाकर देश को खसरा मुक्त कराने की दिशा में भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 को खसरा-रुबेला से मुक्त अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत झारखंड में सर्वाधिक प्रभावित गिरिडीह जिला समेत अन्य जिलों में 12 अप्रैल से 5 मई तक अगले पांच सप्ताह तक एमआर खसरा-मिजिल्स, रुबेला, टीकाकरण का विशेष अभियान प्रारम्भ किया गया है. गिरिडीह जिला झारखंड के उन जिलों में शामिल है, जहां वर्ष 2022- 23 में आंकड़ों के मुताबिक देशभर में 40 मासूमों की मौत हुई, जिसमें नौ बच्चे झारखंड के थे, इनमें सर्वाधिक तीन बच्चे गिरिडीह जिले के थे। मासूमों की जीवन रक्षा के लिए सरकार द्वारा चलाये जा रहे खसरा मिजिल्स विशेष टीकाकरण अभियान की शत-प्रतिशत सफलता के लिए गिरिडीह जिला प्रशासन ने आनेवाले 40 दिनों तक स्वास्थ्य सेवा के लिए समर्पित किया है। मंगलवार को अभियान को लेकर जिला समाहरणालय सभागार में मीडिया वर्कशॉप आयोजित किया गया। वर्कशॉप को उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा, सीएस डा. एसपी मिश्र ने संबोधित किया।

प्रखंंड से लेकर जिला स्तर तक मॉनिटरिंग होगी: डीसी

इस दौरान डीसी ने कहा कि खसरा-रुबेला विशेष टीकाकरण अभियान में 2018 से 2020 के बीच 23.2 मिलियन बच्चों को असमय मौतों से रोका जा सका है. उन्होंने कहा कि अभियान की सफलता के लिए मीडिया का सकारात्मक योगदान ,समाजसेवी संस्थाओं,धर्मगुरुओं एवं आमजनों का सहयोग अपेक्षित है. डीसी ने कहा कि मासूमों को असमय मौत से बचानेवाले इस अभियान के सफल संचालन को लेकर जिले भर में 282 टीकाकरण दल गठित कर 6480 टीकाकरण केन्द्र बनाये गये हैं, जिनमें आठ लाख से अधिक बच्चों को स्कूलों, आंगनबाडी केन्द्रों एवं स्वास्थ्य केन्द्रों में खसरे के टीके दिये जायेंगे। उन्होंने कहा कि लगभग 5 लाख बच्चों को स्कूलों में एवं ढाई लाख बच्चों को आगनंबाड़ी केन्द्रों में टीके लगाने का लक्ष्य है. प्रतिदिन कार्य दिक्स में तीस हजार बच्चों को आच्छादित करने का लक्ष्य है. इसके लिए रोजाना प्रखण्ड स्तर से लेकर जिला स्तर पर टीकाकरण की मॉनिटरिंग की जायेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी केन्द्र से  टीकाकरण को लेकर भ्रामक खबरों पर मीडियाकर्मी एंव स्वास्थ्य सेवा से जुड़े लोगों को विशेष सर्तक रहने की जरूरत पर बल दिया।

टीका स्वदेशी-सुरक्षित और प्रभावी: सीएस डा. मिश्रा

सिविल सर्जन डा. एस सी मिश्रा ने कहा कि गिरिडीह जिले में 90,9,953 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य है. जिन बच्चों को पूर्व में टीका लगाया गया है, उन्हें भी पुनः अभियान के दौरान टीका लगाना है. सीएस ने कहा कि खसरा-रूबेला का टीका सुरक्षित और प्रभावी है. टीकाकरण अभियान की देखरेख यूनिसेफ और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा की जाती है. सीएस ने कहा कि यदा-कदा टीकाकरण के बाद प्रतिकूल असर सामने आते हैं, लेकिन यह सब सामान्य और क्षणिक होती है। यद्यपि टीकाकरण के नियमों के पालन को लेकर मेडिकलकर्मियों व बच्चों के अभिभावकों को भी करने चाहिये। भूखे पेट टीका नहीं लगाना है. असाध्य ऱोगों से ग्रसित को भी डाक्टरी सलाह के बाद ही टीका लगाना चाहिये। सीएस ने कहा कि खसरा-रूबेला का टीका पूर्णतः स्वदेशी व सुरक्षित है. दुनियाभर में अनेक देश भारत में निर्मित खसरा-रूबेला टीके को अपना रहे हैं.

