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Thursday, July 2, 2026
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सिद्धू जेल से छूटने के बाद कहा-देश में तानाशाही आई है तो, एक क्रांति भी आई है और उस क्रांति का नाम है राहुल गांधी

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नई दिल्ली : पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू शनिवार को दस माह बाद पटियाला की सेंट्रल जेल से रिहा हो गए। 59 वर्षीय कांग्रेस नेता सिद्धू ने 1988 के रोड रेज के मामले में एक साल की सजा काटी। पिछले साल 20 मई को सुप्रीम कोर्ट के एक साल सश्रम कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद सिद्धू ने पटियाला की एक अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। जेल से बाहर आए सिद्धू ने अपने चिरपरिचित अंदाज में कहा कि सत्य को दबाने का प्रयास सफल नहीं हो सकता। आज लोकतंत्र बेड़ियों में है।

समर्थक सुबह से ही पटियाला जेल के बाहर जुटने लगे थे

सिद्धू के समर्थक सुबह से ही पटियाला जेल के बाहर जुटने लगे थे। ढोल वालों को भी बुलाया गया था। इसके बाद सिद्धू की रिहाई का इंतजार शुरू हुआ। शाम छह बजने से कुछ मिनट पहले सिद्धू जेल से बाहर निकले। समर्थकों की नारेबाजी पर सिद्धू ने झुककर उनका अभिवादन किया। बाहर आने के बाद सिद्धू ने कहा कि पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुझे दोपहर के आसपास रिहा किया जाना था, लेकिन उन्होंने इसमें देरी की। वे चाहते थे कि मीडिया के लोग चले जाएं। इस देश में जब भी कोई तानाशाही आई है तो, एक क्रांति भी आई है और इस बार उस क्रांति का नाम है राहुल गांधी.

राम भक्तों के लिए

झारखंड सरकार की वेबसाइट की लांचिंग के बाद अबतक 2545 कंपनियों ने खुद को रजिस्टर कराया, पूर्वी सिंहभूम सबसे आगे

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रांची : झारखंड में शिक्षित बेरोजगारों के लिए हेमंत सरकार तत्पर है. सरकार की ओर से स्थानीय लोगों को रोजगार मिले, इसके लिए झारखंड सरकार ने कानून बनाया है। सरकार की ओर से http://jharniyojan.jharkhand.gov.in नाम से पोर्टल भी शुरू कर दिया गया है। इस पोर्टल में राज्य में संचालित निजी क्षेत्र की कंपनियां खुद को रजिस्टर कर रही हैं। वेबसाइट की लांचिंग को लगभग 15 दिन होने जा रहे हैं। इस पोर्टल पर अब तक 2545 कंपनियों ने खुद को रजिस्टर करा लिया है। औसतन पांच से 10 कंपनियां हर दिन रजिस्टर हो रही हैं।

निजी कंपनियों में नौकरी के लिए प्रक्रिया शुरू

झारखंड राज्य में संचालित निजी कंपनियों में नौकरी मिल सके इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है। वेबसाइट पर दी गयी जानकारी के अनुसार रजिस्टर्ड 2545 कंपनियों में काम कर रहे कर्मचारियों की संख्या 972 है। इन कर्मचारियों में झारखंड के कर्मचारियों की संख्या महज 351 है। जबकि झारखंड राज्य के बाहर के कर्मचारियों की संख्या 621 है। श्रम विभाग की ओर से बताया गया कि अभी कंपनियों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है। इस प्रक्रिया में कंपनियों को ही इस बात की जानकारी देनी है कि उनके यहां किस ग्रेड के कितने कर्मचारी हैं। उनमें कितने लोग झारखंड के हैं और कितने लोग राज्य के बाहर के। रजिस्ट्रेशन के दौरान ऐसा भी देखा जा रहा है कि कई कर्मचारी झारखंड के हैं, पर उनका रेसिडेंट संबंधित डॉक्यूमेंट नहीं होने की वजह से उन्हें झारखंड के बाहर का काउंट किया गया है। इसमें सुधार की प्रक्रिया चल रही है. बहुत जल्द इसमें सुधार की गुंजाइश है.

