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Thursday, July 2, 2026
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गिरिडीह में वैज्ञानिक डा. जेसी बोस की नवासी हुई सम्मानित, नाना की पावन धरा पर आकर धन्य हो गई : सुप्रिया रॉय

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गिरिडीह : (कमलनयन) महान वैज्ञानिक सर जगदीशचंद्र बसु की नवासी सुप्रिया रॉय के गिरिडीह आगमन पर शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। विद्यालय की पूर्व सचिव रुचिका राजगढ़िया ने सुप्रिया राय को शॉल और प्रधानाचार्य शिव कुमार चौधरी ने पुष्पगुच्छ देकर गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके पर विभाग टोली सदस्य रामरतन महर्षि एवं उपाध्यक्ष डॉ. सतीश्वर प्रसाद सिन्हा को अंग वस्त्र भेंट किया गया।

मातृभाषा को कभी ना भूलेंं…अपनी संस्कृति को जीवंत रखें : सुप्रिया रॉय

रुचिका ने कहा कि शिक्षाविद् राय को पाकर आज मैं अभिभूत हूं, क्योंकि वह मेरी शिक्षिका रही है। रामरतन महर्षि ने कहा कि रुचिका ने गुरु-शिष्य परंपरा को जीवंत रखा। हमारे शास्त्रों में मातृ-पितृ एवं आचार्य को देवतुल्य माना गया है। इन तीनों को अपने जीवन में कभी नहीं भूलना चाहिए। डॉ सिन्हा ने कहा कि सर जेसी बोस ने भारत को जो दिया, वह विज्ञान की अनुपम देन है। मौके पर सुप्रिया राय ने कहा कि नाना डा. बसु की पावन धरती में आकर मैं अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रही हूँ। मेरी नानी बहुत ही उदार महिला थी। मैं अंग्रेजी शिक्षिका रहते हुए भी अपनी भाषा से प्रेम रखती हूं। अंग्रेजी एक माध्यम है, लेकिन अपनी मातृभाषा को बच्चे कभी ना भूले एवं अपनी संस्कृति को जीवंत रखें, ऐसी अपेक्षा है।

सर जेसी बोस के शोध से जुड़े कई मॉडल यंत्रों के अलावा एक आयरन चेस्ट भी मौजूद है

गौरतलब है कि महान वैज्ञानिक सर जेसी बोस का गिरिडीह से मानवीय लगाव के अलावा कर्मस्थली रही है। वे महीनों गिरिडीह में रहकर शोध किया करते थे। पेड़-पौधों को घंटों निहारा करते थे। उन्होंने अपने जीवन के अंतिम समय भी गिरिडीह शहर के झंडा मैदान स्थित अपने घर शांति निवास में रहे और 23 नवम्बर 1937 को यहीं अंतिम सांस ली थी। उनके निधन के दशकों बाद सरकार ने शांति निवास का अधिग्रहण कर सर जेसी बोस जिला विज्ञान भवन सह संग्रहालय बनाया। संग्रहालय में सर जेसी बोस के शोध से जुडे कई मॉडल यंत्रों के अलावा एक आयरन चेस्ट भी मौजूद है।

आठ दशक बाद भी नहीं खुल सकी आयरन चेस्ट

तिजोरी पिछले 85-86 वर्षों से झारखंड के गिरिडीह स्थित उसी मकान में मौजूद है, जहां उन्होंने 23 नवंबर 1937 को आखिरी सांस ली थी। उनकी तिजोरी आज तक बंद है. हालांकि दो बार इसे खोलने को लेकर जिला प्रशासन के स्तर पर विचार-विमर्श हुआ। इसके लिए तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को गिरिडीह आमंत्रित करने की योजना बनी, लेकिन किन्हीं कारणों से वो नहीं आ सके, तो तिजोरी अबतक नहीं खुल सकी है।

गिरिडीह विज्ञान भवन में मौजूद हैं कई ऐतिहासिक तस्वीरें

गिरिडीह विज्ञान भवन में डा. जगदीश चंद्र बोस की बाल्यावस्था, युवावस्था के साथ-साथ शोध और अनुसंधान के दौरान उनकी विभिन्न गतिविधियों से संबंधित तस्वीरें रखी गई हैं। इसके अलावा उनके माता-पिता सहित परिवार के अन्य सदस्यों और उनके दोस्तों की तस्वीरें भी यहां मौजूद हैं। तस्वीरें साक्षी है कि उनके निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन को लेकर भारी भीड़ उमडी थी। उन्होंने कई पौधे भी लगाये थे। हाल के वर्षों में झंडा मैदान मोड़ पर सर बोस की प्रतिमा भी लगाई गई एंव बालिका उच्च विद्यालय का नामकरण सर बोस के नाम पर किया गया।