40 दिवसीय टीकाकरण अभियान को लेकर जागरुकता रैली निकली

गिरिडीह जिले में खसरा रुबेला अभियान की शुरुआत 12 अप्रैल से होगी। अभियान की शत-प्रतिशत सफलता के लिए मंगलवार को झंडा मैदान से जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में जिले के आला अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों व स्कूली बच्चे शामिल हुए। झंडा मैदान से निकाली गई रैली रीतलाल वर्मा चौक, मकतपुर, कालीबाड़ी, टावर चौक होते हुए वापस झंडा मैदान पहुंची। रैली में बीएनएस डीएवी स्कूल, मकतपुर हाई स्कूल, जेसी बोस बालिका उच्च विद्यालय, बंगाली बालिका मध्य विद्यालय, मिर्जा गालिब उर्दू मध्य विद्यालय, कमला नेहरू कन्या मध्य विद्यालय, नेताजी सुभाष मध्य विद्यालय समेत अन्य स्कूलों के बच्चे शामिल हुए।

रोजाना 30 हजार बच्चों का टीकाकरण होगा: डीसी

रैली समापन के बाद झंडा मैदान में पत्रकारों से डीसी नमन प्रियेश लकड़ा ने कहा कि 12 अप्रैल से शुरू हो रहे अभियान के तहत जिले के 9 लाख बच्चों को खसरा रुबेला टीकाकरण का लक्ष्य है। रोजाना 30 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा. 9 माह से 15 वर्ष के बच्चों को टीका लगाया जाएगा. टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है. इसे लेकर बच्चों के अभिभावक किसी तरह का भ्रम में नहीं रहे। खसरा जानलेवा बीमारी है. इससे बचने का एकमात्र तरीका टीकाकरण है। मौके पर डीसी के अलावा डीडीसी शशि भूषण मेहरा, अपर समाहर्ता विल्सन भेंगड़ा, सिविल सर्जन डॉ. एसपी मिश्रा, डॉ. अशोक कुमार, मोहम्मद डा. आजाद, डीपीएम प्रमिला कुमारी समेत बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे मौजूद थे।

राम भक्तों के लिए

AAP को मिला राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा,TMC-NCP से राष्ट्रीय स्तर का दर्जा छिन गया

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नई दिल्ली : केंद्रीय चुनाव आयोग ने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दे दिया है। वहीं ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी का राष्ट्रीय स्तर का दर्जा छिन गया है। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास पासवान) को नागालैंड में राज्य स्तर की पार्टी का दर्ज़ा मिला। चुनाव आयोग ने 2016 में राष्ट्रीय पार्टी की स्थिति की समीक्षा के नियमों में बदलाव किया है। अब समीक्षा पांच के बजाए 10 साल में किया जाता है।

AAP एनसीपी-टीएमसी व लोजपा के मुकाबले नई पार्टी

हालांकि, किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए आवश्यक है कि, उसके उम्मीदवार देश में कम से कम चार से ज्यादा राज्यों में छह फीसद से अधिक मत हासिल करें। साथ ही लोकसभा में उसका प्रतिनिधित्व कम से कम चार सांसदों का हो। चुनाव आयोग के अनुसार, एनसीपी इस समय इसमें से कई मानकों को पूरा नहीं करती। इस वजह से एनसीपी से राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा छिन गया है। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास पासवान) को नागालैंड में राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा मिला है। तृणमूल कांग्रेस का बंगाल और त्रिपुरा में राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा जारी रहेगा। टिपरा मोथा पार्टी को त्रिपुरा में एक राज्य पार्टी के रूप में मान्यता मिली है। बीआरएस को आंध्र प्रदेश में एक राज्य पार्टी के रूप में अमान्य घोषित किया गया है। आप पार्टी एनसीपी-टीएमसी और लोजपा के मुकाबले नई पार्टी है. मात्र दस साल में आप पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने से पुरानी पार्टियों को गहरा धक्का लगा है.  