12 दिनों में कंपनियों के रजिस्ट्रेशन कराने की स्पीड बढ़ी


बताया गया कि बीते 12 दिनों में कंपनियों के रजिस्ट्रेशन कराने की स्पीड सबसे अधिक पूर्वी सिंहभूम जिले से कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यहां से 558 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। टॉप पांच जिले की बात करें तो पहले नंबर पर पूर्वी सिंहभूम है। यहां से 558 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। दूसरे नंबर पर धनबाद है। यहां से 235 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। तीसरे नंबर पर बोकारो है। यहां के 228 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। चौथे नंबर पर सरायकेला-खरसावां जिला है। यहां से 193 कंपनियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पांचवें नंबर पर 169 कंपनियों के साथ राजधानी रांची है और गिरिडीह में 76 लोगों ने अबतक रजिस्ट्रेशन कराया है.

राम भक्तों के लिए

कांग्रेस के सत्याग्रह के तहत नुक्कड़ सभाओं के जरिये कांग्रेसियों ने भाजपा पर हमला किया, कहा-देश में चल रही है तानाशाही

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गिरिडीह : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर देशव्यापी चलाए जा रहे हैं जय भारत सत्याग्रह के तहत शनिवार को गिरिडीह शहर के कई स्थानों में नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने लोगों को यह बताने की कोशिश की गई कि किस तरह से आज देश में तानाशाह राज चल रहा है. किस तरह से देश में लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है. नुकड़ सभाओं में बतौर मुख्य वक्ता जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि हम महंगाई की बात करने नहीं आए हैं. 400 का सिलेंडर जो 1200 हो गया है उसकी बात करने नहीं आए हैं. डीजल ₹50 से ₹100 हो गया है उसकी बात भी करने नहीं आए हैं. जो करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष जो देने का वायदा किया गया था उसकी बात करने नहीं आए हैं हम आज देश को बचाने की बात करने आए हैं कि किस तरह से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कुंद करने की कोशिश की जा रही है.

भाजपा की दोहरी नीति के खिलाफ विरोध होना चाहिए

जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, महमूद अली खान, नगर अध्यक्ष सद्दाम हुसैन ने एक स्वर में यह कहा कि न्यायपालिका जो कार्य कर रही है, हमें इस बारे में कुछ भी नहीं कहना है. न्याय पालिका के हर निर्णय का सम्मान करते हैं, लेकिन भाजपा की सरकार द्वारा जो दोहरी नीति अपनाई जा रही है. हम उसकी कड़ी आलोचना करते हैं. भाजपा के गुजरात से सांसद नारायण भाई कांछाड़िया को गुजरात की एक अदालत ने 2013 में एक दलित डॉक्टर के साथ मारपीट करने और जातिसूचक अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने और जान मारने की धमकी दिए जाने पर 2016 में 3 वर्ष की सजा सुनाई थी, तो इसी व्यवस्था में उन्हें इतने हफ्ते का समय दिया गया था कि वह उच्च न्यायालय में जा सके लेकिन जब उच्च न्यायालय में उनकी सजा को बरकरार रखा गया, तो उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में गुहार लगाई और सर्वोच्च न्यायालय ने उनको ₹500000 जुर्माने और माफी मांगने की सजा के साथ छोड़ दिया और उनकी सदस्यता बरकरार रखी गई।

केंद्र सरकार विपक्ष के साथ खुलकर भेदभाव कर रही है

वक्ताओं ने कहा कि राहुल के मामले में फैसले के दूसरे दिन उन्हें बंगला खाली करने का आदेश दे दिया. ऐसा ही एक मामला बिहार के भाजपा सांसद द्वारा चुनावी हलफनामे में गलत बातें दर्ज करने के कारण की सदस्यता रद्द कर दी गई थी और राष्ट्रपति चुनाव में वोट नहीं देने किया गया था. इसके बावजूद उनकी सदस्यता पूरे संसद के कार्यकाल तक चलती रही थी. इन्हीं सब बातों को लेकर आज हमारा सत्याग्रह चल रहा है. यह देश बचाने की मुहिम है. केंद्र सरकार विपक्ष के साथ खुलकर भेदभाव कर रही है. इस अवसर पर सैफुद्दीन खान, यस सिन्हा सहित दर्जनों कांग्रेसी मौजूद थे.