राम भक्तों के लिए

मास्टर मदन लाल सोशल मीडिया का नया सितारा

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आज के डिजिटल युग में, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर इंटरनेट पर सबसे प्रभावशाली और भरोसेमंद आवाज बन गए हैं। मास्टर मदन लाल ऐसे ही एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं जो पटना के रहने वाले हैं और विशेष रूप से, सोशल मीडिया की दुनिया में पावरहाउस बन गए हैं। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर उनके महत्वपूर्ण अनुयायी हैं, और वे उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने, विचारों को आकार देने और जुड़ाव बढ़ाने के लिए अपने प्रभाव का उपयोग करते हैं। हाल ही मे हमारी इनसे मुलाक़ात हुई तो इनहोने कहा , इनकी पढ़ाई लिखाई बिहार मे हुई और ये शुरू से ही कलाकार बनाना चाहते थे पर पारिवारिक कारणो से आगे बढ़ नहीं पाये फिर इनहोने दोस्तों की सलाह पर सोश्ल मीडिया पर अक्कौंट बना कर पोस्ट करने लगे जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया और बहुत जल्द इनके फोल्लौएर्स बदने लगे ।

मास्टर मदन लाल जो अपने जीवन के अनुभवों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करना पसंद करते हैं | उन्हें ऐसी सामग्री बनाने का शौक है जो उनके अनुयायियों को प्रेरित करे, शिक्षित करे और उनका मनोरंजन करे। सामग्री निर्माण के अपने अनूठे दृष्टिकोण के साथ, मास्टर मदन लाल ने फेस्बूक , इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तेजी से एक महत्वपूर्ण अनुसरण किया।

जैसे-जैसे उनके अनुयायी बढ़ते गए, वैसे-वैसे उनका प्रभाव भी बढ़ता गया। आज मास्टर मदन लाल एक सोशल मीडिया प्रभावकार बन गया है , और उनकी राय उनकी अनुयायियों द्वारा अत्यधिक मूल्यवान हैं | उन्होंने उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने, अपने यात्रा के अनुभवों को साझा करने और अपने अनुयायियों को अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने के लिए अपने मंच का उपयोग किया।

मास्टर मदन लाल अपने अनुयायियों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में बहुत सचेत हैं , और उन्होने हमेशा यह सुनिश्चित किया कि उनकी सामग्री प्रामाणिक और वास्तविक हो। उन्होंने अपने मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और उनके अनुयायी इसके लिए उनकी प्रशंसा करते थे। इंटरनेट पर उनका सकारात्मक प्रभाव है और उनके अनुयायी उन्हें एक आदर्श के रूप में देखते हैं ।

जैसे-जैसे उनका प्रभाव बढ़ता जा रहा है , ब्रांडों ने मास्टर मदन लाल को नोटिस करना शुरू किया। उन्होंने उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए एक आदर्श भागीदार के रूप में देखा। मास्टर मदन लाल इस बारे में सावधान हैं कि उनके किसके साथ काम किया और यह सुनिश्चित किया कि उसके द्वारा प्रचारित ब्रांड उसके मूल्यों के अनुरूप हों और उसके अनुयायियों के लिए फायदेमंद हों।

मास्टर मदन लाल ने प्रसिद्ध फैशन ब्रांड कपड़ों के लिए अपनी सेवा दी ब्रांड की नई श्रृंखला को बढ़ावा देने के लिए काम किया पहले, मास्टर मदन लाल झिझक रहे थे क्योंकि उन्होने पहले कभी फैशन उत्पादों का प्रचार नहीं किया था, और वह अपनी प्रामाणिकता से समझौता नहीं करना चाहते थे । हालांकि, ब्रांड पर शोध करने और उनके मूल्यों के बारे में अधिक जानने के बाद, उन्होंने महसूस किया कि वे उनके अपने मूल्यों के अनुरूप हैं।

मास्टर मदन लाल ने साझेदारी स्वीकार कर ली, और उसने फैशन ब्रांड की कपड़ों की लाइन को बढ़ावा देने वाली पोस्ट की एक श्रृंखला बनाई। उनके अनुयायियों ने सामग्री को पसंद किया और ब्रांड ने बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि देखी। मास्टर मदन लाल खुश थे कि वह एक ऐसे ब्रांड का प्रचार कर सकते है जिसमें वह विश्वास करते है और अपने अनुयायियों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते है।

समय के साथ, मास्टर मदन लाल का प्रभाव बढ़ता रहा और वह इंटरनेट पर अब बड़े लोकप्रिय सोशल मीडिया प्रभावितों में से एक बन गए हैं । देश भर के ब्रांड उनके साथ काम करना चाहते थे, और उनके अनुयायी उनकी सामग्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं |

मास्टर मदन लाल ने कभी भी अपने मूल्यों को नहीं खोया और इंटरनेट पर उनका सकारात्मक प्रभाव बना हुआ है । उन्होंने अपने अनुयायियों को अपना सर्वश्रेष्ठ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना जारी रखा, और उन्होंने अपने मंच का उपयोग उन कारणों को बढ़ावा देने के लिए किया जिनकी उन्हें परवाह थी। वह एक ऐसी दुनिया में सकारात्मकता के प्रकाश स्तंभ थे जो अक्सर नकारात्मक हो सकती है।

जब उन्होने अपनी यात्रा पर पीछे मुड़कर देखा, तो मास्टर मदन लाल ने महसूस किया कि उसने दूसरों को प्रेरित करने और दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डालने के अपने सपनों को हासिल कर लिया है। उन्हें दिए गए अवसरों और अपने अनुयायियों के समर्थन के लिए वे आभारी हैं |

अंत में, मास्टर मदन लाल की कहानी सोशल मीडिया की शक्ति और अच्छे के लिए इसका उपयोग करने से आने वाले सकारात्मक प्रभाव की कहानी है । अपने मूल्यों के प्रति सच्चे रहकर और प्रामाणिक सामग्री बनाकर, एलेक्स दूसरों को प्रेरित करने और इंटरनेट पर सकारात्मक प्रभाव डालने में सक्षम था। वह किसी के लिए भी एक आदर्श है जो अच्छे के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना चाहते है, और उसकी कहानी एक अनुस्मारक है कि हम सभी में बदलाव लाने की शक्ति है।
मास्टर मदन लाल को फेस्बूक पर फॉलो करें – https://www.facebook.com/madanlalmaster/

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राम भक्तों के लिए

टाइगर पंचतत्व में हुआ विलीन, पुत्र राजू ने दी मुखाग्नि,शवयात्रा की अगवानी सीएम ने की

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चन्द्रपुरा (बोकारो) : झारखंड के स्कूली शिक्षा व साक्षरता तथा मद्य निषेध व उत्पाद मंत्री टाइगर जगरनाथ महतो का भंडारीदह दामोदर नदी शमशान घाट के तट पर पंचतत्व में विलीन हो गए। उनके पुत्र अखिलेश महतो उर्फ राजू से मुखाग्नि दी। राजकीय सम्मान के साथ उनको विदाई दी गई। दोपहर करीब तीन बजे रांची से उनका शव पैतृक गांव अलारगो के सिमराकुल्ही पहुंचा। सीएम हेमंत सोरेन रांची से उनके गांव पहुंच कर स्वयं शवयात्रा की अगवानी की।

शवयात्रा में शामिल हुए सीएम व कई मंत्री-विधायक

मौके पर विधानसभा अध्यक्ष आरएन महतो, मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक कुमार जयमंगल, डीसी कुलदीप चौधरी, एसपी चंदन कुमार झा सहित कई आला अधिकारी उपस्थित थे। शव के घर आते ही परिवार के लोग दहाड़ मारकर रोने लगे। सबसे खराब हाल बेटियों का था।

शोकाकुल परिवार को सीएम ने ढांढस बंधाया

शवयात्रा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, परिवहन मंत्री चंपई सोरेन, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथलेश ठाकुर, राज्यसभा सदस्य डा. महुआ मांझी आदि ने दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के अलारगो स्थित पैतृक आवास पर जाकर परिजनों से मुलाकात कर, उन्हें सांत्वना दिया। दुख के इस घड़ी से उबरने के लिए ईश्वर को परिजनों को शक्ति देने के लिए प्रार्थना की। हजारों समर्थक व क्षेत्र के लोग भारी संख्या में शामिल हुए थे।

राम भक्तों के लिए

RSS प्रमुख भागवत ने कहा: सेवा के साथ करुणा का भी ग्लोबलाइजेशन होना चाहिए, मिशनरियों से अधिक हमारे संत- समाज काम कर रहे हैं

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जयपुर : आरएसएस प्रमुख मोहन भागवन ने कहा कि दुनियाभर में मिशनरी समाज के लोग अस्पताल, स्कूल चलाने के साथ सेवा का काम कर रहे हैं। जब हमने देश घूमकर देखा संत समाज क्या कर रहा है तो, हमें पता चला जो काम मिशनरी कर रहे हैं, संत उनसे अच्छा काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के साथ ही करुणा का ग्लोबलाइजेशन होना चाहिए। उनका कहना है कि जैसे देश की रक्षा ज़रूरी है वैसे ही देश की सेवा भी ज़रूरी है। सेवा जितनी गुप्त रहे, उतना ही अच्छा है। भागवत ने ये विचार राष्ट्रीय सेवा भारती के जयपुर में जामडोली स्थित केशव विद्यापीठ में शुरू हुए तीन दिवसीय सेवा संगम को सम्बोधित करते हुए रखे। उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार जन्मशती पर संघ ने औपचारिक रूप से सेवा विभाग शुरू किया और सेवा का भाव शाखा के माध्यम से जागृत करना शुरू किया है।