 

राम भक्तों के लिए

ICICI बैंक पर उपभोक्ता फोरम ने 50 हजार का लगाया जुर्माना, लोन वसूली के बावजूद अकाउंट से कट रही थी राशि

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धनबाद : आइसीआइसीआइ बैंक का एक कारनामा सामने आया है. लोन वसूली के बाद भी कर्जदाता के अकाउंट से राशि काटी जाती रही. कर्जदाता ने इस संबंध में बैंक प्रबंधन को कई बार जानकारी दी, लेकिन उनकी बातों का अनसुना कर दिया गया. अंतत: कर्जदाता ने इस मामले को उपभोक्ता फोरम लेकर गया. इसके बाद उसे न्याय मिला. फोरम ने सुनवाई करते हुए ग्राहक से वसूली गई अधिक राशि को वापस करने का आदेश देते हुए 50 हजार रुपये जुर्माना देने व दस प्रतिशत ब्याज के साथ रुपये वापस करने का आदेश दिया। दस हजार रुपये परेशान करने के अलग से दिये जाने का आदेश भी बैंक प्रबंधन को दिया गया।

उपभोक्ता फोरम में 47 बार चक्कर लगाने के बाद मिला न्याय

कुछ साल पूर्व धनबाद के शास्त्री नगर इलाके के रहनेवाले सरदार अमरीक सिंह खनूजा ने आइसीआइसीआइ बैंक से होम लोन लिया था। बैंक ने लोन को चुकता करने के लिए प्रत्येक माह के लिए एक राशि मुकर्रर कर दी। कर्जदाता से दस साल तक हर माह में लोन स्वरूप ली गई कुल राशि ब्याज के साथ वसूली जानी थी। लेकिन कर्जदाता से सोलह साल तीन माह तक एकाउंट से राशि काटी जाती रही। निर्धारित अवधि के बाद भी जब एकाउंट से राशि काटे जाने लगी तो उपभोक्ता ने बैंक प्रबंधक से इसकी शिकायत की। बैंक प्रबंधन ने उपभोक्ता की शिकायत को कभी गंभीरता से नहीं लिया. थक-हार कर उन्होंने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करायी. कर्जदाता ने उपभोक्ता फोरम में भी उन्हें 47 बार चक्कर लगाना तब जाकर पिछले माह 2 मार्च को फोरम ने आइसीआइसीआइ बैंक को दोषी मानते हुए अपना फैसला सुनाया।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह जिले के सभी प्रखंडों में कोरोना की रोकथाम व नियंत्रण के लिए हुआ मॉक ड्रिल, कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन तैयार : डीसी

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गिरिडीह: देश में एक बार फिर कोरोना ने कई राज्यों में दे दी है. बढ़ते मामलों को देखते राज्य सरकार के दिशा-निर्देश पर गिरिडीह स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट है। कोविड सेंटरों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया गया है। वहीं उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया।

डीसी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया

डीसी ने निरीक्षण के दौरान तैयार हो रहे आरटीपीसीआर लैब, पीसीए प्लांट, वार्ड, कोविड जांच केंद्र, समेत अन्य संसाधनों का निरीक्षण किया। साथ ही सिविल सर्जन शिव प्रसाद मिश्रा को सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। मौके पर स्वास्थ्य महकमा की ओर उपायुक्त को मॉक ड्रिल कर दिखाया गया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने दिखाया कि कोविड मरीज मिलने पर कैसे उसे पीपीइ किट पहन कर एम्बुलेंस से सेंटर लाया जाएगा और फिर जांच कर उन्हें जरुरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। इस बाबत उपायुक्त श्री लकड़ा ने कहा कि कोविड के केसों में इजाफा देखते हुए व्यवस्थाओं का मुआयना किया गया। अगर कोरोना के मामले आते हैं तो, उसके लिए पर्याप्त तैयारी की गयी है। साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है.

