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Sunday, July 5, 2026
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झारखण्ड खिलाड़ी पेंशन योजना के तहत आवेदन आमंत्रित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला में झारखण्ड खेल नीति, 2022 के आलोक में विभागीय अधिसूचना के तहत राज्य के पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन प्रदान करने हेतु *“झारखण्ड खिलाड़ी पेंशन योजना”* के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

उक्त योजना के तहत मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, अर्जुन अवार्ड, द्रोणाचार्य अवार्ड, ध्यानचंद अवार्ड से सम्मानित खिलाड़ी, ओलम्पिक एवं पैरालम्पिक खेलों के पदक विजेता एवं प्रतिभागी, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स, विश्व कप, विश्व चैम्पियनशिप, पैरा एशियन गेम्स, सैफ गेम्स तथा राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ी, जो वर्तमान में सक्रिय रूप से खेलों में संलग्न नहीं हैं, उन्हें पेंशन प्रदान की जाएगी।
निर्धारित अर्हताओं एवं शर्तों के अधीन योग्य खिलाड़ियों से विहित प्रपत्र में आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इच्छुक एवं पात्र खिलाड़ी अपना पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन अपने संबंधित जिले के जिला खेल पदाधिकारी के कार्यालय में दिनांक 16 अप्रैल 2026, अपराह्न 05:00 बजे तक जमा कर सकते हैं।
योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी, झारखण्ड खेल नीति 2022, विभागीय अधिसूचना एवं आवेदन प्रपत्र खेलकूद एवं युवाकार्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट sports.jharkhand.gov.in पर उपलब्ध है। साथ ही, इस संबंध में किसी भी प्रकार की अद्यतन सूचना या संशोधन भी उक्त वेबसाइट पर ही प्रकाशित किए जाएंगे।
जिला प्रशासन द्वारा सभी पात्र खिलाड़ियों से अपील की गई है कि वे इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाने हेतु निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन करना सुनिश्चित करें।

राम भक्तों के लिए

मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2026 को लेकर बैठक आयोजित, शत-प्रतिशत मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 68 गुमला (अ0ज0जा0) विधानसभा क्षेत्र-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, गुमला राजीव नीरज एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-प्रशासक, नगर परिषद गुमला की अध्यक्षता में आज मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में गुमला प्रखंड के सभी बीएलओ सुपरवाइजर, नगर परिषद क्षेत्र के बीएलओ सुपरवाइजर एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान मतदाता सूची के अद्यतन, शुद्धिकरण एवं त्रुटिरहित बनाने हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया गया कि मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2026 के अंतर्गत मैपिंग कार्य को शत-प्रतिशत पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सम्मिलित हो तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि या विसंगति न रहे, इसके लिए गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना आवश्यक है।
सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने भी सभी संबंधित कर्मियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कार्य निष्पादन करने के निर्देश दिए, ताकि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनी रहे।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजनीतिक दलों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यों का निष्पादन किया जाए, जिससे अधिकाधिक लोगों को जागरूक कर मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज कराया जा सके।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया है कि वे निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए इस महत्वपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराएं।

राम भक्तों के लिए

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न

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गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय के सभागार में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, राजस्व संग्रहण, म्यूटेशन (नामांतरण) तथा राजस्व न्यायालय से संबंधित मामलों की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक द्वारा उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर की गई, जिसमें जिले के सभी अंचलाधिकारी, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राजस्व संग्रहण की प्रगति, लंबित म्यूटेशन मामलों के निष्पादन, आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों एवं राजस्व न्यायालय में लंबित वादों की विस्तृत समीक्षा की गई।
अपर समाहर्ता ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि म्यूटेशन एवं राजस्व से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें तथा लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाएं। साथ ही राजस्व संग्रहण में तेजी लाने एवं निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
आपदा प्रबंधन के संदर्भ में उन्होंने संभावित आपदाओं से निपटने हेतु पूर्व तैयारी, संसाधनों की उपलब्धता एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राजस्व न्यायालय से संबंधित मामलों का पारदर्शी एवं त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम नागरिकों को समय पर न्याय मिल सके।
अंत में अपर समाहर्ता ने सभी अधिकारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ करने का निर्देश दिया।

इस दौरान मुख्य रूप से एसडीओ गुमला राजीव नीरज , एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी,एसडीओ बसिया जयवंती देवगम डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार, डीसीएलआर बसिया शेखर कुमार सहित सभी प्रखंडों के अंचल अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहें।