‘सेवा भाव होने से अहंकार दूूर होता है’

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि सेवा कोई स्पर्धा का काम नहीं है। सेवा मनुष्य की सामान्य अभिव्यक्ति है। संवेदना तो सभी में होती है लेकिन पशु और मनुष्य में यही अंतर है कि संवेदना की कृति सिर्फ़ मनुष्य में है। अगर हम सब एक हैं तो मैं सुखी और दूसरा दुखी है, इससे काम नहीं चलेगा। मेरे पास जो है उसमें से सबको देकर जो कुछ बचता है, वही मेरा है। इस भाव में सेवा निहित है। भागवत ने कहा कि सेवा स्वस्थ समाज को बनाती है। किसी का भला होता है तो मन में भी अच्छी भावना आती है। लेकिन मैंने किया, तब और आनंद होता है, इससे अहंकार होता है। लेकिन सेवा करते रहें तो यह अहंकार समाप्त हो जाता है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि हमारे समाज का एक अंग पीछे है, तो हम सब भी पिछड़े हैं। इसको हमे दूर करना है। उनकी ताक़त आगे आने की नहीं है तो हमें उनको ताकत देनी है। इस समाज की सेवा करने के लिए ही हमें यह जीवन मिला है।

राम भक्तों के लिए

हजारों लोगों ने टाइगर को नम आंखों से दी अंतिम विदाई, शवयात्रा में भारी संख्या में जुटे विभिन्न दलों के नेता-कार्यकर्ता

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डुमरी/गिरिडीह: झारखंड आंदोलन के सक्रिय सिपाही रहे झामुमो के  कद्दावर नेता डुमरी विधानसभा से लगातार 4 बार प्रतिनिधित्व करने वाले झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो की शवयात्रा जैसे ही डुमरी अनुमंडल परिसर पहुंची, वहां उपस्थित लोगों का हुजूम अपने लोकप्रिय नेता की अंतिम एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ी। उमड़ा जनसैलाब जगरनाथ महतो की लोकप्रियता एवं व्यवहार कुशलता को दर्शा रहा था। उपस्थित जनसमूह द्वारा जबतक सूरज चांद रहेगा टाइगर जगरनाथ महतो तेरा नाम रहेगा,टाइगर जगरनाथ महतो अमर रहे आदि गगनभेदी नारों से गुंजायमान था।

डुमरी अनुमंडल परिसर में गॉड ऑफ ऑनर दिया गया

भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच जैसे ही नावाडीह से डुमरी सीमा प्रवेश किया, वैसे ही सड़क के दोनों किनारे खड़े लोगों द्वारा शव लदे वाहन में फूलों की वर्षा कर अपने नेता को श्रद्धांजलि अर्पित कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। लोगों का हुजूम ऐसा कि अनुमंडल परिसर में पैर रखने की जगह नहीं थी। अनुमंडल परिसर में शव वाहन पहुंचने के बाद पुलिस द्वारा गॉड ऑफ ऑनर दिया गया. झामुमो सहित विभिन्न दलों के नेताओं व कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित कर अंतिम विदाई दी। जबकि काफिले के साथ सूबे के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख एवं बेरमो विधायक अनूप सिंह साथ थे।

श्रद्धांजलि सभा में कई विधायक समेत डीसी भी शामिल हुए

डुमरी अनुमंडल कार्यालय परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में गिरिडीह सदर विधायक सुदिव्य सोनू, गांडेय विधायक डा.सरफराज अहमद, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, टुण्डी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, पूर्व विधायक नगेन्द्र महतो, जिप अध्यक्ष मुनिया देवी, गिरिडीह के झामुमो जिलाध्यक्ष जिला अध्यक्ष, हजारीबाग शम्भु यादव, डुमरी प्रमुख उषा देवी आदि हजारों झामुमो कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ-साथ गिरिडीह डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी अमित रेणु, एसडीएम प्रेमलता मुर्मू, एसडीपीओ मनोज कुमार, बगोदर एसडीपीओ नौशाद आलम, मेजर सार्जेंट राजेश रंजन, बीडीओ डुमरी सोमनाथ बंकिरा, सीओ धनंजय गुप्ता, इंस्पेक्टर परमेश्वर लेयांगी, डुमरी थाना प्रभारी पवन कुमार, निमियाघाट थाना प्रभारी साधन कुमार, मधुबन थाना प्रभारी राजू मुंडा, पीरटांड़ थाना प्रभारी डिलशन बिरूवा आदि उपस्थित थे।

                                            

राम भक्तों के लिए

अदाणी फाउंडेशन के सहारे गोड्डा के गांवों की बदलती सूरत, अब ‘हेल्थ फॉर ऑल’ से जुड़कर लोगों की सेहत पर भी किया फोकस