मैन पावर की मैपिंग होगी, सबकी जिम्मेवारी तय होगी: डीसी

मौके पर उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के प्रसार को गिरिडीह जिले के सभी प्रखंडों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आज मॉक ड्रिल का सफल आयोजन संपन्न हो पाया है। उन्होंने कहा कि मैन पावर की भी मैपिंग की जायेगी, ताकि सबकी जिम्मेवारी तय की जा सके। स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व फ्रंट लाइन वर्कर्स को उनकी जिम्मेवारी से अवगत कराया गया है। टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। ताकि कोरोना के बढ़ते प्रभाव को नियंत्रित किया जा सके। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा कोविड-19 को लेकर जारी गाइडलाइन का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

उपकरणों की जांच,सभी दुरुस्त पाए गए

कोरोना से बचाव और रोकथाम को लेकर सोमवार को गिरिडीह जिले के सभी प्रखंडों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में ऑक्सीजन की व्यवस्था, वार्डों की स्थिति व कोरोना से निपटने के लिए विशेष उपकरणों की जांच की गई। इस दौरान बेड और वेंटिलेटर की सुविधाएं जांची गई। मॉक ड्रिल के जरिए अस्पतालों में इंफ्रास्ट्रक्चर कितना है? पीपीई किट कितनी है। N95 मास्क और वेंटिलेटर की कितनी संख्या है? कोविड वार्ड कितने तैयार हैं? बेड की संख्या कितनी है? संकट की स्थिति में ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं या नहीं। मॉक ड्रिल के माध्यम से यह कोशिश की गई कि कोरोना के मरीज को कैसे एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल लाया जा सकता है और उन्हें कैसे आइसोलेट किया जाएगा, इसमें क्या-क्या सावधानी बरतनी है, इसकी जानकारी दी गयी. इसके अलावा सेनिटाइज करने, मास्क आदि से एहतियात बरतने की जानकारी भी दी गयी।

कोविड 19 टेस्टिंग सेंटर 14 में ये सब उपलब्ध है

सीसीसी बेड- 60, 02 सपोर्ट बेड- 533, वेंटिलेटर- 42, एसए-04, आईसीयू बेड- 43, Picu- 20, NICU- 20, HDU- 18, RAT KIT- 1012, TRUENAT KIT- 142, OXYGEN CONCENTRATOR- 506, सिलेंडर डी टाइप-224, सिलेंडर बी टाइप-165, सर्जिकल मास्क- 8000, N 95 मास्क-5220, आरटीपीसीआर लैब-01, TRUENAT लैब-1 शामिल है.

राम भक्तों के लिए

झारखंड का दुर्भाग्य: BJP-RSS भी कभी आदिवासियों के दिल की धड़कन नहीं बन पाए: सालखन मुर्मू

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जमशेदपुर : आदिवासी समुदाय को आज अपनी अस्तित्व- पहचान और हिस्सेदारी चौतरफा पर हमला तेज हो गया है। मगर लगभग सभी आदिवासी गांव-समाज में मरांग बुरु बचाने, सरना धर्म कोड लागू करने, संताली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा बनाने और अन्य आदिवासी भाषाओं को समृद्ध करने, सीएनटी-एसपीटी एक्ट कानून लागू करने, एसटी के हिस्सेदारी को कुरमी-महतो आदि से बचाने, शिक्षित बेरोजगारों को झारखंड में रोजगार दिलाने, झारखंड को “आबोआग दिशोम-आबोआग राज” बनाने जैसे अहम मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। लेकिर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा कायम रखा है, ताकि 2023 में हर हाल में प्रकृति पूजक आदिवासियों को सरना धर्म कोड प्राप्त हो सके। चुनौती बड़ी है, पर असंभव नहीं है। सोमवार को आदिवासी सेंगेल अभियान के प्रमुख एवं पूर्व सांसद सालखन मुर्मू एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कही है.