राम भक्तों के लिए

गुमला: मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना पर प्रशासन सख्त; नियमों की अनदेखी की तो रद्द होगा बस परमिट

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया

गुमला : – गुमला जिला में झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना-2022’ के सफल संचालन को लेकर आज जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश पर जिला परिवहन कार्यालय के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में बस ऑपरेटरों को अंतिम चेतावनी दी गई है।

लापरवाही पड़ी भारी: जुर्माना और परमिट निलंबन की चेतावनी
जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के सभी निबंधित बस ऑपरेटरों को स्पष्ट कर दिया गया कि योजना की शर्तों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“जो ऑपरेटर नियमों को हल्के में ले रहे हैं, उन पर न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उनके परमिट को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।”

ऑपरेटरों के लिए ‘मैंडेटरी’ गाइडलाइंस: क्या करना होगा अनिवार्य?
बैठक में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के लिए निम्नलिखित दिशा-निर्देश जारी किए गए:

रियल-टाइम मॉनिटरिंग (जीपीएस): 7 से 42 सीट वाली सभी बसों में केंद्र सरकार द्वारा अधिकृत निर्माता कंपनी का जीपीएस लगा होना अनिवार्य है। इसे परिवहन विभाग के सॉफ्टवेयर से लिंक करना होगा ताकि रूट और स्पीड की निगरानी हो सके।

अपडेटेड दस्तावेज: फिटनेस, इंश्योरेंस और ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा अपडेट रखने होंगे। दुर्घटना की स्थिति में किसी भी दस्तावेजी कमी के लिए ऑपरेटर स्वयं जिम्मेदार होंगे।

विशिष्ट पहचान (कलर कोड): सभी बसें हल्के नीले रंग की होंगी। बॉडी पर सफेद पट्टी पर हरे रंग से “मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी” और “ग्रामीण मार्ग” बड़े अक्षरों में लिखा होना चाहिए, जो 25 मीटर की दूरी से स्पष्ट दिखे।

निर्धारित रूट और गति: बसें केवल आवंटित मार्ग और तय समय-सारिणी के अनुसार ही चलेंगी।

इन यात्रियों को मिलेगी 100% मुफ्त सफर की सौगात
सरकार के निर्देशानुसार, बस ऑपरेटरों को निम्नलिखित श्रेणियों के लिए निःशुल्क यात्रा सुनिश्चित करनी होगी:
वरिष्ठ नागरिक: 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग।
विद्यार्थी: सभी स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं।
दिव्यांगजन: दृष्टिबाधित, मूक-बधिर और 40% से अधिक शारीरिक/मानसिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति।
पीड़ित, विधवा पेंशन योजना की लाभार्थी महिलाएं और मान्यता प्राप्त झारखंड आंदोलनकारी।

सावधान! अब होगा औचक निरीक्षण
बैठक के समापन पर मोटर यान निरीक्षक ने साफ किया कि अब बातों का समय खत्म हो चुका है। आगामी दिनों में जिला परिवहन विभाग की टीम सड़कों पर औचक निरीक्षण करेगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई की जाएगी।

राम भक्तों के लिए

कोनबीर ग्राम पंचायत बना पूर्णतः बीमित पंचायत, जनभागीदारी और संवेदनशील पहल की प्रेरक कहानी

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गुमला : – गुमला जिला मुख्यालय स्थित बसिया प्रखंड का कोनबीर ग्राम पंचायत आज सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल बनकर उभरा है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं मार्गदर्शन में जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से पंचायत ने पूर्णतः बीमित पंचायत का दर्जा प्राप्त किया है। यह पहल उत्तर भारत में अपनी तरह की एक अनूठी सामाजिक सुरक्षा अभियान के रूप में देखी जा रही है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आज बुधवार को जिला समाहरणालय परिसर में आयोजित समारोह में उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो (आईएएस) द्वारा पंचायत की मुखिया अमृता देवी को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। उन्होंने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयासों और सामाजिक प्रतिबद्धता का परिणाम बताते हुए सभी हितधारकों को बधाई दी।