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गिरिडीह में कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ विभाग ने किया मॉक ड्रिल, DC ने कोविड सेंटर का किया निरीक्षण

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गिरिडीह : देश में एक बार फिर कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच  सरकार के दिशा-निर्देश पर गिरिडीह स्वास्थ्य विभाग ने भी कमर कस ला है। कोविड सेंटरों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर लिया गया है। वहीं शनिवार को बरहमोरिया स्थित कोविड सेंटर और जिला अस्पताल का उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में  उन्होंने तैयार हो रहे आरटीपीसीआर लैब, पीसीए प्लांट, वार्ड, कोविड जांच केंद्र, समेत अन्य संसाधनों में जो भी कमी है, उसे दुरुस्त करने के निर्देश दिये। उपाक्क्त ने सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा को सभी व्यवस्थाओं को एर्लट मोड रखने का निर्देश दिया।

डीसी ने देखा मॉक ड्रि

मौके पर स्वास्थ्य महकमे की ओर से उपायुक्त को मॉक ड्रिल कर दिखाया गया। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने दिखाया गया कि कोविड मरीज मिलने पर कैसे उसे पीपीइ किट पहन कर एम्बुलेंस से सेंटर लाया जाएगा और फिर जांच कर उन्हें जरुरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।

डीसी ने डॉक्टरों को एलर्ट मोड में रहने का दिया निर्देश

इस बाबत उपायुक्त श्री लकड़ा ने कहा कि कोविड के केसों में इजाफा देखते हुए व्यवस्थाओं का मुआयना किया गया। अगर कोरोना के मामले आते हैं तो उसके लिए पर्याप्त तैयारी की गयी है। साथ ही अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने जिले के सभी सदर अनुमंडल और प्रखंड अस्पतालों के डॉक्टरों को एलर्ट मोड रहने का निर्देश दिया है.

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छात्र राजनीति के बाद अब मजदूरों की राजनीति करेंगे इंदरजीत सिंह, असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के बने प्रदेश उपाध्यक्ष

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रांची : 13 साल से छात्र राजनीति कर रहे और कांग्रेस के उभरते युवा नेता इंदरजीत सिंह की कर्मठता और  ईमानदारी को देखते हुए उन्हें अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ उदित राज जी ने उन्हें झारखंड का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इंदरजीत सिंह के नाम की अनुशंसा की है. श्री ठाकुर ने कहा है कि इंदरजीत सिंह कांग्रेस पार्टी के एक सक्रिय सदस्य रहे हैं, वे पूरी मेहनत के साथ कांग्रेस पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। अखिल भारतीय असंगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस के झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष ओमकार नाथ पांडेय जी ने इंदरजीत सिंह को कॉल कर बधाई दी एवं संगठन के प्रति पूरी मेहनत एव ईमानदारी से काम करने को कहा है।

अब मजदूरों के हक की आवाज बुलंद करेंगे

उपाध्यक्ष चुने जाने पर इंदरजीत सिंह ने कहा कि इतने सालों से छात्र राजनीति की है, अब मजदूरों के हक़ की आवाज बुलंद करेंगे और उनके लिए संघर्ष करेंगे. उनका मानना है कि मोदी सरकार के राजकाज में सबसे अधिक मजदूर वर्गों पर ही जुल्म हुआ है. कोरोनाकाल में जब लाखों असंगठित मजदूरों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा था, तो मोदी सरकार ने इन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया था. इतना ही नहीं केंद्र सरकार के पास असंगठित मजदूरों का डेटा तक उपलब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि मजदूरों के पलायन पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार से बातचीत की जाएगी और प्लेसमेंट एंजेसियों के कार्यकलापों पर भी कड़ी निगाह रखी जाएगी. उन्होंने इसके लिए टास्क फोर्स के गठन की वकालत की है.  