JMM वोट और नोट के चक्कर में

श्री मुर्मू ने कहा कि हमारी प्रथाओं- परंपराओं को रुढ़ियों से बचाने के नाम पर हंड़िया-दारु बचाओ (नशापान), अंधविश्वास, डायन प्रथा, आदिवासी महिला विरोधी मानसिकता और वोट की खरीद बिक्री (राजनीतिक कुपोषण) बचाओ चालू है। लगभग सभी आदिवासी गांव-समाज अनपढ़, पियक्कड़, संविधान कानून से अनभिज्ञ कुछ लोगों के कब्जे में है। वोट और नोट के लालच में झारखंड मुक्ति मोर्चा इसको बढ़ावा देने का काम करता है। और उसके सहयोगी संगठन असेका, माझी परगना महाल, संताली लेखक संघ आदि समाज सुधार और आदिवासी अस्तित्व की रक्षा के बदले उसको बर्बादी और गुलामी की तरफ धकेलने का काम कर रहे हैं।

आदिवासियत से ज्यादा ईसाइयत की फिक्र क्यों?

उन्होंने कहा कि आदिवासी गांव- समाज चाहे तो आज एकजुट होकर अपनी रक्षार्थ खड़ा हो सकता है। ईसाई मिशनरी भी अपनी धार्मिक लाभ के लिए भाजपा-आरएसएस का डर दिखाकर जेएमएम-कांग्रेस को साथ देते हुए नकली आदिवासी पैदा कर रहे हैं. ये आदिवासियत से ज्यादा ईसाईयत की फिक्र करते हैं। संथाल परगना में सरना आदिवासियों की दुर्दशा इसका साक्षात प्रमाण है। मगर दुर्भाग्य से भाजपा-आरएसएस के पास भी आदिवासियों के दिल की धड़कन नहीं है।

आदिवासी सेंगल अभियान सात राज्यों में क्रियाशील

उन्होंने कहा कि आदिवासियों की अस्तित्व रक्षा में यह बेकार साबित हो रहे हैं। इसलिए आदिवासी समाज को खुद एकजुट होकर संविधान-कानून के मार्फत निर्णायक संघर्ष करना होगा। वे कहते हैं आदिवासी सेंगेल अभियान (सेंगेल) फिलहाल सात प्रदेशों- झारखंड, बंगाल, बिहार, ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा के लगभग 300 प्रखंडों में क्रियाशील है। सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक सशक्तीकरण के काम को आगे बढ़ा रहा है।

राम भक्तों के लिए

यात्रियों के लिए खुशखबरी, गिरिडीह से रांची तक जल्द दौड़ेगी रेल, टाइम टेबल हुआ जारी।

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गिरिडीह से राजधानी रांची के लिए जल्द ट्रेन दौड़ेगी. इसको लेकर रेलवे ने टाइम टेबल भी जारी कर दी है. यह जानकारी कोडरमा की केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने दी. कहा कि गिरिडीह और कोडरमा, गिरिडीह से रांची तक रेल का परिचालन शीघ्र ही शुरू होगा.

इस संबंध में भारत सरकार के रेल मंत्रालय की ओर से एक पत्र भी जारी किया है. यह जानकारी कोडरमा की केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने दी. उन्होंने बताया कि कोडरमा- हजारीबाग टाउन-रांची रेल पथ की शुरुआत के साथ नयी संभावना का दौर शुरू हुआ है. अभी गिरिडीह और कोडरमा से रांची तक के लिए इस नये रेल पथ पर कुछ और ट्रेनों के परिचालन पर विचार हो रहा है. जल्द ही कुछ और शुभ सूचनाएं मिलेगी. मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने गिरिडीह से रांची तक रेल सेवा शुरू करने की सहमति देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है.रेलवे ने जारी की रेलवे टाइम टेबल।रेलवे बोर्ड ने नयी ट्रेन सेवा के लिए समय सारिणी जारी कर दी है.