यह पहल “सुनहरी शुभोदय” नामक सामाजिक अभियान के अंतर्गत संचालित की गई, जो “सुरक्षा चक्र” मिशन के तहत प्रारंभ हुई। इस अभियान की विशेषता रही कि इसमें शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाई।
मार्च 2025 से प्रारंभ इस अभियान के तहत कोनबीर ग्राम पंचायत के प्रत्येक घर तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया। मोंटफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नोआटोली (कोनबीर) बसिया के विद्यार्थियों ने, विद्यालय के प्राचार्य ब्रदर बेनोय एम के नेतृत्व में, घर-घर जाकर ग्रामीणों से संवाद स्थापित किया। वहीं क्राइस्ट (डीम्ड टू बी) यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के डॉ. बीजू टॉम्स (निदेशक, स्कूल ऑफ कॉमर्स, फाइनेंस एंड अकाउंटेंसी) एवं प्रो. जोसी पीटर के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों की टीम ने इस अभियान को तकनीकी एवं शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया।
इसके अतिरिक्त नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी, पुणे के प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों ने भी बीमा संबंधी जागरूकता फैलाने एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पुणीत सी (एडमिन असिस्टेंट) सहित पूरी टीम ने इस पहल को व्यवस्थित रूप देने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस अभियान में आशा कार्यकर्ता, जेएसएलपीएस के सदस्य, बैंकिंग प्रतिनिधि ( बी सी), तथा पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ इंडिया एवं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ा गया। बसिया अनुमंडल पदाधिकारी जयवंती देवगम एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी बसिया सुप्रिया भगत के मार्गदर्शन एवं निगरानी में सर्वेक्षण, जागरूकता एवं नामांकन की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से संचालित किया गया।
सर्वेक्षण के दौरान यह पाया गया कि अनेक ग्रामीणों के बैंक खाते होने के बावजूद केवाईसी अधूरी थी, जिसके कारण वे योजनाओं से वंचित थे। अभियान के दौरान न केवल प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) एवं प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत सभी पात्र लाभुकों को जोड़ा गया, बल्कि केवाईसी अद्यतन की प्रक्रिया भी पूरी कराई गई।
लगातार प्रयासों के फलस्वरूप पंचायत में 95.39 प्रतिशत तक बीमा कवरेज सुनिश्चित किया गया, जिससे कोनबीर ग्राम पंचायत को पूर्णतः बीमित पंचायत घोषित किया गया।
कार्यक्रम में एलडीएम, गुमला, बसिया के एसडीओ एवं बीडीओ, पंचायत प्रतिनिधि सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर मोंटफोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य ब्रदर बेनोय एम को विद्यालय के सभी कर्मचारियों को बीमा योजनाओं से आच्छादित करने हेतु “रक्षित भारत मिशन” के अंतर्गत सम्मानित भी किया गया।
यह पहल केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ऐसी प्रेरक कहानी है, जिसमें प्रशासन, शिक्षण संस्थान, बैंकिंग प्रणाली और ग्रामीण समाज ने मिलकर सामाजिक सुरक्षा को जनआंदोलन का रूप दिया। उप विकास आयुक्त ने इस मॉडल को जिले के अन्य पंचायतों में भी लागू करने पर जोर देते हुए इसे “सुरक्षित और सशक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया है।
जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की है कि वे सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठाकर अपने एवं अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करें।

राम भक्तों के लिए

गुमला जिला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया चैती महाछठ त्यौहार

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया

गुमला जिला में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया चैती महाछठ त्यौहार अस्ताचलगामी और उदयमान भगवान सूर्य – भास्कर को अर्ध्य अर्पित कर चैती महाछठ का हुआ समापन

गुमला : – गुमला जिला में पवित्र चैत मास में मनाए जाने वाले आस्था के प्रतीक महान त्यौहार , चैती महाछठ को लेकर आज पूरे गुमला जिले में भक्ति भाव – श्रद्धा का प्रतीक चैती महाछठ का त्यौहार पर अद्भुत वातावरण देखने को मिला चार दिवसीय चैती छठ के चौथे दिन बुधवार को चैती छठ महापर्व के प्रातः उगते भगवान सूर्य – भास्कर को किया गया अर्ध्य अर्पित् किया गया और इसके साथ ही चैती छठ का समापन हुआ, चैती महा छठ पर्व की शुरुआत नहाय खाय के साथ हुई थी, जिसके दूसरे दिन खरना का आयोजन सनातन हिंदू धर्म लंबियों द्वारा विधि विधान से किया गया, तीसरे दिन वर्ती महिला पुरुष निर्जला उपवास रखते हुए, नदी तालाब जलाशयों और छठ घाटों पर पहुंच कर और जलाशयों में विधिवत खड़ा होकर डूबते और उगते भगवान सूर्य – भास्कर की उपासना की, धार्मिक मान्यता है कि छठी मैया और भगवान सूर्य भास्कर की सच्चे हृदय से आराधना करने पर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और परिवार में सुख – समृद्धि और संतानों की प्राप्ति होती है, जिला मुख्यालय गुमला के सिसई रोड स्थित छठ तालाब, नगर के बंध तालाब, मुरली बगीचा छठ तालाब, नगर से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित नागफनी कोयल नदी तट सहित गुमला जिला के विभिन्न नदी तालाबों और जलाशय में चैती छठ व्रत का महा त्योहार किया गया एंव अस्त होते और प्रातः उगते भगवान सूर्य भास्कर को अर्ध्य अर्पित किया गया, छठ व्रत सनातन हिंदू लंबियों का सबसे पवित्र और महापर्व छठ का त्योहार, में पूर्ण स्वच्छता, शुद्धता, अनुशासन और आस्था का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है , छठ महापर्व का त्यौहार बिहार – झारखंड राज्यों में ही नहीं बाल्कि अब पूरे भारतवर्ष और विदेशों में भी महाछठ त्यौहार काफी हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है l