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-नारायण विश्वकर्मा-

विश्व स्वास्थ्य दिवस 2023 की थीम ‘हेल्थ फॉर ऑल’ से अदाणी फाउंडेशन भी जुड़ा. गोड्डा के कई गांवों की बदली तस्वीर, महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर. अदाणी फाउंडेशन के माध्यम से गोड्डा के 10 गांव में 150 से अधिक सार्वजनिक स्नानघर का निर्माण. 25 हजार की आबादी में सबसे उपेक्षित कोने में रह रही महिलाओं की स्वच्छता और हाइजिन का ध्यान. 2,000 से ज्यादा नलकूपों की मरम्मत करके 25 गांव के 40,000 लोगों के पेयजल की समस्या सुलझी.

गोड्डा : झारखंड में 2011 में हुई जनगणना के आंकड़ों ने वहां के ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाली की तस्वीर साफ कर दी। करीब 55 प्रतिशत ग्रामीण घरों में स्नान घर नहीं है। लोग खुले में नहाने को मजबूर है। बिना चाहरदीवारी के स्नान करना जैसे वहां नियति बन गया हो, सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। लेकिन इन सभी दुश्वारियों के बावजूद गोड्डा जिले में आशा की एक किरण दिखाई दी है, जहां महिलाओं के हक और मूल अधिकारों के सशक्तीकरण पर जोर दिया जा रहा है। गोड्डा के कुछ गांवों में बने स्नानघर, कुंओं और आधुनिक चापाकल को देखकर विकसित गांव का सपना पूरा होता नजर आ रहा है। पूछने पर पता चलता है कि ये सब बदलाव अदाणी फाउंडेशन की मदद से संभव हुआ है। आज डुमरिया, मोतिया, पटवा, बक्सरा, पेटवी, रंगनियां, बलियाकित्ता, बिरनियां आदि गांवों के अलावा महगामा प्रखंड के दो दर्जन गांवों में सड़क किनारे बने कुएं और नलकूपों के साथ चाहरदीवारी से घिरे स्नानघर बदलते गांवों की एक अलग तस्वीर पेश करते हैं।

2016 से सीएसआर के तहत गांवों में आ रहा है बदलाव

दरअसल, इन गांवों से सटा है अदाणी का गोड्डा पावर प्लांट, जिसके जरिए क्षेत्र में रोशनी के सपने को साकार करने के साथ यहां गांवों के विकास के लिए सभी जरुरी कदम उठाए जा रहे हैं। अदाणी फाउंडेशन ने गांव के हालात और महिलाओं की दशा को सुधारने के लिए साल 2016 से कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत क्षेत्र में 150 से ज्यादा सार्वजनिक स्नानघर का निर्माण कराया है, जिससे लगभग पच्चीस हजार की आबादी को लाभ मिल रहा है। साथ ही दो हजार से ज्यादा खराब पड़े नलकूपों की मरम्मत का काम भी हुआ है जिसके जरिए 40 हजार से ज्यादा की आबादी को साफ पीने का पानी उपलब्ध हुआ। अदाणी फाउंडेशन ने स्वच्छता के संकल्प को पूरा करने के लिए नलकूपों के पास से गंदगी के निपटारे के लिए नालियों का निर्माण भी किया है। साथ ही फाउंडेशन ने एक हजार से ज्यादा नलकूपों के पास सोख्ता गड्डे बनवाए हैं, जिससे जलस्तर भी संतुलित रहेगा।

फाउंडेशन की मुहिम ने लोगों को किया जागरूक

अदाणी फाउंडेशन का लक्ष्य क्षमता निर्माण, समुदायों के सशक्तीकरण, समेकित सामाजिक-आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, हरित और ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने के साथ पिछड़े क्षेत्रों के विकास और समाज में हाशिए पर रहने वाले वर्गों के उत्थान पर है। 38 प्रतिशत अनुसूचित जाति और जनजाति की आबादी वाले इस राज्य के ग्रामीण इलाकों के हालात काफी खराब है, क्योंकि 95 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में स्नानघर के नाम पर कुछ भी नहीं है। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं खुले में स्नान करने को मजबूर हैं। लेकिन अब हालात बदल गए हैं, लोगों की जिन्दगी पर बड़ा असर डालने वाले अदाणी फाउंडेशन की इस महत्वपूर्ण कोशिश के बाद गांवों की स्थिति सुधरी है। साल 2023 में विश्व स्वास्थ्य संगठन अपना 75वां स्थापना दिवस बना रहा है औऱ इस साल विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम है “हेल्थ फॉर ऑल”। अदाणी फाउंडेशन भी इसी संकल्प के साथ समाज के पिछड़े गांव और समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने में जुटा हुआ है। फाउंडेशन की मुहिम रंग ला रही है औऱ लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरुक हो रहे हैं। खास तौर पर महिलाओं की जिन्दगी में क्रांतिकारी बदलाव आया है। गोड्डा के महागामा प्रखंड के करनू गांव की भोली कुमारी ने बताया कि अदाणी फाउंडेशन के जरिए इनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है, इन्हें अब लोगों के सामने खुले में स्नान नहीं करना पड़ता है। इसी गांव की आशा कुमारी और रीतू कुमारी भी अदाणी फाउंडेशन की इस जरूरी पहल से काफी उत्साहित है और उनका मानना है कि पीने का स्वच्छ पानी मिलने से उनके परिवार के लोगों का संक्रमित बीमारियों से बचाव हो रहा है।