न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन से 14.00 बजे ट्रेन खुलेगी और कोडरमा 16.10 बजे पहुंचेगी. कोडरमा रेलवे स्टेशन में इस ट्रेन का 30 मिनट का ठहराव होगा. 16.40 बजे यह ट्रेन कोडरमा से खुलेगी और बड़काकाना 19.10 बजे पहुंचेगी. बड़काकाना से 19.15 बजे ट्रेन खुलकर टाटी सिलवई रेलवे स्टेशन 21.05 बजे पहुंचेगी और यहां से 21.07 बजे खुलकर रांची रेलवे स्टेशन 21.30 बजे पहुंचेगी.

गिरिडीह से रांची तक का सफर इस ट्रेन से लगभग साढ़े सात घंटे का होगा. समय सारिणी के अनुसार रांची से यह ट्रेन प्रात: 06.10 बजे खुलेगी और टाटी सिलवई 06.28 बजे पहुंचेगी. यहां से 06.30 बजे यह ट्रेन खुलकर बड़काकाना 08.05 बजे पहुंचेगी और 08.10 बजे खुलकर कोडरमा रेलवे स्टेशन 10.30 बजे पहुंचेगी. कोडरमा से यह ट्रेन 11 बजे खुलेगी और 13.10 बजे न्यू गिरिडीह रेलवे स्टेशन पहुंचेगी.सांसद अन्नपूर्णा देवी को कई लोगों ने दी बधाईयां

गिरिडीह से रांची तक के लिए नयी रेल सेवा शुरू करने की घोषणा पर गिरिडीह के कई लोगों ने शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी को बधाई दी और कहा कि उनके प्रयास से गिरिडीह के लोगों को बेहतरीन तोहफा मिला है. भाजपा विधायक केदार हाजरा ट्रेन सेवा शुरू करने की घोषणा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और शिक्षा मंत्री अन्नपूर्णा देवी के प्रति आभार जताया है. आजादी के बाद गिरिडीह के लोगों के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि है. गिरिडीह के लोगों के लिए यह काफी पुरानी मांग थी.

इससे जिले के लोगों को काफी राहत मिलेगी.राजधनवार में ट्रेन के स्टॉपेज की मांग।भाजपा नेता सह सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव ने कहा कि विभिन्न संगठनों द्वारा लंबे समय से राजधानी के लिए ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी. अब लोगों का यह सपना पूरा होने जा रहा है. मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस ट्रेन के शुरू होने से गिरिडीह और कोडरमा के लोग आसानी से रांची राजधानी की सफर कर सकेंगे. गिरिडीह डिस्ट्रिक्ट चेंबर ऑफ कॉमर्स के निर्मल झुनझुनवाला ने कहा कि मंत्री का यह प्रयास काफी सराहनीय है. इससे गिरिडीह के लोगों को और भी कई महानगरों से रेल मार्ग से जुड़ने का अवसर मिलेगा. उन्होंने राजधनवार में भी ट्रेन के स्टॉपेज की मांग की.

राम भक्तों के लिए

झामुमो की बैठक में 5 लाख सदस्य बनाने का प्रस्ताव, कार्यकर्ताओं-नेताओं ने कहा-टाइगर जिंदा था, जिंदा है और जिंदा रहेगा…!!

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रांची : झारखण्ड मुक्ति मोर्चा केन्द्रीय समिति के निर्देशानुसार झामुमो रांची जिला समिति की बैठक जिलाध्यक्ष मुशताक आलम की अध्यक्षता में रातु रोड स्थित होटल कृष्णा इन में किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि रांची जिले से इस सत्र में 5 लाख सदस्य बनाए जाऐंगे। सभी वर्ग संगठन की जिला एवं महानगर के गठन के लिए अनुशंसा केन्द्रीय समिति को भेजा जाएगा। संचालन जिला सचिव डॉ हेमलाल कुमार मेहता हेमू ने किया।