राम भक्तों के लिए

अंजन धाम मंदिर गुमला का रामायण और रामायण काल से जुड़ा अद्भुत अविश्वसनीय कहानी

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न्यूज – गनपत लाल चौरसिया

उत्तर प्रदेश ( यूपी ) का श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या धाम, भगवान पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम मंदिर और भगवान श्री राम के अनन्य भक्त भगवान वीर हनुमान के जन्मस्थली अंजन धाम मंदिर गुमला का रामायण और रामायण काल से जुड़ा अद्भुत अविश्वसनीय कहानी

गुमला : – झारखंड में यहां हुआ था श्री राम भक्त पवनपुत्र हनुमान का जन्म, आज भी इस जगह पर बसे हैं उनके वंशज! झारखंड में धार्मिक मान्यताओं से जुड़े कई पवित्र धाम है, गुमला जिला में ,जहां रोजाना भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रहती है. गुमला जिले में एक ऐसा अनोखा धाम है, जिसके बारे में आज भी अधिकतर लोग नहीं जानते. जैसे झारखंड की राजधानी रांची से सटे गुमला जिला मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर दूर आंजन धाम है. मान्यता है कि इसी स्थान पर माता अंजनी के गर्भ से श्री राम के अनन्या परमभक्त भगवान वीर हनुमान का जन्म हुआ था. जहां के मंदिर में माता अंजनी की गोद में भगवान हनुमान जी बैठे हुए हैं. विश्व सहित पूरे भारत देशभर में यह एक मात्र मंदिर है, जहां इस तरह की अद्भुत आकर्षित रोमांचित करने वाली प्रतिमा स्थापित है, जहां की. खास बात यह है की इस क्षेत्र के लोग आज भी खुद को श्री राम भक्त हनुमान का वंशज मानते आ रहें हैं. यहां के आंजन गांव स्थित मंदिर में अंजनी माता, भगवान वीर हनुमान, भगवान पुरुषोत्तम श्री राम, भगवान श्रीलक्ष्मण, माता सीता, श्री राधा कृष्ण सहित, देवों के देव श्री श्री 108 श्री भगवान भोलेनाथ शिव की भी प्रतिमा स्थापित है. बताया जाता है की उक्त मंदिर परिसर में 3,65 शिवलिंग और उतने ही तालाब हैं.और 365 महुआ पेड़ का फूल शिव गुरु के अनन्य भक्त माता अंजनी शिवलिंग पर चढ़ा कर जला अभिषेक किया करती थी, और उन्हीं के आशीर्वाद से अंजनी माता को रुद्र अवतार वीर हनुमान पुत्र प्राप्ति का वरदान मिला था, अंजनी माता को, श्री केसरी नंदन, माता अंजनी, के पुत्र रुद्रावतार वीर हनुमान का जन्म ही हुआ था भगवान पुरुषोत्तम श्री राम के अनन्या भक्त के रूप में भगवान श्री राम का सेवा करने के लिए, उक्त पहाड़ी पर आज भी अंजन धाम में स्थित चक्रधारी मंदिर में बचे हुए 8 शिवलिंग दो पंक्तियों में स्थापित हैं. रामायण काल में जहां स्वयं माता अंजनी प्रतिदिन प्रत्येक तालाब से जल और फूल लेकर, जलाभिषेक किया करती थी,जिसका आज भी प्रत्यक्ष प्रमाण है, और मंदिर के नीचे सर्प गुफा है. पहले उक्त गुफा में मिट्टी का एक टीला था, जो गुफा पूरी तरह बंद था,जहां से एक विशालकाय सर्प देव का दर्शन किया जाता था , लेकिन दो साल पहले गुफा के रास्ता को खोल दिया गया है. जहाँ 15 सौ फीट से अधिक लंबी उक्त गुफा के अंदर रास्ता है. आंजन धाम के आसपास कई प्राचीन कालका अद्भुत और अविश्वसनीय रहस्यमई धरोहर भी हैं. यहां की हसीन वादियां भी लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. आस्था का केंद्र होने के और अपनी हसीन वादियों के कारण यह पर्यटन स्थल का भी केंद्र बन चुका है. पर्यटकों को आंजन धाम काफी पसंद आता है. जिसके फलस्वरुप देश – विदेश के अलावे पूरे भारत देश से पर्यटक अंजन धाम आने के लिए बेताब रहते हैं, झारखंड की राजधानी रांची से यहां की दूरी लगभग 120 किलोमीटर है. अंजन धाम मंदिर तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क बनी हुई है. पहाड़ पर स्थित मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं. एक रास्ता बीच से है, जो पक्की टाइल्स से बनी हुई सीढी की बनी हुई है. जिसके मुख्य द्वार पर लगाई गई एक विशाल घंटी की मधुर आवाज अंजन धाम की वादियों में गूंजती रहती है, वही बायें और दाहिनी और से ऊपर मंदिर जाने के लिए एक एक रास्ता और है, तइसके अलावा आसपास में ठहरने के लिए होटल की उत्तम व्यवस्था भी है. अंजन धाम में चारों ओर पेड़ – पौधे ,जंगल ,पहाड़ ,नदियां, झरना यानी प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है. इस हसीन वादियों के बीच बसा है. श्री राम भक्त हनुमान का जन्म स्थली अंजन धाम, जिसके चारों ओर हरे पेड़-पौधे, जंगल, पहाड़, नदियों से सजा हुआ है. साथ ही जिले के पर्यटन स्थल, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक धरोहर, डैम आदि भी काफी संख्या में मौजूद है, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं, जिसके कारण यह लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है. इन्हीं प्रमुख स्थलों में से एक है, गुमला जिला के आंजन धाम से सटा कुंदरीवाड़ा. यह जिला मुख्यालय से लगभग 22 किमी की दूरी में स्थित है. यह पर्यटक स्थल चारों ओर पेड़ पौधे व चट्टानों के से घिरा ऊंची पहाड़ियों में स्थित है. पहाड़ों व चट्टानों एवं पेड़ो से होकर गुजरते हुई पानी की बहती कल कल करती धारा निश्चित ही पर्यटकों की मानों को आनंदित कर देती है, आपको भी पसन्द आएगी .साथ ही यह धार्मिक दृष्टिकोण से भी बेहद खास जगह है. कुंदरीवाड़ा घूमने – फिरने, पिकनिक मनाने के लिए तो फेमस है ही साथ ही श्री राम भक्त हनुमान जी की भी कहानी इससे जुड़ी हुई है. मान्यता के अनुसार यहां एक गुफा भी है. इस गुफा से हनुमान जी किष्किंधा यानी कि पालकोट ,गुफा के रास्ते होकर जाया करते थे.यह गुफा अभी भी है. यहां पिकनिक मनाने के साथ ही साथ आप श्री राम भक्त हनुमानजी की जन्मस्थली आंजन धाम को देख सकते हैं. और समझ सकते, बताते चलें कि गुमला के आंजन धाम को प्रभु श्री राम के सबसे प्रिय भक्ति हनुमान जी की जन्मस्थली मानी जाती है. मान्यता के अनुसार हनुमान जी का जन्म इसी आंजन धाम में हुआ था.और आंजन धाम के ऊंची पहाड़ियों के चोटी में हनुमान जी अपने बाल स्वरूप में मां अंजनी के गोद में विराजमान है,जो अति ही दुर्लभ प्रतिमा है,ऐसी प्रतिमा विरले ही देखने को मिलती है.स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गुमला के आंजनधाम से कुंदरीवाड़ा सटा हुआ है.कुंदरीवाड़ा चारों ओर घने जंगल, पेड़-पौधे व पहाड़ की चोटी में जंगल के बीच में स्थित है.पहाड़ व पेड़ पौधे के बीच पानी की तेज बहती कल कल धारा मन मोह लेती है.ऐसे तो आंजन धाम से सटे होने के कारण यहां सालों भर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है.लेकिन विशेष कर रामनवमी त्योहार पर यहां विशाल मेला लगता है और पूजा अर्चना के साथ ही साथ श्रीराम चरित्र मानस और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया जाता है, इसके अलावे दिसंबर से लेकर फरवरी ,मार्च तक बहुतायत रूप, से पर्यटकों का यहां आना-जाना – घूमना फिरना और पिकनिक मनाने के लिए आते हैं.यहां पहाड़ों के बीच से पानी की बहती कल कल धाराएं मन मोह लेगी.और यहां देखने लायक काफी मनमोहक दृश्य जगह जगह पर मिलते रहेंगे .यहां आप घूमने फिरने के साथ प्रकृति की गोद में बसा कुंदरीवाड़ा में सेल्फी ले सकते हैं.पूर्व में तो यह जगह अंजान था बहुत कम ही लोग जानते थे लेकिन अब काफी दूर दूर से लोग यहां घूमने आते हैं. और नववर्ष पर पिकनिक मनाने के लिए यह स्थान अब काफी प्रसिद्ध हो चुका है l
झारखंड मानचित्र पर आंजन धाम, श्री राम भक्त भगवान वीर हनुमान का जन्मस्थली, गुमला जिला मख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर उत्तर पश्चिम में स्थित है, आंजन धाम अब एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है और यह झारखंड की राजधानी रांची से सटा हुआ, गुमला जिला में स्थित है यहां भगवान हनुमान जी को समर्पित माता अंजनी की गोद में बैठे हनुमान जी का मूर्ति स्थापित है जिसे हर श्रद्धालु पूजा अर्चना, हनुमान चालीसा का पाठ एवं भ्रमण करने आते हैं तो चलिए आगे पढ़ते हैं और अधिक जानने की कोशिश करते हैं, इतिहासकारों का माने तो श्री राम भक्त हनुमान की जन्मस्थली आंजन धाम गुमला जिला का एक छोटे से गांव अंजनगांव में स्थित है जिसे अब बदलकर आंजन धाम कर दिया गया है, यदि आप धार्मिक दृष्टिकोण से देखते हैं तो एक बहुत बड़ा महत्वपूर्ण माना जाता है, और उत्तर प्रदेश ( यूपी ) अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि श्री राम मंदिर में स्थापित भगवान श्री राम और उनके अनन्या भक्ति भगवान श्री वीर हनुमान की जन्मस्थली अंजन धाम का गहरा रिश्ता है, क्योंकि यहां पर पिता केसरी नंदन और माता अंजनी ने हनुमान जी को जन्म दिया हैं, कहा यह भी जाता है कि सूर्यवंशी राजा भगवान श्रीराम के सेवा करने वाले श्री राम भक्त वीर हनुमान जी का जन्मस्थली यहीं पर है यहां के पुजारी से जब और इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रामायण काल में माता अंजनी इसी गुफा में रहती थी और प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा पाठ किया करती थी