अदाणी समूह का समाज के सामूहिक विकास में योगदान

फाउंडेशन लैंगिक समानता और ग्रामीण बुनियादी विकास के लिए प्रतिबद्ध है। विकसित समाज सिर्फ शहरों तक सीमित ना रहे, इसके लिए आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति का विकास बेहद जरुरी है और इस उत्तरदायित्व को पूरा करने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन लगातार काम कर रहा है। अदाणी फाउंडेशन, अदाणी समूह की सामुदायिक सहायता और जुड़ाव शाखा, पूरे भारत में स्थायी परिणाम प्राप्त करने के लिए रणनीतिक सामाजिक निवेश करने के लिए समर्पित है। 1996 से फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थायी आजीविका, कौशल विकास और सामुदायिक बुनियादी ढांचे सहित मुख्य क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है। राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और वैश्विक विकास लक्ष्यों पर आधारित अपनी रणनीतियों के साथ, फाउंडेशन अपने अभिनव दृष्टिकोण और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए जाना जाता है, जो अदाणी समूह के व्यवसाय और उससे आगे समाज के सामूहिक विकास में योगदान देता है। वर्तमान में, यह 19 राज्यों के 5,675 गांवों में संचालित है, जिससे 7.6 मिलियन लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है।

राम भक्तों के लिए

तीन दशकों में जन संघर्षो से उभरा टाइगर डुमरी को अनाथ कर चल बसा…!!

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गिरिडीह: मनुष्य जिस क्षेत्र से जुड़ता है और उस क्षेत्र में अपने सुकार्यों की बदौलत महारत प्राप्त कर ले तो दशकों तक याद किया जाता है. हेमंत सोरेन सरकार में शिक्षा मंत्री रहे डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो के साथ यह बात पूरी तरह से लागू होती है. जगरनाथ महतो ने तीन दशक के अपने सक्रिय राजनीतिक जीवन में जनमानस की समस्याओं को लेकर जुझारू संघर्ष कर क्षेत्र की जनता के दिलों में विशेष जगह बनाई। जिसके फलस्वरूप लोगों ने उन्हें टाइगर की उपाधि से नवाजा। जगरनाथ महतो के अचानक चले जाने से डुमरी विधानसभा के लोग दुखी होना स्वाभाविक है. बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड के अलारगो के सिमराकुल्ही गांव के रहनेवाले जगरनाथ महतो डुमरी विधानसभा से लगातार चार बार विधायक बने और हर बार उनको जनता ने थोक के भाव में बहुमत से जिताया।

डुमरी से चार बार झामुमो से चुनाव जीता

डुमरी के पूर्व विधायक स्व. शिवा महतो के कभी सहयोगी रहे जगरनाथ महतो को पहली बार 2005 में जीत हुई. उसके बाद 2009, 2014 व 2019 में ये सिलसिला ज़ारी रहा। जमीनी नेता और कर्मठ कर्मयोगी राजनेता के रूप जगरनाथ महतो ने 1990 में अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। डुमरी विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन झामुमो विधायक रहे स्व. शिवा महतो के साथ सियासत का ककहरा सिखना शुरू किया। साल 2000 के विधानसभा चुनाव में जब झामुमो से टिकट नहीं मिली तो समता पार्टी से हाथ आजमाया, पर जीत से दूर रह गये। लेकिन 2005 आते-आते परिस्थिति बदली. जूझारूपन के कारण इलाके के लोग उन्हें टाइगर कहने लगे। झामुमो ने टाइगर को टिकट थमाया। टाइगर ने भी चुनाव जीतकर खुद को टाइगर साबित किया।