झामुमो ने टाइगर को श्रद्धांजलि दी

बैठक में अपने बीच से चले गए पार्टी के कद्दावर नेता, झारखण्ड आन्दोलनकारी और  शिक्षा मंत्री झारखंडियों के प्रेरणास्रोत, झारखण्ड के टाइगर जगरनाथ महतो को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी और उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा गया। सभी ने कहा कि टाइगर जिंदा था, जिंदा है और जिन्दा रहेगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जगरनाथ महतो युगों-युगों तक तमाम झारखंडियों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

बैठक में ये लोग थे शामिल

बैठक में झामुमो की केन्द्रीय सदस्य सह राज्यसभा सांसद डॉ महुआ माजी,  केन्द्रीय सदस्य समनुर मंसुरी, पवन जेडिया, अन्तु तिर्की, पूर्व केन्द्रीय सदस्य नवीन चंचल, पूर्व महानगर अध्यक्ष रामशरण विश्वकर्मा,  झामुमो जिला उपाध्यक्ष अश्विनी शर्मा, जनक नायक, बीरू साहु, कलाम आजाद,  रामानंद बेदिया, संगठन सचिव लाल कुमार नाथ शाहदेव, संयुक्त सचिव विक्की यादव, विजय आनंद नायक, सुजीत उपाध्याय,पूर्व महानगर सचिव अरुण वर्मा, अल्पसंख्यक मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष आफताब आलम, विक्रम सिंह, मृत्युन्जय सिंह,  अरविंद सिंह देवल उर्फ बटर सिंह, सौम्वित माजी, सुजीत कुजूर, शिवनन्दन मिश्रा, आशुतोष वर्मा, परवेज आलम गुड्डू, कैथरीना तिर्की, मुन्ना यादव, जावेद अख्तर अन्सारी, भुनेश्वर साहू, विनोद तिर्की, बेलाल अंसारी, बलराम महतो (राधिका), अनिल पासवान, नरेश यादव, हलधर महतो, मो असलम, कयूम अंसारी, राजेश सिंह, सहाबुद्दीन, सोनू मुंडा, कुदरत अंसारी, अख्तर मंसूरी, राखी देवी, सुकरमणि देवी, वसीम, पप्पू, राजेश सिंह, सजाद अंसारी, वसीम राबिया खान, रवि कुमार, राकेश वर्मा, आसिफ, सबिबुल रहमान, कलाम अंसारी, गोपाल पांडे, अवधेश यादव, संदीप मंडल, सुभाष चन्द्र प्रसाद, रंजीत रजक, नागेन्द्र सिंह, अजय मिंज, अनमोल एक्का, रंथु उरांव, विनोद मुण्डा आदि शामिल थे।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह जिला प्रशासन मिजिल्स रुबेला अभियान 12 अप्रैल से एक माह तक चलाएगा

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गिरिडीह: मिजिल्स रुबेला के सफल क्रियान्वयन को जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा उचित प्रयास किए जा रहे हैं। प्रचार-प्रसार के जरिए व्यापक तौर पर विभिन्न प्लेटफार्म, पोस्टर, फ्लेक्स तथा बैठकों के माध्यम से सुनिश्चित कराया जा रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन ने बताया कि 12 अप्रैल को अगले 1 माह तक मिजिल्स रुबेला अभियान मनाया जाना है, जिसमें 9 माह से लेकर 15 वर्ष तक के बच्चों को मिजिल्स रूबेला का टीका लगाया जाना है।

डीसी के नेतृत्व में 11 अप्रैल को निकलेगी रैली

सीएस ने बताया कि इसके सफल क्रियान्वयन तथा प्रचार-प्रसार को लेकर 11 अप्रैल को उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में सुबह 7:30 बजे से रैली का आयोजन किया जाएगा। जिसमें लगभग 1500 से 2000 तक बच्चें की उपस्थिति सुनिश्चित की जानी है। रैली का आयोजन झंडा मैदान से ट्रेंड्स मॉल होते हुए रीतलाल वर्मा चौक से मकतपुर चौक और कालीबाड़ी चौक होते हुए टावर चौक से झंडा मैदान तक जाएगी।

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सीएम हेमंत सोरेन ने कुछ यूं दी श्रद्धांजलि…दा ने तो…नियति को भी टाइगर होने का अहसास कराया…!!