इसी कारण से यहां से 3,65 शिवलिंग स्थापित थे, परंतु आज वर्तमान में अधिकांश शिव लिंग नहीं है, यह सत्य है की ,प्राचीन काव्य के अनुसार जब यहां के स्थानीय लोग को पता चला की यहां शिवलिंग स्थापित है तो वह अपने पूजा पाठ करने के चक्कर में यहां पर एक बली देने की कोशिश किए, जिससे माता अंजनी क्रोधित होकर इस गुफा में अपने आप को बंद कर ली और हमेशा के लिए माता अंजनी अदृश्य हो गई , इस तरह से यह गुफा बंद हो गया और यह एक रहस्यमई गुफा बन गया l
गुमला – लोहरदगा – रांची मुख्य पर स्थित टोटो ग्राम से भगवान वीर हनुमान जी का जन्मस्थली अंजन धाम, आने के लिए गुमला जिला मुख्यालय से मात्र 20 किलो मीटर दूर स्थित टोटो ग्राम आना होगा और टोटो ग्राम से आगे का रास्ता मात्र 12 किलो मीटर दूर पच्शिम दिशा में स्थित अंजन धाम पहुंचना होगा , जहां आप स्वयं अपने वाहन से या फिर आंजन धाम मंदिर जाने के लिए, आपको टोटो ग्राम से अंजन धाम पहुंनें के लिए, ऑटो (टेंपो ) का सहारा लेना होगा, जो बहुत आसानी से ऑटो ( टेंपो ) मिल जाता है, परन्तु आपको उक्त ऑटो ( टेंपो ) को बुक करना होगा , क्योंकि हर समय अंजन धाम मंदिर जाने के लिए, यात्री नहीं मिलते हैं, अतः आपको ऑटो (टेंपो) बुक करना पड़ेगा , लेखक जिला मुख्यालय गुमला झारखंड से ब्यूरो चीफ गणपत लाल चौरसिया, अंजन धाम मंदिर में स्थित माता अंजनी की गोद में वीर हनुमान की बैठे हुए, स्थिति में स्थापित माता अंजनी और वीर हनुमान जी की अद्भुत और दुर्लभ मूर्ति आंजन धाम के अतिरिक्त विश्व सहित अपने देश भारत में भी कहीं देखने को नहीं मिलेगी, यह एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां माता अंजनी की गोद में श्री राम भक्त वीर हनुमान जी, अपनी मांताश्री अंजनी के गोद में विराजमान है, पूरे जहां में यह एकमात्र मंदिर है, जहां माता अंजनी अपने गोद में भगवान वीर हनुमान को लिए हुए हैं, दिखाई दे रही हैं, यह दृश्य आपको कहीं भी देखने को अन्यत्र नहीं मिलेगा , अंजनी माता के गोद में पुत्र वीर हनुमान, जिसका एक प्राचीन दुर्लभ, अद्भुत आकर्षण और रोमांचित करने वाली एक अद्भुत आकर्षित करने वाली मूर्ति का भी आप दर्शन कर सकेंगे , जिससे देखकर आपको एक अलग तरह की अनुभूति होगी, और उसी के तर्ज पर अन्य मूर्तियों का भी आधुनिक निर्माण किया गया है, जिसमें माता अंजनी अपने पुत्र वीर हनुमान को गोद में ली हुई है । अंजन धाम श्री राम भक्त भगवान वीर हनुमान के जन्मस्थली के रूप में प्रसिद्ध हो चूका है, जैसे उत्तर प्रदेश ( यूपी ) के अयोध्या में राम जन्मभूमि में स्थित प्रभु श्री राम, भगवान पुरुषोत्तम राम जी, का अयोध्या धाम प्रसिद्ध है , जिसका धार्मिक और पुरातात्विक महत्व है और उक्त दोनों जन्मभूमि रामायण और रामायण काल से जुड़ा हुआ है, इसी रास्ते से पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण बनवास गए थे, रास्ते में पंपापुरी ( पालकोट ) और रामरेखा धाम ( सिमडेगा ) का किस्सा कहानी रामायण और रामायण काल से जुड़ा हुआ l