कांग्रेसियों ने इंदरजीत सिंह को बधाई दी

इंदरजीत सिंह के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने पर झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, महागामा विधायक दीपिका पांडेय, विधायक अम्बा प्रसाद, रांची महानगर अध्यक्ष कुमार राजा, यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अभिजीत राज, महिला प्रदेश अध्यक्ष गुंजन सिंह एवं कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी उन्हें बधाई एवं आशीर्वाद दिये।

एनएसयूआई के लिए भी काम किया

बता दें कि इंदरजीत सिंह 2009 में कांग्रेस पार्टी से जुड़े हुए हैं. लगातार 13 सालों तक छात्र संगठन एनएसयूआई के लिए काम किया। उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग सिविल से बी.टेक एवं एमटेक किया है। उनके पिताजी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। उन्होंने पूरे झारखंड में अपने काम से नाम बनाने की कोशिश की है। इसमें वे अबतक सफल भी रहे हैं.  

राम भक्तों के लिए

Tadi – The Natural Beer.

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Tadi, also known as toddy, is a popular drink in many parts of the world, particularly in India and Sri Lanka. It is made from the sap of palm trees, and is a natural and refreshing alternative to many other alcoholic beverages.

 

The process of making tadi starts with tapping the sap from the palm tree. The sap is collected in a container and left to ferment naturally, usually for a period of several hours. During this time, yeast present in the air or on the surface of the container will begin to consume the sugars in the sap, producing alcohol and carbon dioxide.

 

 

The resulting liquid is typically cloudy and slightly sweet, with a mildly sour taste. It is often consumed fresh, either straight from the container or poured over ice. In some cases, it may be further processed to produce a more concentrated form of alcohol, such as arrack, which is a popular spirit in Sri Lanka.

 

Tadi has a long history in many parts of the world. It was consumed by ancient cultures such as the Maya and Aztecs in Central America, and has been a staple of traditional medicine in many parts of Asia for centuries. In India, it is commonly associated with the state of Kerala, where it has been a popular beverage for centuries.

 

 

In addition to its refreshing taste, tadi has a number of potential health benefits. It is a natural source of probiotics, which can help to support digestive health and boost the immune system. It also contains a range of vitamins and minerals, including potassium, magnesium, and B vitamins.

 

However, it is important to note that tadi can also have some negative effects on health if consumed in excess. The fermentation process can lead to the growth of harmful bacteria, which can cause food poisoning and other health problems. In addition, tadi is a relatively high-calorie beverage, and should be consumed in moderation as part of a balanced diet.

 

 

In some parts of the world, tadi production is also associated with a number of social and economic issues. In India, for example, many palm trees are owned by large corporations or wealthy landowners, who often exploit workers and pay low wages for the collection of sap. This has led to calls for greater regulation and fairer working conditions in the tadi industry.

 

 

Despite these challenges, tadi remains a popular and beloved beverage in many parts of the world. Its natural and refreshing taste, combined with its potential health benefits, make it an attractive alternative to other alcoholic beverages. With greater awareness and understanding of the challenges faced by the tadi industry, it may be possible to support the sustainable production of this delicious and unique drink for generations to come.Regenerate response

 

 

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राम भक्तों के लिए

विश्वकर्मा युवा मंच रांची के तत्वधान में राम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई

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विश्वकर्मा युवा मंच रांची के तत्वधान में राम नवमी के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा विश्वकर्मा सेवा भवन जयप्रकाश नगर से निकाली गई और चूना भट्ठा गाड़ी खाना चौक अपर बाजार शहीद चौक मेन रोड होते हुए विश्वकर्मा मंदिर गई।
मेन रोड अल्बर्ट एका चौक के पास राज्यसभा सांसद माननीय श्रीमती महुआ मांझी जी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री माननीय श्री सुबोध कांत सहाय, अरुण वर्मा , शोमित मांझी के द्वारा विश्वकर्मा युवा मंच के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया। मंदिर में शोभा यात्रा का स्वागत किया गया।
गाड़ी खाना चौक समीप मुस्लिम भाइयों के द्वारा विश्वकर्मा युवा मंच के शोभायात्रा को स्वागत किया गया। शोभा यात्रा की अध्यक्षता विश्वकर्मा युवा मंच के अध्यक्ष विक्रांत विश्वकर्मा ने किया और संचालन महासचिव राकेश कुमार शर्मा ने किया इस अवसर पर मंच के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित थे। सभी को विश्वकर्मा युवा मंच के द्वारा आभार प्रकट करते हैं।