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रांची : आज सुबह जब राजनीतिक योद्धा और संघर्ष के प्रतीक जगरनाथ दा के निधन की खबर मिली तो मैं निःशब्द होने के साथ मर्माहत हो उठा। जगरनाथ दा इस सरकार में मंत्री के साथ-साथ मेरे बड़े भाई और एक ऐसे अभिभावक की भूमिका में थे, जो गलतियां होने पर डांट भी लगा देते थे और कभी पीठ भी थपथपा देते थे। टाइगर के नाम से मशहूर जगरनाथ दा ने अपने संघर्ष, कर्तव्यनिष्ठा, सादगी और विचारों की स्पष्टता के कारण अपनी खास और अलग पहचान बनाई। झारखंड के मुख्यमंत्री सह कार्यकारी अध्यक्ष झामुमो हेमंत सोरेन ने राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की याद में अपनी संस्मरणाजलि अर्पित की है. उन्होंने दिवंगत की आत्मा की शांति की प्रार्थना की है और उनके साथ बिताए कुछ लम्हों को साझा भी किया है.  

‘दादा की हौसलाअफजाई ने मुझे हिम्मत दी है’

सीएम ने कहा कि अपने विधानसभा क्षेत्र में टाइगर नाम से लोकप्रिय जगरनाथ दा निर्धारित लक्ष्य हर हाल में हासिल करने की उनकी जिद से मैंने बहुत कुछ सीखा है। कई बार विषम परिस्थितियों में उनकी सलाह, उनके विचार और हौसलाअफजाई ने मुझे हिम्मत दी और लड़ने का जज्बा पैदा किया। उनकी जिंदादिली के बारे में कहा कि जगरनाथ दा को यूं ही टाइगर नहीं कहा जाता था। कोरोना काल में गंभीर रूप से ग्रसित होने के बावजूद उन्होंने नियति से लंबी लड़ाई लड़ी और जीत कर अपने टाइगर होने को चरितार्थ कर दिखाया। आखिरकार हुआ वही जो नियति को मंजूर था।

‘उनकी शून्यता का अहसास मुझे विचलित कर रहा है’

सीएम ने कहा कि जगरनाथ दा जैसे व्यक्तित्व की कमी की भरपाई निकट भविष्य में कतई संभव नहीं है। उनकी कमी जीवन भर खलेगी। उनकी शिक्षा, उनका मार्गदर्शन और उनका आशीर्वाद मुझे आगे का रास्ता दिखाएगा। जगरनाथ दा ने अपने मंत्रित्वकाल के दौरान शिक्षा विभाग में कुछ ऐसे निर्णय लिए जिसे झारखंड हरदम याद रखेगा। अलग झारखंड के मुखर योद्धा जगरनाथ दा की सोच और उनके संकल्पों को पूरा कर उसे साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमारी सरकार एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा परिवार उनके सोच और विचार को साकार करने के प्रति तब तक संकल्पित रहेगी, जबतक उसे हासिल नहीं कर लिया जाता। अपने बड़े भाई दुर्गा सोरेन जी के निधन के वक्त जिस शून्यता का एहसास हुआ था उसी शून्यता का एहसास आज हो रहा है। ईश्वर अपने श्री चरणों में दिवंगत आत्मा को स्थान दें और उनके परिवार और समर्थकों को इस दुःख में खुद को संभालने का साहस और सामर्थ्य दे, ईश्वर से यही प्रार्थना है। जगरनाथ दा अमर रहेंगे क्योंकि उनके विचार, सिद्धांत और मार्गदर्शन हमारी सरकार और हमारी पार्टी को सदैव दिशा दिखाते रहेंगे।

 जगरनाथ दा दिल में थे…दिल में रहेंगे.

 हम कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते रहेंगे.

 आपका संघर्ष बेकार नहीं जायेगा.

 हर हाल में उनकी सोच साकार होगी.

राम भक्तों के लिए
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