राम भक्तों के लिए

गुमला में सजा ‘पुस्तक परब 2026’, किताबों, कला और ज्ञान से जीवंत हुआ टाउन हॉल

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश एवं मार्गदर्शन के आलोक में बच्चों और युवाओं में पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करने, पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देने तथा रचनात्मक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से गुमला में ‘पुस्तक परब 2026’ का आयोजन किया गया। 24 एवं 25 मार्च 2026 को टाउन हॉल, गुमला में आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन झारखण्ड शिक्षा परियोजना, गुमला एवं अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन, गुमला के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो एवं अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। स्वागत गान एवं विषय प्रवेश के बाद अतिथियों ने पुस्तक स्टॉल, प्रदर्शनी, विभिन्न विभागों के स्टॉल तथा विज्ञान प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पूरे आयोजन में पुस्तक, संवाद, कला, विज्ञान, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति का सुंदर समागम देखने को मिला।
पुस्तक परब के अंतर्गत बुक स्टॉल एवं प्रदर्शनी, कहानी दरबार, मूवी टाइम, संवाद सत्र, नाट्य मंचन, सांस्कृतिक रंगमंच, रचनात्मक लेखन, कला प्रदर्शन तथा क्विज़ प्रतियोगिता जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण “हाँ, मैं सावित्रीबाई फुले हूँ” शीर्षक मोनोलॉग तथा “जुमुरना” विषय पर जनजातीय संस्कृति एवं कुड़ख साहित्य के बदलते स्वरूपों पर परिचर्चा रही। इसके साथ ही कला संगम के अंतर्गत नृत्य और रंगमंच ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाया।
राष्ट्रीय आविष्कार अभियान अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता में चैनपुर प्रखंड की शगूफ़ी परवीन ने प्रथम, बिशुनपुर प्रखंड की अंजना कुमारी ने द्वितीय तथा बसिया प्रखंड के मनीष उरांव ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं विज्ञान प्रदर्शनी में केजीबीवी गुमला प्रथम, केजीबीवी बिशुनपुर द्वितीय तथा मॉडल स्कूल रायडीह तृतीय स्थान पर रहा।
इस अवसर पर जिला स्तरीय उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं एवं संबंधित विद्यालयों के आईसीटी अनुदेशकों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि डिजिटल युग में बच्चों को पुस्तकों से जोड़ना समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पुस्तक परब जैसे आयोजन बच्चों और युवाओं को किताबों के करीब लाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने सभी से पुस्तकों से निरंतर जुड़ाव बनाए रखने तथा इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
इसके उपरांत अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकें केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अनुभव, विचार और जीवन दृष्टि की सच्ची साथी हैं। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे किताबों के साथ सच्ची मित्रता करें, क्योंकि पुस्तकें व्यक्तित्व विकास, निर्णय क्षमता और सकारात्मक सोच को मजबूत बनाती हैं।
वहीं अज़ीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधि चंदन श्रीवास्तव ने कहा कि किताबों को केवल लेखक के नजरिए से नहीं, बल्कि अपने अनुभवों और जीवन से जोड़कर समझने की जरूरत है। उन्होंने जिले में पढ़ने-लिखने का सकारात्मक माहौल विकसित करने तथा बच्चों में सीखने की स्वाभाविक रुचि बढ़ाने पर बल दिया।
जिला शिक्षा अधीक्षक ने कहा कि यह आयोजन केवल पुस्तक मेला नहीं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और सामाजिक चेतना का बहुआयामी मंच है, जिसका उद्देश्य बच्चों और समाज को शिक्षा के प्रति अधिक सजग बनाना है।
कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया कि पुस्तकें केवल अध्ययन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, चिंतन, संवेदनशीलता और सामाजिक समझ का आधार भी हैं। पुस्तक परब के माध्यम से बच्चों, युवाओं, शिक्षकों एवं आमजन को सीखने, समझने और अभिव्यक्ति के विविध अवसर उपलब्ध कराए गए।
गुमला में आयोजित यह पुस्तक परब ज्ञान, संवाद और सृजनशीलता का एक जीवंत उत्सव बनकर सामने आया, जिसने जिले में पठन संस्कृति को नई ऊर्जा देने का कार्य किया।