झामुमो जिला कार्यालय में हुई शोकसभा

2005 में मिली पहली जीत के बाद उन्होंने कभी हार का मुंह नहीं देखा। 56 साल के जगरनाथ महतो के निधन से गिरिडीह जिले में झामुमो परिवार सदमे में है. गुरुवार को जिला कार्यालय में आयोजित शोकसभा में जिला अध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि हमने एक जनाधार वाला नेता खो दिया। इसकी भरपाई निकट भविष्य संभव नहीं है। विधायक सुदिव्य सोनू ने कहा कि टाइगर का जाना झामुमो के लिए अपूरणीय क्षति है। विधायक डा. सरफराज अहमद ने कहा कि जगरनाथ महतो का असमय चले जाना पार्टी को भारी क्षति हुई है. सतारूढ़ दल जेएमएम और कांग्रेस की ओर से पार्टी कार्यालय में शोकसभा कर सूबे के शिक्षा मंत्री को श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान जेएमएम कार्यालय में सदर विधायक सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक डा. सरफराज अहमद, अभय सिंह, प्रमिला मेहरा, रॉकी सिंह,  इरशाद अहमद बारिश, शाहनवाज अंसारी समेत कई जेएमएम नेताओं में जगरनाथ महतो की तस्वीर पर श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

कांग्रेसियों ने शोकसभा आयोजित की

इधर कांग्रेस कार्यलय में ही जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह, सतीश केडिया के नेतृत्व में शोकसभा आयोजित कर दिवगंत मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया, महमूद अली खान, हसनैन अली, सदाम हुसैन, अजय सिन्हा मंटू, ऋषिकेश मिश्रा, अशोक विश्वकर्मा समेत कई कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।

 

राम भक्तों के लिए

Success Redefined, Kids education with fun center in Kuju

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In recent years, the concept of Kids center for education, knowledge with fun centers has become increasingly popular among parents and students. These centers offer an opportunity for students to receive additional academic support outside of the traditional classroom setting. One such Kids center for education in our town kuju is “Success Redefined” Managed by young entrepreneur Abhishek Prasad, knowledge with fun center like Success Redefined has gained a reputation for providing exceptional educational services in kids growth and development.

Located in the heart of town Kuju , the Success Redefined Kids center for education, knowledge with fun Center is easily accessible to students from different areas. The center is well-equipped with modern facilities, including spacious classrooms, study rooms, and a well-stocked library. The center caters to students from different age groups and academic levels, ranging from primary to secondary school students.

The Success Redefined Center is the brainchild of a young entrepreneur, who started the center with a passion for education and a desire to help students succeed academically. The founder Mr. Abhishek Prasad, who is also a trained teacher, has put in a lot of effort to ensure that the center provides a conducive learning environment that caters to the diverse needs of students.

One of the unique features of the Success Redefined center is its focus on personalized learning. The center’s team of experienced and dedicated tutors work closely with each student to identify their strengths and weaknesses, and develop an individualized learning plan that is tailored to their needs. This approach has proven to be highly effective, as students who attend the center have shown significant improvements in their academic performance.

The Success Redefined center also places a strong emphasis on the use of technology in teaching and learning. The center has invested in modern teaching tools, such as interactive whiteboards, tablets, and educational software, to enhance the learning experience for students. The center’s tutors are trained to use these tools effectively, and they incorporate them into their lessons to make them more engaging and interactive.

Apart from academic support, this center also provides students with opportunities to develop other important skills, such as critical thinking, problem-solving, and communication skills. The center organizes workshops and activities that are designed to enhance students’ creativity and social skills. These activities include public speaking, debates, group discussions, and project-based learning.

Another notable feature of the Success Redefined is its affordable fees. The center’s founder understands that many parents may not be able to afford the high fees charged by other Kids center for education, knowledge with fun centers, and has therefore set the fees at a reasonable level that is accessible to all. This has made the center an attractive option for parents who are looking for quality educational services at an affordable price.

Overall, the Success Redefined Center is a testament to the power of entrepreneurship and innovation in the education sector. Through the hard work and dedication of its young founder, the center has become a beacon of hope for students who are struggling academically or who simply want to excel in their studies. With its personalized approach to learning, use of technology, and focus on developing important life skills, the center is poised to make a significant impact on the lives of many students in the years to come.

Apart from Kids education Abhishek also offers top-quality educational services in Accountancy and Economics. The center is well-equipped with modern facilities and experienced tutors who provide personalized attention to each student. The young entrepreneur has a passion for education and has created a conducive learning environment that caters to the diverse needs of students. With a focus on developing strong foundations in these critical subjects, the center has helped many students achieve excellent results in their academic pursuits. The affordable fees make it accessible to all, and the dedication of the young entrepreneur ensures that students receive the best possible educational experience.