राम भक्तों के लिए

गिरिडीह में 36 करोड़ की लागत से 69 मांझीबथान शैड व दुःखहरण नाथ मंदिर का विकास होगा

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गिरिडीह: गिरिडीह जिले में 35 करोड 50 लाख की लागत से आदिवासियों के 69 धार्मिक स्थल मांझीबथान शैडो का निर्माण किया जायेगा। आदिवासी धार्मिक संस्थाओं से जुड़े समुदाय के लोग वर्षों से इसकी मांग कर रहे थे। इसके अलावा गिरिडीह इलाके का प्रमुख प्राचीन शिवधाम बाबा दुःखहरण नाथ मंदिर को भी पर्यटन स्थल धार्मिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने लगभग एक करोड (97 लाख 25.हजार) की राशि स्वीकृति प्रदान की है.

MLA सुदिव्य ने की थी पहल

बताया गया कि गिरिडीह के विधायक झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू की पहल पर उपयुक्त दोनों समुदायों के धार्मिक स्थलों के लिये राज्य सरकार ने राशि स्वीकृत कर योजनाएं जिले को भेज दी गई है.जिस पर शीघ्र ही काम शुरू हो जायेगा। शैड के निर्माण के लिए पीरटांड़, गांडेय, बेंगाबाद समेत कुल 69 स्थानों पर मांझी बथान शैडों का निर्माण किया जाना है. जिसके तहत पीरटांड़ प्रखंड में सर्वाधिक 31 और गांडेय विधानसभा क्षेत्र में 21 जगहों पर शेड का निर्माण किया जाएगा।

राम भक्तों के लिए

Ram Navami – The Legend Lord Rama

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Ram Navami is a Hindu festival celebrated all over India with great enthusiasm and devotion. It marks the birth anniversary of Lord Rama, the seventh avatar of Lord Vishnu, who is considered to be one of the most revered and significant deities in Hinduism.

The festival of Ram Navami is celebrated on the ninth day of the Hindu month of Chaitra, which usually falls in the months of March or April. On this day, devotees of Lord Rama perform special prayers and rituals to seek his blessings and commemorate his birth.

The Legend of Lord Rama

According to Hindu mythology, Lord Rama was born to King Dasharatha and Queen Kaushalya of Ayodhya. His birth was the result of the blessing of the sage Vishwamitra, who was impressed by the young prince’s bravery and courage.

Lord Rama is considered to be an embodiment of virtue, righteousness, and compassion. He is revered for his unwavering devotion to duty, his respect for elders, his love for his family and friends, and his compassion towards all living beings.

The festival of Ram Navami is celebrated to honour and pay tribute to Lord Rama and his divine qualities.

Celebrations and Rituals

Ram Navami is celebrated with great enthusiasm all over India, especially in the northern states like Uttar Pradesh, Bihar, and Madhya Pradesh. On this day, devotees of Lord Rama wake up early in the morning, take a bath, and perform puja (worship) in his honour.

The puja involves offering flowers, fruits, and sweets to Lord Rama and reciting hymns and prayers from the Ramayana, the ancient Hindu epic that tells the story of Lord Rama’s life.

Devotees also visit temples dedicated to Lord Rama and participate in special events and processions that are organized on this day. Many people also observe a fast on Ram Navami and refrain from eating anything until the puja is completed.

In some parts of India, Ram Navami is celebrated with great fanfare and excitement. In Ayodhya, the birthplace of Lord Rama, a grand procession is taken out to mark the occasion. The procession is led by people dressed up as Lord Rama, his wife Sita, his brother Lakshmana, and his devotee Hanuman.