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आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 को लेकर विशेष बैठक आयोजित

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देश के आलोक में आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची को अद्यतन, त्रुटिरहित एवं समावेशी बनाने के लिए आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में अर्हताधारी मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़े जाने, मृत, स्थानांतरित एवं दोहरे नामों की पहचान कर आवश्यक संशोधन करने तथा सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। पुनरीक्षण कार्य के दौरान बीएलओ, सुपरवाइजरों एवं संबंधित पदाधिकारियों को पूरी गंभीरता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने तथा छूटे हुए पात्र मतदाताओं तक पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान घर-घर सत्यापन, दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निष्पादन तथा युवाओं, महिलाओं एवं नए मतदाताओं के नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए पुनरीक्षण अभियान को प्रभावी रूप से संचालित करें, ताकि जिले की मतदाता सूची अधिक सशक्त, अद्यतन एवं विश्वसनीय बन सके।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा पुनरीक्षण कार्यक्रम को अभियान मोड में संचालित करें।
बैठक में डीसीएलआर गुमला सह जिला पंचायती राज पदाधिकारी राजीव कुमार, एसडीओ गुमला राजीव नीरज, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचक निबंधन कार्य से जुड़े कर्मी, विभिन्न राजनैतिक पार्टी के प्रतिनिधि, एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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गुमला में विश्व यक्ष्मा दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, 100 दिवसीय अभियान का शुभारंभ

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न्यूज – गणपत लाल चौरसिया 

गुमला : – गुमला जिला में विश्व यक्ष्मा दिवस 2026 के अवसर पर मंगलवार को गुमला जिले में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः सदर अस्पताल परिसर, गुमला से जागरूकता रैली के साथ हुई, जिसमें नर्सिंग कॉलेज गुमला की छात्राओं, एएनएम प्रशिक्षुओं तथा यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े कर्मियों ने भाग लिया। रैली को नगर परिषद गुमला के उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी एवं चिकित्सक डॉ. नागभूषण ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली के उपरांत सदर अस्पताल, गुमला के सभागार में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, नगर परिषद उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, सिविल सर्जन डॉ. शंभू नाथ चौधरी, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय सुम्बरई, लायंस क्लब एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रतिनिधियों सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
अपने संबोधन में सिविल सर्जन डॉ. शंभू नाथ चौधरी ने कहा कि टीबी मुक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी, समय पर जांच और नियमित उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 100 दिवसीय अभियान के तहत घर-घर जाकर संभावित मरीजों एवं उच्च जोखिम समूहों की पहचान की जाएगी, ताकि समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में वर्ष 2025 के दौरान यक्ष्मा उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मियों एवं सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मियों, सहिया बहनों, छात्राओं एवं आम नागरिकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

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