If you are looking for good coaching center for your kid in Kuju, you can reach out Mr. Abhishek Prasad the brain behind Success Redefined at 8603987007

राम भक्तों के लिए

सूबे के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने चेन्नई अस्पताल में ली अंतिम सांस, डुमरी में छाया सन्नाटा

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रांची: झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो चेन्नई के अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। वे गिरिडीह के डुमरी से विधायक थे। पिछले दो-ढाई साल तक कोरोना से पीड़ित रहने के कारण उनका इंफेक्शन इतना बढ़ गया था कि उनके फेफड़े का ट्रांसप्लांट तक करना पड़ा था। 2020 में उन्हें कोरोना हुआ था। उसके बाद उनकी सेहत में सुधार तो हुआ लेकिन वह पूरी बीमारी पर काबू नहीं पा रहे थे. 14 मार्च को विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। घबराहट और बेचैनी के बाद उनको पास के ही एचइसी-पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सीटी स्कैन सहित सभी प्रकार की जांच हुई, जिसमें लंग्स में माइल्ड इंफेक्शन के संकेत मिले थे। उनको आईसीयू में शिफ्ट किया गया। रात में उन्हें एयर एंबुलेंस से एमजीएम चेन्नई शिफ्ट कर दिया गया था।

सीएम ने ट्विट कर कहा-हमारे टाइगर नहीं रहे

शिक्षा मंत्री के निधन के बाद पक्ष-विपक्ष ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्विट कर शोक जताया है। उन्होंने लिखा कि हमारे टाइगर जगरनाथ दा नहीं रहे! आज झारखंड ने अपना एक महान आंदोलनकारी, जुझारू, कर्मठ और जनप्रिय नेता खो दिया। चेन्नई में इलाज के दौरान जगरनाथ महतो जी का निधन हो गया। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दें। 14 मार्च को अस्पताल में जगरनाथ महतो का हालचाल लेने सीएम सोरेन अंतिम बार उनसे मिले थे।

जगरनाथ जी की जीवटता का मैं कायल रहा: बाबूलाल

भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि झारखंड सरकार के मंत्री जगरनाथ महतो जी के चेन्नई के अस्पताल में निधन की बेहद दुःखद सूचना मिली है। लंबे समय से बीमारी को हराते हुए योद्धा की भांति डंटे रहनेवाले जगरनाथ जी का चले जाना पूरे झारखंड के लिए अत्यंत दुखदायी है। राजनीतिक मतभिन्नताओं के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उनकी जीवटता का मैं सदैव प्रशंसक रहा हूं। उन्होंने डुमरी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति संवेदना जताई है.

राज्य में दो दिनों का राजकीय शोक मनाया जाएगा

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के सम्मान में दो दिनों का राजकीय शोक मनाया जाएगा। आज और कल तक राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान सभी भवनों जहां नियमित रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराये जाते हैं, पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार का राजकीय समारोह नहीं होगा। इसके साथ ही राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि छह अप्रैल यानी आज राज्य के सभी कार्यालय बंद रहेंगे। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की ओर से यह अधिसूचना ज्वाइंट सेक्रेटरी अखिलेश कुमार सिन्हा के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। वहीं आज होनेवाली कैबिनेट की बैठक भी स्थगित कर दी गयी है। सरकारी प्रतिष्ठानों में भी सन्नाटा छा गया है. वहीं डुमरी विधानसभा क्षेत्र में उनके चाहनेवाले निधन की खबर से मायूस हो गए हैं.

राम भक्तों के लिए

CM पहुंचे RIMS, कई मशीनों का उद्घाटन किया, सीएचओ के बीच नियुक्ति पत्र भी बांटे

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रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत रिम्स में विभाग में स्थापित किए गए दो कैथलैब मशीन, एक फोर डी इको मशीन और 128 स्लाइस के सीटी मशीन का उद्घाटन किया। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी शामिल हुए। रिम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में निदेशक पद्मश्री डॉ कामेश्वर प्रसाद ने उनका स्वागत किया। इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने कार्डियोलॉजी विभाग का निरीक्षण भी किया। इसके बाद रिम्स में आयोजित कार्यक्रम में 172 चिकित्सा पदाधिकारियों और 297 सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) के बीच नियुक्ति पत्र बांटें। चिकित्सा पदाधिकारियों की नियुक्ति जेपीएससी की ओर से अनुशंसा की गई है।

लैब मेडिसिन डिपार्टमेंट दुरुस्त किए जाएंगे


रिम्स की ओर से जानकारी दी गई कि जल्द ही रिम्स का रेडियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और लैब मेडिसिन डिपार्टमेंट दुरुस्त किए जाएंगे। इसके लिए नियुक्तियां भी की जाएंगी। नियुक्तियों का निर्णय शासी बैठक में ले ली गयी है। सूत्रों की मानें तो एनएमसी की ओर से मान्यता पर संकट खड़ा करने के बाद रिम्स अपने लैब डेवलप करने की सोच रहा है। अब तक निजी कंपनियों के जरिए ही टेस्ट का काम चलता था। अपने लैब डेवलप हो जाने के बाद 24 घंटे सेवा मिल सकेगी। रिम्स के मरीजों के लिए इससे काफी राहत मिलेगी और मरीज के परिजनों को भी इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा.

राम भक्तों के लिए
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