The streets are decorated with flowers and lights, and people sing hymns and bhajans (devotional songs) in praise of Lord Rama. In some parts of Uttar Pradesh and Bihar, people organize fairs and carnivals, where they sell sweets, toys, and other items.

In other parts of India, Ram Navami is celebrated in a more subdued manner, with families and friends gathering together to offer prayers and seek blessings from Lord Rama.

Significance of Ram Navami

The festival of Ram Navami holds great significance in Hinduism. It is believed that by observing the rituals and performing puja on this day, devotees can gain the blessings of Lord Rama and attain spiritual enlightenment.

The festival also serves as a reminder of Lord Rama’s teachings and virtues. His life and deeds are considered to be a source of inspiration and guidance for people, even today. His devotion to duty, his respect for elders, his love for his family and friends, and his compassion towards all living beings are qualities that are still revered and celebrated.

Ram Navami is also an occasion for people to come together and celebrate their faith and beliefs. It is a time for families and friends to gather, share sweets and meals, and participate in cultural events and activities.

Conclusion

Ram Navami is a festival that celebrates the birth of Lord Rama and his divine qualities. It is a time for people to come together, offer prayers, and seek blessings from

राम भक्तों के लिए

कर्नाटक के बाद त्रिपुरा के भाजपा MLA मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखते कैमरे में हुए कैद, विपक्ष ने कार्रवाई की मांग की

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अगरतला: कुछ साल पहले कर्नाटक विधानसभा में विधायकों द्वारा पोर्न फिल्म देखने के मामले ने काफी बवाल मचाया था, पर अब त्रिपुरा विधानसभा में भी एक  सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक जदब लाल देबनाथ विधानसभा सत्र के दौरान अपने मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखते कैमरे में कैद हो गए। बीजेपी त्रिपुरा के प्रदेश अध्यक्ष राजीब भट्टाचार्य ने बताया कि पार्टी जल्द ही उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगेगी। दरअसल विधानसभा सत्र के दौरान नाथ का एक वीडियो देखते हुए सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसकी तीखी आलोचना की जा रही है और विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।


विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी


विधानसभा में कथित वायरल वीडियो के मुताबिक विधायक अपने मोबाइल फोन पर कुछ अश्लील सामग्री देख रहे थे। नवगठित त्रिपुरा विधानसभा का पहला तीन दिवसीय सत्र 24 मार्च और 27-28 मार्च को आयोजित किया गया था। बीजेपी विधायक की आलोचना करते हुए, विपक्ष के नेता अनिमेष देबबर्मा ने कहा कि सभी विधायक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और उनके कृत्यों से दूसरों, विशेषकर युवा पीढ़ियों के लिए एक बुरी मिसाल नहीं बननी चाहिए। देबबर्मा ने विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।


विधानसभा में मोबाइल फोन का संचालन है प्रतिबंधित


कांग्रेस और माकपा ने भी नाथ की आलोचना की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं कांग्रेस नेता बिरजीत सिन्हा ने कहा कि विधानसभा के अंदर मोबाइल फोन का संचालन प्रतिबंधित है। हम सभी को सदन की कार्यवाही और कामकाज पर ध्यान देना चाहिए, इसके बावजूद नाथ ने सदन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला अश्लील वीडियो देखा। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा में थोड़ी सी भी नैतिकता है तो उसे नाथ के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।


विधायक ने आरोप से पल्ला झाड़ा


उधर, बीजेपी विधायक जदब लाल देवनाथ ने आरोप से पल्ला झाड़ लिया है. उन्होंने आगे कहा कि मैं विधानसभा अध्यक्ष (बिस्वाबंधु सेन) और राज्य पार्टी अध्यक्ष (राजीब भट्टाचार्य) से बात करूंगा और फिर मैं अगला कदम उठाऊंगा। नाथ 16 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव में पहली बार उत्तरी त्रिपुरा में बागबासा सीट से राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे। 55 वर्षीय नेता बीजेपी की त्रिपुरा राज्य इकाई के सचिव भी हैं। वैसे विपक्ष इस मामले को तूल देने का मन बनाया है. अभी तक भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की ओर से किसी प्रकार की साफगोई पेश नहीं की गई है.



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